प्रजनन तंत्र शरीर का अकेला ऐसा तंत्र है जिसके बिना भी आप ज़िंदा रह सकते हैं — फिर भी इसके बिना अगली पीढ़ी नहीं आती। इसके अंग अंडाणु या शुक्राणु बनाते हैं, वे सेक्स-हॉर्मोन बनाते हैं जो किशोरावस्था, हर महीने के चक्र और बड़ी उम्र की सेहत के बड़े हिस्से को आकार देते हैं, और महिलाओं में लगभग नौ महीने तक गर्भ को संभालते हैं।
परिचय
प्रजनन तंत्र क्या है?
प्रजनन तंत्र उन अंगों का समूह है जो नया जीवन संभव बनाते हैं। महिला में इसके मुख्य अंदरूनी अंग हैं — दो अंडाशय (ओवरी), दो फ़ैलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी), गर्भाशय (बच्चेदानी) और उसकी गर्दन, यानी सर्विक्स। पुरुष में ये हैं — दो अंडकोष, शुक्राणु ले जाने वाली नलियाँ, सेमिनल वेसिकल और प्रोस्टेट ग्रंथि।
ये अंग हॉर्मोन बनाने वाली ग्रंथियाँ भी हैं। अंडाशय ईस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन बनाते हैं; अंडकोष टेस्टोस्टेरोन बनाते हैं। दिमाग़ के नीचे मटर के दाने जितनी एक ग्रंथि — पिट्यूटरी — इन्हें बताती है कि कितना बनाना है। इसलिए प्रजनन तंत्र और ग्रंथि-हॉर्मोन तंत्र एक ही टीम की तरह काम करते हैं।
इनमें से ज़्यादातर अंग पेट के सबसे निचले हिस्से में, कूल्हे की हड्डियों के कटोरे — श्रोणि (पेल्विस) — के अंदर रहते हैं। इनकी तकलीफ़ अक्सर नाभि के नीचे या कमर के निचले हिस्से में दर्द बनकर महसूस होती है — और बहुत लोग इसके बारे में बात करने में झिझकते हैं। इस पेज पर शरीर के लिए सीधे, सही शब्द इस्तेमाल हुए हैं, क्योंकि झिझक की वजह से ही ज़रूरी संकेत छूट जाते हैं।
🖼चित्र जल्द आएगादो तरफ़ अंदरूनी प्रजनन अंग: बाईं ओर गर्भाशय, फ़ैलोपियन ट्यूब और अंडाशय; दाईं ओर मूत्राशय, प्रोस्टेट, सेमिनल वेसिकल, शुक्राणु की नलियाँ और अंडकोष
महिला (बाईं ओर) और पुरुष (दाईं ओर) के अंदरूनी प्रजनन अंग। इनमें से कई हॉर्मोन बनाने वाली ग्रंथियाँ भी हैं।
काम
प्रजनन तंत्र क्या काम करता है?
इसका मुख्य काम है बच्चे का आना संभव बनाना: अंडाणु या शुक्राणु बनाना, उन्हें मिलाना, और — महिला में — बढ़ते बच्चे को जन्म तक सुरक्षित रखना और पोषण देना। इसके साथ-साथ यह ऐसे हॉर्मोन भी बनाता है जो लगभग पूरे शरीर पर असर डालते हैं।
प्रजनन कोशिकाएँ बनाता है — अंडाशय में अंडाणु, अंडकोष में शुक्राणु।
सेक्स-हॉर्मोन बनाता है — महिलाओं में ईस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन — जो किशोरावस्था लाते हैं और हड्डियों, मांसपेशियों, त्वचा और मन को संतुलन में रखते हैं।
हर महीने का चक्र चलाता है, जिसमें अंडाशय एक अंडाणु छोड़ता है और गर्भाशय एक नई अंदरूनी परत तैयार करता है।
शुक्राणुओं को अंडकोष से नलियों की एक लंबी कड़ी के ज़रिए आगे ले जाता है, जहाँ उनमें सेमिनल वेसिकल और प्रोस्टेट का तरल मिलता है।
बच्चे को सुरक्षा, पोषण देता है और आख़िर में जन्म देता है — गर्भावस्था में गर्भाशय कई गुना बड़ा होता है और फिर वापस सिकुड़ जाता है।
प्रजनन तंत्र दूसरे अंगों के साथ कैसे काम करता है?
पिट्यूटरी ग्रंथि — पिट्यूटरी दो संदेशवाहक हॉर्मोन — FSH और LH — भेजती है, जो अंडाशय और अंडकोष को चालू करते हैं और उनकी रफ़्तार तय करते हैं।
थायरॉइड ग्रंथि — बहुत धीमा या बहुत तेज़ चलता थायरॉइड हर महीने के चक्र और संतान होने की क्षमता को बिगाड़ सकता है।
मूत्राशय (ब्लैडर) — मूत्राशय गर्भाशय के ठीक आगे और प्रोस्टेट के ठीक ऊपर रहता है — इसलिए ये अंग अक्सर पेशाब पर असर डालते हैं।
किडनी और मूत्र तंत्र — पुरुषों में पेशाब और वीर्य एक ही नली — मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) — से बाहर आते हैं, जो सीधे प्रोस्टेट के बीच से गुज़रती है।
आँतें — बड़ी आँत के आख़िरी मोड़ गर्भाशय, अंडाशय और प्रोस्टेट के बिल्कुल पास रहते हैं; भरी हुई आँत इन पर दबाव डालकर पेट के निचले हिस्से में दर्द कर सकती है।
ख़ून (रक्त) — ज़्यादा माहवारी शरीर का आयरन घटाती है; गर्भवती महिला के ख़ून की मात्रा लगभग आधी और बढ़ जाती है।
तीन समूह: महिला के अंग, पुरुष के अंग, और दिमाग़ का वह नियंत्रण-केंद्र जो दोनों को चलाता है।
महिला के अंदरूनी अंग
अंडाशय (ओवरी) — बादाम के आकार की दो ग्रंथियाँ, गर्भाशय के दोनों तरफ़ एक-एक। ये अंडाणु जमा रखती हैं और ईस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन बनाती हैं।
