एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख़्त और संकरा होना)
एथेरोस्क्लेरोसिस में धमनियों के अंदर धीरे-धीरे चर्बी की परत (प्लाक) जमती है। इससे वे संकरी हो जाती हैं और ख़ून कम पहुँचता है — और ज़्यादातर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और पैरों की धमनियों की बीमारी के पीछे यही होता है।

- प्लाक बचपन से ही जमना शुरू हो सकता है और उम्र के साथ बढ़ता है
- पुरुषों में 45 और महिलाओं में 55 की उम्र के बाद ख़तरा बढ़ जाता है
- पश्चिमी देशों में लगभग आधी मौतों के पीछे एथेरोस्क्लेरोसिस होता है
- हल्का एथेरोस्क्लेरोसिस आम तौर पर कोई लक्षण नहीं देता
स्रोत: MedlinePlus (NIH); Mayo Clinic; StatPearls (NIH NCBI)
एथेरोस्क्लेरोसिस क्या है?
धमनियाँ दिल से ऑक्सीजन वाला ख़ून शरीर के हर हिस्से तक ले जाती हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस में कोलेस्ट्रॉल, चर्बी, कैल्शियम और ख़ून की कोशिकाएँ धमनी की दीवार में प्लाक बनकर जमा होती हैं। सालों में प्लाक सख़्त होकर अंदर की ओर उभर आता है, और धमनी कड़ी और संकरी हो जाती है।
इसका असर इस पर निर्भर करता है कि कौन-सी धमनी संकरी हुई है। दिल में यह एंजाइना करता है; गर्दन और दिमाग़ में स्ट्रोक; पैरों में चलने पर दर्द; किडनी में हाई ब्लड प्रेशर। अगर प्लाक में दरार आ जाए, तो उस पर थक्का बनकर धमनी को अचानक बंद कर सकता है — हार्ट अटैक या स्ट्रोक।
इसके लक्षण क्या हैं?
- अक्सर सालों तक कुछ नहीं, जब तक धमनी बहुत संकरी न हो जाए
- मेहनत पर सीने में दर्द या दबाव (एंजाइना), या साँस फूलना
- चलने पर पैर में दर्द या ऐंठन, जो रुकने पर ठीक हो जाए
- अचानक सुन्नपन या कमज़ोरी, लड़खड़ाती बोली या नज़र जाना — स्ट्रोक के संकेत
- ऐसा हाई ब्लड प्रेशर जो मुश्किल से क़ाबू में आए
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
ख़ून की चर्बी और शुगर
धमनी की दीवारों पर दबाव
- हाई ब्लड प्रेशर
- किसी भी तरह का धूम्रपान या तंबाकू
रहन-सहन
- सैचुरेटेड और ट्रांस फ़ैट वाला खाना
- बहुत कम कसरत
- ज़्यादा वज़न
जो बदला नहीं जा सकता
- बढ़ती उम्र
- परिवार में दिल की बीमारी
इसका पता कैसे चलता है?
एथेरोस्क्लेरोसिस का पता डॉक्टर आपकी पूरी जानकारी, जाँच, ख़ून की जाँच और दिल व धमनियों के टेस्ट से लगाते हैं।
ख़ून की जाँच
कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और ब्लड शुगर — प्लाक को बढ़ाने वाली मुख्य चीज़ें।
ECG और स्ट्रेस टेस्ट
दिखाते हैं कि आराम में या मेहनत पर दिल की मांसपेशी को ख़ून कम तो नहीं मिल रहा।
एंकल-ब्रेकियल इंडेक्स और डॉप्लर अल्ट्रासाउंड
टखने और बाँह का ब्लड प्रेशर मिलाकर देखते हैं, और गर्दन व पैरों की धमनियों में बहता ख़ून दिखाते हैं।
CT स्कैन या एंजियोग्राम
डाई डालकर धमनियों की तस्वीरें, जो दिखाती हैं कि वे ठीक कहाँ संकरी हैं।
थेरेपिस्ट लिपिड रिपोर्ट, ECG, ब्लड प्रेशर का रिकॉर्ड और — दिल के रोगी से — डिस्चार्ज समरी माँगता है। दिल की बीमारी है या नहीं, इससे तय होता है कि कुछ भी सोचने से पहले कौन-से पॉइंट रोके जाएँगे।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से एथेरोस्क्लेरोसिस
LMNT पद्धति दिल की बीमारी, एथेरोस्क्लेरोसिस, बढ़े कोलेस्ट्रॉल और बढ़े ट्राइग्लिसराइड के लिए एक साथ एक ट्रीटमेंट लिखती है: Angina / Athero ट्रीटमेंट, चार भागों में। इसका तीसरा भाग P. Heparin है — Heparin परिवार का मूल फ़ॉर्मूला, जिसे LMNT ख़ून के बहाव और थक्के खुलने को सहारा देने के लिए देती है। गुरुजी ने सख़्त धमनियों से बढ़े ब्लड प्रेशर तक का एक रास्ता भी बताया, किडनी के ज़रिए।
