बेल्स पाल्सी (चेहरे का लकवा)
बेल्स पाल्सी में चेहरे का एक हिस्सा अचानक कमज़ोर पड़ जाता है। चेहरे को हिलाने वाली नस सूज जाती है और कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देती है। ज़्यादातर लोग कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों में ठीक होने लगते हैं — पर लटके हुए चेहरे में सबसे पहले स्ट्रोक की जाँच ज़रूरी है।

- लगभग 60 में से 1 व्यक्ति को ज़िंदगी में कभी न कभी बेल्स पाल्सी होता है
- 15 से 60 साल की उम्र में सबसे आम; औसत उम्र लगभग 40 साल
- 10 में से 8 तक लोग तीन महीने के अंदर पूरी तरह ठीक हो जाते हैं
स्रोत: Cleveland Clinic; MedlinePlus; NHS; StatPearls (Hohman, Warner & Varacallo, 2024)
बेल्स पाल्सी क्या है?
चेहरे की नस — दिमाग़ से निकलने वाली बारह नसों में सातवीं — चेहरे के एक तरफ़ की मांसपेशियों को चलाती है। बाहर आते हुए यह कान के पीछे हड्डी की एक बहुत पतली नली से होकर गुज़रती है।
बेल्स पाल्सी में यह नस सूज जाती है, अक्सर किसी वायरस के बाद — जैसे होंठ पर छाले करने वाला वायरस। तंग नली के अंदर सूजन नस और उसकी ख़ून की सप्लाई को दबा देती है, और उसके संदेश रुक जाते हैं। इसलिए चेहरे का पूरा एक हिस्सा कमज़ोर हो जाता है — माथा, पलक और मुँह, तीनों एक साथ। यह आम तौर पर कुछ घंटों से दो-तीन दिन में होता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- चेहरे का एक हिस्सा लटक जाना — भौंह, पलक और मुँह का कोना
- उस तरफ़ की आँख पूरी बंद न होना, और आँख सूखी रहना या लगातार पानी आना
- लार टपकना, और मुँह के एक कोने से खाना या पानी निकल जाना
- उस तरफ़ मुस्कुरा न पाना, सीटी न बजा पाना या माथे पर शिकन न आना
- कान के पीछे दर्द, अक्सर कमज़ोरी से एक-दो दिन पहले
- कुछ लोगों में स्वाद चला जाना, या कान में आवाज़ गूँजना
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
वायरस
- होंठ पर छाले करने वाला वायरस (हर्पीस सिम्प्लेक्स) — सबसे संभावित वजह
- चिकनपॉक्स और दाद (शिंगल्स) का वायरस, और दूसरे वायरल इन्फ़ेक्शन
किसे ज़्यादा ख़तरा
- डायबिटीज़
- गर्भावस्था, और गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर
- हाई ब्लड प्रेशर और बहुत ज़्यादा वज़न
- पहले कभी बेल्स पाल्सी हो चुका हो
दूसरे कारण, जिन्हें डॉक्टर अलग करते हैं
- स्ट्रोक — जिसे अलग करना सबसे ज़रूरी है
- बीच के कान का इन्फ़ेक्शन, लाइम रोग, या कभी-कभार नस को दबाती कोई गाँठ
इसका पता कैसे चलता है?
बेल्स पाल्सी की पहचान आम तौर पर चेहरे की जाँच से होती है — पर तभी, जब डॉक्टर स्ट्रोक और दूसरे कारणों को अलग कर चुके हों। कोई एक जाँच नहीं है जो इसे साबित करे।
चेहरे और नसों की जाँच
भौंहें उठाना, आँखें कसकर बंद करना, मुस्कुराना और गाल फुलाना — इनसे पता चलता है कि कौन-सी मांसपेशियाँ कमज़ोर हैं। बाँहें, पैर और बोली भी जाँचे जाते हैं।
ख़ून की जाँच
डायबिटीज़ या किसी इन्फ़ेक्शन जैसे कारण को देखने के लिए।
नसों की जाँच (EMG, नर्व कंडक्शन)
दिखाती हैं कि नस पर कितना असर हुआ है, और ठीक होने का अंदाज़ा लगाने में मदद करती हैं।
CT या MRI स्कैन
तब किए जाते हैं जब स्ट्रोक, गाँठ या किसी दूसरे कारण का शक हो, या जब चेहरा ठीक होना शुरू न हो।
न्यूरोथेरेपिस्ट चेहरे से शुरू नहीं करता। पहले बीस सेकंड की जाँच: दोनों भौंहें उठाइए, दोनों आँखें कसकर बंद कीजिए, आँखें बंद रखकर दोनों बाँहें आगे फैलाइए और दस तक गिनिए। यह कब शुरू हुआ, क्या डॉक्टर ने देखा है, क्या आँख बंद होती है, क्या ड्रॉप या मरहम लग रहा है? इसके बाद ही Liv°, Mu° और नाभि के आसपास के पॉइंट देखे जाते हैं।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से बेल्स पाल्सी
