पेट के बल: पीठ और रीढ़ पर दिए जाने वाले ट्रीटमेंट
जब रोगी पेट के बल लेटता है, तो पूरी पीठ, रीढ़ और सेक्रम (रीढ़ के निचले सिरे की चपटी तिकोनी हड्डी) थेरेपिस्ट के हाथ या पैर के नीचे होते हैं। यह गाइड बताती है कि रोगी को कैसे लेटाया जाता है, और एड्रिनल पॉइंट, एरो परिवार और सेक्रम वाले ट्रीटमेंट किस काम आते हैं।
परिचय
जब रोगी पेट के बल लेटता है, तो पूरी पीठ, रीढ़ और सेक्रम (रीढ़ के निचले सिरे की चपटी तिकोनी हड्डी) थेरेपिस्ट के हाथ या पैर के नीचे होते हैं। यह गाइड बताती है कि रोगी को कैसे लेटाया जाता है, और एड्रिनल पॉइंट, एरो परिवार और सेक्रम वाले ट्रीटमेंट किस काम आते हैं।
किसी भी ट्रीटमेंट से पहले तकिये
इस समूह का हर ट्रीटमेंट एक ही नियम से शुरू होता है, और यह नियम लगभग हर पॉइंट के नीचे दोबारा लिखा है: छाती के नीचे डेढ़ तकिया ज़रूरी है। ज़मीन पर दो तकिये रखे जाते हैं, पर नीचे वाले तकिये का सिर्फ़ आधा हिस्सा रोगी के नीचे होता है। ऊपर वाला तकिया छाती को उठाता है। नीचे वाले तकिये का बाहर निकला हिस्सा ठुड्डी को सहारा देता है। तब चेहरा खुला रहता है, और रोगी सिर सीधा रखकर साँस लेता है, एक तरफ़ मोड़कर नहीं।
इतनी सख़्ती क्यों? एक शिक्षण-उदाहरण इसे दिखाता है। एक भीड़ वाले कैंप में एक बुज़ुर्ग महिला को सिर्फ़ एक तकिये पर लेटाया गया, तो साँस लेने के लिए उसने सिर एक तरफ़ मोड़ लिया और पूरे सेशन ऐसे ही रही। उसकी गर्दन पर कुछ नहीं किया गया था, फिर भी शाम तक वह गर्दन नहीं मोड़ पा रही थी। उसकी गर्दन बस बहुत देर तक, बिना सहारे, अपने आख़िरी मोड़ पर टिकी रही थी। यह नियम सबसे ज़्यादा उनके लिए ज़रूरी है जिन्हें पहले से गर्दन दर्द या सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस (गर्दन की हड्डियों का घिसना) है, पर यह सबके लिए लिखा गया है।
- ऊपर वाला तकिया छाती को उठाता है और कमर के गहरे झुकाव को कम करता है।
- नीचे वाला तकिया बाहर निकला रहता है, ताकि ठुड्डी को टिकने की जगह मिले।
- सिर सीधा रहता है; रोगी को कभी चेहरा एक तरफ़ मोड़े हुए नहीं छोड़ा जाता।
दो एड्रिनल पॉइंट: Adr और Swt
समूह एक जोड़ी से शुरू होता है। Adr पीठ के बीच वाले हिस्से में हथेलियों से दिया जाता है, और यह एड्रिनल ग्रंथियों (किडनी के ऊपर बैठी दो छोटी ग्रंथियाँ) के कॉर्टेक्स, यानी बाहरी परत, को सक्रिय करने के लिए है। Adr के नाम वाले रूप भी हैं, जैसे (2) Adr, (4) Adr और (6) Adr। ये एक ही चीज़ की तीन ताक़तें नहीं हैं, बल्कि तीन अलग ट्रीटमेंट हैं, जिनके मक़सद और सावधानियाँ भी अलग हैं।
Swt छाती वाले हिस्से के बीच और निचले भाग में रीढ़ के बग़ल में दिया जाता है, हथेलियों को उनके किनारे पर खड़ा करके। यह एड्रिनल ग्रंथि के मेडुला, यानी अंदर के हिस्से, और पसीने की ग्रंथियों को सक्रिय करने के लिए है। इसे दोनों तरफ़ के लिए, या Left Swt या Right Swt के रूप में लिखा जा सकता है, और हर लिखा रूप अलग तरह से दिया जाता है। हाथों की सही बनावट और दिशा कोर्स में हाथों-हाथ सिखाई जाती है।
