माहवारी की तकलीफ़ें (अनियमित, ज़्यादा या दर्द वाली माहवारी और PMS)
माहवारी की तकलीफ़ों में शामिल हैं — माहवारी का बहुत जल्दी, बहुत देर से या बिल्कुल न आना, बहाव का बहुत ज़्यादा या बहुत कम होना, दर्द भरी ऐंठन, और माहवारी से पहले के दिनों में PMS का भारीपन और मन का बदलना।

- एक चक्र आम तौर पर लगभग 28 दिन का होता है — 21 दिन से कम या 35 दिन से ज़्यादा का अंतर अनियमित माना जाता है
- माहवारी आम तौर पर 3 से 7 दिन चलती है; 7 दिन से ज़्यादा ख़ून आना, या हर 1–2 घंटे में नया पैड बदलना, ज़्यादा बहाव है
- PMS आम तौर पर माहवारी से 1–2 हफ़्ते पहले शुरू होता है और माहवारी शुरू होते ही चला जाता है
स्रोत: MedlinePlus; NHS (UK); Mayo Clinic
माहवारी की तकलीफ़ें क्या है?
हर महीने अंडाशय के दो हार्मोन, ईस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन, गर्भाशय के अंदर एक नरम परत बनाते हैं। अगर गर्भ नहीं ठहरता, तो हार्मोन घट जाते हैं और यह परत निकल जाती है — यही माहवारी है। ज़्यादातर लड़कियों की माहवारी 9 से 15 साल की उम्र के बीच शुरू होती है।
तकलीफ़ समय में हो सकती है (बहुत जल्दी, बहुत देर से, छूट जाना), मात्रा में (बहुत ज़्यादा, बहुत लंबी, बहुत कम), या एहसास में (ऐंठन, या PMS — पहले के दिनों में स्तनों में भारीपन, पेट फूलना, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन)। ऐंठन इसलिए होती है क्योंकि परत को बाहर धकेलने के लिए गर्भाशय सिकुड़ता है — और यह सिकुड़न प्रोस्टाग्लैंडिन नाम के हार्मोन जैसे पदार्थों से होती है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- ज़्यादा बहाव — हर 1–2 घंटे में पैड बदलना, लगभग 2.5 सेमी से बड़े थक्के, या 7 दिन से ज़्यादा ख़ून आना
- माहवारी का बहुत जल्दी आना, बहुत देर से आना, या बिल्कुल न आना
- बहुत कम बहाव, या सिर्फ़ एक-दो दिन ख़ून आना
- पेट के निचले हिस्से में ऐंठन वाला दर्द, जो कमर और जाँघों तक फैल सकता है
- माहवारी से पहले: स्तनों में भारीपन, पेट फूलना, सिरदर्द, मन का बदलना या चिड़चिड़ापन (PMS)
- बहुत ख़ून जाने पर थकान, चक्कर या साँस फूलना
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
हार्मोन और उम्र के पड़ाव
गर्भाशय के अंदर
- फ़ाइब्रॉइड — गर्भाशय में बिना कैंसर वाली गाँठें
- एंडोमेट्रियोसिस और एडिनोमायोसिस — गर्भाशय की परत जैसा ऊतक, जो ग़लत जगह बढ़ने लगता है
ख़ून और उसका जमना
- ख़ून के ऐसे रोग, जिनमें ख़ून ठीक से नहीं जमता
- ख़ून पतला करने वाली दवाएँ
रोज़ की ज़िंदगी
- तनाव और चिंता
- बहुत ज़्यादा वज़न घटना या बढ़ना
- बहुत ज़्यादा कसरत
इसका पता कैसे चलता है?