फ़ैलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी) — लगभग 10 सेमी लंबी दो पतली नलियाँ, जिनके झालरदार सिरे अंडाणु को पकड़कर गर्भाशय की ओर ले जाते हैं। अंडाणु और शुक्राणु आम तौर पर यहीं मिलते हैं।
गर्भाशय (बच्चेदानी) — नाशपाती के आकार की खोखली मांसपेशी, जिसकी अंदरूनी परत हर महीने मोटी होती है। गर्भ न ठहरे, तो यही परत माहवारी बनकर निकल जाती है।
सर्विक्स (गर्भाशय का मुँह) — गर्भाशय की संकरी निचली गर्दन, जो जन्म-मार्ग (योनि) में खुलती है। गर्भावस्था में यह लगभग बंद रहती है और प्रसव के समय खुलती है।
🖼चित्र जल्द आएगाआंशिक रूप से खुला गर्भाशय, दोनों तरफ़ अंडाशय तक पहुँचती फ़ैलोपियन ट्यूब और नीचे सर्विक्स
महिला के अंदरूनी अंग: अंडाशय अंडाणु जमा रखते हैं, नलियाँ उन्हें पकड़ती हैं, और गर्भाशय हर महीने एक घर तैयार करता है।
पुरुष के अंदरूनी अंग
अंडकोष — दो अंडाकार ग्रंथियाँ, जो पेट के बाहर त्वचा की एक थैली (अंडकोष की थैली) में लटकती हैं, जहाँ थोड़ी ठंडक रहती है। ये शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन बनाती हैं।
एपिडिडिमिस — हर अंडकोष के पीछे कसकर लिपटी हुई एक नली, जहाँ नए शुक्राणु जमा रहते और परिपक्व होते हैं।
वास डेफ़ेरेंस (शुक्रवाहिनी) — एक सख़्त नली जो हर अंडकोष से शुक्राणुओं को ऊपर श्रोणि में, मूत्राशय के पीछे तक ले जाती है।
सेमिनल वेसिकल — मूत्राशय के पीछे दो छोटी थैलियाँ, जो वीर्य का ज़्यादातर तरल मिलाती हैं।
प्रोस्टेट ग्रंथि — मूत्राशय के नीचे अखरोट के आकार की ग्रंथि, जो मूत्रमार्ग को चारों ओर से घेरे रहती है। यह वीर्य में एक पतला, दूधिया तरल मिलाती है।
🖼चित्र जल्द आएगापुरुष के अंदरूनी अंगों का रेखाचित्र: मूत्राशय, बीच से गुज़रते मूत्रमार्ग वाला प्रोस्टेट, सेमिनल वेसिकल, शुक्राणु की नलियाँ और एपिडिडिमिस के साथ दोनों अंडकोष
पुरुष के अंदरूनी अंग: शुक्राणु अंडकोष में बनते हैं, एपिडिडिमिस में जमा रहते हैं और वास डेफ़ेरेंस से ऊपर जाते हुए सेमिनल वेसिकल और प्रोस्टेट के पास से गुज़रते हैं।
नियंत्रण-केंद्र
न अंडाशय और न अंडकोष अपने-आप तय करते हैं कि कितना बनाना है। यह दिमाग़ में बैठी एक आदेश-कड़ी तय करती है।
हाइपोथैलेमस — दिमाग़ के अंदर गहराई में एक छोटा हिस्सा, जो पिट्यूटरी को एक 'रिलीज़िंग' हॉर्मोन की लहरें भेजता है।
पिट्यूटरी ग्रंथि — जवाब में FSH और LH भेजती है, जो अंडाणु को पकाते हैं, अंडाणु के निकलने का संकेत देते हैं, और शुक्राणु व टेस्टोस्टेरोन बनवाते हैं।
वापसी का संदेश (फ़ीडबैक) — सेक्स-हॉर्मोन वापस दिमाग़ तक जाकर उसे धीमा होने को कहते हैं — जैसे थर्मोस्टैट, जो कमरा गरम होते ही हीटर बंद कर देता है।
🖼चित्र जल्द आएगाएक प्रवाह-चित्र: हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी FSH और LH नीचे अंडाशय और अंडकोष तक भेजते हैं, और उनके हॉर्मोन फ़ीडबैक बनकर दिमाग़ तक लौटते हैं
आदेश की कड़ी: दिमाग़ → पिट्यूटरी → अंडाशय या अंडकोष → हॉर्मोन वापस दिमाग़ तक।
सफ़र
जन्म से पहलेगर्भ के पहले महीने
पहले कुछ हफ़्तों तक लड़के और लड़की दोनों की सेक्स-ग्रंथियाँ एक जैसी दिखती हैं। फिर वे अंडाशय या अंडकोष बनती हैं। बच्ची के अंडाशय में अंडा-कोशिकाओं की सबसे बड़ी संख्या — लाखों में — गर्भ के लगभग पाँचवें महीने में होती है।
बचपनजन्म से लगभग 8–9 साल
अंग छोटे और शांत रहते हैं। अंडकोष जन्म तक या पहले कुछ महीनों में थैली में उतर आने चाहिए।
किशोरावस्था (प्यूबर्टी)आम तौर पर लड़कियों में 8–13, लड़कों में 9–14 साल
पिट्यूटरी अंडाशय और अंडकोष को जगाती है। माहवारी शुरू होती है, शुक्राणु बनने लगते हैं, और क़द तेज़ी से बढ़ता है — जब तक लंबी हड्डियों के सिरों की ग्रोथ प्लेट बंद न हो जाएँ।
संतान वाले सालमोटे तौर पर किशोरावस्था के अंत से 40 की उम्र तक
महिला आम तौर पर हर महीने एक अंडाणु छोड़ती है; पुरुष रोज़ ताज़े शुक्राणु बनाता है। गर्भ आख़िरी माहवारी से गिनकर लगभग 40 हफ़्ते चलता है।
रजोनिवृत्ति और आगे की उम्रमहिलाओं में आम तौर पर 45 से 55 साल के बीच
अंडाशय में अंडाणु ख़त्म हो जाते हैं, माहवारी रुक जाती है और ईस्ट्रोजन घटता है, जिससे हड्डियाँ तेज़ी से कमज़ोर होती हैं। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बहुत सालों में धीरे-धीरे घटता है, और प्रोस्टेट अक्सर बढ़ जाता है।
प्रजनन तंत्र कहाँ होता है?
