Neurotherapy.Life
रोग · हृदय, ब्लड प्रेशर और रक्त-संचार

एंजाइना (दिल से उठने वाला छाती का दर्द)

एंजाइना छाती का वह दर्द या दबाव है, जो तब होता है जब दिल की मांसपेशी को पूरा ख़ून नहीं मिलता — आम तौर पर इसलिए कि उसकी धमनियाँ सिकुड़ गई हैं। यह दिल की बीमारी का चेतावनी-संकेत है — और जो छाती का दर्द शांत न हो, वह हार्ट अटैक हो सकता है।

The heart with its coronary arteries, and two magnified cut-away views of one artery: open with free blood flow, and narrowed by fatty plaque so less blood reaches the heart muscle
दिल की सतह पर फैली कोरोनरी धमनियाँ दिल की मांसपेशी को ही ख़ून देती हैं। बायाँ गोला: खुली धमनी। दायाँ गोला: एंजाइना — चर्बी की परत धमनी को सिकोड़ देती है, इसलिए मेहनत के समय आगे की मांसपेशी को कम ख़ून मिलता है और उसमें दर्द होता है।
मुख्य बातें
  • 2022 में दिल और ख़ून की नलियों की बीमारियों से लगभग 1.98 करोड़ लोगों की मौत हुई — दुनिया की सारी मौतों का लगभग 32%
  • इनमें से 85% मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक से हुईं
  • इनमें से तीन-चौथाई से ज़्यादा कम और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं

स्रोत: World Health Organization (cardiovascular diseases fact sheet)

एंजाइना क्या है?

दिल एक मांसपेशी है, और हर मांसपेशी की तरह उसे भी अपना ख़ून चाहिए। यह ख़ून उसकी सतह पर फैली कोरोनरी धमनियों से आता है। जब चर्बी की परत (प्लाक) इन धमनियों को सिकोड़ देती है, तो आराम में ख़ून पूरा पहुँच जाता है — पर जब दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़े, तब नहीं। तब मांसपेशी को ऑक्सीजन कम पड़ती है और उसमें दर्द होता है। यही दर्द एंजाइना है।

स्टेबल एंजाइना एक ढर्रे पर चलता है: मेहनत पर आता है, कुछ मिनट रहता है और आराम या दवा से चला जाता है। अनस्टेबल एंजाइना यह ढर्रा तोड़ देता है — आराम में आता है, ज़्यादा देर रहता है या कम नहीं होता — और इसका मतलब है कि हार्ट अटैक पास हो सकता है। यह इमरजेंसी है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • छाती में दबाव, जकड़न, भिंचाव या हल्का-भारी दर्द
  • दर्द का बाँहों, गर्दन, जबड़े, कंधों या पीठ तक फैलना
  • जलन, जैसे अपच या एसिडिटी हो
  • दर्द के साथ साँस फूलना, पसीना, जी मिचलाना या चक्कर
  • मेहनत, ठंडी हवा, भारी खाने या तेज़ भावना से शुरू होना

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

दिल की धमनियाँ

दूसरी बीमारियाँ

आदतें

  • सिगरेट-बीड़ी या तंबाकू, और ज़्यादा शराब
  • बहुत कम चलना-फिरना, और ज़्यादा नमक, चीनी और चर्बी वाला भोजन

उम्र और परिवार

  • 45 साल से ऊपर के पुरुष और 55 से ऊपर की महिलाएँ
  • परिवार में दिल की बीमारी

इसका पता कैसे चलता है?

छाती के दर्द की जाँच हमेशा पहले डॉक्टर करते हैं। डॉक्टर पूछते हैं कि दर्द कब आता है और कितनी देर रहता है, जाँच करते हैं और दिल के टेस्ट करवाते हैं।

ECG (ईसीजी)

छाती पर चिपकाए गए स्टिकर दिल के बिजली वाले संकेत रिकॉर्ड करते हैं। इससे दिल पर ज़ोर या नुक़सान का पता चल सकता है, अक्सर कुछ ही मिनटों में।

ख़ून की जाँच

ट्रोपोनिन टेस्ट उस प्रोटीन को ढूँढता है जो ख़राब हुई दिल की मांसपेशी से बाहर आता है। कोलेस्ट्रॉल और शुगर भी जाँचे जाते हैं।

