आपका कंकाल 206 जीवित हड्डियों और उनके बीच के जोड़ों से बना है। यह आपको सीधा खड़ा रखता है, हिलने-चलने देता है, दिमाग़, दिल और फेफड़ों की रक्षा करता है, ख़ून बनाता है, और शरीर का कैल्शियम बैंक की तरह जमा रखता है। गुरुजी की शिक्षा में मज़बूत हड्डियाँ अच्छे पाचन और सुबह की थोड़ी-सी धूप से शुरू होती हैं।
परिचय
कंकाल तंत्र क्या है?
आपका कंकाल तंत्र शरीर का ढाँचा है: हड्डियाँ, और वे जोड़, कार्टिलेज (उपास्थि) और लिगामेंट (हड्डियों को बाँधने वाली मज़बूत पट्टियाँ) जो उन्हें आपस में जोड़े रखते हैं। एक वयस्क में 206 हड्डियाँ होती हैं — सबसे लंबी जाँघ की हड्डी से लेकर कान की उस नन्ही हड्डी तक, जो चावल के दाने से भी छोटी है।
हड्डी कोई बेजान चॉक नहीं है। यह जीवित ऊतक है, जिसकी अपनी ख़ून की सप्लाई और नसें हैं, और जो लगातार टूटती और फिर से बनती रहती है। कई हड्डियों के अंदर मज्जा (बोन मैरो) होती है — वह कारख़ाना जो आपकी ख़ून की कोशिकाएँ बनाता है।
हड्डियाँ और जोड़ उन सबसे आम वजहों में हैं जिनके लिए लोग मदद ढूँढते हैं — सबसे ज़्यादा कमर दर्द, जोड़ों का दर्द और कमज़ोर होती हड्डियाँ। LMNT पद्धति में हड्डियों की सेहत पाचन से शुरू होती है: खाने का कैल्शियम तब तक किसी काम का नहीं, जब तक शरीर उसे सोख न ले।
🖼चित्र जल्द आएगासामने से पूरा वयस्क कंकाल, जिसकी मुख्य हड्डियों पर नाम लिखे हैं
वयस्क कंकाल: सिर की खोपड़ी से पैर की उँगलियों तक 206 हड्डियाँ।
काम
कंकाल तंत्र क्या काम करता है?
कंकाल आपको सिर्फ़ सीधा खड़ा रखने से कहीं ज़्यादा करता है। यह एक साथ ढाँचा है, लीवरों का सेट है, कवच है, ख़ून का कारख़ाना है और खनिजों का बैंक है।
सहारा: शरीर को आकार देता है और गुरुत्व के ख़िलाफ़ उसे सीधा रखता है।
हरकत: हड्डियाँ लीवर का काम करती हैं जिन्हें मांसपेशियाँ खींचती हैं; जोड़ उन्हें मुड़ने और घूमने देते हैं।
रक्षा: खोपड़ी दिमाग़ की, पसलियाँ दिल और फेफड़ों की, रीढ़ स्पाइनल कॉर्ड की, और पेड़ू मूत्राशय और गर्भाशय की रक्षा करते हैं।
ख़ून बनाना: लाल बोन मैरो ज़िंदगी के हर सेकंड लाल कोशिकाएँ, सफ़ेद कोशिकाएँ और प्लेटलेट बनाती है।
खनिजों का बैंक: शरीर का लगभग 99% कैल्शियम और ज़्यादातर फ़ॉस्फ़ोरस जमा रखता है, और ख़ून में कमी होने पर उन्हें छोड़ता है।
ऊर्जा का भंडार: लंबी हड्डियों के अंदर की पीली मज्जा चर्बी जमा रखती है।
कंकाल तंत्र दूसरे अंगों के साथ कैसे काम करता है?
मांसपेशी तंत्र — मांसपेशियाँ टेंडन के ज़रिये हड्डियों को खींचती हैं; उनके बिना कंकाल हिल नहीं सकता, और हड्डियों के बिना मांसपेशियों के पास खींचने को कुछ नहीं होता।
आँतें — कैल्शियम और फ़ॉस्फ़ोरस हड्डियों तक तभी पहुँचते हैं, जब छोटी आँत उन्हें खाने से सोख लेती है।
पैराथायरॉइड ग्रंथियाँ — इसका हॉर्मोन, PTH, ख़ून में कैल्शियम घटने पर हड्डियों के बैंक से कैल्शियम निकालता है।
थायरॉइड ग्रंथि — इसका हॉर्मोन कैल्सिटोनिन ज़्यादा कैल्शियम को वापस हड्डी में रखने में मदद करता है; थायरॉइड हॉर्मोन बच्चों में हड्डियों की बढ़त भी चलाते हैं।
किडनी (गुर्दे) — किडनी विटामिन D का आख़िरी, काम करने वाला रूप बनाती हैं, और पेशाब में जाने से कैल्शियम को रोकती हैं।
त्वचा (चमड़ी) — त्वचा पर पड़ती धूप विटामिन D बनना शुरू करती है — वह हॉर्मोन जो कैल्शियम को शरीर में आने देता है।
ख़ून (रक्त) — ख़ून की कोशिकाएँ लाल मज्जा में जन्म लेती हैं, और ख़ून कैल्शियम को हड्डियों तक लाता-ले जाता है।
नर्वस सिस्टम और दिमाग़ — खोपड़ी और रीढ़ में दिमाग़ और स्पाइनल कॉर्ड रहते हैं; नसें मांसपेशियों को बताती हैं कि हड्डियों को कब हिलाना है।
डॉक्टर कंकाल को दो हिस्सों में बाँटते हैं: बीच का धुरा, और उससे लटकते हाथ-पैर। फिर हर हड्डी के अंदर की बनावट है, और उनके बीच के जोड़।
दो मुख्य हिस्से
