कान में घंटी बजना (टिनिटस)
टिनिटस में ऐसी आवाज़ सुनाई देती है — घंटी, भिनभिनाहट, सीटी या गरजने जैसी — जिसका बाहर कोई स्रोत नहीं होता, इसलिए कोई और उसे नहीं सुन सकता। यह बहुत आम है, और ज़्यादातर सुनने की कुछ कमी के साथ होता है।

- दुनिया भर में लगभग 14% वयस्कों को टिनिटस है — 74 करोड़ से ज़्यादा लोग
- 65 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लगभग हर 4 में से 1 व्यक्ति को यह होता है
- हर 100 में से लगभग 2 वयस्कों में यह इतना तेज़ होता है कि रोज़ की ज़िंदगी पर असर पड़े
स्रोत: Jarach et al., JAMA Neurology 2022 (systematic review); NIDCD (NIH); NHS
कान में घंटी बजना क्या है?
टिनिटस अपने-आप में कोई बीमारी नहीं है। यह एक संकेत है कि सुनने के रास्ते में कहीं कुछ ठीक से काम नहीं कर रहा — कान, सुनने की नस, या दिमाग़ का आवाज़ को समझने का तरीक़ा। यह एक कान में या दोनों में हो सकता है, धीमा या तेज़, लगातार या आता-जाता।
कान के अंदर गहराई में छोटी-छोटी बाल-कोशिकाएँ आवाज़ को नस के संकेत में बदलती हैं। जब उम्र या तेज़ शोर से वे घिस जाती हैं, तो दिमाग़ तक कम संकेत पहुँचते हैं, और दिमाग़ अपनी ही आवाज़ बना सकता है। कभी-कभी कारण कान का मैल, संक्रमण, ख़ून की नली की समस्या या कोई दवा होती है। जो आवाज़ नब्ज़ के साथ धड़कती हो, वह अलग तरह की है और उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
इसके लक्षण क्या हैं?
- घंटी, भिनभिनाहट, सीटी, गुनगुनाहट या गरजने जैसी आवाज़ जो किसी और को सुनाई नहीं देती
- आवाज़ एक कान में या दोनों में, लगातार या रुक-रुककर
- साथ में सुनने में कुछ कमी
- आवाज़ की वजह से सोने या ध्यान लगाने में दिक़्क़त
- कभी-कभी: नब्ज़ के साथ धड़कती हुई सरसराहट या धक-धक
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
ख़ुद कान
- उम्र के साथ सुनने में कमी
- तेज़ शोर — काम पर, समारोहों में, हेडफ़ोन से
- कान का मैल या संक्रमण जो नली को बंद कर दे
- मेनियर की बीमारी
दूसरी बीमारियाँ
- थायरॉइड की समस्या
- डायबिटीज़
- दिल और ख़ून की नलियों की समस्याएँ
- सिर या गर्दन की चोट
दवाएँ
- कुछ दर्द-निवारक, कुछ एंटीबायोटिक और कैंसर की कुछ दवाएँ
इसका पता कैसे चलता है?
