गर्भावस्था में देखभाल
गर्भावस्था में जी मिचलाना, थकान और कमर दर्द आते हैं, और साथ ही कई ट्रीटमेंट बंद हो जाते हैं। LMNT पद्धति में गर्भवती महिला का इलाज हल्के हाथ से, सिर्फ़ प्रशिक्षित थेरेपिस्ट करता है, और हमेशा उसके डॉक्टर या दाई के इलाज के साथ।

- पूरी गर्भावस्था लगभग 40 हफ़्ते की होती है, जो आख़िरी माहवारी के पहले दिन से गिनी जाती है
- सुबह का जी मिचलाना आम तौर पर 16 से 20 हफ़्ते तक ठीक हो जाता है
- प्री-एक्लेम्पसिया — 20वें हफ़्ते के बाद हाई ब्लड प्रेशर — 3% से 7% गर्भावस्थाओं में होता है
स्रोत: Cleveland Clinic; NHS; MedlinePlus
गर्भावस्था में देखभाल क्या है?
गर्भावस्था वह समय है जब बच्चा गर्भाशय में बढ़ता है — लगभग 40 हफ़्ते, जो लगभग तीन-तीन महीने के तीन हिस्सों में बँटे हैं। माँ के शरीर का लगभग हर तंत्र बदलता है: दिल ज़्यादा काम करता है, ख़ून बढ़ता है, और पाचन व कमर पर अतिरिक्त भार पड़ता है।
गर्भावस्था कोई बीमारी नहीं है, और ज़्यादातर तकलीफ़ें सामान्य होती हैं। पर कुछ बदलाव — हाई ब्लड प्रेशर, बहुत ज़्यादा उल्टी, ख़ून आना — में जल्दी डॉक्टर ज़रूरी है। डॉक्टर या दाई के साथ नियमित जाँच ही सुरक्षित गर्भावस्था की नींव है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- शुरू के महीनों में जी मिचलाना और उल्टी, अक्सर सुबह के समय
- थकान महसूस होना
- स्तनों में दर्द
- बार-बार पेशाब आना
- कमर दर्द
- हल्की साँस फूलना
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
शुरू के महीने
- जी मिचलाना और उल्टी — आम बात है, और आम तौर पर 16 से 20 हफ़्ते तक ठीक हो जाती है
- इतनी ज़्यादा उल्टी कि 24 घंटे तक न खाना टिके, न पानी — इसमें डॉक्टर ज़रूरी हैं
बीच के और आख़िरी महीने
इसका पता कैसे चलता है?
गर्भ का पता एक जाँच से चलता है, और उसके बाद नियमित प्रसव-पूर्व जाँचें होती हैं — NHS में पहली गर्भावस्था में कम से कम 10 बार।
ब्लड प्रेशर और पेशाब
ज़्यादातर मुलाक़ातों में जाँचे जाते हैं। 140/90 या ज़्यादा की रीडिंग, ख़ासकर पेशाब में प्रोटीन के साथ, प्री-एक्लेम्पसिया की ओर इशारा कर सकती है।
ख़ून की जाँच
पहली मुलाक़ात में ब्लड ग्रुप, और लगभग 28 हफ़्ते पर फिर से आयरन (हीमोग्लोबिन)।
अल्ट्रासाउंड
आम तौर पर एक 11 से 14 हफ़्ते पर और एक 18 से 21 हफ़्ते पर — तारीख़ और बच्चे की बढ़त देखने के लिए।
शुगर की जाँच
ज़्यादा जोखिम वाली महिलाओं में 24 से 28 हफ़्ते के बीच गर्भावस्था की डायबिटीज़ की जाँच।
न्यूरोथेरेपिस्ट सबसे पहले पूछता है कि कहीं गर्भ की कोई संभावना तो नहीं, प्रसव-पूर्व कार्ड को लाइन-दर-लाइन पढ़ता है, और कहता है कि कल जो कुछ भी निगला, वह सब दिखाइए। क्या-क्या नहीं दिया जाएगा — यह सूची कुछ भी देने से पहले कार्ड पर लिखी जाती है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से गर्भावस्था में देखभाल
LMNT पद्धति में गर्भावस्था का पहला सवाल यह नहीं कि "क्या दें?", बल्कि यह कि "क्या कभी न दें?" जिस पल गर्भ की संभावना होती है, उसी पल कई ट्रीटमेंट बंद हो जाते हैं। जो बचता है, वह छोटा और हल्का है: जी मिचलाने और उल्टी में मदद, हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद, और उन तकलीफ़ों में सहारा जिनका इलाज डॉक्टर पहले से कर रहे हैं।