अक्षीय कंकाल (एक्सियल) — 80 हड्डियाँ — बीच का धुरा: खोपड़ी (22 हड्डियाँ), कान की छह नन्ही हड्डियाँ, गर्दन की हायॉइड हड्डी, रीढ़ (26 हड्डियाँ), और पसलियाँ व सीने की हड्डी (25 हड्डियाँ)।
उपांगी कंकाल (अपेंडिकुलर) — 126 हड्डियाँ — हाथ-पैर और उन्हें जोड़ने वाले घेरे: कंधे का घेरा (हँसली और कंधे की हड्डी), बाँहें और हाथ (60), कूल्हे की हड्डियाँ, और टाँगें और पैर (60)।
🖼चित्र जल्द आएगानीले रंग में 80 हड्डियों वाला बीच का धुरा और पीले-नारंगी रंग में 126 हड्डियों वाले हाथ-पैर और घेरे दिखाता कंकाल
दो हिस्से: अक्षीय कंकाल (नीला) रक्षा और सहारा देता है; उपांगी कंकाल (पीला-नारंगी) आपको चलाता है।
हड्डी के अंदर
जाँघ की हड्डी जैसी लंबी हड्डी एक अच्छी बनी पाइप की तरह परतों में बनी होती है।
पेरिऑस्टियम — हड्डी पर चढ़ी एक मज़बूत खाल, नसों और रक्त-नलियों से भरी — इसीलिए हड्डी की चोट इतना दुखती है।
ठोस हड्डी (कॉम्पैक्ट बोन) — सख़्त, घनी बाहरी दीवार, जो मज़बूती देती है। कंकाल के वज़न का लगभग चार-पाँचवाँ हिस्सा यही है।
स्पंजी हड्डी — लंबी हड्डियों के सिरों और रीढ़ की हड्डियों के अंदर पतली-पतली पट्टियों का हल्का मधुमक्खी-छत्ता। हड्डी का घिसना सबसे पहले यहीं दिखता है।
बोन मैरो (अस्थि-मज्जा) — लाल मज्जा ख़ून की कोशिकाएँ बनाती है; वयस्कों में यह मुख्य रूप से कूल्हे की हड्डियों, रीढ़, पसलियों, सीने की हड्डी और खोपड़ी में होती है। पीली मज्जा, जो ज़्यादातर चर्बी है, लंबी हड्डियों के बीच के हिस्से को भरती है।
जोड़ की उपास्थि (आर्टिकुलर कार्टिलेज) — जोड़ के अंदर हड्डी के सिरों पर चिकनी, काँच जैसी सफ़ेद परत, ताकि वे घिसने के बजाय फिसलें।
ग्रोथ प्लेट — बच्चे की लंबी हड्डी के दोनों सिरों के पास कार्टिलेज की एक चकती, जहाँ नई हड्डी जुड़ती है। किशोरावस्था के आख़िर या बीस की उम्र की शुरुआत में यह हड्डी बनकर बंद हो जाती है, और लंबाई बढ़ना रुक जाता है।
हड्डी की कोशिकाएँ — ऑस्टियोब्लास्ट नई हड्डी बनाते हैं, ऑस्टियोक्लास्ट पुरानी हड्डी घोलते हैं, और अंदर दबे ऑस्टियोसाइट दबाव को भाँपकर काम की दिशा तय करते हैं।
🖼चित्र जल्द आएगालंबाई में कटी जाँघ की हड्डी, जिसमें बाहरी खाल, घनी दीवार, छत्ते जैसे सिरे, लाल और पीली मज्जा और कार्टिलेज की टोपी दिख रही है
लंबी हड्डी एक मज़बूत, खोखली नली है, जिसके सिरे छत्ते जैसे हैं — हल्की, सख़्त, और अंदर से ज़िंदगी से भरी।
हड्डियों के पाँच आकार
लंबी हड्डियाँ — चौड़ाई से ज़्यादा लंबी, लीवर का काम करती हैं — जाँघ, पिंडली, बाँह और उँगलियों की हड्डियाँ।
छोटी हड्डियाँ — घनाकार हड्डियाँ, जो थोड़ी हरकत के साथ मज़बूती देती हैं — कलाई और टखने की हड्डियाँ।
चपटी हड्डियाँ — पतली, मुड़ी हुई प्लेटें, जो रक्षा करती हैं — खोपड़ी, पसलियाँ, सीने की हड्डी और कंधे की हड्डियाँ।
बेढब आकार की हड्डियाँ — ख़ास कामों के लिए अनोखे आकार — रीढ़ के मनके और कूल्हे की हड्डियाँ।
सीसमॉइड हड्डियाँ — छोटी हड्डियाँ, जो टेंडन के अंदर उसकी रक्षा के लिए बनती हैं — घुटने की चपनी सबसे बड़ी है।
🖼चित्र जल्द आएगाएक क़तार में पाँच हड्डियाँ — लंबी, छोटी, चपटी, बेढब और सीसमॉइड आकार
आकार काम के हिसाब से: लीवर लंबे हैं, ढालें चपटी हैं, और घुटने की चपनी टेंडन के अंदर बनती है।
जोड़ और उनके साथी
जोड़ वह हर जगह है जहाँ दो हड्डियाँ मिलती हैं। कुछ बिल्कुल नहीं हिलते; कुछ आज़ादी से हिलते हैं।
रेशेदार जोड़ — मज़बूत रेशों से सिले हुए, लगभग बिना हरकत वाले — जैसे खोपड़ी की लहरदार सिलाइयाँ (स्यूचर)।
कार्टिलेज वाले जोड़ — कार्टिलेज की गद्दी से जुड़े, जो थोड़ी लचक देती है — जैसे रीढ़ के मनकों के बीच की डिस्क।
साइनोवियल जोड़ — हिलने वाले जोड़ — घुटना, कूल्हा, कंधा, उँगलियाँ। हड्डियों के सिरे कार्टिलेज से ढके होते हैं और एक थैली (कैप्सूल) में बंद होते हैं, जिसमें चिकना जोड़-द्रव भरा होता है।
लिगामेंट — मज़बूत पट्टियाँ, जो हड्डी को हड्डी से बाँधती हैं और जोड़ को स्थिर रखती हैं।