ज़्यादातर माहवारी की तकलीफ़ों का पता साफ़ जानकारी से चलता है — हर माहवारी कब शुरू हुई, कितने दिन चली और कितनी ज़्यादा थी — और कुछ आसान जाँचों से। ज़रूरत हो तो डॉक्टर जाँच करके अंदर देख सकते हैं।
माहवारी की डायरी
शुरू होने की तारीख़, कितने दिन, कितने पैड और दर्द — दो-तीन चक्रों तक लिखा हुआ। यह सबसे काम का रिकॉर्ड है जो आप ला सकती हैं।
ख़ून की जाँच
बहाव ज़्यादा हो तो हीमोग्लोबिन और आयरन; माहवारी अनियमित हो तो थायरॉइड और दूसरे हार्मोन; माहवारी छूट जाए तो प्रेगनेंसी टेस्ट।
पेट के निचले हिस्से का अल्ट्रासाउंड
गर्भाशय और अंडाशय दिखाता है — फ़ाइब्रॉइड, सिस्ट या मोटी परत।
स्त्री-रोग विशेषज्ञ की जाँच
दो माहवारी के बीच, संबंध के बाद या मेनोपॉज़ के बाद ख़ून आए, या बदबूदार, रंगीन या ख़ून मिला स्राव हो — तो ज़रूरी है।
न्यूरोथेरेपिस्ट अकेले में पूछता है — जहाँ हो सके, कोई महिला पूछती है — "आपकी पिछली माहवारी कब शुरू हुई थी, और कितने दिन चली?" Liv° और Mu° पॉइंट जाँचे जाते हैं, और हीमोग्लोबिन, थायरॉइड रिपोर्ट और कोई अल्ट्रासाउंड हो तो पढ़े जाते हैं।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से माहवारी की तकलीफ़ें
LMNT पद्धति में महिला के चक्र को एक संतुलन की रिपोर्ट की तरह पढ़ा जाता है। ज़्यादा बहाव, या पाँच-छह दिन या उससे ज़्यादा ख़ून आना, एसिडोसिस का मुख्य संकेत माना जाता है। बहुत कम बहाव, या सिर्फ़ एक-दो दिन ख़ून आना, एल्कलोसिस का मुख्य संकेत है। तारीख़ से पहले माहवारी आना, या ज़्यादा बहाव, बताता है कि थायरॉइड कम काम कर रही है। दर्द या थक्के, और माहवारी से पहले स्तनों का भारीपन — हर एक का अपना ट्रीटमेंट है।
यह एक पढ़त है, फ़ैसला नहीं: इससे ट्रीटमेंट चुनने में मदद मिलती है, पर यह नहीं बताती कि उस महिला के गर्भाशय के अंदर क्या हो रहा है — बदला हुआ बहाव फिर भी किसी ऐसे व्यक्ति को दिखाना है जो जाँच कर सके। और ज़्यादा और कम एक ही तराज़ू के दो पलड़े हैं, इसलिए ट्रीटमेंट भी उलटे होते हैं।
हम किसी एक बीमारी का इलाज नहीं करते; हम उस दिन शरीर की हालत के अनुसार इलाज करते हैं।
माहवारी की तकलीफ़ें का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
थेरेपिस्ट Liv° और Mu° पॉइंट की तुलना करता है — Mu° पर ज़्यादा दर्द एसिडोसिस की ओर, Liv° पर ज़्यादा दर्द एल्कलोसिस की ओर इशारा करता है — और पिछली कुछ माहवारी की तारीख़ें, हीमोग्लोबिन और थायरॉइड रिपोर्ट माँगता है।
वे चार दिन
माहवारी के चार दिनों में किसी भी दूसरी तकलीफ़ का ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता — न घुटना, न कमर, न पहले से चल रहा कोर्स। पर इन चार तकलीफ़ों के लिए महिला माहवारी में भी आ सकती है: बहुत ज़्यादा बहाव, न रुकने वाला बहाव, बहुत कम बहाव, और दर्द या थक्के।
ज़्यादा बहाव, या न रुकने वाला बहाव
(4) Para दिया जाता है — LMNT पद्धति बताती है कि ऐसी महिलाओं को जल्दी फ़ायदा होता है। साथ में ऐंठन हो, तो 1,25 DCC फ़ॉर्मूला जोड़ा जाता है। (1) या (2) Acid और Triangle for piles भी दिए गए हैं। घर पर: रोज़ कम से कम पौन लीटर गुनगुना दूध — इससे ज़्यादा गरम कभी नहीं, क्योंकि गरम से ख़ून और बढ़ सकता है — और रात भर दूध में भिगोया छुहारा, सुबह उसी दूध में उबालकर।