इन नामों के साथ एक ईमानदार बात भी है। एड्रिनल ग्रंथियाँ गहराई में, पेट के पिछले हिस्से में, हथेलियों की जगह से काफ़ी नीचे होती हैं। हाथ असल में पीठ की मांसपेशियों, नसों और ऊतकों पर काम करता है। नाम थेरेपिस्ट को बताता है कि कौन-सा पॉइंट है; यह किसी हॉर्मोन को ठीक करने का वादा नहीं है।
एरो परिवार: पीठ की एक पट्टी, अलग-अलग तरीक़ों से
कई स्ट्रोक रीढ़ के ऊपर या उसके बग़ल में चलते हैं, और ट्रीटमेंट कार्ड पर इन्हें अक्सर लिखने की बजाय छोटे तीर के निशानों से बनाया जाता है। ये चार बातों में अलग हैं: औज़ार (तलवा, अँगूठे का किनारा या दो उँगलियाँ), रास्ता, दिशा, और लिखी संख्या का इस्तेमाल। कार्ड पर तीर का सिरा थेरेपिस्ट के अपने दबाव की दिशा बताता है, रोगी के अंदर किसी बहाव की नहीं।
Back Arrow, जिसे Blood Supply to Lungs भी कहते हैं, तलवे के नरम हिस्से से पीठ के बीच से कंधे और ऊपरी बाँह की ओर हल्की घिसाई है; यह साँस से जुड़ी सभी बीमारियों में दिया जाता है। On the Spine हड्डी के उभारों की पंक्ति के ऊपर चलता है और तब काम आता है जब उनके बीच हल्का ऊँच-नीच हो। Beside the Spine और Round Arrow उभारों के दोनों तरफ़ की नाली पर काम करते हैं, जहाँ से नसें रीढ़ से बाहर निकलती हैं। जब ये तीनों देने हों, तो कार्ड पर बस Three Arrows लिखा जाता है।
Organ Clearance इस परिवार का सबसे कोमल ट्रीटमेंट है: पूरी पीठ पर हल्की हथेली, पेट के बल लेटाकर या कुर्सी पर बिठाकर। इसका नाम यह लग सकता है कि घिसाई से गंदगी बाहर निकाली जा रही है, जो मापा नहीं गया है। जो अच्छी तरह पता है वह सरल है: बड़े हिस्से पर धीमा, हल्का स्पर्श इंसान को शांत और ढीला होने में मदद करता है।
Sudhakar: एक नाम, जिसका तरीक़ा प्रकाशित नहीं है
पीठ का एक और ट्रीटमेंट, Sudhakar, उस रोगी के नाम पर है जिस पर इसे विकसित किया गया था। थेरेपी सिर्फ़ यह बताती है कि यह क्या करता है: पीठ की सभी कशेरुकाओं के आसपास की मांसपेशियों को हिलाकर सही जगह पर लाया जाता है, और यह गर्दन, पीठ और हर तरह के दर्द में फ़ायदेमंद है। इसका कोई औज़ार, रास्ता या दिशा कहीं नहीं दी गई। ईमानदार रास्ता, जो यहाँ अपनाया गया है, उस चुप्पी को वैसे ही छोड़ना है। जिस थेरेपिस्ट को Sudhakar हाथों-हाथ नहीं सिखाया गया, वह उसी हिस्से पर वे ट्रीटमेंट देता है जिनका तरीक़ा दिया गया है, और कार्ड पर वही लिखता है जो सचमुच दिया।
सेक्रम: Ku, Triangle for Piles और S4–S5
इस समूह के आख़िरी ट्रीटमेंट सेक्रम पर दिए जाते हैं, और पेट के बल वाले काम में ये सबसे ज़ोरदार हैं। थेरेपिस्ट पूरे शरीर का वज़न दो कुर्सियों के सहारे हाथों पर रखकर खड़ा होता है, ताकि पैर से उतना ही दबाव जाए जितना बाँहें जाने दें। कुर्सियाँ दबाव की दिशा भी तय करती हैं।
Ku, यानी पुराना कुंडली, रीढ़ के बिल्कुल आख़िरी सिरे पर तलवे से दिया जाता है। इसका सादा रूप, (4) Ku, अल्कली कम करने और स्पास्टिसिटी (कसी, अकड़ी मांसपेशियाँ) व जोड़ों की अकड़न घटाने के लिए है। आधा Ku कई नाम वाले रूपों में आता है, और हर एक अलग ट्रीटमेंट है जिसका अपना मक़सद है: कुछ संक्रमण से लड़ने वाली सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के लिए हैं, और कुछ पीनियल ग्रंथि के लिए, जो दिमाग़ की वह छोटी ग्रंथि है जो नींद का हॉर्मोन मेलाटोनिन बनाती है। पीनियल ग्रंथि वाले रूपों के बारे में थेरेपी ख़ुद लिखती है कि उन पर शोध अभी चल रहा है।