टेंडन (कंडरा) — रस्सियाँ, जो मांसपेशी को हड्डी से बाँधती हैं, ताकि मांसपेशी का खिंचाव हड्डी को हिलाए।
🖼चित्र जल्द आएगातीन चित्र: खोपड़ी की सिलाई, दो मनकों के बीच डिस्क, और खुला घुटने का जोड़ जिसमें कार्टिलेज, द्रव और लिगामेंट दिख रहे हैं
जकड़े से आज़ाद तक: खोपड़ी की सिलाइयाँ मुश्किल से हिलती हैं, रीढ़ की डिस्क थोड़ी लचकती है, और साइनोवियल जोड़ कार्टिलेज और द्रव पर फिसलते हैं।
सफ़र
जन्म से पहलेगर्भ के लगभग 6वें–8वें हफ़्ते से
कंकाल नरम कार्टिलेज और झिल्ली के रूप में शुरू होता है, जो धीरे-धीरे हड्डी में बदलने लगता है।
नवजातजन्म के समय
लगभग 270 हड्डियाँ, और खोपड़ी में नरम जगहें, ताकि जन्म के समय सिर ढल सके।
बचपन और किशोरावस्थाकिशोरावस्था के आख़िर तक
ग्रोथ प्लेट लंबाई बढ़ाती हैं; कई छोटी हड्डियाँ जुड़ जाती हैं; किशोर उम्र की तेज़ बढ़त में हड्डी तेज़ी से बनती है।
बढ़त रुकती हैकिशोरावस्था के आख़िर से बीस की शुरुआत तक
ग्रोथ प्लेट बंद हो जाती हैं और 206 हड्डियों के साथ लंबाई तय हो जाती है।
हड्डियों का सबसे ज़्यादा भारलगभग 30 की उम्र
हड्डियाँ सबसे भारी और सबसे मज़बूत होती हैं। अब तक जो बना, वही आगे की उम्र की बचत है।
धीमा घटनातीस के आख़िर से आगे; रजोनिवृत्ति के बाद तेज़
हर साल जितनी हड्डी बनती है, उससे थोड़ी ज़्यादा घुलती है। कसरत, धूप, भोजन और अच्छा पाचन इस घटाव को धीमा करते हैं।
कंकाल तंत्र कहाँ होता है?
हर जगह। कंकाल सिर की चोटी से पैर की उँगलियों के सिरों तक फैला है। यह त्वचा, चर्बी और मांसपेशियों के नीचे गहराई में रहता है, पर कुछ जगहों — पिंडली, हँसली, उँगलियों के जोड़, कोहनी — पर हड्डी त्वचा के ठीक नीचे होती है और छूकर महसूस की जा सकती है।
कंकाल उन अंगों के चारों ओर बना है जिनकी वह रक्षा करता है। खोपड़ी दिमाग़ को लपेटे रहती है; पसलियाँ दिल और फेफड़ों के चारों ओर पिंजरा बनाती हैं; रीढ़ स्पाइनल कॉर्ड के लिए सुरंग बनाती है; और पेड़ू का कटोरा मूत्राशय, गर्भाशय और निचली आँत को थामे रहता है।
LMNT के कई ट्रीटमेंट हड्डियों के साथ-साथ और उनके बीच दिए जाते हैं — रीढ़ के बग़ल में, सैक्रम पर, जाँघ के नीचे की ओर — पर एक नियम हर जगह लागू है: पैर जोड़ को लाँघता है, उस पर कभी टिकता नहीं।
🖼चित्र जल्द आएगाएक पारदर्शी पुतला, जिसमें कंकाल दिमाग़, दिल, फेफड़ों, स्पाइनल कॉर्ड और मूत्राशय के चारों ओर लिपटा दिख रहा है
कंकाल उन्हीं के चारों ओर बना है जिनकी वह रक्षा करता है: दिमाग़, दिल और फेफड़े, स्पाइनल कॉर्ड और पेड़ू के अंग।
जीवित हड्डी संग्रहालय के कंकाल जैसी सफ़ेद नहीं होती। इसका रंग हल्का हाथी-दाँत से लेकर गुलाबी-सा होता है, और यह एक पतली चमकदार खाल से ढकी रहती है जिस पर बारीक रक्त-नलियाँ होती हैं। जोड़ के अंदर जहाँ हड्डियाँ मिलती हैं, उनके सिरे चिकनी, चमकती सफ़ेद कार्टिलेज से ढके रहते हैं।
काटने पर हड्डी में सख़्त बाहरी खोल, सिरों के अंदर मधुमक्खी-छत्ता, और नरम मज्जा दिखती है — जहाँ ख़ून बन रहा हो वहाँ गहरी लाल, और जहाँ चर्बी जमा हो वहाँ पीली।
कंकाल तंत्र कितना बड़ा होता है?
एक वयस्क में 206 हड्डियाँ होती हैं; नवजात शिशु में लगभग 270, जिनमें से कई बच्चे के बढ़ने के साथ आपस में जुड़ जाती हैं। कंकाल शरीर के वज़न का मोटे तौर पर 15 प्रतिशत होता है।
सबसे लंबी और सबसे मज़बूत हड्डी जाँघ की हड्डी (फ़ीमर) है, जो आपकी लंबाई का लगभग एक-चौथाई होती है। सबसे छोटी हड्डी बीच के कान की रकाब जैसी हड्डी (स्टेपीज़) है, लगभग 3 मिमी लंबी। आपकी आधी से ज़्यादा हड्डियाँ — 206 में से 106 — हाथों और पैरों में हैं।
🖼चित्र जल्द आएगारूलर के बगल में जाँघ की हड्डी, चावल के दाने के बगल में कान की नन्ही हड्डी, और गिनती के साथ हाथ और पैर की हड्डियाँ
फ़ीमर से स्टेपीज़ तक — और आपकी आधी से ज़्यादा हड्डियाँ हाथों और पैरों में।
रोग और गड़बड़ियाँ
कंकाल तंत्र को कौन-सी बीमारियाँ और गड़बड़ियाँ प्रभावित करती हैं?