इसका ज़्यादातर हिस्सा श्रोणि (पेल्विस) में रहता है — धड़ के सबसे नीचे कूल्हे की हड्डियों से बना हड्डियों का कटोरा। महिला में गर्भाशय श्रोणि के बीच में रहता है — उसके आगे मूत्राशय और पीछे आँत का आख़िरी हिस्सा (मलाशय)। अंडाशय श्रोणि की दोनों तरफ़ की दीवारों पर, एक-एक रहते हैं।
पुरुष में प्रोस्टेट मूत्राशय के ठीक नीचे और मलाशय के आगे रहता है। अंडकोष अपवाद हैं: वे पेट के अंदर किडनी के पास बनना शुरू होते हैं, जन्म से पहले नीचे उतरते हैं, और शरीर के बाहर अंडकोष की थैली में लटकते हैं, जहाँ वे लगभग 2–3 °C ठंडे रहते हैं।
क्योंकि ये अंग इतने नीचे हैं, इनकी तकलीफ़ अक्सर नाभि के नीचे, जाँघ के जोड़ में, या कमर के निचले हिस्से में रीढ़ के आधार की चपटी हड्डी (सैक्रम) पर महसूस होती है। LMNT का पीठ-दर्द वाला चार्ट भी यही जगह दिखाता है: कमर के निचले और सैक्रम के ऊपरी हिस्से का दर्द गर्भाशय, प्रोस्टेट और मूत्र-मार्ग से जुड़ा माना गया है।
🖼चित्र जल्द आएगादो हड्डियों वाली श्रोणियाँ: एक में गर्भाशय, अंडाशय, मूत्राशय और मलाशय; दूसरी में मूत्राशय, प्रोस्टेट और मलाशय, और नीचे अंडकोष
दोनों तरह के अंग श्रोणि में, आगे मूत्राशय और पीछे मलाशय के बीच रहते हैं — सिवाय अंडकोष के, जो ठंडक के लिए नीचे लटकते हैं।
गर्भाशय एक सख़्त, गुलाबी, उलटी रखी नाशपाती जैसा होता है। अंडाशय हल्के, धूसर-सफ़ेद और बादाम जैसे होते हैं; रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) से पहले अंदर की छोटी अंडा-थैलियों की वजह से इनकी सतह थोड़ी उभरी-सी दिखती है, और उसके बाद ये छोटे और चिकने हो जाते हैं।
अंडकोष चिकने, सख़्त अंडाकार होते हैं, जो एक मज़बूत सफ़ेद-सी परत में लिपटे रहते हैं, और हर एक के पीछे एक नरम, लिपटी हुई नली (एपिडिडिमिस) होती है। प्रोस्टेट रबर जैसी, गोल-सी ग्रंथि है, जिसका आकार कुछ-कुछ अखरोट या शाहबलूत जैसा होता है।
प्रजनन अंग कितने बड़े होते हैं?
गर्भवती न हो तो वयस्क महिला का गर्भाशय लगभग 7.5 सेमी लंबा, 5 सेमी चौड़ा और 2.5 सेमी मोटा होता है — लगभग एक छोटी नाशपाती जितना। हर अंडाशय लगभग 3 सेमी लंबा, एक बादाम जितना होता है। हर फ़ैलोपियन ट्यूब लगभग 10 सेमी लंबी होती है।
वयस्क पुरुष में हर अंडकोष लगभग 4–5 सेमी लंबा होता है। प्रोस्टेट लगभग एक अखरोट जितना होता है और उसका वज़न लगभग 20 ग्राम होता है, हालाँकि 50 की उम्र के बाद यह अक्सर बड़ा हो जाता है।
🖼चित्र जल्द आएगासेंटीमीटर पैमाने पर नाशपाती के बगल में गर्भाशय, बादाम के बगल में अंडाशय, छोटे आलूबुखारे के बगल में अंडकोष और अखरोट के बगल में प्रोस्टेट
रोज़ की चीज़ों से तुलना: गर्भाशय छोटी नाशपाती जैसा, अंडाशय बादाम जैसा, प्रोस्टेट अखरोट जैसा।
रोग और गड़बड़ियाँ
प्रजनन तंत्र को कौन-सी बीमारियाँ और गड़बड़ियाँ प्रभावित करती हैं?
तकलीफ़ें हर महीने के चक्र, गर्भाशय और अंडाशय, संतान होने की क्षमता, गर्भावस्था, अंडकोष और प्रोस्टेट पर असर डाल सकती हैं। कुछ बहुत आम और मामूली होती हैं; कुछ गंभीर होती हैं और उनमें समय मायने रखता है, इसलिए यहाँ के नए लक्षणों की सही जाँच हमेशा ज़रूरी है।
कैंसर देखभाल: न्यूरोथेरेपी (LMNT) का सहारासर्विक्स, गर्भाशय, अंडाशय, अंडकोष और प्रोस्टेट के कैंसर — हर एक को विशेषज्ञ का इलाज चाहिए; LMNT अपनी योजना पूरी तरह बदल देती है।
ऐसे संकेत जो दूर तक जाते हैं
एनीमिया (ख़ून की कमी)संतान वाली उम्र की महिलाओं में आयरन की कमी की सबसे आम वजह ज़्यादा माहवारी है।
बहुत ज़्यादा, बहुत दर्द वाली, बहुत अनियमित माहवारी, या बिना गर्भ के माहवारी का रुक जाना
रजोनिवृत्ति के बाद, दो माहवारी के बीच, या संबंध के बाद किसी भी तरह का ख़ून
रंगीन, बदबूदार, खुजली वाला या ख़ून मिला स्राव
नाभि के नीचे, जाँघ के जोड़ में, या कमर के निचले हिस्से में सैक्रम पर दर्द
अंडकोष या थैली में गाँठ, सूजन या अचानक दर्द
पेशाब की कमज़ोर या रुक-रुककर धार, ज़ोर लगाना, या रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना
एक साल कोशिश के बाद भी गर्भ न ठहरना
प्रजनन तंत्र की जाँच किन टेस्ट से होती है?