कोरोनरी एंजियोग्राफ़ी

एक पतली नली से दिल की धमनियों में डाई डाली जाती है, और एक्स-रे दिखाता है कि वे कहाँ सिकुड़ी हैं।

दिल के स्कैन

CT या MRI स्कैन, या न्यूक्लियर स्कैन, दिल को दिखाते हैं और यह भी कि उसकी मांसपेशी तक ख़ून कितना पहुँचता है।

छाती का दर्द दिल से है या नहीं, यह न्यूरोथेरेपिस्ट तय नहीं करता — यह डॉक्टर तय करते हैं। थेरेपिस्ट आपका डिस्चार्ज समरी, ECG और रिपोर्टें माँगता है, और दिल की हर गोली के बारे में पूछता है, क्योंकि रिपोर्ट पर लिखा "एंजाइना" शब्द यह बदल देता है कि कौन-से पॉइंट दिए ही जा सकते हैं।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से एंजाइना

न्यूरोथेरेपी में दिल के रोगी का कार्ड इससे शुरू होता है कि क्या नहीं देना है। पहले दिल वाली सूची रोकी जाती है, और ज़्यादातर रोक के साथ उसकी जगह कुछ और लिखा होता है। फिर आता है Angina / Athero ट्रीटमेंट, चार भागों में, जो गर्दन और पीठ के ऊपरी T1/T2 मनकों से शुरू होता है।

एंजाइना का ट्रीटमेंट गर्दन से क्यों शुरू होता है

  1. दिलख़ून कम मिलने पर उसकी नसें दर्द का संकेत भेजती हैं
  2. पीठ के ऊपरी खंडयह संकेत ऊपरी थोरैसिक हिस्से पर रीढ़ की हड्डी की नस (स्पाइनल कॉर्ड) में पहुँचता है
  3. साझा कोशिकाएँवही कोशिकाएँ छाती की दीवार और बाँह के अंदरूनी हिस्से की अनुभूति भी ले जाती हैं
  4. छाती, जबड़ा, बायाँ हाथइसलिए दिल का दर्द वहाँ महसूस होता है
  5. T1/T2 और Sulta UltaLMNT उसी खंड पर और उसी से जुड़ी बाँह पर काम करती है

यह उस दिल के रोगी के लिए सहारा है, जिसकी हालत स्थिर है और जिसका डॉक्टरी इलाज चल रहा है — कार्डियोलॉजिस्ट और दवाओं के साथ, उनकी जगह कभी नहीं। जो छाती का दर्द नया हो, बढ़ गया हो या आराम में आए, उसका इलाज चटाई पर होता ही नहीं।

गुरुजी कहते हैं
हमारे इलाज से रोगी को तुरंत फ़ायदा मिले या न मिले, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखें।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

एंजाइना का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच — और इमरजेंसी को अलग करना

    थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है, डिस्चार्ज समरी और ECG पढ़ता है, और दर्द के बारे में पूछता है: कब आता है, कितनी देर रहता है, नया है या बढ़ गया है। सिटिंग के बीच छाती में कैसा भी दर्द या घुटन हो, तो सिटिंग वहीं रुक जाती है।

  2. कार्ड पर दिल वाली रोक लिखना

    कोई भी योजना बनाने से पहले: दिल वाली सूची रोकी जाती है, और साथ में उसकी जगह वाले पॉइंट लिखे जाते हैं — (4) Thrd की जगह (2) Thrd, (10) Medulla की जगह (10) Left Medulla, (30) Medulla और G. Heparin की जगह J. या P. Heparin, और (3) Gal (7) Liv की जगह (1) Single point liver × 6 treatments।

  3. भाग I — गर्दन और T1/T2

    जुड़ी हुई उँगलियों से (4) Medulla घड़ी की दिशा में, फिर T1/T2 पर Up Arrow, फिर कंधों पर Raman, और (10) Pan के साथ (2) Thrd।

  4. भाग II से IV

    (1) Single point liver × 2 treatments; फिर P. Heparin के साथ Sulta Ulta — या उसकी जगह Mild ATF, जहाँ Mu° पर दर्द हो और मल सख़्त हो; फिर A. Heparin के साथ Sulta Ulta।