इन सबके ऊपर गुरुजी का एक स्थायी नियम है: ऐसा कोई भी ट्रीटमेंट नहीं, जिससे बच्चे को तकलीफ़ हो सकती हो। Thymus देने के बाद बच्चा पेट में ज़ोर-ज़ोर से हिलने-डुलने लगता है — LMNT पद्धति इसे तकलीफ़ का संकेत मानती है, इसलिए गर्भावस्था में Thymus कभी नहीं दिया जाता।
मरीज़ को हमारे इलाज से तुरंत फ़ायदा मिले या न मिले, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखें।
गर्भावस्था में देखभाल का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले बताएँ, पहले जाँच
अगर गर्भ की ज़रा भी संभावना हो, तो थेरेपिस्ट को तुरंत बताएँ। थेरेपिस्ट आपका प्रसव-पूर्व कार्ड पढ़ता है, हर गोली के बारे में पूछता है, और सबसे पहले मना पॉइंट्स की सूची आपके कार्ड पर लिखता है।
जी मिचलाना और उल्टी: Gas Only
LMNT पद्धति जी मिचलाने और उल्टी रोकने के लिए Gas Only देती है, ख़ासकर गर्भवती महिलाओं में। अगर साथ में कमर दर्द हो, तो यह पैरों से नहीं, हाथों से दिया जाता है।
कम हीमोग्लोबिन: लिवर पॉइंट
ख़ून की लाल कोशिकाएँ या हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद के लिए (1) point Liv × 6 treatments दिया जाता है, ख़ासकर गर्भवती महिलाओं में — डॉक्टर के दिए आयरन के साथ।
आरामदायक स्थिति, पेट पर दबाव नहीं
किसी भी महीने में पेट पर गहरा या देर तक टिका दबाव नहीं। लगभग पाँचवें महीने के बाद उसे सीधा पीठ के बल नहीं, थोड़ा बाईं करवट झुकाकर लिटाया जाता है।
डॉक्टर ही मुख्य देखरेख में
हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और फ़ोलिक एसिड की ज़रूरतें डॉक्टर के इलाज के साथ ठीक की जाती हैं। न्यूरोथेरेपी सिर्फ़ सहारा देती है; डॉक्टर की दी हुई कोई दवा बंद नहीं की जाती।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Gas Only
गर्भावस्था में जी मिचलाने और उल्टी के लिए LMNT में दिया जाता है — कमर दुखती हो, तो हाथों से।
खोलें →(1) point Liv × 6 treatments
दिन में छह बार दिया जाने वाला लिवर पॉइंट, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में शरीर की मदद करता है।
खोलें →यह कभी न करें
- इनमें तुरंत अस्पताल जाएँ: किसी भी तरह का ख़ून आना; तेज़ सिरदर्द या धुँधला दिखना; चेहरे या हाथों पर अचानक सूजन; बच्चे का कम हिलना; पानी रिसना; पेट में तेज़ दर्द; या ऐसी उल्टी कि न खाना टिके, न पानी। गर्भावस्था में नया-नया हाई ब्लड प्रेशर दिखे, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
- गर्भावस्था में कभी नहीं: Thymus और Thymus + Chest (इनके बाद बच्चा पेट में ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगता है), Ton 'P', Ton 'T', और झटके वाले तरीक़े — और ऐसा कोई भी ट्रीटमेंट नहीं, जिससे बच्चे को तकलीफ़ हो सकती हो। Th + Ch
- किसी भी महीने में पेट पर गहरा या देर तक टिका दबाव नहीं, सीधी टाँगें उठाने वाला ONS नहीं, और पेट या कूल्हे के पास गहरा दबाव नहीं। लगभग पाँचवें महीने के बाद देर तक सीधा पीठ के बल नहीं। ONS
- गर्भावस्था में या प्रसव के बाद एक पिंडली सूजी, गरम और दर्द वाली हो, तो वह ख़ून का थक्का हो सकता है: उसे न दबाएँ, न रगड़ें — उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। थ्रॉम्बोसिस