पेल्विक अल्ट्रासाउंड (सोनोग्राफ़ी) — ध्वनि-तरंगें बिना किसी रेडिएशन के गर्भाशय, अंडाशय, फ़ाइब्रॉइड, सिस्ट और खिसकी बच्चेदानी दिखाती हैं।
हॉर्मोन की ख़ून जाँच — FSH, LH, ईस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, टेस्टोस्टेरोन, प्रोलैक्टिन और थायरॉइड (TSH), अक्सर चक्र के तय दिन पर।
पैप स्मीयर और HPV टेस्ट — सर्विक्स की कुछ कोशिकाएँ लेकर देखा जाता है कि उनमें ऐसे शुरुआती बदलाव तो नहीं जो सालों में कैंसर बन सकते हैं।
वीर्य की जाँच — शुक्राणुओं की गिनती, उनकी चाल और बनावट देखी जाती है — संतान न होने पर एक अहम जाँच।
PSA ख़ून जाँच — प्रोस्टेट से बनने वाला एक प्रोटीन नापा जाता है; बढ़ा हुआ स्तर हो तो डॉक्टर वजह पता करते हैं।
अंडकोष का अल्ट्रासाउंड — थैली की सूजन या गाँठ दिखाता है, और डॉप्लर से यह भी कि अंडकोष तक ख़ून पहुँच रहा है या नहीं।
हीमोग्लोबिन — ख़ून की एक आसान जाँच, जो बताती है कि ज़्यादा माहवारी से शरीर का आयरन तो नहीं घट गया।
प्रजनन तंत्र की बीमारियों का इलाज कैसे होता है?
जीवनशैली में बदलाव — सही वज़न, नियमित गतिविधि, तंबाकू नहीं और शराब कम — ये माहवारी, संतान होने की क्षमता और प्रोस्टेट की तकलीफ़ सबमें मदद करते हैं।
दवाएँ — जैसे आयरन, माहवारी के दर्द की दवा, हॉर्मोन वाला इलाज, इन्फ़ेक्शन में एंटीबायोटिक, और प्रोस्टेट की तकलीफ़ कम करने वाली दवाएँ — डॉक्टर लिखते और बदलते हैं।
संतान के लिए इलाज — अंडाणु निकलने में मदद करने वाली दवाओं से लेकर IUI और IVF तक — दोनों साथियों की जाँच के बाद चुना जाता है।
पेल्विक फ़्लोर की कसरत और फ़िज़ियोथेरेपी — श्रोणि के तले की मांसपेशियाँ मज़बूत करने से महिलाओं में हल्का प्रोलैप्स और पेशाब का रिसना, और पुरुषों में प्रोस्टेट के ऑपरेशन के बाद पेशाब पर क़ाबू सुधरता है।
सर्जरी — जैसे फ़ाइब्रॉइड या बच्चेदानी निकालना, प्रोलैप्स की मरम्मत, प्रोस्टेट का ऑपरेशन, हर्निया या हाइड्रोसील की मरम्मत, और न उतरे अंडकोष को नीचे लाना।
स्क्रीनिंग और टीका — सर्विक्स की स्क्रीनिंग और HPV टीका ज़्यादातर सर्वाइकल कैंसर को रोकते हैं; गलसुए (मम्प्स) का टीका लड़कों के अंडकोष की रक्षा करता है।
न्यूरोथेरेपी (LMNT)
LMNT इन अंगों तक पहुँचने के लिए कभी पेट के निचले हिस्से को नहीं दबाती। श्रोणि के अंगों के पॉइंट — WD, Rt. Ov. और Lt. Ov. — नाभि के नीचे की उन जगहों के नाम पर हैं जहाँ दर्द मिलता है, पर वे बाँहों पर, कोहनी से कलाई तक दिए जाते हैं, जिनमें श्रोणि पर दबाव जैसा कोई ख़तरा नहीं होता। ये नाम पते हैं, बयान नहीं: Rt. Ov. का मतलब है 'दायाँ अंडाशय या दायाँ अंडकोष', और WD 'गर्भाशय या प्रोस्टेट' दोनों के लिए है — एक पॉइंट, दोनों के लिए। थेरेपिस्ट जो पढ़ता है, वह है नाभि के नीचे और कमर के निचले हिस्से का दर्द। इन पॉइंट्स के चारों ओर रोक की एक ऐसी सूची है जो यहाँ किसी भी और जगह से ज़्यादा सख़्त है: माहवारी के चार दिन, गर्भावस्था, किशोर उम्र, संतान की इच्छा, और कैंसर।
पॉइंट
WD — नाभि के नीचे बीच की रेखा वाला पॉइंट, गर्भाशय और प्रोस्टेट के लिए। दोनों बाँहों पर दिया जाता है; गर्भाशय में, और पुरुषों में प्रोस्टेट और जननांगों में ख़ून का बहाव बढ़ाने के लिए; प्रोलैप्स, पेशाब पर क़ाबू, माहवारी के दर्द और संतान न होने में भी। कैंसर में और किशोर उम्र में नहीं दिया जाता।
Rt. Ov. — दायाँ अंडाशय या दायाँ अंडकोष — नाभि के नीचे दाईं ओर के दर्द के लिए। बाईं बाँह पर दिया जाता है, क्योंकि LMNT के नक़्शे में एक तरफ़ की बाँह दूसरी तरफ़ के पेट का जवाब देती है।
Lt. Ov. — बायाँ अंडाशय या बायाँ अंडकोष — नाभि के नीचे बाईं ओर के दर्द के लिए, दाईं बाँह पर दिया जाता है। कोई भी ओवरी पॉइंट कैंसर में, किशोर उम्र में, या क़द बढ़ाने का इलाज ले रहे बच्चे को नहीं दिया जाता।
P point — प्रोलैप्स पॉइंट, नीचे खिसकी बच्चेदानी के लिए — सिर्फ़ तब दिया जाता है जब सोनोग्राफ़ी में प्रोलैप्स दिखे, और हमेशा तुरंत बाद (6) WD के साथ।
Triangle for Piles — सैक्रम पर दिया जाता है; शिक्षा कहती है कि यह श्रोणि की मांसपेशियाँ मज़बूत करता है और मूत्राशय, गर्भाशय और मलद्वार के छल्लेदार मुँह कसता है — प्रोलैप्स और बहुत ज़्यादा माहवारी में दिया जाता है।