LMNT में इसी तकलीफ़ के नाम पर एक ट्रीटमेंट है: Bell's Palsy पॉइंट, जिसे Facial पॉइंट भी कहते हैं। गुरुजी की शिक्षा इसे उस व्यक्ति के लिए बताती है जिसका मुँह एक तरफ़ मुड़ गया है, जो ठीक से मुस्कुरा नहीं पाता या आँख पूरी बंद नहीं कर पाता, और कहती है कि ऐसे मरीज़ों को इससे बहुत फ़ायदा होता है। इसके साथ LMNT (7) Medulla देती है — इसकी पद्धति में सिर की बारह नसों में से हर नस तक उसी नंबर के Medulla से पहुँचा जाता है, और सातवीं नस चेहरे की नस है।
LMNT इस बारे में ईमानदार है कि हाथ कहाँ तक पहुँचते हैं। चेहरा शरीर की अकेली जगह है जहाँ मांसपेशियाँ त्वचा में जुड़ी होती हैं, इसलिए त्वचा को खींचने से असली मांसपेशियों पर काम होता है। पर यह हड्डी की नली में सूजी नस तक पहुँचता है या नहीं, यह अभी साबित नहीं हुआ है। इसीलिए यह डॉक्टर के इलाज के साथ दिया जाता है, उसकी जगह कभी नहीं।
मरीज़ को हमारे इलाज से तुरंत फ़ायदा मिले या न मिले, पर हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखें।
बेल्स पाल्सी का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच-पड़ताल, फिर परीक्षण
चेहरे के पास हाथ ले जाने से पहले माथा, आँखें, बाँहें और बोली जाँची जाती हैं, और जिस समय चेहरा बदला वह कार्ड पर लिखा जाता है। फिर Liv°, Mu° और नाभि के पॉइंट — उनसे जो पाचन का काम निकलता है, वह चेहरे के काम के साथ-साथ चलता है।
(15) Medulla, फिर (7) Medulla
सिर की किसी भी नस के लिए Medulla देने से पहले हमेशा (15) Medulla दिया जाता है। फिर (7) Medulla — कानों के पीछे गर्दन के किनारे पर अंगूठे से नरम, नीचे की ओर स्ट्रोक — तीन बार, हर राउंड के बीच डेढ़ मिनट का अंतर।
Facial पॉइंट — ठीक चलने वाली तरफ़ से
बैठी हालत में। दोनों अंगूठों के नरम हिस्से, एक के पीछे एक, ऊतक को हल्के से अंदर दबाते हैं और बिना खरोंचे आगे खींचते हैं, कोई जगह ख़ाली नहीं छोड़ते — उस तरफ़ से शुरू करके जो ठीक से खुलती है, कमज़ोर तरफ़ तक, और आख़िर में ऊपर की ओर बालों के पीछे तक। दिशा कार्ड पर एक निशान से लिखी जाती है, ताकि हर थेरेपिस्ट एक ही दिशा में काम करे।
M. Heparin फ़ॉर्मूला
(6) Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला। LMNT पद्धति इसके मुख्य उपयोगों में बेल्स पाल्सी — मुँह का एक तरफ़ टेढ़ा हो जाना — गिनती है।
Thymus — सिर्फ़ तब, जब इसकी इजाज़त हो
Thymus शरीर की अपनी रोग-प्रतिरोधक ताक़त बढ़ाने के लिए दिया जाता है, और LMNT इसे बेल्स पाल्सी के लिए बताती है। पर इसकी रोक वाली सूची सबसे लंबी है — इसलिए पहले उस सूची से मिलान होता है (नीचे सावधानियाँ देखें)।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Bell's Palsy
Facial पॉइंट — चेहरे के ऊतक को ठीक चलने वाली तरफ़ से कमज़ोर तरफ़ तक धीरे, बराबर खींचना, बालों के पीछे जाकर ख़त्म; चेहरे की मांसपेशियों की मदद करता है।
खोलें →Medulla
(7) Medulla — Medulla की वह गिनती जो LMNT सातवीं नस, यानी चेहरे की नस, के लिए देती है; हमेशा (15) Medulla के बाद, तीन बार।
खोलें →M. Heparin (Medulla)
Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला — LMNT इसके उपयोगों में बेल्स पाल्सी गिनती है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- लटका हुआ चेहरा तब तक स्ट्रोक माना जाता है जब तक उलटा साबित न हो। अगर साथ में बाँह या पैर में कमज़ोरी, अटकती बोली, अचानक उलझन या नज़र जाना हो — FAST: तुरंत 108 / 112 पर फ़ोन करें। कुछ भी नहीं दिया जाता। स्ट्रोक, या थोड़ी देर की कमज़ोरी, सुन्नपन या आँखों की रोशनी जाना
- चेहरे की हर नई कमज़ोरी उसी दिन डॉक्टर को दिखाई जाती है, न्यूरोथेरेपी से पहले — डॉक्टर का इलाज जल्दी शुरू हो तो सबसे अच्छा काम करता है। कान में या कान के पीछे तेज़ दर्द, कान या मुँह में छाले, या बुख़ार हो तो भी तुरंत जाएँ।
- जो आँख बंद नहीं होती, वह सूख जाती है, और सूखी आँख में घाव और निशान बन सकते हैं। डॉक्टर के बताए ड्रॉप, मरहम और रात में टेप या पट्टी लगाएँ। आँख लाल हो, दर्द हो या धुंधला दिखे, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। आँखें