हड्डियों और जोड़ों की तकलीफ़ें हड्डी के कमज़ोर होने, घिसे या सूजे जोड़ों, रीढ़ की गड़बड़ी, चोटों, या जन्म से पहले और बाद में शरीर के बढ़ने के ढंग से आ सकती हैं।
स्पाइना बिफ़िडाजन्म से पहले रीढ़ का कोई हिस्सा स्पाइनल कॉर्ड के चारों ओर बंद नहीं हुआ।
क्लब फ़ुट (टेढ़ा पैर)जन्म से अंदर और नीचे मुड़ा पैर, जिसका इलाज जल्दी शुरू हो तो सबसे अच्छा रहता है।
हड्डी या जोड़ की तकलीफ़ के आम संकेत क्या हैं?
हड्डी या जोड़ में दर्द, आराम में या हिलने पर
जकड़न, ख़ासकर सुबह या बैठे रहने के बाद
जोड़ के आसपास सूजन, गरमाहट या लाली
चरमराहट या घिसने की आवाज़, और हरकत का कम होना
लंबाई घटना, कमर का झुकना, या छोटी-सी गिरावट में हड्डी टूटना
टेढ़ापन, या चोट के बाद अंग का भार न उठा पाना — डॉक्टर को दिखाएँ
रात में हड्डी का दर्द, बुख़ार या वज़न घटने के साथ — जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ
हड्डियों और जोड़ों की सेहत कौन-सी जाँचों से देखी जाती है?
एक्स-रे — हड्डी की बुनियादी तस्वीर — टूटन, घिसाव, स्पर और सीध।
बोन डेंसिटी स्कैन (DEXA) — कूल्हे और रीढ़ का कम-रेडिएशन स्कैन, जो हड्डी की मज़बूती नापता है और ऑस्टियोपोरोसिस पहचानता है।
ख़ून की जाँच — कैल्शियम, विटामिन D, फ़ॉस्फ़ोरस और एल्कलाइन फ़ॉस्फ़ेटेज़; गाउट के लिए यूरिक एसिड; सूजन वाले आर्थराइटिस के लिए RA फ़ैक्टर, एंटी-CCP, ESR और CRP।
MRI स्कैन — नरम हिस्सों — डिस्क, नसें, कार्टिलेज, लिगामेंट और बोन मैरो — को बिना एक्स-रे के बारीकी से दिखाता है।
CT स्कैन — जटिल हड्डियों और फ़्रैक्चर की विस्तृत 3D तस्वीरें।
जोड़ के द्रव की जाँच — सूजे जोड़ से थोड़ा द्रव निकालकर क्रिस्टल या इन्फ़ेक्शन की जाँच।
हड्डियों और जोड़ों की बीमारियों का इलाज कैसे होता है?
कसरत और फ़िज़ियोथेरेपी — मज़बूती, खिंचाव और संतुलन की कसरत — ज़्यादातर कमर और जोड़ों की तकलीफ़ों की देखभाल की नींव।
भोजन, कैल्शियम और विटामिन D — पर्याप्त कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन D — भोजन और धूप से, और डॉक्टर की सलाह हो तो सप्लीमेंट से।
दवाएँ — दर्द की दवा; ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डी मज़बूत करने वाली दवाएँ; रूमेटॉइड आर्थराइटिस में रक्षा-व्यवस्था के हमले को शांत करने वाली दवाएँ; गाउट में यूरिक एसिड घटाने वाली दवाएँ — डॉक्टर के लिखने पर।
प्लास्टर, स्प्लिंट और ब्रेस — टूटी या चोट खाई हड्डी को भरने तक स्थिर रखते हैं।
ऑपरेशन — जैसे प्लेट या कील से फ़्रैक्चर जोड़ना, या घिसे हुए कूल्हे या घुटने को बदलना।
न्यूरोथेरेपी (LMNT)
LMNT पद्धति में हड्डी उतनी ही मज़बूत होती है, जितना उसे खिलाने वाला पाचन। दूध या तिल का कैल्शियम तब तक बेकार है, जब तक छोटी आँत उसे सोख न ले — और इसके लिए शरीर का अपना काम करने वाला विटामिन D हॉर्मोन, 1,25-डाइहाइड्रॉक्सीकोलेकैल्सिफ़ेरॉल, चाहिए, जिसे धूप में त्वचा, लिवर, पैराथायरॉइड और किडनी मिलकर क़दम-दर-क़दम बनाते हैं। इसलिए क्रम यह है: पहले पाचन ठीक करना (मल में अनपचा खाना हो तो वह सबसे पहले), फिर 1,25 DCC फ़ॉर्मूला, जिसके पॉइंट इसी कड़ी पर चलते हैं, और साथ में पीठ पर सुबह की हल्की धूप दस से पंद्रह मिनट। जोड़ों का दर्द चटाई के पास ही पढ़ा जाता है — दोनों किडनी पॉइंट Liv° और Mu°, और दोनों हाथों की अनामिका का बीच वाला जोड़ — और इन्हीं जाँचों से Star फ़ॉर्मूले चुने जाते हैं। कमज़ोर हड्डियों का इलाज सिर्फ़ हाथों से होता है, पैरों से कभी नहीं। यह डॉक्टर के इलाज के साथ सहारा है, उसकी जगह कभी नहीं।
पॉइंट
(4) Para — पैराथायरॉइड हॉर्मोन (PTH) के ज़रिये काम करता है, जो ख़ून का कैल्शियम स्थिर रखता है। पूरे 1,25 DCC फ़ॉर्मूले के अंदर यह ख़ून में कैल्शियम बनाए रखने में मदद करता है; अकेले देने पर यह हड्डी से कैल्शियम निकालता है — इसलिए ऑस्टियोपोरोसिस में यह कभी अकेले नहीं दिया जाता।