Raman — पेरिटोनियम — पेट की अंदरूनी पतली झिल्ली — का ट्रीटमेंट। शिक्षा इसे गर्भाशय और अंडकोष की सभी तकलीफ़ों में उपयोगी बताती है।
Ton 'P' — गाल की पैरोटिड ग्रंथियों का ट्रीटमेंट। क्योंकि गलसुआ (मम्प्स), जो पैरोटिड की बीमारी है, अंडकोष को नुक़सान पहुँचा सकता है, शिक्षा मानती है कि Ton 'P' और Ton 'T' का संतान होने से कुछ संबंध हो सकता है — इसलिए ये युवाओं को या बच्चा चाहने वाली महिला को नहीं दिए जाते।
Hydrocele Point — थैली की सूजन या खुजली के लिए; टखने के ऊपर पिंडली में बहुत दुखती जगह पर एड़ी से दिया जाता है — और हमेशा सूजन की डॉक्टरी जाँच के साथ।
(8) Pan (6) WD (8) Ch. Only (20) Round Arrow। साठ सालों में शिक्षा ने लगभग सभी जननांग-रोगों में नाभि के नीचे दर्द पाया, और यह फ़ॉर्मूला गर्भाशय और प्रोस्टेट की सभी तकलीफ़ों, सफ़ेद पानी और कमर के निचले दर्द के लिए बताया।
“रोगी भगवान का रूप है। अगर आपका चश्मा सही है, तो थेरेपिस्ट — चाहे महिला हो या पुरुष — किसी भी रोगी का इलाज कर सकता है।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
“अभी रिसर्च करनी है।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
“यह बात ज़्यादा से ज़्यादा प्रचारित की जाए कि बच्चे की नाल तब तक न काटी जाए जब तक वह स्वयं ठीक से कुछ देर रो न ले।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
यह कभी न करें
इमरजेंसी — तुरंत 108/112 पर फ़ोन करें या अस्पताल जाएँ: अंडकोष या थैली में अचानक तेज़ दर्द, अक्सर उल्टी के साथ (अंडकोष मुड़ गया हो सकता है — उसे सिर्फ़ कुछ घंटों में ही बचाया जा सकता है); पेट के निचले हिस्से में एक तरफ़ अचानक तेज़ दर्द के साथ बेहोशी जैसा लगना, ख़ासकर अगर महिला गर्भवती हो सकती है; ज़्यादा ख़ून के साथ चक्कर या बेहोशी। How to say it
इन पर डॉक्टर को दिखाएँ — और साथ में ट्रीटमेंट जारी रखें: रजोनिवृत्ति के बाद कोई भी ख़ून, दो माहवारी के बीच या संबंध के बाद ख़ून, हाल में बदला हुआ चक्र, अंडकोष में गाँठ, या पेशाब करने में दिक़्क़त। And the findings that arrive in the room
चार दिन: माहवारी के दौरान किसी दूसरी तकलीफ़ का ट्रीटमेंट नहीं। बहुत ज़्यादा, न रुकने वाले या बहुत कम बहाव, या दर्द और थक्कों के लिए महिला आ सकती है। बहाव ज़्यादा हो तो कोई Heparin फ़ॉर्मूला नहीं, और माहवारी में Ku नहीं। The four days
गर्भावस्था में: Thymus, Thymus + Chest, Ton 'P' और Ton 'T' कभी नहीं दिए जाते, न ही कोई ऐसा ट्रीटमेंट जिससे बच्चे को तकलीफ़ हो सकती हो; किसी भी महीने में पेट पर गहरा या देर तक टिका दबाव नहीं। The caution about pills
किशोर उम्र में: Lt. Ov., Rt. Ov., WD, Ton 'P' और Ton 'T' नहीं दिए जाते। सेक्स-हॉर्मोन ग्रोथ प्लेट को जल्दी बंद कर देते हैं, और एक बार बंद होने पर क़द नहीं बढ़ता। किशोर उम्र (किशोरों की देखभाल)
जो भी महिला अभी या बाद में बच्चा चाहती है, उसे Ton 'P' नहीं दिया जाता। यह भी साबित नहीं कि यह गर्भ रोकता है, इसलिए इसे कभी गर्भनिरोधक नहीं कहना है। Ton 'P'
गर्भावस्था या गर्भ की संभावना में, कॉपर-टी लगी हो तब, श्रोणि में कोई जानी हुई सिस्ट या गाँठ हो तब, दुखते पेडू में, वहाँ हाल के ऑपरेशन के बाद, या इन्फ़ेक्शन में — पेट के निचले हिस्से पर गहरा या देर तक टिका दबाव नहीं।
सहमति और गरिमा सबसे पहले: इन हिस्सों में ट्रीटमेंट पहले से समझाया जाता है, मरीज़ ढका रहता है, और ज़रूरत हो तो एक साथी (शैपरोन) मौजूद रहता है। Consent, dignity and the chaperone
कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है। कैंसर में WD भी नहीं दिया जाता। कैंसर देखभाल: न्यूरोथेरेपी (LMNT) का सहारा
डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें — गर्भावस्था में बिना पूछे कोई नई दवा न लें, और दी गई कोई दवा उसी डॉक्टर से पूछे बिना कभी बंद न करें। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह कभी नहीं।
देखभाल
मैं अपने प्रजनन तंत्र को स्वस्थ कैसे रखूँ?
