थ्रॉम्बोसिस (ख़ून का थक्का)
थ्रॉम्बोसिस का मतलब है ख़ून की नली के अंदर थक्का बनना, जहाँ उसे नहीं बनना चाहिए। यह ख़ून का बहाव रोक सकता है — पैर की नस में, फेफड़ों में, दिल में या दिमाग़ में — और कुछ थक्के इमरजेंसी होते हैं।

- अमेरिका में हर साल 9 लाख तक लोग नस में ख़ून के थक्के से प्रभावित होते हैं
- जिन्हें ऐसा थक्का हो चुका है, उनमें से लगभग हर 3 में से 1 को 10 साल के अंदर दोबारा होता है
- गहरी नस का थक्का ज़्यादातर पिंडली या जाँघ में बनता है
स्रोत: US Centers for Disease Control and Prevention (CDC); MedlinePlus (NIH); NHS
थ्रॉम्बोसिस क्या है?
ख़ून का जमना जान बचाता है। जब कहीं कट लगता है, तो ख़ून जमकर एक डाट बना देता है और बहना रुक जाता है। बाद में शरीर उस डाट को फिर घोल देता है। थ्रॉम्बोसिस तब है, जब यही काम नली के अंदर हो जाए, जहाँ कोई घाव बंद करना ही नहीं — और थक्का वहीं रह जाए या बढ़ता जाए।
पैर की गहरी नस के थक्के को डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) कहते हैं। इसका एक टुकड़ा टूटकर फेफड़ों में अटक सकता है — इसे पल्मोनरी एम्बोलिज़्म कहते हैं, और यह इमरजेंसी है। धमनियों में थक्के दिल या दिमाग़ तक ख़ून पहुँचना रोक सकते हैं।
इसके लक्षण क्या हैं?
- एक पैर में धड़कता हुआ दर्द, अक्सर पिंडली या जाँघ में
- एक पैर में सूजन
- दर्द वाली जगह पर गरम, लाल या काली पड़ती त्वचा
- सूजी हुई, सख़्त नसें जो छूने पर दुखती हैं
- अचानक साँस फूलना या सीने में दर्द — यह संकेत कि थक्का फेफड़ों तक पहुँचा हो सकता है
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
लंबे समय तक न हिलना
- तीन दिन या ज़्यादा बिस्तर पर या अस्पताल में रहना
- ऑपरेशन, ख़ास तौर पर पैरों या कूल्हों का
- चार घंटे या उससे लंबा सफ़र
शरीर और सेहत
- 60 से ज़्यादा उम्र
- ज़्यादा वज़न
- पहले कभी थक्का, या परिवार में ख़ून जमने की गड़बड़ी
- कैंसर या हार्ट फ़ेल्योर
- वैरिकोज़ वेन्स
हार्मोन और गर्भावस्था
- मिली-जुली गर्भनिरोधक गोली या हार्मोन थेरेपी (HRT)
- गर्भावस्था, और बच्चे के जन्म के बाद के पहले छह हफ़्ते
आदतें
- धूम्रपान
- पर्याप्त पानी न पीना
इसका पता कैसे चलता है?
थक्के का शक हो, तो अस्पताल में जल्दी जाँच होती है। NHS की कोशिश रहती है कि पैर के थक्के के शक में 24 घंटे के अंदर स्कैन हो जाए।
डॉप्लर अल्ट्रासाउंड
एक बिना दर्द वाला स्कैन, जिसमें नसों में बहता ख़ून दिखता है, और यह भी कि कोई थक्का उसे रोक तो नहीं रहा।
D-dimer ख़ून की जाँच
उन टुकड़ों को मापती है जो शरीर के थक्का तोड़ने पर बचते हैं। नतीजा सामान्य हो, तो थक्के की संभावना कम होती है।
वेनोग्राफ़ी
रंग (डाई) डालकर नसों का एक्स-रे, तब किया जाता है जब अल्ट्रासाउंड से बात साफ़ न हो।
नया थक्का होने का शक हो, तो किसी भी न्यूरोथेरेपी से पहले अस्पताल। बाद में थेरेपिस्ट स्कैन रिपोर्ट, ख़ून पतला करने वाली दवाओं की सूची माँगता है, पूछता है कि कोई घाव खुला तो नहीं, और — महिलाओं से — कि उस दिन माहवारी ज़्यादा तो नहीं।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से थ्रॉम्बोसिस
LMNT पद्धति एक रोज़मर्रा की बात से शुरू करती है: शरीर पर छोटी-छोटी चोटें लगती रहती हैं, और हज़ारों छोटे थक्के बनते रहते हैं। शरीर अपनी ही रसायन-क्रिया से उन्हें फिर खोल देता है। इस नज़र से थ्रॉम्बोसिस वह है, जब यह सफ़ाई ठीक से नहीं हो रही।
शरीर थक्का कैसे खोलता है
- छोटी-सी चोटथक्का बनता है, और उसके अंदर प्लाज़्मिनोजन इंतज़ार करता है
- tPA (एक्टिवेटर)कुछ घंटों बाद नली की अंदरूनी परत और चोटिल ऊतक यह एक्टिवेटर छोड़ते हैं
- प्लाज़्मिनलगभग 24 घंटे बाद प्लाज़्मिनोजन प्लाज़्मिन बन जाता है
- थक्का घुल जाता हैप्लाज़्मिन उन फ़ाइब्रिन धागों को पचा देता है जो उसे जोड़े रखते हैं
LMNT पद्धति कहती है कि अगर प्लाज़्मिनोजन या tPA ठीक से न बनें, तो थक्के बढ़ते जाते हैं — एक के बाद एक जगह बहाव रोकते हैं, और लकवे या दूसरी बीमारियों तक ले जाते हैं। Heparin परिवार के फ़ॉर्मूले इसी थक्का खोलने के काम को सहारा देने के लिए बने हैं, और थ्रॉम्बोसिस के लिए लिखा गया मूल फ़ॉर्मूला P. Heparin है।
जब भी शरीर के किसी हिस्से में ख़ून के बहाव में कोई रुकावट या अड़चन होती है, तो उस हिस्से में दर्द या सुन्नपन महसूस होता है।
थ्रॉम्बोसिस का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
नए थक्के के लिए पहले अस्पताल
सूजी, गरम, दुखती पिंडली, या अचानक साँस फूलना या सीने में दर्द हो, तो तुरंत अस्पताल। न्यूरोथेरेपी बाद में, डॉक्टर के इलाज के साथ मिलने वाला सहारा है।
जाँच, और पहले रोक देखना
थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है। किसी भी Heparin फ़ॉर्मूले से पहले रोक देखी जाती है: क्या कोई घाव खुला है, या माहवारी ज़्यादा बह रही है? तो जब तक वह न निकल जाए, कोई Heparin नहीं। अगर Mu° में दर्द हो, तो LMNT पद्धति P. Heparin की जगह A. Heparin चुनती है।
P. Heparin फ़ॉर्मूला
Heparin परिवार का मूल फ़ॉर्मूला: (8) Pan, (7) Liv और (8) Ch. Only। LMNT पद्धति इसके उपयोगों में थ्रॉम्बोसिस, शरीर में कहीं भी थक्का, और प्लेटलेट्स ज़्यादा होना गिनाती है।
अगले दिन पूछिए: आराम कितनी देर रहा?