सख़्त धमनी से बढ़े निचले BP तक — गुरुजी का बताया रास्ता
- एथेरोस्क्लेरोसिसधमनियाँ संकरी हो जाती हैं
- किडनी की धमनी में थक्कागुरुजी का अनुमान था कि किडनी की धमनी में भी थक्का बन सकता है
- ख़ून को तरसती किडनीकम ख़ून आने से वह ठीक से छान नहीं पाती
- रेनिनकिडनी रेनिन छोड़ती है, जो पूरे शरीर की ख़ून की नलियों को सिकोड़ देता है
- बढ़ा डायस्टोलिक BPब्लड प्रेशर का निचला नंबर बढ़ जाता है
इस समझ में, बढ़ा हुआ निचला नंबर किडनी की ख़ून के लिए पुकार है, और P. Heparin उस तक बहाव को सहारा देने के लिए दिया जाता है। थेरेपिस्ट बताते हैं कि कई मरीज़ों में कुछ ट्रीटमेंट के बाद डायस्टोलिक नंबर कम हुआ — यह क्लिनिकल अवलोकन है। LMNT कोई दवा नहीं देती और कभी किसी मरीज़ से उसकी दवा बंद करने को नहीं कहती; गोली में कोई भी बदलाव उसी डॉक्टर का काम है जिसने वह लिखी है।
जब भी शरीर के किसी हिस्से के ख़ून के बहाव में रुकावट या अड़चन आती है, तब उस हिस्से में दर्द या सुन्नपन महसूस होता है।
एथेरोस्क्लेरोसिस का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है, लिपिड रिपोर्ट, ECG और ब्लड प्रेशर का रिकॉर्ड पढ़ता है, और सीने के दर्द के बारे में पूछता है। नया, बढ़ा हुआ या आराम में होने वाला सीने का दर्द डॉक्टर के पास जाता है, चटाई पर नहीं।
दिल का रोगी: पहले रोक लिखना
जहाँ दिल की बीमारी हो, वहाँ कोई भी योजना बनाने से पहले कार्ड पर दिल वाली सूची रोकी जाती है, और साथ में उसकी जगह वाले पॉइंट लिखे जाते हैं — (4) Thrd की जगह (2) Thrd, (10) Left Medulla, G. Heparin की जगह J. या P. Heparin। कुछ और देने से पहले दो से चार दिन सिर्फ़ Angina ट्रीटमेंट दिया जाता है।
Angina / Athero ट्रीटमेंट — भाग I और II
भाग I, बैठाकर: (4) Medulla घड़ी की दिशा में, T1/T2 पर Up Arrow और कंधों पर Raman, फिर (10) Pan और (2) Thrd। भाग II: (1) Single point liver, दो ट्रीटमेंट।
भाग III और IV — Heparin वाला हिस्सा
भाग III: P. Heparin — (8) Pan, (7) Liv, (8) Ch. Only — साथ में Sulta Ulta, हाथ 135° पर ऊपर रखकर। जहाँ Mu° में दर्द हो और मल सख़्त हो, वहाँ इसकी जगह Mild ATF दिया जाता है। भाग IV: A. Heparin, 135° पर Sulta Ulta के साथ।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Angina / Athero ट्रीटमेंट
चार भागों वाला ट्रीटमेंट, जिसे LMNT दिल की बीमारी, एथेरोस्क्लेरोसिस और बढ़े कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड के लिए लिखती है — गर्दन और ऊपरी पीठ, लिवर, फिर जाँच के हिसाब से चुना Heparin भाग।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →P. Heparin (प्लाज़्मिन)
मूल Heparin फ़ॉर्मूला — LMNT इसके उपयोगों में एथेरोस्क्लेरोसिस और एंजाइना गिनती है, ख़ून के बहाव और थक्के खुलने को सहारा देने के लिए।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- इमरजेंसी: सीने का दर्द या दबाव जो कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, या बाँह, जबड़े या पीठ तक फैले, या पसीने या साँस फूलने के साथ हो; या अचानक कमज़ोरी, लटका चेहरा, लड़खड़ाती बोली या नज़र जाना — तुरंत 108 / 112 पर फ़ोन करें। चटाई पर कुछ नहीं दिया जाता।
- दिल के रोगियों में कभी नहीं: दोनों तरफ़ (10) Medulla, (20) Medulla, (30) Medulla, G. Heparin, Lu + Sh, Swt, Katka, Loveleen, Thymus और (4) Thrd। दिल की बीमारियाँ