इन अंगों की रक्षा करने वाली ज़्यादातर बातें आसान, नियमित और सस्ती हैं — और उनमें से कुछ का मतलब है जल्दी बोल देना।
अपना सामान्य जानें
हर माहवारी कब शुरू हुई और कितने दिन चली, इसका आसान हिसाब रखें। आपके अपने पैटर्न में बदलाव किसी भी औसत से ज़्यादा मायने रखता है।
ख़ुद जाँचें, और जाँच कराएँ
महिलाएँ: डॉक्टर की सलाह के अनुसार सर्विक्स की स्क्रीनिंग। पुरुष: महीने में एक बार गुनगुने स्नान के बाद हर अंडकोष को छूकर देखें, और कोई भी नई गाँठ हो तो बताएँ।
टीका लगवाएँ
HPV टीका, जो आदर्श रूप से 9–14 साल की लड़कियों को दिया जाता है, ज़्यादातर सर्वाइकल कैंसर रोकता है। MMR टीका लड़कों को गलसुए से बचाता है, जो अंडकोष में सूजन ला सकता है।
ज़्यादा माहवारी में आयरन और पानी
ज़्यादा माहवारी आयरन घटाती है: हीमोग्लोबिन की जाँच कराएँ, दाल, हरी सब्ज़ियाँ और मोटे अनाज नींबू या आँवले जैसी खट्टी चीज़ के साथ खाएँ, जो आयरन सोखने में मदद करती है। LMNT की शिक्षा ज़्यादा बहाव के दिनों में रोज़ कम से कम ¾ लीटर गुनगुना — कभी गरम नहीं — दूध पीने को भी कहती है।
गर्भ से पहले फ़ोलिक एसिड
WHO सलाह देता है कि गर्भ ठहरने से पहले से लेकर गर्भ के 12 हफ़्ते तक रोज़ 400 माइक्रोग्राम फ़ोलिक एसिड लिया जाए, ताकि बच्चे की रीढ़ और दिमाग़ सुरक्षित रहें। अपने डॉक्टर से पूछें।
सीधे बैठें और सोएँ
गुरुजी का रोज़ का नियम: एक टाँग को दूसरी पर चढ़ाकर न बैठें और न सोएँ, क्योंकि इससे नाभि के नीचे के अंगों पर एक तरफ़ा खिंचाव आता है; सीधी टाँगों से सोएँ। जब तक आदत न छूटे, बार-बार टाँग बदलते रहें। यह आगे के लिए नियम है — इसका मतलब यह नहीं कि पुरानी तकलीफ़ बैठने के ढंग से हुई।
आम सवाल
माहवारी आम तौर पर किस उम्र में शुरू और बंद होती है?
ज़्यादातर लड़कियों को पहली माहवारी लगभग 12 की उम्र में होती है, हालाँकि थोड़ा पहले या बाद में होना भी आम है। माहवारी आम तौर पर 45 से 55 के बीच हमेशा के लिए बंद होती है। अगर किसी लड़की को 15 तक माहवारी न हो, या 8 से पहले किशोरावस्था के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
सामान्य चक्र कितने दिन का होता है?
एक माहवारी के पहले दिन से अगली के पहले दिन तक गिनें, तो वयस्कों में चक्र आम तौर पर 21 से 35 दिन का होता है, और ख़ून 2 से 7 दिन आता है। मशहूर '28 दिन' सिर्फ़ एक औसत है।
अंडकोष शरीर के बाहर क्यों होते हैं?
क्योंकि शुक्राणु बनाने का काम शरीर के तापमान से कुछ डिग्री कम पर सबसे अच्छा होता है। थैली में लटकने से वे लगभग 2–3 °C ठंडे रहते हैं, और ठंड में छोटी मांसपेशियाँ उन्हें शरीर के पास खींच लेती हैं।
क्या संतान न होना हमेशा महिला की समस्या है?
नहीं। कारण पुरुष में, महिला में, दोनों में हो सकता है, या पता न चले। इसीलिए डॉक्टर दोनों साथियों की जाँच करते हैं — वीर्य की जाँच आसान है और अक्सर सबसे पहली जाँचों में होती है।
क्या माहवारी के दौरान न्यूरोथेरेपी (LMNT) ले सकती हूँ?
दूसरी तकलीफ़ों के लिए नहीं — माहवारी के चार दिन कोर्स रुक जाता है। पर अगर बहाव बहुत ज़्यादा हो, रुक न रहा हो, बहुत कम हो, या दर्द या थक्कों के साथ हो, तो ज़रूर आएँ: इनका ट्रीटमेंट माहवारी के दौरान ही होता है।
क्या गर्भावस्था में न्यूरोथेरेपी (LMNT) सुरक्षित है?
कुछ सुरक्षित है और कुछ नहीं। जिस प्रशिक्षित थेरेपिस्ट को पता हो कि आप गर्भवती हैं, वह Thymus, Thymus + Chest, Ton 'P' और Ton 'T' छोड़ देता है, पेट पर कभी दबाव नहीं डालता, और ऐसा कुछ नहीं देता जिससे बच्चे को तकलीफ़ हो सकती हो। गर्भावस्था की ज़िम्मेदारी आपके डॉक्टर या दाई की ही रहती है।
मुझे अपने डॉक्टर या थेरेपिस्ट से क्या पूछना चाहिए?
क्या मेरा चक्र, या पेशाब की धार, मेरी उम्र के हिसाब से सामान्य है — और किस बदलाव पर मुझे दोबारा आना चाहिए?
मेरे अल्ट्रासाउंड में असल में क्या दिखा है, और क्या उसकी दोबारा जाँच चाहिए?
गर्भ नहीं ठहरा है, तो क्या हम दोनों की जाँच होनी चाहिए?
गर्भ ठहर जाए तो मेरी कौन-सी दवाएँ सुरक्षित हैं, और कौन-सी कभी बंद नहीं होनी चाहिए?
क्या मेरी सर्विक्स स्क्रीनिंग, या PSA पर बात करने का समय आ गया है?
(थेरेपिस्ट से) मेरी उम्र, गर्भ, संतान की इच्छा या मेरी पुरानी बीमारी की वजह से मेरे लिए कौन-से पॉइंट रोके गए हैं, और उनकी जगह क्या दिया जा रहा है?