Triangle for Piles सेक्रम पर ऊपर की ओर, सिर की दिशा में काम करता है। बवासीर के अलावा यह गुदा के फ़िशर, फ़िस्टुला और मलाशय के बाहर आने, बच्चों और बुज़ुर्गों में पेशाब पर नियंत्रण, और महिलाओं में गर्भाशय के नीचे खिसकने व बहुत ज़्यादा माहवारी में दिया जाता है। (2) S4–S5 उसी हिस्से पर उल्टी दिशा में काम करता है: यह तब दिया जाता है जब पेशाब रुका हो, हाई ब्लड प्रेशर में, और जब माहवारी का बहाव कम हो। क्योंकि एक कसता है और दूसरा ढीला करता है, इसलिए दोनों की अपनी-अपनी सावधानी है।
हाथ कहाँ तक पहुँचता है, ईमानदारी से
पूरी स्पाइनल कॉर्ड के साथ नसें जोड़ों में निकलती हैं, एक बाईं और एक दाईं: कुल इकतीस जोड़े। हर जोड़ा लगभग तुरंत बँट जाता है। बड़ी शाखा आगे छाती की दीवार, पेट की दीवार और हाथ-पैरों तक जाती है; छोटी शाखा पीछे मुड़कर रीढ़ की गहरी मांसपेशियों और छोटे जोड़ों तक जाती है। इसीलिए रीढ़ के बग़ल वाले स्ट्रोक हड्डी के उभारों पर नहीं, उनकी नाली पर दिए जाते हैं।
थेरेपी अपने पॉइंट्स के नाम उन अंगों पर रखती है जिनकी वह मदद करना चाहती है, पर रोगी को नाम और वादे का फ़र्क़ पता होना चाहिए। Back Arrow यह नहीं बदलता कि दिल फेफड़ों तक ख़ून कैसे पंप करता है; यह मेहनत करती छाती की दीवार को ढीला करता है, इनहेलर के साथ, उसकी जगह कभी नहीं। न्यूरोथेरेपी (LMNT) डॉक्टरी इलाज के साथ-साथ काम करती है।
मुख्य बातें
- पेट के बल हर ट्रीटमेंट में छाती के नीचे डेढ़ तकिया ज़रूरी है, और सिर सीधा रहता है।
- Adr एड्रिनल ग्रंथियों की बाहरी परत के लिए है, Swt अंदर के हिस्से और पसीने की ग्रंथियों के लिए।
- एरो परिवार पीठ की एक पट्टी पर काम करता है; औज़ार, रास्ता और दिशा एक पॉइंट को दूसरे से अलग करते हैं।
- Back Arrow साँस की सभी बीमारियों में दिया जाता है; Organ Clearance पूरी पीठ पर हल्की हथेली है।
- Ku और उसके आधे रूप अलग-अलग मक़सद वाले अलग ट्रीटमेंट हैं, एक ही चीज़ के हल्के या भारी रूप नहीं।
- Triangle for Piles कसता है और (2) S4–S5 ढीला करता है, इसलिए जहाँ एक चाहिए वहाँ दूसरा रोका जाता है।
इस गाइड के विषय
और गहराई से जानिए
ADR
Adr — एड्रिनल ग्रंथि की बाहरी परत का पॉइंट
SWT
Swt — एड्रिनल के अंदरूनी हिस्से और पसीने की ग्रंथियों के लिए
Back Arrow
Back Arrow — साँस की बीमारियों में
Round Arrow
Round Arrow — रीढ़ के दोनों तरफ़ की नाली
Organ Clearance
Organ Clearance — पूरी पीठ पर हल्की हथेली
(4) Ku
(4) Ku — रीढ़ के सिरे पर पुराना कुंडली
Triangle for Piles
Triangle for Piles — सेक्रम पर ऊपर की ओर काम
कमर: पीठ, कूल्हे और साइटिका वाले पैर के ट्रीटमेंट
अगला समूह: कमर के ट्रीटमेंट
रोगी को सही स्थिति में रखना: न्यूरोथेरेपी (LMNT) की चार स्थितियाँ
ट्रीटमेंट के लिए रोगी को कैसे लेटाया जाता है
