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रोग · पाचन, पेट और आँत

मोटापा

मोटापा यानी शरीर में इतनी चर्बी जमा होना कि वह सेहत को नुक़सान पहुँचाने लगे। इससे डायबिटीज़, दिल की बीमारी, हाई BP और जोड़ों के दर्द का ख़तरा बढ़ता है।

Two human torsos side by side, seen through the skin: on the left a thin layer of fat and a slim waist; on the right thick fat under the skin and fat packed around the stomach, liver and intestines
चर्बी कहाँ जमा होती है। बाएँ: सही वज़न — त्वचा के नीचे चर्बी की पतली परत। दाएँ: मोटापा — त्वचा के नीचे मोटी चर्बी, और पेट के अंदर लिवर, पेट और आँतों के चारों ओर जमा चर्बी (विसरल फ़ैट)।
मुख्य बातें
  • 2022 में दुनिया भर में 89 करोड़ वयस्क मोटापे के साथ जी रहे थे
  • 43% वयस्कों का वज़न ज़्यादा था, और 16% को मोटापा था
  • एशियाई लोगों में सेहत के ख़तरे 23 के BMI से ही बढ़ने लगते हैं

स्रोत: World Health Organization (Obesity and overweight fact sheet); Mayo Clinic

मोटापा क्या है?

आपका शरीर बची हुई ऊर्जा को चर्बी के रूप में जमा करता है। कुछ चर्बी ज़रूरी है — यह गर्म रखती है, अंगों को गद्दी देती है और ईंधन का भंडार रखती है। जब भोजन से ज़्यादा ऊर्जा आती है और शरीर कम ख़र्च करता है, तो यह भंडार बढ़ता जाता है।

मोटापा तब है जब यह भंडार इतना बड़ा हो जाए कि सेहत को नुक़सान पहुँचाने लगे। यह सिर्फ़ खाने की बात नहीं है: जीन, नींद, तनाव, कुछ दवाएँ और थायरॉइड का कम काम करने जैसी हार्मोन की तकलीफ़ें — सबका हिस्सा होता है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • कमर बड़ी होना — पुरुषों में 102 सेमी से ज़्यादा, महिलाओं में 89 सेमी से ज़्यादा
  • जल्दी साँस फूलना, जैसे सीढ़ियों पर
  • घुटनों, कूल्हों या कमर में दर्द
  • खर्राटे, और दिन में नींद आना
  • थकान और ऊर्जा की कमी

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

भोजन और गतिविधि

  • शरीर की ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरी खाना
  • मीठे पेय और शराब
  • घंटों बैठे रहना और स्क्रीन के सामने रहना

परिवार और उम्र

  • माता-पिता का भारी होना — एक जैसे जीन और एक जैसी आदतें
  • उम्र बढ़ना, मांसपेशियों का घटना
  • गर्भावस्था के बाद बना रह गया वज़न

बीमारियाँ और दवाएँ

रोज़ की ज़िंदगी

  • बहुत कम नींद
  • तनाव, और तनाव में खाना
  • धूम्रपान छोड़ने के बाद वज़न बढ़ना

इसका पता कैसे चलता है?

डॉक्टर आपका वज़न और क़द नापते हैं, BMI निकालते हैं, कमर नापते हैं, और कारण और वज़न के साथ आने वाली तकलीफ़ें देखने के लिए ख़ून की जाँच करवा सकते हैं।

BMI (बॉडी मास इंडेक्स)

किलोग्राम में वज़न को मीटर में क़द के वर्ग से भाग देकर। यह एक आसान अंदाज़ा है, पर यह चर्बी को मांसपेशी और हड्डी से अलग नहीं कर पाता।

कमर का नाप

पेट के आसपास की चर्बी सबसे ज़्यादा ख़तरनाक है। पुरुषों में 102 सेमी और महिलाओं में 89 सेमी से ज़्यादा कमर दिल की बीमारी और डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ाती है।

ख़ून की जाँच

शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड, और थायरॉइड की जाँच — कारण खोजने के लिए और वज़न के साथ अक्सर आने वाली तकलीफ़ें देखने के लिए।

वयस्कों का BMI (kg/m²)

स्रोत: Mayo Clinic; MedlinePlus, US National Library of Medicine

न्यूरोथेरेपिस्ट थायरॉइड की रिपोर्ट माँगता है, क्योंकि न्यूरोथेरेपी में मोटापे के लिए दिया जाने वाला पॉइंट ख़ास तौर पर वहाँ चुना जाता है जहाँ वज़न थायरॉइड के कम काम करने के साथ आया हो। थेरेपिस्ट मुँह भी देखता है और पूछता है कि आप कितने दाँतों से चबाते हैं — अच्छी तरह चबाने की सलाह उसी मुँह के काम की है जो चबा सकता हो।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से मोटापा