- हाई ब्लड प्रेशर: (2) Adr और (6) Adr नहीं दिए जाते — इसमें वह (6) Adr भी शामिल है जो A. Heparin के आख़िर में आ सकता है। (6) Adr
- P. Heparin के अपने पॉइंट्स की रोक: Pan स्किज़ोफ़्रेनिया में कभी नहीं, और दौरों (फ़िट्स) में सिर्फ़ Heparin फ़ॉर्मूले के अंदर; Liv लिवर कैंसर में नहीं; Ch. Only फेफड़ों के कैंसर में नहीं। Liv देते समय अगर झनझनाहट या सुन्नपन हाथ में उतरे, तो थेरेपिस्ट तुरंत छोड़ देता है — सुन्नपन इस बात का संकेत नहीं कि पॉइंट काम कर रहा है। P. Heparin (प्लाज़्मिन)
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
इसमें गर्दन-कंधे के दर्द और सुन्नपन के लिए (4) Medulla, Raman और T1–T2 पॉइंट देने का सही तरीका दिखाया गया है।
इसमें P. Heparin फ़ॉर्मूला दिखाया गया है — जाँघों के ऊपर (8) Pan, जाँघ और बाँह पर (7) Liv, और छाती पर हथेलियाँ रखकर (8) Chest Only। वीडियो में इसे Angina ट्रीटमेंट के आख़िरी हिस्से के रूप में, रक्त संचार को सहारा देने के लिए दिया गया है।
Angina / Athero ट्रीटमेंट के हिस्से: (4) Medulla, Raman और T1/T2 (भाग I), और P. Heparin (भाग III)।
अभ्यास से
वह स्टेंट जिसने योजना तय की
सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं
61 साल · रिटायर्ड बस कंडक्टर · तीन साल से एंजाइना, एक स्टेंट लगा है · कमज़ोरी और शाम तक पैरों की सूजन के लिए आए
- क्या मिला
- थकान, सालों से सख़्त मल, जीभ पर परत और Mu° पर तेज़ दर्द — ये एसिड की दिशा दिखाते थे। शाम की टखनों की सूजन और दिल का इतिहास इस तस्वीर से अलग रखे गए — जिस आदमी को दिल की बीमारी है, उसमें ये उसके डॉक्टर के भी हिस्से की बात हैं।
- क्या किया गया
- एंजाइना और स्टेंट वाली डिस्चार्ज समरी ने योजना तय की: सबसे पहले उसके कार्ड पर दिल वाली सूची रोकी गई, हर एक के सामने उसकी जगह वाला पॉइंट लिखा गया — (2) Thrd, (10) Left Medulla, J. या P. Heparin, और Loveleen की जगह 135° पर Sulta Ulta। किडनी की पुरानी रिपोर्ट उसके अपने डॉक्टर के ज़रिए दोबारा माँगी गई।
- इससे सीख
- दिल की बीमारी वाली सख़्त धमनियों में रोक पहले आती है और योजना उसी के अंदर बनती है। दोनों कॉलम लिखिए: क्या नहीं दिया जा सकता, और उसकी जगह क्या दिया जाता है।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
समझाता है कि प्लाक कैसे बढ़ता है — बचपन की चर्बी की धारियों से पतली परत वाले सख़्त प्लाक तक — और दरार वाला प्लाक कैसे थक्का बनाकर धमनी बंद कर सकता है। प्लाक पर बना थक्का ही धीमी सिकुड़न को अचानक हार्ट अटैक या स्ट्रोक में बदलता है।
- मज़बूत प्रमाण
जब किडनी तक ख़ून का बहाव घटता है, तो किडनी रेनिन छोड़ती है; फिर रेनिन–एंजियोटेंसिन की कड़ी ख़ून की नलियों को सिकोड़ती है और नमक-पानी रोकती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। एथेरोस्क्लेरोसिस से किडनी की धमनी का संकरा होना इसकी सबसे आम वजह है — वही रास्ता जो गुरुजी ने बताया।
एथेरोस्क्लेरोसिस में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
तंबाकू छोड़िए
धूम्रपान और तंबाकू चबाना धमनियों की दीवारों को नुक़सान पहुँचाते हैं। छोड़ना सबसे बड़ा क़दम है जो आप उठा सकते हैं।
चलिए-फिरिए और सही खाइए
नियमित चलिए या कसरत कीजिए, वज़न ठीक रखिए, और तला हुआ खाना और बाज़ार के नमकीन-स्नैक्स कम कीजिए।
अपने नंबर जानिए
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल जँचवाइए, और उन्हें डॉक्टर की बताई सीमा में रखिए।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।