LMNT का लौटते दर्द वाला टेस्ट: अगर ट्रीटमेंट के बाद दर्द कम हुआ पर कुछ घंटों में लौट आया, तो उस हिस्से में थक्के का शक किया जाता है। इसलिए दूसरे दिन सवाल यह नहीं कि "आराम है?", बल्कि यह कि "आराम कितनी देर रहा, और दर्द कब लौटा?"
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
P. Heparin (प्लाज़्मिन)
मूल Heparin फ़ॉर्मूला — LMNT में ख़ून का बहाव बनाए रखने और थक्के खोलने के शरीर के अपने काम को सहारा देने के लिए लिखा गया।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- इमरजेंसी: अचानक साँस फूलना, सीने में दर्द या खाँसी में ख़ून आना फेफड़ों में थक्के का संकेत हो सकता है — तुरंत 108 / 112 पर फ़ोन करें। सूजी, गरम, दुखती पिंडली हो, तो उसी दिन अस्पताल।
- जिस सूजे, दुखते हाथ-पैर में थक्के का शक हो, उसे कभी न दबाएँ, न रगड़ें, न मालिश करें — थक्के का टुकड़ा छूट सकता है। जब तक डॉक्टर जाँच न लें, उस हिस्से को छुआ नहीं जाता।
- घाव खुला हो, तो कोई Heparin फ़ॉर्मूला नहीं; और माहवारी में ख़ून ज़्यादा जा रहा हो, तब भी नहीं। घाव, खुला हुआ
- P. Heparin के अपने पॉइंट्स की रोक: Pan स्किज़ोफ़्रेनिया वालों को नहीं, और दौरे (fits) में सिर्फ़ Heparin फ़ॉर्मूले के अंदर; लिवर कैंसर में Liv नहीं; फेफड़ों के कैंसर में Ch. Only नहीं। Liv के दौरान हाथ में झनझनाहट या सुन्नपन जाए, तो थेरेपिस्ट तुरंत दबाव छोड़ देता है। Pan
- अगर आप ख़ून पतला करने वाली दवा लेते हैं, तो थेरेपिस्ट को बताएँ — और उसे कभी अपने-आप बंद या कम-ज़्यादा न करें।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
इसमें P. Heparin फ़ॉर्मूला दिखाया गया है — जाँघों के ऊपर (8) Pan, जाँघ और बाँह पर (7) Liv, और छाती पर हथेलियाँ रखकर (8) Chest Only। वीडियो में इसे Angina ट्रीटमेंट के आख़िरी हिस्से के रूप में, रक्त संचार को सहारा देने के लिए दिया गया है।
P. Heparin कैसे दिया जाता है — (8) Pan, (7) Liv और (8) Ch. Only।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
समझाता है कि शरीर थक्के कैसे घोलता है: एक्टिवेटर tPA प्लाज़्मिनोजन को प्लाज़्मिन में बदलता है, जो थक्के के फ़ाइब्रिन जाल को तोड़ देता है — और थक्के का अपना फ़ाइब्रिन इस काम को तेज़ करता है। यही कड़ी LMNT पद्धति भी बताती है।
Chapin JC, Hajjar KA. Fibrinolysis and the control of blood coagulation. Blood Rev. 2015.
थ्रॉम्बोसिस में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
लंबा सफ़र
चार घंटे या उससे लंबे सफ़र में उठकर चलिए, पैर खींचिए-फैलाइए, और पर्याप्त पानी पीजिए।
ऑपरेशन के बाद या लंबी बीमारी में बिस्तर पर
डॉक्टर जैसे ही इजाज़त दें, हिलना-चलना शुरू कीजिए। पैर में दर्द और सूजन हो, तो तुरंत बताइए।
गोली लेने वाली, गर्भवती या अभी-अभी माँ बनी महिलाएँ
इन दिनों में थक्के का ख़तरा बढ़ता है। चेतावनी के संकेत जानिए, और एक पैर की सूजन और दर्द को नज़रअंदाज़ मत कीजिए।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।