हैरान करने वाली बातें
1लड़की जन्म से ही अपने सारे अंडाणु लेकर आती है
जन्म के बाद अंडा-कोशिकाएँ नहीं बनतीं। बच्ची लगभग 10–20 लाख के साथ जन्म लेती है; किशोरावस्था तक लगभग 3–4 लाख बचते हैं; और पूरी ज़िंदगी में सिर्फ़ लगभग 400–500 ही बाहर निकलते हैं। बाक़ी महीने-दर-महीने अपने-आप मिटते जाते हैं।
🖼चित्र जल्द आएगाएक समय-रेखा पर पाँच बार दिखाया गया अंडाशय, जिसकी अंडा-थैलियाँ जन्म से पहले लाखों से घटकर रजोनिवृत्ति तक बहुत कम रह जाती हैं
पूरी उम्र का भंडार, जन्म से पहले तय और धीरे-धीरे ख़र्च: दस लाख से ज़्यादा अंडाणुओं में से सिर्फ़ कुछ सौ ही कभी बाहर आते हैं।
2पुरुष हर सेकंड 1,000 से ज़्यादा शुक्राणु बनाता है
वयस्क अंडकोष रोज़ लगभग 12 करोड़ तक शुक्राणु बना सकते हैं — दिन-रात हर सेकंड एक हज़ार से ज़्यादा। फिर भी एक अकेले शुक्राणु को शुरू से आख़िर तक बनने में लगभग 74 दिन लगते हैं।
स्रोत: Guyton & Hall, Medical Physiology — male reproductive functions (up to 120 million sperm a day; spermatogenesis about 74 days); Heller CG, Clermont Y, Science 1963.
3लड़का हो या लड़की, शुरुआत एक जैसी
गर्भ के पहले छह-सात हफ़्तों तक लड़के और लड़की की सेक्स-ग्रंथियाँ बिल्कुल एक जैसी दिखती हैं। फिर Y क्रोमोसोम पर एक अकेला जीन उन्हें अंडकोष बनने की ओर मोड़ देता है; उसके बिना वे अंडाशय बनती हैं। इसी साझा शुरुआत की वजह से अंडाशय और अंडकोष दोनों को ख़ून किडनी के पास से मिलता है — और इसीलिए LMNT के Rt. Ov. और Lt. Ov. पॉइंट दोनों के लिए हैं।
स्रोत: Langman's Medical Embryology — the indifferent gonad and the SRY gene; Gray's Anatomy — gonadal arteries from the abdominal aorta. LMNT: sec. 6.3-11 ('one point, either sex').
4अंडकोष ठंडे कमरे में रहते हैं
शुक्राणु शरीर के तापमान से लगभग 2–3 °C कम पर सबसे अच्छे बनते हैं। इसलिए अंडकोष शरीर के बाहर लटकते हैं, और हर एक के चारों ओर की शिराएँ एक जाल बनाती हैं जो आने वाले ख़ून को रेडिएटर की तरह ठंडा करता है। ठंड में छोटी मांसपेशियाँ उन्हें गर्मी के लिए शरीर के पास उठा लेती हैं।
स्रोत: Guyton & Hall, Medical Physiology — effect of temperature on spermatogenesis; Gray's Anatomy — pampiniform plexus and cremaster muscle.
5गर्भावस्था में बच्चेदानी लगभग 15 गुना भारी हो जाती है
बिना गर्भ के गर्भाशय का वज़न लगभग 70 ग्राम होता है और उसमें लगभग 10 मिलीलीटर जगह होती है। गर्भ के आख़िर तक उसका वज़न लगभग 1,100 ग्राम और जगह लगभग 5 लीटर हो जाती है — ज़्यादातर पहले से मौजूद मांसपेशी-कोशिकाओं के खिंचने और बड़े होने से। जन्म के बाद लगभग छह हफ़्तों में यह लगभग पूरी तरह वापस सिकुड़ जाता है।
स्रोत: Williams Obstetrics — uterine growth in pregnancy (about 70 g to about 1,100 g; volume about 10 mL to about 5 L) and puerperal involution.
6अंडाणु इंसानी शरीर की सबसे बड़ी कोशिका है
इंसानी अंडाणु लगभग 0.1 मिमी चौड़ा होता है — मोटे तौर पर एक बाल की मोटाई जितना, और मुश्किल से नंगी आँख से दिख सकता है। शुक्राणु का सिर इससे लगभग बीस गुना पतला होता है। नए जीवन की शुरुआत के लिए सबसे छोटी और सबसे बड़ी कोशिका का मिलना ज़रूरी है।
स्रोत: Standard human histology and embryology (oocyte diameter about 100–120 µm; sperm head about 5 µm); Langman's Medical Embryology.
7दोनों में दोनों तरह के हॉर्मोन बनते हैं
महिलाओं के अंडाशय और एड्रिनल ग्रंथियाँ थोड़ी मात्रा में टेस्टोस्टेरोन बनाते हैं, और पुरुषों का शरीर कुछ टेस्टोस्टेरोन को ईस्ट्रोजन में बदलता है, जिसकी पुरुषों को मज़बूत हड्डियों के लिए ज़रूरत होती है। दोनों का फ़र्क़ संतुलन में है, इस बात में नहीं कि एक के पास एक हॉर्मोन है और दूसरे के पास नहीं।
स्रोत: Guyton & Hall, Medical Physiology — ovarian and adrenal androgens; aromatisation of testosterone to oestradiol in men and its role in male bone health.
8लगभग हर 6 में से 1 व्यक्ति संतान न होने की समस्या झेलता है
WHO के सहयोग से दुनिया भर के शोधों के विश्लेषण में पाया गया कि लगभग हर छह में से एक वयस्क ज़िंदगी में कभी न कभी संतान न होने की समस्या झेलता है — अमीर और ग़रीब दोनों देशों में। यह आम है, इसमें किसी का दोष नहीं, और यह दोनों साथियों का डॉक्टरी सवाल है।
स्रोत: Cox CM et al., Human Reproduction Open 2022; WHO, 'Infertility prevalence estimates 1990–2021' (2023).