  5. 135° पर Sulta Ulta

    Sulta छाती के आगे का दर्द कम करता है, Ulta उसके ठीक पीछे पीठ का। एंजाइना में बाँहें थोड़ी ऊपर, 135° पर रखी जाती हैं — कंधों के बराबर नहीं — और पहले बाईं तरफ़ दिया जाता है, बाद में दाईं।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

Angina / Athero ट्रीटमेंट

चार भागों वाला दिल का ट्रीटमेंट — गर्दन और T1/T2, लीवर का एक पॉइंट, फिर P. Heparin और A. Heparin, हर एक के साथ 135° पर Sulta Ulta।

इन पॉइंट्स से काम करता है

खोलें →

P. Heparin (प्लाज़्मिन)

Heparin परिवार का मूल फ़ॉर्मूला — Angina ट्रीटमेंट का भाग III, और दिल के रोगियों में G. Heparin की जगह यही दिया जाता है।

इन पॉइंट्स से काम करता है

खोलें →

Mild ATF

हल्का एसिड फ़ॉर्मूला — भाग III की जगह दिया जाता है, जहाँ Mu° पर दर्द हो और सख़्त कब्ज़ हो।

खोलें →

A. Heparin (एसिड)

Acid वाले क़दम के साथ Heparin फ़ॉर्मूला — Angina ट्रीटमेंट का भाग IV, 135° पर Sulta Ulta के साथ।

इन पॉइंट्स से काम करता है

खोलें →

यह कभी न करें

  • इमरजेंसी: छाती का दर्द या दबाव जो कुछ मिनट से ज़्यादा रहे, बाँह, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैले, या पसीने, साँस फूलने, जी मिचलाने या बेहोशी जैसी हालत के साथ हो — तुरंत 108/112 पर फ़ोन करें। हार्ट अटैक में LMNT कभी फ़र्स्ट-एड नहीं है।
  • जो एंजाइना नया हो, पहले से बढ़ गया हो, बार-बार आने लगे, ज़्यादा देर रहे या आराम में आए — उसके लिए उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ; उसका इलाज चटाई पर नहीं होता। जो साँस फूलना रात को नींद से जगा दे, सीधा लेटने न दे या टखनों की सूजन के साथ हो, उसके लिए जल्दी दिल के डॉक्टर को दिखाएँ।
  • दिल के रोगियों में कभी नहीं: दोनों तरफ़ (10) Medulla, (20) Medulla, (30) Medulla, G. Heparin, Lu + Sh, Swt, Katka, Loveleen, Thymus और (4) Thrd। (4) Thrd
  • Sulta Ulta सिर्फ़ बाँहें 135° तक उठाकर और एक बार में एक तरफ़, पहले बाईं — कभी सीधी बाँहों से नहीं, और कभी दोनों तरफ़ एक साथ नहीं। Sulta Ulta
  • Vater फ़ॉर्मूला रुकता है: दिल के रोगी को पहले दो से चार दिन सिर्फ़ Angina ट्रीटमेंट दिया जाता है, और जब उसकी हालत थोड़ी सुधरे, तभी Vater का दिल वाला रूप दिया जाता है। Vater ट्रीटमेंट
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और दिल की कोई भी दवा अपने-आप कभी बंद या कम न करें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

वीडियो देखें

How to Give 4 Medulla, Raman & T1 T2 in Neurotherapy | LMNT Cervical, Shoulder pain & Numbness

इसमें गर्दन-कंधे के दर्द और सुन्नपन के लिए (4) Medulla, Raman और T1–T2 पॉइंट देने का सही तरीका दिखाया गया है।

P HAPARIN FORMULA

इसमें P. Heparin फ़ॉर्मूला दिखाया गया है — जाँघों के ऊपर (8) Pan, जाँघ और बाँह पर (7) Liv, और छाती पर हथेलियाँ रखकर (8) Chest Only। वीडियो में इसे Angina ट्रीटमेंट के आख़िरी हिस्से के रूप में, रक्त संचार को सहारा देने के लिए दिया गया है।

Angina ट्रीटमेंट के हिस्से: (4) Medulla, Raman और T1/T2 (भाग I), और P. Heparin (भाग III)।