जब हाथ को रुकना ही चाहिए: न्यूरोथेरेपी (LMNT) में ब्लॉक किए गए पॉइंट और सुरक्षा
कब कोई पॉइंट नहीं देना चाहिए
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
- Ku माहवारी के दिनों में महिलाओं को, और लो ब्लड प्रेशर वाले किसी को नहीं दिया जाता। दोनों बातें सेशन से पहले पूछी जाती हैं। लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप)
- Triangle for Piles उसे नहीं दिया जाता जिसे पेशाब कम आता हो, क्योंकि यह पेशाब रोकने वाली मांसपेशियों को कसता है। पेशाब की तकलीफ़ें
- (2) Adr और (6) Adr दोनों हाई ब्लड प्रेशर में रोके जाते हैं, हर एक अपने कारण से। हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप)
- डायबिटीज़ में Round Arrow सिर्फ़ कमर पर दिया जाता है, पूरी रीढ़ पर नहीं। डायबिटीज़ (मधुमेह / शुगर)
- तकिये का नियम सबके लिए ज़रूरी है, और गर्दन दर्द या सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस में सबसे ज़्यादा। सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस (गर्दन की हड्डियों का घिसना)
- अल्कलोसिस में कभी ATF नहीं, एसिडोसिस में कभी ALTF नहीं। बच्चों को हल्का ट्रीटमेंट दिया जाता है। दो राज्यों को सुधारना: एसिड और अल्कली के फ़ॉर्मूले
- कैंसर में (10) Pan, Thymus, Pit, Lu+Sh, Rt.Ov/Lt.Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते। कैंसर देखभाल: न्यूरोथेरेपी (LMNT) का सहारा
गुरुजी कहते हैं
“इन सभी ट्रीटमेंट में छाती के नीचे डेढ़ तकिया देना न भूलें।”
आम सवाल
दो की जगह 'डेढ़' तकिया क्यों?
क्योंकि नीचे वाले तकिये का सिर्फ़ आधा हिस्सा रोगी के नीचे होता है; बाक़ी आधा बाहर निकला रहता है, और वहीं ठुड्डी टिकती है। दो कहें, तो दोनों छाती के नीचे रख दिए जा सकते हैं, और चेहरे के लिए कुछ नहीं बचता।
मेरी तकलीफ़ पेट में है, तो पीठ पर क्यों दबाते हैं?
क्योंकि पेट को सेवा देने वाली नसें रीढ़ से निकलती हैं, और पीठ ही वह जगह है जहाँ से उन तक बाहर से पहुँचा जा सकता है। थेरेपिस्ट वहाँ काम करता है जहाँ से तार गुज़रते हैं, सिर्फ़ त्वचा पर नहीं।
कूल्हे की हड्डी पर झटका सुरक्षित है?
यह छोटी हरकत है, भारी नहीं। थेरेपिस्ट का वज़न दो कुर्सियों पर होता है, इसलिए इसे ज़रूरत जितना छोटा रखा जा सकता है। आप किसी भी पल, बिना कारण बताए, रुकने को कह सकते हैं।
क्या एड्रिनल पॉइंट मेरे हॉर्मोन ठीक कर देगा?
नाम थेरेपिस्ट को बताता है कि आपके कार्ड पर कौन-सा पॉइंट है; यह कोई वादा नहीं है। ग्रंथि गहराई में है और कोई हाथ वहाँ नहीं पहुँचता। हाथ आपकी पीठ और उसकी नसों पर काम करते हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा लेते रहें।
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Organ Clearance का छोटा हिंदी प्रदर्शन: मरीज़ दो तकियों पर पेट के बल लेटता है, और थेरेपिस्ट खुली हथेलियों से पूरी पीठ पर एक-दूसरे पर चढ़ते स्ट्रोक देता है — पहले ऊपर-नीचे, फिर दाएँ-बाएँ — दोनों दो-दो बार, कोई हिस्सा छोड़े बिना।
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