आँकड़ों में प्रजनन तंत्र
~120 millionशुक्राणु, जो वयस्क अंडकोष एक दिन में बना सकते हैं
~74 daysएक शुक्राणु को शुरू से आख़िर तक बनने में
1अंडाणु, जो हर चक्र में आम तौर पर निकलता है
21–35 daysवयस्क चक्र की आम लंबाई
~40 weeksगर्भावस्था, आख़िरी माहवारी से गिनकर
2–3 °Cथैली में, शरीर के अंदर से ठंडा
योग
बद्ध कोणासन — तितली आसन Baddha Koṇāsana
🖼चित्र जल्द आएगाबगल से दिखता धूसर पुतला, तलवे आपस में मिलाकर बैठा, घुटने दोनों तरफ़ ढीले नीचे
बद्ध कोणासन: तलवे साथ, घुटने ढीले, पीठ सीधी।
फ़ायदे
कूल्हों और जाँघों के अंदरूनी हिस्से को धीरे से खोलता है, और श्रोणि के आसपास की जकड़न कम करता है।
सीधे, ढीले बैठने की आदत डालता है — एक टाँग पर दूसरी चढ़ाकर बैठने के ठीक उलट।
रोज़ करना आसान है, और कई महिलाओं को माहवारी की बेचैनी में यह आरामदायक लगता है।
कैसे करें
मुड़े कंबल पर टाँगें सीधी करके बैठें।
घुटने मोड़ें और तलवे आपस में मिलाएँ, एड़ियाँ जितनी आराम से हो सके शरीर के पास लाएँ।
पैर पकड़ें, सीधे बैठें, और घुटनों को धीरे-धीरे ज़मीन की ओर ढीला छोड़ें — उन्हें कभी दबाएँ नहीं।
1–2 मिनट धीरे साँस लें, फिर टाँगें सीधी करें।
ध्यान रखें
कूल्हे जकड़े हों तो घुटनों के नीचे गद्दी रखें। जाँघ के जोड़ या घुटने की चोट, या जाँघ के जोड़ के हर्निया में इसे छोड़ दें। गर्भावस्था में सिर्फ़ डॉक्टर और प्रशिक्षित शिक्षक की सलाह से करें।
सेतु बंधासन — पुल आसन Setu Bandhāsana
🖼चित्र जल्द आएगाबगल से दिखता धूसर पुतला, पीठ के बल घुटने मोड़कर लेटा, कूल्हे हल्के से उठाकर पुल बनाया हुआ
कूल्हों और पेल्विक फ़्लोर की उन मांसपेशियों को मज़बूत करता है जो श्रोणि के अंगों को ऊपर थामे रखती हैं।
रीढ़ पर बोझ डाले बिना कमर के निचले हिस्से को हल्के से मज़बूत करता है।
कैसे करें
पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें, तलवे ज़मीन पर कूल्हों जितनी दूरी पर, हाथ बगल में।
साँस छोड़ते हुए कूल्हों को धीरे से उठाएँ, जब तक शरीर घुटनों से कंधों तक एक सीधी ढलान न बन जाए।
3–5 आसान साँसों तक रुकें, साँस रोके बिना।
धीरे-धीरे, पीठ का एक-एक हिस्सा टिकाते हुए नीचे आएँ। 3–5 बार दोहराएँ।
ध्यान रखें
गर्दन में दर्द, या गर्दन, पीठ या पेट के हाल के ऑपरेशन में इससे बचें। माहवारी में कूल्हे उठाना असहज लगे तो छोड़ दें; गर्भ के आख़िरी महीनों में सीधा पीठ के बल लेटना ठीक नहीं माना जाता।
🖼चित्र जल्द आएगाबगल से दिखता धूसर पुतला, पालथी मारकर बैठा, धीमी अनुलोम-विलोम साँस के लिए एक हाथ नाक पर
नाड़ी-शुद्धि: एक-एक नथुने से धीमी साँस — बिना ज़ोर, बिना रोके।
फ़ायदे
तनाव की प्रतिक्रिया को शांत करता है, जिसका असर हर महीने के चक्र और पुरुष हॉर्मोन दोनों पर पड़ता है।
इतना आसान कि ज़िंदगी के किसी भी दौर में कुर्सी पर बैठकर किया जा सके।
कैसे करें
ज़मीन या कुर्सी पर सीधी पीठ से आराम से बैठें।
अँगूठे से दायाँ नथुना बंद करें और बाएँ से धीरे साँस लें।
बायाँ नथुना बंद करें, दायाँ खोलें, और दाएँ से धीरे साँस छोड़ें।
दाएँ से साँस लें, बदलें, और बाएँ से छोड़ें। यह एक चक्र हुआ; 5–10 मिनट करें।
ध्यान रखें
साँस पर कभी ज़ोर न डालें और न रोकें। दिल के रोगी, हाई ब्लड प्रेशर वाले और गर्भवती महिलाएँ, डॉक्टर की सहमति के बिना साँस रोकने और तेज़ साँस वाली क्रियाओं से बचें।
वीडियो
NEW GENES FORMULA - LMNT Neurotherapy
New Genes फ़ॉर्मूले का हिंदी में क़दम-दर-क़दम प्रदर्शन: जाँघ और कूल्हे के मोड़ पर (8) Pan, दोनों बाँहों पर (6) WD, (8) Ch. Only और Round Arrow — मरीज़ की स्थिति और हर गिनती कैसे रखी जाती है।
TREATMENT FOR PAIN DUE TO LFT OV - LMNT Neurotherapy
बाईं तरफ़ महसूस होने वाले माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: गर्दन के पीछे (30) Medulla, फिर कलाई-कोहनी के बीच (6) Lt. Ov., और Thymus + Chest।
(30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं दिया जाता। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
ख़ुद को परखें
शोध
मज़बूत प्रमाण
दुनिया भर के 133 शोधों की व्यवस्थित समीक्षा, जिसे WHO ने इस्तेमाल किया, में पाया गया कि लगभग 17.5% वयस्क — मोटे तौर पर हर छह में से एक — ज़िंदगी में संतान न होने की समस्या झेलते हैं, और अमीर व ग़रीब देशों में दरें मिलती-जुलती हैं।
हज़ारों पुरुषों के आँकड़े मिलाकर शोधकर्ताओं ने पाया कि 1973 से 2011 के बीच उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में शुक्राणुओं की गिनती लगभग आधी रह गई — यह एक वजह है कि पुरुषों की प्रजनन-सेहत को महिलाओं जितनी ही गंभीरता से लिया जाए।
कई शोधों की अंडा-गिनती को एक मॉडल में जोड़कर इस शोध ने दिखाया कि 30 की उम्र तक आम महिला के पास उसके सबसे बड़े भंडार का सिर्फ़ लगभग 12% बचता है, और 40 तक लगभग 3%।
यह पेज समझाता है कि शरीर कैसे काम करता है; यह जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।
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