कम, देर से या छूटी हुई माहवारी
बहुत कम बहाव के लिए ALTF (पहले बिना पचे खाने वाला सवाल हल करके) और बहाव बढ़ाने के लिए (2) S4, S5। माहवारी न आए, या चक्र की दूसरी गड़बड़ी हो: (4) Thrd 'P', और फिर ज़रूरत के हिसाब से (6) Rt. Ov. या (6) Lt. Ov. — इसी क्रम में। Rt. Ov. प्रोजेस्टेरोन को जगाकर माहवारी लाता है।
दर्द, थक्के और PMS
दर्द या थक्कों के लिए: G. Heparin — बताया गया सुधार अगले ही चक्र से; P. Heparin — जिसके बाद बताया गया है कि अगली माहवारी में थक्के नहीं आते; और WD। PMS के लिए — माहवारी से पहले स्तनों में भारीपन — (30) Medulla, जिसमें एक-दो ट्रीटमेंट के बाद भारीपन कम होना बताया गया है।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
(4) Para
पैराथायरॉइड और ख़ून के कैल्शियम के ज़रिए काम करता है — ज़्यादा माहवारी के बहाव में पहली पसंद।
खोलें →1,25 DCC (आम रूप)
कैल्शियम सोखने की शरीर की अपनी कड़ी को सहारा देता है — जब ज़्यादा बहाव के साथ ऐंठन हो, तब जोड़ा जाता है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →G. Heparin ('glandins)
माहवारी में दर्द और थक्कों के लिए — बहाव ज़्यादा हो तब कभी नहीं, और दिल की बीमारी में कभी नहीं।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →P. Heparin (प्लाज़्मिन)
Heparin परिवार का मूल फ़ॉर्मूला — माहवारी के थक्कों के लिए, बहाव ज़्यादा हो तब कभी नहीं।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →(30) Medulla
LMNT पद्धति में शरीर के प्रोस्टाग्लैंडिन से जुड़ा — PMS और माहवारी के दर्द के लिए; दिल के रोगियों के लिए नहीं।
खोलें →यह कभी न करें
- माहवारी के चार दिनों में किसी दूसरी तकलीफ़ का ट्रीटमेंट नहीं। उस समय सिर्फ़ बहुत ज़्यादा बहाव, न रुकने वाला बहाव, बहुत कम बहाव, या दर्द और थक्कों का ट्रीटमेंट होता है। माहवारी
- जब बहाव ज़्यादा हो, तो कोई भी Heparin फ़ॉर्मूला नहीं दिया जाता — P., A., G., J., M., T., TT., X., PT., F., Anti-F. या Multi Heparin — क्योंकि heparin ख़ून को जमने नहीं देता और बहाव बढ़ जाएगा। पहले से चल रहा कोर्स रुकता है और माहवारी के बाद फिर शुरू होता है। P. Heparin (प्लाज़्मिन)
- माहवारी में, या कम BP में, Ku नहीं दिया जाता। दिल की बीमारी में (30) Medulla और G. Heparin नहीं। कम पेशाब वालों को Triangle for piles नहीं, और ज़्यादा पेशाब वालों को (2) S4, S5 नहीं। बहुत ज़्यादा माहवारी के बाद चक्कर (BP का अचानक गिरना) आए, तो Angiotensin No. 2 फ़ॉर्मूला दिया जाता है, (2) Para नहीं। Angiotensin No. 2
- अंडाशय के पॉइंट (Rt. Ov., Lt. Ov.) किशोर उम्र में नहीं दिए जाते, और जहाँ हड्डी बनाने वाली कोशिकाएँ ज़्यादा सक्रिय हों वहाँ (4) Thrd 'P' नहीं। अगर गर्भ ठहरा हो सकता है, तो पेट के निचले हिस्से पर गहरा या देर तक टिका दबाव नहीं — न कॉपर-टी लगी हो तब, न किसी जानी हुई सिस्ट या गाँठ में, न दुखते पेडू में, न हाल के ऑपरेशन या इन्फ़ेक्शन में। गर्भावस्था
- तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ: बहुत ज़्यादा ख़ून के साथ चक्कर या बेहोशी, मेनोपॉज़ के बाद किसी भी तरह का ख़ून, दो माहवारी के बीच या संबंध के बाद ख़ून, या पेट के निचले हिस्से में एक तरफ़ अचानक तेज़ दर्द के साथ बेहोशी जैसा लगना — यह गर्भाशय के बाहर ठहरा गर्भ (एक्टोपिक) हो सकता है और इसमें इमरजेंसी मदद चाहिए।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
जल्दी आने वाली माहवारी के एक ट्रीटमेंट का हिंदी में क़दम-दर-क़दम प्रदर्शन: (4) Spl, (4) Mu, (4) Lt. Ov., (4) Mu° और (2) Acid — हर पॉइंट कहाँ है और दबाव की गिनती कैसे होती है।
यह पॉइंट-सेट LMNT पद्धति वाला नहीं है — LMNT पद्धति जल्दी माहवारी को कम काम करती थायरॉइड से, और ज़्यादा बहाव को एसिडोसिस से जोड़ती है। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
देर से आने वाली माहवारी के दो ट्रीटमेंट का हिंदी प्रदर्शन: पहले (6) Medulla, (4) Thrd 'P' और (6) Lt. Ov.; फिर P. Heparin — (8) Pan, (7) Liv और (8) Ch. Only।
LMNT पद्धति (4) Thrd 'P' के बाद (6) Rt. Ov. या (6) Lt. Ov. देती है, और देर से आती माहवारी लाने के लिए Rt. Ov. (प्रोजेस्टेरोन) बताती है। बहाव ज़्यादा हो तब कोई Heparin फ़ॉर्मूला कभी नहीं दिया जाता।
ईस्ट्रोजन फ़ॉर्मूले का प्रदर्शन: (½) Ku 40 सेकंड, (6) Medulla, (4) Thrd 'P', (4) Thrd और (6) Lt. Ov.।
Ku माहवारी के दौरान या कम BP में नहीं दिया जाता; अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
बाईं तरफ़ महसूस होने वाले माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: गर्दन के पीछे (30) Medulla, फिर कलाई-कोहनी के बीच (6) Lt. Ov., और Thymus + Chest।
(30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं दिया जाता। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
दाईं तरफ़ महसूस होने वाले माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: (30) Medulla, फिर कलाई-कोहनी के बीच (6) Rt. Ov., और Thymus + Chest।
(30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं दिया जाता। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
जहाँ फ़ाइब्रॉइड हो, वहाँ माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: (30) Medulla, फिर दोनों बाँहों पर (3) WD, और Thymus + Chest।
फ़ाइब्रॉइड पर डॉक्टर की नज़र ज़रूरी है। (30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं; Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं; WD कैंसर में नहीं।
Angiotensin No. 2 फ़ॉर्मूले का प्रदर्शन — (7) Liv, (7) Mu° और (6) Lu + Sh — माहवारी में बहुत ज़्यादा ख़ून जाने के बाद अचानक गिरे BP के लिए।
यह वीडियो Para पॉइंट समझाता है — (2) Para और (4) Para में क्या फ़र्क है, कैल्शियम की कमी, हड्डियों के दर्द और BP के संदर्भ में।
@neurotherapylife के हिंदी प्रशिक्षण प्रदर्शन। कुछ वीडियो में पॉइंट इस पेज पर दी गई LMNT पद्धति से अलग हैं — हर वीडियो के नीचे का नोट पढ़ें, और याद रखें कि माहवारी के चार दिनों में दूसरी तकलीफ़ों का ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता।