Liv — 1,25 DCC की कड़ी की शुरुआत: सक्रिय विटामिन D का पहला क़दम लिवर में बनता है।
Liv° — Mu° के साथ, पीठ पर दोनों किडनी पॉइंट — किडनी आख़िरी, काम करने वाला विटामिन D बनाती हैं और पेशाब में कैल्शियम जाने से रोकती हैं। हर जोड़-दर्द वाले रोगी में इन्हें पढ़ा भी जाता है।
Mu° — बाईं किडनी का पॉइंट। शिक्षा Mu° के दर्द को एसिड की तरफ़ से, और बिना वजह के जोड़ों के दर्द से जोड़ती है।
B₁₂ — बाईं कूल्हे की हड्डी पर। शिक्षा बताती है कि लगभग बीस की उम्र के बाद पेड़ू की हड्डियाँ उन जगहों में हैं जहाँ लाल रक्त-कोशिकाएँ बनती हैं, और यहाँ का दर्द विटामिन B₁₂ की कमी के लक्षणों के साथ मिलता है।
(10) Pan — इंसुलिन का पॉइंट, जिसे शिक्षा बरसों पुराने जोड़ों के दर्द में भी देती है।
(4) Ku — जकड़न के लिए रीढ़ के आधार पर दिया जाता है। माहवारी के दिनों में या लो ब्लड प्रेशर में नहीं।
Fracture Point — कमर के लिए: सैक्रम पर एड़ियों से ऊपर-नीचे दबाव, फिर सहायक द्वारा उठाई गई जाँघ पर नीचे की ओर चलना। नाम के बावजूद यह ताज़ा, बिना इलाज के फ़्रैक्चर पर नहीं दिया जाता — टूटी हड्डी का शक हो तो पहले डॉक्टर।
कैल्शियम की शरीर-क्रिया से बना गुरुजी का फ़ॉर्मूला: लिवर, पैराथायरॉइड, दोनों किडनी और छाती के पॉइंट, जो विटामिन D बनाने की शरीर की अपनी कड़ी पर चलते हैं। उस दिन के मल के हिसाब से इसका रूप चुना जाता है, और क्योंकि शरीर को कैल्शियम ढोने वाला प्रोटीन बनाने में लगभग दो दिन लगते हैं, इसे बिना सोचे रोज़ नहीं दिया जाता।
उँगलियों से कंधे तक हर जोड़ पर हथेली से बहुत हल्की घिसाई, हर जोड़ के बीच एक मिनट का आराम — लगभग सोलह साँसों का समय, ताकि जोड़ से ढीला हुआ एसिड फेफड़ों के रास्ते बाहर निकल सके।
“इस थेरेपी में हम बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि शरीर को सुधारते हैं।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
“सिर्फ़ प्रोटीन खा लेना काफ़ी नहीं। असली बात यह है कि वह पचे।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
“एक दिन के शिशु से लेकर सौ साल की उम्र तक, हर व्यक्ति यह ट्रीटमेंट ले सकता है।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
यह कभी न करें
हड्डी टूटने का शक — गिरने, मुड़ने या चोट लगने के बाद तेज़ दर्द, सूजन, टेढ़ापन, या अंग का भार न उठा पाना — पहले डॉक्टर और एक्स-रे के पास जाता है। बुज़ुर्गों और कमज़ोर हड्डियों वालों में छोटी-सी गिरावट भी गिनी जाती है। How to say it
ऑस्टियोपोरोसिस: सिर्फ़ हाथों से — पैर से कभी इलाज नहीं, हल्के से भी नहीं। कोई झटके वाला तरीक़ा नहीं (Katka, Motor neuron point, P point, प्रदीप झटका, या Abdomen setting जहाँ रीढ़ की हड्डी दबी हो), और Shukla नहीं। ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का खोखलापन)
ऑस्टियोपोरोसिस में (4) Para कभी अकेले नहीं — अकेले देने पर यह हड्डी से कैल्शियम बाहर निकालता है। यह सिर्फ़ पूरे 1,25 DCC फ़ॉर्मूले के अंदर दिया जाता है। (4) Para
बुख़ार या कँपकँपी के साथ अकेला गरम, सूजा जोड़ — उसी दिन डॉक्टर। दोनों अनामिका में दर्द, या दोनों तरफ़ सूजे जोड़ और सुबह देर तक जकड़न: एक महीने के अंदर डॉक्टर को दिखाएँ। रूमेटॉइड आर्थराइटिस (RA) और वात रोग
जिसे कभी कैंसर हुआ हो, उसका नया हड्डी या कमर का दर्द, या रात में नींद से जगाने वाला दर्द — किसी भी ट्रीटमेंट से पहले डॉक्टर। अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते। कैंसर देखभाल: न्यूरोथेरेपी (LMNT) का सहारा
डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, हड्डी और आर्थराइटिस की दवाएँ भी। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह कभी नहीं।
देखभाल
मैं अपनी हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ कैसे रखूँ?