- इलाज सिर्फ़ ऐसे प्रशिक्षित थेरेपिस्ट से, जिसे पता हो कि वह गर्भवती है, और उसके डॉक्टर या दाई को बताकर। ख़ुद से इलाज नहीं, और डॉक्टर की सलाह के बिना लंबा उपवास या ज़ोरदार योग-क्रियाएँ नहीं।
- गर्भावस्था में अपने डॉक्टर से पूछे बिना कोई नई दवा न लें — और पहले से दी गई कोई दवा (थायरॉइड, दौरे, आयरन, फ़ोलिक एसिड, ब्लड प्रेशर) उसी डॉक्टर से पूछे बिना कभी बंद न करें।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
डॉ. दिवाकर शुक्ला का प्रैक्टिकल डेमो — गैस में राहत के लिए 1 Gas Only पॉइंट (3, 6, ×3, ×6) कैसे दें।
Gas Only पॉइंट कैसे दिया जाता है — यहाँ ऐसे व्यक्ति पर दिखाया गया है जो गर्भवती नहीं है। गर्भावस्था में यह सिर्फ़ प्रशिक्षित थेरेपिस्ट, हल्के हाथ से देता है — कमर दुखती हो तो हाथों से — और पेट पर कभी गहरा दबाव नहीं।
अभ्यास से
गर्भवती अध्यापिका, जिसने आधी-अधूरी सुनी बात पर एक गोली बंद कर दी
सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं
29 साल · गर्भ का पाँचवाँ महीना · न रुकने वाली उल्टी, कमर दर्द, बिल्कुल ताक़त नहीं
- क्या मिला
- उसके प्रसव-पूर्व कार्ड में गर्भ से पहले पकड़ी गई थायरॉइड की तकलीफ़ और रोज़ की एक गोली लिखी थी। उल्टी के लिए उसे Gas Only दिया गया — कमर दर्द के कारण हाथों से — और मना पॉइंट्स की सूची पहले ही कार्ड पर लिख दी गई।
- क्या किया गया
- चार दिन में उल्टी कम हो गई, पर वह और सुस्त, ठंडी और फूली-सी होती गई। पिछले दिन जो कुछ निगला, उसकी सूची बनवाने पर थायरॉइड की गोली उसमें थी ही नहीं: एक पड़ोसन ने गर्भावस्था में गोलियों वाला नियम आधा-अधूरा सुना दिया था। उसे उसी हफ़्ते डॉक्टर के पास वापस भेजा गया और गोली फिर शुरू हुई।
- इससे सीख
- दोनों बातें परिवार के सामने कहें: डॉक्टर से पूछे बिना कोई नई दवा नहीं, और डॉक्टर से पूछे बिना कोई दवा बंद नहीं। गोली फिर शुरू होने के बाद उसकी थकान उतरी — थेरेपिस्ट ने कार्ड पर लिखा "गोली से, हमसे नहीं"। उसका प्रसव समय पर हुआ।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
सामान्य गर्भावस्था में प्लाज़्मा लगभग 50% बढ़ता है, लाल कोशिकाओं से ज़्यादा, इसलिए पतला होने से हीमोग्लोबिन थोड़ा घटता है। पूरे समय दिल और ख़ून का संचार ज़्यादा मेहनत करते हैं।
- मज़बूत प्रमाण
गर्भ से पहले और शुरुआती गर्भावस्था में लिया गया फ़ोलिक एसिड बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोषों (जैसे स्पाइना बिफ़िडा) का ख़तरा साफ़ तौर पर घटाता है — इसीलिए इसे माहवारी रुकने के बाद नहीं, पहले से शुरू करना ज़रूरी है।
गर्भावस्था में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
गर्भ की योजना बना रही महिलाएँ
गर्भ ठहरने से पहले ही रोज़ फ़ोलिक एसिड शुरू करें, बाद में नहीं — और अगर आपको डायबिटीज़ है, दौरे की दवा लेती हैं, या पहले किसी बच्चे को रीढ़ का दोष था, तो ज़्यादा ख़ुराक के बारे में डॉक्टर से पूछें।
होने वाली माँ
हर प्रसव-पूर्व जाँच करवाती रहें। थेरेपिस्ट को बताएँ कि आप गर्भवती हैं, और डॉक्टर को बताएँ कि आप न्यूरोथेरेपी ले रही हैं।
परिवार
गर्भावस्था में इलाज प्रशिक्षित थेरेपिस्ट पर छोड़ें। आप यह कर सकते हैं: ध्यान रखें कि वह दिन भर पानी पिए, आराम करे, और डॉक्टर की दी हुई हर गोली ले।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।