- Thymus गर्भावस्था, पोलियो, सूजन वाली बीमारियों, दिल की बीमारी, डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, ऑटोइम्यून बीमारियों या किडनी की बीमारी में कभी नहीं दिया जाता। M. Heparin का (6) Medulla 13–20 साल के उन बच्चों को नहीं दिया जाता जिनका क़द बढ़ाने का ट्रीटमेंट चल रहा है; शंट लगा हो तो गर्दन पर कम दबाव; गर्दन के आगे वाले हिस्से पर कभी नहीं। Th. Only
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
M. Heparin फ़ॉर्मूले का डेमो — Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला ((6) Medulla, (8) Pan, (7) Liv, (8) Chest Only) — जो गर्दन-कंधे के दर्द और बार-बार होने वाले सिरदर्द में दिया जाता है।
M. Heparin कैसे दिया जाता है — उन फ़ॉर्मूलों में से एक जिन्हें LMNT बेल्स पाल्सी के लिए बताती है।
अभ्यास से
वह टीचर जिसका चेहरा लटक गया, और जो बात उसने नहीं बताई
सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं
52 साल · ग्यारह हफ़्ते पहले चेहरे का दायाँ हिस्सा लटक गया था; डॉक्टर ने दो हफ़्ते की गोलियाँ दी थीं
- क्या मिला
- दाईं तरफ़ वह न माथे पर शिकन ला पाती थी, न आँख बंद कर पाती थी, न बराबर मुस्कुरा पाती थी, न सीटी बजा पाती थी — फिर भी गाल पर हल्का स्पर्श बिल्कुल ठीक महसूस होता था। चेहरा ठीक से हिल नहीं रहा था, पर महसूस ठीक कर रहा था: यानी सातवीं नस। उसके स्कैन ने बताया कि गड़बड़ी नस में है, दिमाग़ में नहीं। Gal, Pan, Liv° और Mu° में दर्द था, और दोनों हाथों की अनामिका उँगलियाँ दुखती थीं।
- क्या किया गया
- (15) Medulla, फिर तीन बार (7) Medulla, और साथ में वह पाचन का काम जो उसकी नाभि की जाँच ने बताया। पहले हफ़्ते में नींद में आँख बंद होने लगी और रात का टेप हट गया। तीसरे हफ़्ते तक माथे पर हल्की शिकन लौट आई; चौथे हफ़्ते में एक पतली-सी सीटी। फिर सुधार रुक गया।
- इससे सीख
- एक लंबा फ़ॉर्मूला जोड़ा गया, और उसके रोग-प्रतिरोधक हिस्सों से दो दिन में उसकी उँगलियाँ और कलाइयाँ और बिगड़ गईं। घर की हर दवा की पत्ती और शीशी लाने को कहा गया, तो वह शुगर की गोलियों की एक पुरानी पत्ती लेकर आई — अपनी बॉर्डरलाइन डायबिटीज़ को उसने कभी बीमारी माना ही नहीं था। LMNT पद्धति के अनुसार डायबिटीज़ में वे हिस्से हटा दिए गए, और वह अपने डॉक्टर के पास गई। चेहरा फिर से चलने लगा; चार महीने में वह काम पर लौट आई। एक भौंह कभी पूरी तरह बराबर नहीं हुई, और यह उसे ईमानदारी से बता दिया गया।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
चेहरे की नस वहाँ सूजती है जहाँ उसकी हड्डी की नली सबसे पतली है — लगभग 0.7 मिमी चौड़ी — और सूजन उसका ख़ून का बहाव घटा देती है। बहुत से मरीज़ों में होंठ के छाले वाला वायरस पाया गया है। स्ट्रोक में आम तौर पर माथा बचा रहता है, जबकि बेल्स पाल्सी माथे को भी कमज़ोर करता है। लगभग 80% लोग इलाज के बिना भी पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, और लगभग 40% की आँख की सतह को नुक़सान होता है — इसलिए आँख की देखभाल ज़रूरी है।
Hohman MH, Warner MJ, Varacallo MA. Bell Palsy. StatPearls. 2024.
बेल्स पाल्सी में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
गर्भवती महिलाएँ
गर्भावस्था में बेल्स पाल्सी ज़्यादा होता है। उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। LMNT पद्धति में गर्भावस्था के दौरान Thymus कभी नहीं दिया जाता।
डायबिटीज़ या बढ़ी शुगर वाले लोग
थेरेपिस्ट को ज़रूर बताएँ, चाहे आपको सिर्फ़ इतना कहा गया हो कि शुगर "बॉर्डरलाइन" है। इससे तय होता है कि कौन-से पॉइंट दिए जा सकते हैं।
जिनकी आँख बंद नहीं होती
डॉक्टर की सलाह के अनुसार दिन-रात आँख को बचाकर रखें, और हर सेशन में देखें कि वह बंद होती है या नहीं। लाल या दर्द वाली आँख को उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।