हड्डी ज़्यादातर तीस से पहले बनती है और उसके बाद बचाई जाती है। मदद करने के लिए कभी भी बहुत जल्दी — या बहुत देर — नहीं होती।
सुबह की धूप लें
LMNT की शिक्षा: रोज़ दस से पंद्रह मिनट सुबह की हल्की धूप पीठ पर, रीढ़ के ऊपर। त्वचा पर धूप विटामिन D बनने का पहला क़दम है। दोपहर की तेज़ धूप से बचें।
कैल्शियम वाला भोजन
दूध, दही, पनीर, गुड़ और तिल — सबसे ज़्यादा काले तिल। हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और रागी भी मदद करते हैं। प्रोटीन उतना ही ज़रूरी है जितना कैल्शियम।
पाचन ठीक रखें
जो कैल्शियम और प्रोटीन सोखा न जाए, वह हड्डी तक कभी नहीं पहुँचता। समय पर भोजन, अच्छी तरह चबाना और साफ़ पेट सबसे पहले।
हड्डियों पर भार डालें
चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना, नाचना और हल्की ताक़त वाली कसरत हड्डी की कोशिकाओं को बनाने का संदेश देते हैं। जिन हड्डियों का इस्तेमाल न हो, वे पतली हो जाती हैं।
गिरने से बचें
रात में अच्छी रोशनी, ढीली दरी नहीं, पक्के जूते-चप्पल, और संतुलन की कसरत। बुज़ुर्गों में ज़्यादातर कूल्हे की टूटन गिरने से शुरू होती है।
तंबाकू को ना, शराब कम
दोनों हड्डियों को कमज़ोर करते हैं और उनके भरने को धीमा करते हैं।
आम सवाल
इंसान के शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं?
एक वयस्क में 206। नवजात में लगभग 270 होती हैं, पर उनमें से कई — खोपड़ी, रीढ़ और पेड़ू में — बचपन और किशोरावस्था में आपस में जुड़ जाती हैं।
हड्डियाँ बढ़ना कब बंद होती हैं?
लंबाई में बढ़त तब रुकती है जब ग्रोथ प्लेट बंद हो जाती हैं — आम तौर पर किशोरावस्था के आख़िर या बीस की उम्र की शुरुआत में। पर हड्डी कभी बदलना बंद नहीं करती: यह ज़िंदगी भर घुलती और फिर बनती रहती है, और लगभग 30 की उम्र में सबसे मज़बूत होती है।
क्या उँगलियाँ चटकाने से आर्थराइटिस होता है?
शोध में ऐसा नहीं पाया गया। 'चट' की आवाज़ जोड़ के द्रव में गैस का बुलबुला बनने से आती है। हाँ, अगर कोई जोड़ दर्द, सूजन या अटकने के साथ चटके, तो जाँच करवाएँ।
क्या कैल्शियम पाने का एकमात्र तरीक़ा दूध है?
नहीं। दही, पनीर, तिल (ख़ासकर काले तिल), गुड़, रागी और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ — सब कैल्शियम देते हैं। पर कैल्शियम तभी मदद करता है जब वह सोखा जाए — जिसके लिए विटामिन D और ठीक काम करता पाचन चाहिए।
मैं जोड़ों के दर्द के लिए आया, तो LMNT थेरेपिस्ट मेरे मल के बारे में क्यों पूछता है?
क्योंकि LMNT पद्धति में पहले पाचन ठीक किया जाता है। अगर खाना बिना पचे निकल रहा है, तो कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों और जोड़ों तक नहीं पहुँच रहे। मल का रूप यह भी तय करता है कि उस दिन कैल्शियम फ़ॉर्मूले का कौन-सा रूप दिया जाएगा।
क्या ऑस्टियोपोरोसिस में न्यूरोथेरेपी (LMNT) दी जा सकती है?
हाँ, सावधानी से। कमज़ोर हड्डियों में LMNT सिर्फ़ हाथों से दी जाती है, पैरों से कभी नहीं, बिना झटके वाले तरीक़ों के, और (4) Para कभी अकेले नहीं। डॉक्टर की दी हुई हड्डी की दवाएँ लेते रहें।
मुझे अपने डॉक्टर या थेरेपिस्ट से क्या पूछना चाहिए?
क्या मुझे बोन डेंसिटी (DEXA) स्कैन करवाना चाहिए, और कब?
मेरा कैल्शियम और विटामिन D कितना है, और क्या मुझे सप्लीमेंट चाहिए?
मेरा जोड़ों का दर्द घिसाव है, सूजन है, या गाउट — और कौन-सी जाँच बताएगी?
मेरी हड्डियों और जोड़ों के लिए कौन-सी कसरत सुरक्षित है, और किससे बचूँ?
क्या मेरी कोई दवा, जैसे लंबे समय तक ली गई स्टेरॉयड, हड्डियों को कमज़ोर करती है?
(थेरेपिस्ट से) क्या मेरी हड्डियाँ पैर से ट्रीटमेंट के लिए काफ़ी मज़बूत हैं, या सिर्फ़ हाथों से होना चाहिए?
हैरान करने वाली बातें
1आप लगभग 270 हड्डियों के साथ पैदा हुए थे
नवजात में लगभग 270 हड्डियाँ होती हैं। बच्चे के बढ़ने के साथ इनमें से कई आपस में जुड़ जाती हैं — खोपड़ी की प्लेटें, सैक्रम की पाँच हड्डियाँ, हर कूल्हे की हड्डी के तीन हिस्से — और वयस्क के पास 206 बचती हैं।
स्रोत: Cleveland Clinic, 'Skeletal System'; Gray's Anatomy (ossification and fusion of the skull, sacrum and hip bone).
2आपकी आधी से ज़्यादा हड्डियाँ हाथों और पैरों में हैं
हर हाथ में 27 हड्डियाँ हैं और हर पैर में 26। कुल मिलाकर आपकी 206 में से 106 — इसीलिए हाथ सुई में धागा डाल पाते हैं और पैर ऊबड़-खाबड़ ज़मीन पर संतुलन बना पाते हैं।
हड्डी की कोशिकाएँ हमेशा काम पर रहती हैं: ऑस्टियोक्लास्ट पुरानी हड्डी घोलते हैं और ऑस्टियोब्लास्ट नई बिछाते हैं। वयस्क में यह नवीकरण हर साल कंकाल का लगभग दसवाँ हिस्सा बदल देता है — यानी लगभग दस साल में इसका ज़्यादातर हिस्सा नया हो जाता है।
🖼चित्र जल्द आएगाहड्डी का बड़ा किया गया दृश्य, जिसमें एक कोशिका पुरानी हड्डी घोल रही है और कोशिकाओं की एक क़तार नई हड्डी बिछा रही है
हड्डी हमेशा दोबारा बनती रहती है: एक टोली घोलती है, दूसरी टोली बनाती है।
स्रोत: U.S. Department of Health and Human Services, Bone Health and Osteoporosis: A Report of the Surgeon General (2004), ch. 2 — adult skeleton replaced about every 10 years.