न्यूरोथेरेपी वज़न को पाचन के ज़रिए देखती है। थाली के लिए इसका नियम सीधा है: अच्छी तरह चबाइए। चबाने से ज़्यादा लार निकलती है, जो मुँह में ही रोटी, चावल और दूसरे स्टार्च को पचाना शुरू कर देती है। थेरेपी सिखाती है कि जबड़ों की हरकत दिमाग़ की नसों को — और उनके ज़रिए पाचन तंत्र को — ठीक से काम करते रखती है।

और अगर भोजन की चर्बी ठीक से नहीं पचती, तो उससे भी मोटापा बढ़ सकता है। “भी” शब्द पर ध्यान दीजिए: यह कई कारणों में से एक है, पूरी कहानी नहीं। टेबल पर, ट्राइग्लिसराइड — ख़ून की चर्बी — घटाने के लिए (10) Pan दिया जाता है, ख़ास तौर पर वहाँ जहाँ वज़न थायरॉइड के कम काम करने के साथ आया हो।

गुरुजी कहते हैं
मरीज़ को स्वयं आज़माकर देखना है। हर चीज़ का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

मोटापा का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच

    थेरेपिस्ट थायरॉइड, शुगर और लिपिड की रिपोर्ट माँगता है, दाँत देखता है, और पूछता है कि दिन भर क्या खाया जाता है। उस दिन की योजना उस दिन के शरीर के हिसाब से बनती है।

  2. (10) Pan — पैंक्रियास का पॉइंट

    (10) Pan पैंक्रियास को इंसुलिन बनाने के लिए उकसाता है। मोटापे में यह ट्राइग्लिसराइड घटाने के लिए दिया जाता है, ख़ास तौर पर वहाँ जहाँ वज़न थायरॉइड के कम काम करने के साथ आया हो।

  3. अच्छी तरह चबाना

    हर कौर को अच्छी तरह चबाएँ, ताकि ज़्यादा लार आए। आज़माकर देखिए: सादी रोटी का एक टुकड़ा बिना निगले तीस बार चबाइए — मुँह में वह मीठा हो जाता है। यही लार का काम है।

  4. भोजन का क्रम

    ज़मीन पर बैठकर खाएँ, कुर्सी पर पैर लटकाकर नहीं। पानी भोजन से आधा घंटा पहले पिएँ, बीच में नहीं। खाने के बाद कुछ देर बैठें और बैठकर होने वाले काम करें — बच्चों को नाश्ता पंद्रह मिनट पहले दें, ताकि उन्हें बस के लिए दौड़ना न पड़े।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

यह कभी न करें

  • फ़िट्स, दौरे या मिर्गी में Pan नहीं दिया जाता, क्योंकि यह अल्कली बढ़ाता है (Heparin फ़ॉर्मूले के अंदर दिया जा सकता है)। स्किज़ोफ़्रेनिया में Pan नहीं दिया जाता। Pan
  • “अच्छी तरह चबाइए” कहने से पहले दाँत देखें। टूटे या ग़ायब दाँत, ढीला नक़ली दाँत या दुखता जबड़ा हो तो दाँत के डॉक्टर की ज़रूरत है, और खाना अलग तरह से बनाने की।
  • छाती में दर्द या दबाव, या दिल के ख़तरे वाले व्यक्ति में कंधे के फलकों के बीच दर्द, इमरजेंसी है — तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ, थेरेपिस्ट को नहीं।
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

आयुर्वेद और रसोई से

ख़ुद को परखें

1. किस BMI से वयस्क को मोटापा माना जाता है?

2. न्यूरोथेरेपी में भोजन अच्छी तरह क्यों चबाना चाहिए?

3. मोटापे में (10) Pan ख़ास तौर पर कब दिया जाता है, जब वज़न … के साथ आया हो?

शोध क्या कहता है

मोटापे में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता

नाश्ता पंद्रह मिनट पहले कीजिए: पहले जूते और बस्ता, फिर खाना, फिर बैठकर होने वाले काम। बचपन में डाली आदत हर डाइट से ज़्यादा टिकती है।

थायरॉइड कम काम करने वाले

वज़न थायरॉइड के साथ आ सकता है। थायरॉइड की रिपोर्ट ताज़ा रखें और थेरेपिस्ट को दिखाएँ; थायरॉइड की गोलियाँ ख़ुद न बदलें।

ज़्यादा वज़न वाले सभी लोग

अपने वज़न का 5–10% घटाना भी उसके साथ आने वाली बीमारियों को टाल सकता है या रोक सकता है। छोटे, लगातार बदलाव मायने रखते हैं।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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