अभ्यास से

वह स्टेंट जिसने योजना तय की

सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं

61 साल · रिटायर्ड बस कंडक्टर · तीन साल से एंजाइना, एक स्टेंट लगा है · कमज़ोरी और शाम तक पैरों की सूजन के लिए आए

क्या मिला
थकान, सालों से हर तीसरे दिन सख़्त मल, जीभ पर परत और Mu° पर तेज़ दर्द — ये सब एसिड की दिशा की एक तस्वीर बनाते थे। शाम की टखनों की सूजन और दिल का इतिहास इस तस्वीर में नहीं मिलाए गए — जिस आदमी को दिल की बीमारी है, उसमें ये उसके डॉक्टर के भी हिस्से की बात हैं।
क्या किया गया
कुछ भी तय करने से पहले उसके कार्ड पर दिल वाली सूची लिखी गई, हर एक के सामने उसकी जगह वाला पॉइंट: (2) Thrd, (10) Left Medulla, J. या P. Heparin, (3) Gal (7) Liv की जगह (1) Single point liver × 6, और Loveleen की जगह 135° पर Sulta Ulta। किडनी की पुरानी रिपोर्ट उसके अपने डॉक्टर के ज़रिए दोबारा माँगी गई, और जिस ECG को वह डर के मारे साथ लिए घूम रहा था, उस पर उससे बात की गई।
इससे सीख
दिल के रोगी की फ़ाइल में डिस्चार्ज समरी सबसे ज़्यादा मायने रखती है, क्योंकि वही तय करती है कि क्या नहीं दिया जा सकता। रोक पहले लिखी जाती है; योजना उसी के अंदर बनती है।

आयुर्वेद और रसोई से

हृदय — वह मर्म जिसे चोट नहीं पहुँचनी चाहिए

आयुर्वेद के पुराने शल्य-ग्रंथ शरीर के मर्म-स्थानों को इस बात से बाँटते हैं कि चोट लगने पर क्या होता है। हृदय सबसे गंभीर वर्ग में है — सद्यः-प्राणहर, यानी "तुरंत प्राण हरने वाला"। छाती का उनका सबसे बारीक नक़्शा यह बताता है कि शरीर कहाँ ग़लती सबसे कम सह पाता है: यहाँ धीरे से काम कीजिए, और जानिए कि कहाँ यह काम आपका नहीं रह जाता।

ख़ुद को परखें

1. एंजाइना किस वजह से होता है?

2. छाती का दर्द कुछ मिनट से ज़्यादा रहा है और पसीने के साथ बाएँ हाथ तक फैल रहा है। क्या करना चाहिए?

3. LMNT में एंजाइना में Sulta Ulta कैसे दिया जाता है?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    दिल से आने वाले दर्द के संकेत और शरीर की दीवार से आने वाले संकेत, रीढ़ की नस के ऊपरी पीठ वाले हिस्से में एक ही तंत्रिका-कोशिकाओं पर मिलते हैं। इसीलिए दिल का दर्द छाती, बाँह और जबड़े में महसूस होता है — वही खंड जहाँ से LMNT का Angina ट्रीटमेंट शुरू होता है।

    Foreman RD, Qin C. Neuromodulation of cardiac pain and cerebral vasculature: neural mechanisms. Cleveland Clinic Journal of Medicine. 2009.

एंजाइना में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

जिन्हें स्टेंट लगा है या एंजाइना है

पहली बार आते समय अपना डिस्चार्ज समरी, ECG और गोलियों की सूची साथ लाएँ। डॉक्टर ने जो इमरजेंसी दवा बताई है, उसे हमेशा साथ रखें।

महिलाएँ

महिलाओं में दिल के लक्षण अलग हो सकते हैं — छाती के आम दर्द की बजाय ज़्यादा साँस फूलना, जी मिचलाना, थकान या पीठ और जबड़े में दर्द। इन्हें गैस समझकर न टालें।

परिवार वाले

ख़तरे के संकेत पहचानना सीखें और 108/112 का नंबर पास रखें। ठंडी हवा, भारी खाना और अचानक मेहनत एंजाइना को बुलाते हैं — टहलना दिन के गर्म समय में रखें और हल्का खाना खाएँ।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

अपडेट:

Ready to begin?

Send COURSE for course details, or your name, age and health issue for a consultation.

Share