4आपकी हड्डियाँ रोज़ लगभग 200 अरब लाल कोशिकाएँ बनाती हैं
आपके कूल्हे की हड्डियों, रीढ़, पसलियों और सीने की हड्डी के अंदर की लाल मज्जा शरीर का सबसे व्यस्त कारख़ाना है। शरीर रोज़ जितनी कोशिकाएँ बदलता है, उनमें से ज़्यादातर यहीं बनी ख़ून की कोशिकाएँ हैं — अकेली लाल कोशिकाएँ हर सेकंड लाखों की रफ़्तार से।
स्रोत: Sender R, Milo R. The distribution of cellular turnover in the human body. Nature Medicine 2021;27:45–48 (≈330 billion cells/day, ~86% blood cells; red cells ≈2 × 10¹¹/day).
5एक बैंक, जिसमें आपका 99% कैल्शियम है
शरीर का लगभग 99 प्रतिशत कैल्शियम हड्डियों और दाँतों में जमा है। ख़ून थोड़ी-सी, कसकर नियंत्रित मात्रा रखता है — हर 100 mL में लगभग 9 से 11 mg। यह घटे तो पैराथायरॉइड हॉर्मोन हड्डी से कैल्शियम निकालता है; बढ़े तो कैल्सिटोनिन उसे वापस जमाने में मदद करता है।
स्रोत: NIH Office of Dietary Supplements, 'Calcium — Health Professional Fact Sheet' (99% in bones and teeth); Guyton & Hall — parathyroid hormone and calcitonin. LMNT text 28.9-5 gives the same 9–11 mg/dL range.
6धूप वह हॉर्मोन बनाती है जो कैल्शियम को अंदर आने देता है
विटामिन D असल में एक हॉर्मोन है। यह त्वचा पर धूप पड़ने से शुरू होता है, एक बार लिवर में और फिर किडनी में बदलकर अपने काम करने वाले रूप, 1,25-डाइहाइड्रॉक्सी-विटामिन D, में आता है। इसके बिना खाया हुआ ज़्यादातर कैल्शियम सीधे बाहर निकल जाता है। LMNT का 1,25 DCC फ़ॉर्मूला इसी हॉर्मोन के नाम पर है।
🖼चित्र जल्द आएगाधूप पड़ती त्वचा से लिवर और किडनी होते हुए आँत में कैल्शियम सोखे जाने और हड्डी में जमने तक पाँच स्टेशन
धूप से हड्डी तक: त्वचा, लिवर और किडनी हॉर्मोन बनाते हैं; आँत कैल्शियम को अंदर आने देती है; हड्डी उसे जमा करती है।
स्रोत: Holick MF. Vitamin D deficiency. N Engl J Med 2007;357:266–281. LMNT: wiki_db 28.9 and 28.9-1.
7एक हड्डी किसी दूसरी हड्डी को नहीं छूती
गर्दन के सामने, स्वर-यंत्र के ठीक ऊपर, छोटी U आकार की हायॉइड हड्डी शरीर की अकेली हड्डी है, जो किसी दूसरी हड्डी के साथ जोड़ नहीं बनाती। यह मांसपेशियों और लिगामेंट की झोली में लटकी रहती है और जीभ को थामे रखती है।
स्रोत: Gray's Anatomy — the hyoid bone does not articulate with any other bone.
8रकाब और जाँघ
आपकी सबसे छोटी हड्डी, बीच के कान की स्टेपीज़, लगभग 3 मिमी लंबी है और आवाज़ को अंदरूनी कान तक पहुँचाती है। आपकी सबसे लंबी हड्डी, फ़ीमर, आपकी लंबाई का लगभग एक-चौथाई है, और दौड़ते या कूदते समय आपके वज़न का कई गुना भार उठा सकती है।
स्रोत: Gray's Anatomy (stapes ~3 mm; femur length); femur-to-stature ratio ≈ 0.26–0.27 used in forensic anthropology (e.g., Feldesman MR et al., Am J Phys Anthropol 1990).