अभ्यास से
वह महिला जिसे ग्यारह दिन ख़ून आता था — और एक ट्रीटमेंट जो उसे बढ़ा रहा था
सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं
41 साल · रात में हाथ सुन्न होना और ग्यारह दिन चलने वाली माहवारी
- क्या मिला
- दूसरे सेंटर ने उसके हाथों के लिए Heparin कोर्स दिया था, जिससे हाथों को फ़ायदा हुआ — और वह माहवारी के दौरान भी उसे लेती रही, क्योंकि किसी ने रुकने को नहीं कहा था। पीली पलकें और नाख़ून, खड़े होने पर चक्कर, Mu° और Acid पर तेज़ दर्द, Liv° पर नहीं। हीमोग्लोबिन 7.8 आया; उसी हफ़्ते उसे डॉक्टर के पास भेजा गया और साथ-साथ इलाज चला, और डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड में फ़ाइब्रॉइड मिला, जो उसे साफ़-साफ़ बताया गया।
- क्या किया गया
- सिर्फ़ दो बदलाव। Heparin कोर्स अब बहाव शुरू होते ही रुकता और ख़त्म होने पर फिर शुरू होता — यह उसके कार्ड पर एक लाइन में लिखा गया। माहवारी के दौरान उसे (4) Para दिया गया, ऐंठन के लिए 1,25 DCC फ़ॉर्मूले के साथ, और घर पर गुनगुना दूध और भिगोए छुहारे। अगली माहवारी नौ दिन, फिर छह, फिर पाँच दिन चली, और तीसरी तक चक्कर आना बंद हो गया; उसका हीमोग्लोबिन, जिसे उसके डॉक्टर देखते रहे, चार महीनों में बढ़ा।
- इससे सीख
- पाँचवें महीने में उसकी माहवारी छूट गई और उसने कुछ नहीं बताया, यह सोचकर कि ट्रीटमेंट असर कर रहा है। पिछली तीन माहवारी की तारीख़ें पूछने पर अंतर दिख गया; उसे जाँच के लिए भेजा गया, और पता चला कि कुछ करने की ज़रूरत नहीं थी। कम होना भी उतनी ही बड़ी बात है जितना ज़्यादा होना — और चलता हुआ कोर्स ज़्यादा माहवारी के बीच कभी नहीं चलता।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
माहवारी के दर्द पर एक बड़ी समीक्षा: बिना किसी दूसरी बीमारी वाली दर्द भरी माहवारी में गर्भाशय ज़्यादा प्रोस्टाग्लैंडिन बनाता है, जिससे उसकी मांसपेशी ज़ोर से सिकुड़ती है और उसकी अपनी ख़ून की सप्लाई घट जाती है — ऐंठन वाला दर्द यहीं से आता है।
Dawood MY. Primary dysmenorrhea: advances in pathogenesis and management. Obstet Gynecol. 2006.
माहवारी की तकलीफ़ों में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
किशोर लड़कियाँ
पहले कुछ सालों में माहवारी अक्सर अनियमित रहती है। LMNT पद्धति में किशोर उम्र में अंडाशय के पॉइंट नहीं दिए जाते। किसी भी उम्र में बहुत ज़्यादा ख़ून आए, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
ज़्यादा माहवारी वाली महिलाएँ
हीमोग्लोबिन की जाँच करवाएँ। जिस थकान को घरवाले आलस कहते हैं, वह ख़ून की कमी हो सकती है। अगर कोई Heparin कोर्स चल रहा है, तो ज़्यादा ख़ून आने के दौरान वह रुकता है।
मेनोपॉज़ के पास या बाद की महिलाएँ
मेनोपॉज़ से पहले के सालों में चक्र अक्सर बदलता है। पर माहवारी बंद होने के बाद किसी भी तरह का ख़ून आए, तो किसी भी दूसरे ट्रीटमेंट से पहले डॉक्टर से जाँच ज़रूरी है।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।