आपके कंकाल का एक दिन
206एक वयस्क में काम करती हड्डियाँ
~200 billionमज्जा में बनी नई लाल रक्त-कोशिकाएँ
99%आपका कैल्शियम, जो हड्डियों के बैंक में रहता है
~10%कंकाल का हिस्सा, जो हर साल नया होता है
10–15 minसुबह की हल्की धूप, जैसा LMNT शिक्षा सलाह देती है
योग
ताड़ासन — सीधे खड़े होना Tāḍāsana
🖼चित्र जल्द आएगाबगल से सीधा खड़ा धूसर पुतला, जिसमें बिंदुदार रेखा कान, कंधा, कूल्हा और टखना एक सीध में दिखा रही है
खड़े होने का अच्छा ढंग सिखाता है, जिसमें हड्डियाँ एक के ऊपर एक सीध में रहती हैं।
टाँगों और रीढ़ पर हल्का भार डालता है।
संतुलन की समझ बढ़ाता है — गिरने से बचाव का पहला क़दम।
कैसे करें
पैर साथ या थोड़े खुले रखकर खड़े हों, वज़न दोनों एड़ियों और पंजों पर बराबर।
जाँघों को हल्का कसें और रीढ़ को ऊपर की ओर लंबा करें।
कंधे नीचे ढीले छोड़ें; बाँहें ढीली लटकने दें।
ठोड़ी सीधी रखें और 30 से 60 सेकंड धीरे साँस लें।
चाहें तो बाँहें सिर के ऊपर उठाकर कुछ साँसों तक पंजों पर उठें।
ध्यान रखें
अस्थिर महसूस हो तो दीवार के पास खड़े हों या कुर्सी पकड़ें। संतुलन कमज़ोर हो या चक्कर आते हों, तो पंजों पर उठना छोड़ दें।
वृक्षासन — कुर्सी के सहारे Vṛkṣāsana
🖼चित्र जल्द आएगाकुर्सी के पास एक टाँग पर खड़ा धूसर पुतला, एक हाथ कुर्सी पर, दूसरा पैर पिंडली के अंदर टिका
सहारे के साथ वृक्षासन: पैर पिंडली पर, घुटने पर कभी नहीं, एक हाथ कुर्सी पर।
फ़ायदे
संतुलन सिखाता है, जिससे गिरने और हड्डी टूटने का ख़तरा घटता है।
खड़ी टाँग के कूल्हे और टाँग की हड्डियों पर सेहतमंद भार डालता है।
कैसे करें
कुर्सी के बगल में खड़े हों और एक हाथ हल्के से उसकी पीठ पर रखें।
वज़न एक टाँग पर ले आएँ।
दूसरा पैर टखने या पिंडली के अंदरूनी हिस्से पर रखें — घुटने के बगल पर कभी नहीं।
सीधे खड़े रहें और 5 से 10 धीमी साँसें लें, फिर तरफ़ बदलें।
ध्यान रखें
कमज़ोर हड्डियाँ या कमज़ोर संतुलन हो तो कुर्सी हमेशा पहुँच में रखें — असली ख़तरा गिरना है। कूल्हे या घुटने की हाल की चोट या बदलाव (रिप्लेसमेंट) में, डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की सहमति के बिना इसे न करें।
हल्का भुजंगासन Bhujaṅgāsana
🖼चित्र जल्द आएगापेट के बल लेटा धूसर पुतला, मुड़ी कोहनियों पर छाती थोड़ी ऊपर उठाए, कूल्हे चटाई पर
हल्का भुजंगासन: छाती थोड़ी ऊपर, कूल्हे नीचे टिके — पीठ मज़बूत करने वाला झुकाव।
फ़ायदे
रीढ़ को सीधा रखने वाली पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत करता है।
पीछे की ओर झुकाव, जो कमज़ोर रीढ़ की हड्डियों के लिए आगे की ओर गहरे झुकाव से ज़्यादा नरम है।
कैसे करें
पेट के बल लेटें, टाँगें सीधी और साथ, माथा चटाई पर।
हाथ कंधों के नीचे रखें, कोहनियाँ मुड़ी और शरीर से सटी।
साँस लेते हुए सिर और छाती धीरे से थोड़ा उठाएँ — बाँहों से ज़्यादा पीठ की मांसपेशियों से।
कूल्हे चटाई पर और गर्दन लंबी रखें। 2 से 3 साँसों तक रुकें।
साँस छोड़ते हुए धीरे से नीचे आएँ। 3 से 5 बार दोहराएँ।
ध्यान रखें
उठाव छोटा और बिना दर्द के रखें। गर्भावस्था में, कमर या पेट के हाल के ऑपरेशन के बाद, या पीछे झुकने से टाँग में दर्द या सुन्नपन हो, तो इसे न करें। ऑस्टियोपोरोसिस में आगे की ओर गहरे झुकाव और भार के साथ मरोड़ से बचें, और कसरत फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से सीखें।
वीडियो
(2) Para vs (4) Para — One Point, Two Powerful Actions | LMNT Neurotherapy Explained
यह वीडियो Para पॉइंट समझाता है — (2) Para और (4) Para में क्या फ़र्क है, कैल्शियम की कमी, हड्डियों के दर्द और BP के संदर्भ में।
L5 S1 GHISAI
L5–S1 घिसाई के तीनों हिस्सों का डेमो — पेट के बल लिटाकर, पैर के अगले हिस्से से कमर के सबसे निचले भाग और कूल्हों पर, फिर तकियों पर पैर ऊँचे रखकर Fracture पॉइंट। यह कमर दर्द में राहत के लिए दिया जाता है।
Could Neurotherapy Help Ankylosing Spondylitis ? क्या एंकिलॉज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस में न्यूरोथेरेपी?
एक सीनियर न्यूरोथेरेपिस्ट के साथ हिंदी में छोटी पॉडकास्ट बातचीत: एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस क्या है, किसे होता है, इसके लक्षण और बैम्बू स्पाइन व आँख की सूजन जैसी जटिलताएँ, और न्यूरोथेरेपी (LMNT) इसे एसिड–अल्कली संतुलन और पैराथायरॉइड के ज़रिए कैसे देखती है।
बातचीत में न्यूरोथेरेपी (LMNT) को “अल्टरनेटिव मेडिसिन” कहा गया है। LMNT पद्धति में यह आपके रूमेटोलॉजिस्ट के इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह कभी नहीं — अपनी दवाएँ और व्यायाम जारी रखें।
ख़ुद को परखें
शोध
मज़बूत प्रमाण
शोधकर्ताओं ने जोड़ा कि शरीर हर तरह की कितनी कोशिकाएँ बदलता है। रोज़ लगभग 330 अरब कोशिकाएँ नई होती हैं, और उनमें से ज़्यादातर बोन मैरो में बनी ख़ून की कोशिकाएँ हैं।
एक बड़े रिव्यू में पाया गया कि बचपन और किशोरावस्था में बनी हड्डी — जिसमें शारीरिक गतिविधि, कैल्शियम और विटामिन D मदद करते हैं — ज़िंदगी भर की हड्डियों की मज़बूती तय करती है, और लगभग बीस के आख़िर तक अपने शिखर पर पहुँचती है।
यह पेज समझाता है कि शरीर कैसे काम करता है; यह जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।
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