डॉक्टर पूछते हैं कि आवाज़ कैसी है, किस कान में, कब से, और आप कौन-सी दवाएँ लेते हैं, फिर कान के अंदर देखते हैं और सुनने की जाँच करते हैं। अक्सर उसके बाद नाक-कान-गला (ENT) विशेषज्ञ देखते हैं।
कान की जाँच
मैल या संक्रमण जैसे आसान, ठीक होने लायक़ कारण खोजती है।
सुनने की जाँच
ऑडियोलॉजिस्ट नापते हैं कि हर कान कितना सुनता है। टिनिटस वाले बहुत-से लोगों में सुनने की कमी मिलती है।
MRI या CT स्कैन
तब किया जाता है जब आवाज़ सिर्फ़ एक कान में हो, नब्ज़ के साथ धड़के, या नसों से जुड़े दूसरे संकेत साथ हों — सिर की बनावट में किसी समस्या को जाँचने के लिए।
न्यूरोथेरेपिस्ट सबसे पहले ख़तरे वाले सवाल पूछता है — सिर्फ़ एक कान? अचानक सुनाई कम होना? चक्कर? सिर की चोट? — और किसी का भी जवाब हाँ हो तो मरीज़ को उसी दिन आगे भेजता है। इलाज शुरू करने से पहले ENT रिपोर्ट, सुनने की जाँच और आप जो कुछ भी लेते हैं उसकी सूची माँगी जाती है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से कान में घंटी बजना
LMNT में कान की घंटी को एक नस के रास्ते से पढ़ा जाता है: आठवीं कपाल-नस, जो अंदरूनी कान से सुनने का और उसके पास के तरल छल्लों से संतुलन का संदेश एक ही गट्ठर में ले जाती है। इसीलिए बहरापन, कान में घंटियाँ बजना और चक्कर एक साथ गिने जाते हैं। (8) Medulla इसी नस का ट्रीटमेंट है — गुरुजी की शिक्षा इसे कान की हर समस्या में देती है।
Thymus + Chest दूसरा पॉइंट है जो “बिना वजह कान में घंटियों की आवाज़ सुनाई देने” के लिए बताया गया है, और इसके साथ बगलें (armpits) भी दी जाती हैं। LMNT दूसरी तरफ़ भी नज़र रखती है: Pan पॉइंट से ख़ुद कुछ मरीज़ों को घंटियाँ सुनाई देने लगी हैं — इसलिए इलाज के दौरान जो घंटी शुरू हो या बढ़े, वह बताई जाती है और योजना बदली जाती है। और यह शिक्षा पूछती है कि व्यक्ति को जगाया कैसे जाता है: नींद से झटके से उठाने वाली तेज़ घंटी ख़ुद कानों में घंटी बजवा सकती है।
दर्द सिर्फ़ वही जानते हैं; आप नहीं।
कान में घंटी बजना का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
सबसे पहले ख़तरे के संकेत पूछे जाते हैं। फिर ENT रिपोर्ट और सुनने की जाँच, जाँच वाले पॉइंट Liv° और Mu°, और आप जो भी गोली, ड्रॉप या चूर्ण लेते हैं — कुछ दवाओं से भी घंटी बज सकती है।
सुनने की नस के लिए (8) Medulla
कानों के नीचे गर्दन के दोनों तरफ़ दिया जाता है — आठवीं कपाल-नस के लिए, जो सुनने और संतुलन का संदेश ले जाती है।
Thymus + Chest, बगलों के साथ
LMNT में बिना वजह कान में घंटियाँ सुनाई देने के लिए बताया गया है। इसके साथ बगलें हमेशा दी जाती हैं। इसकी सख़्त मनाहियाँ हैं, इसलिए थेरेपिस्ट पहले उन्हें जाँचता है।
धीरे जागें, धीरे उठें
तेज़ म्यूज़िकल घंटी की जगह धीमी आवाज़ वाला बज़र लगाएँ, और फ़ोन का अलार्म कान से दूर रखें। जागने पर खड़े होने से पहले कम से कम तीस सेकंड बिस्तर के किनारे बैठें।
कान को छेड़ें नहीं
मैल खुरचकर न निकालें और कान में कुछ न डालें। नाक दोनों नथुने खुले रखकर धीरे से साफ़ करें, ताकि बलग़म ज़ोर से कान की नली में न चढ़े।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
यह कभी न करें
- सिर्फ़ एक कान में घंटी, या घंटी के साथ अचानक सुनाई कम होना, घूमने जैसा चक्कर (वर्टिगो) या चेहरे में कमज़ोरी, या सिर की चोट के बाद घंटी — डॉक्टर को तुरंत, उसी दिन दिखाएँ। नब्ज़ के साथ धड़कती आवाज़ हो तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ। जाँच होने तक गर्दन पर कोई काम नहीं। कान
- (8) Medulla सूजन-जलन वाली बीमारियों में, कैंसर में और हाई ब्लड प्रेशर में नहीं दिया जाता। (8) Medulla
- Thymus + Chest गर्भावस्था, पोलियो या दूसरी सूजन-जलन वाली बीमारियों, दिल की बीमारी, डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, ऑटो-इम्यून बीमारियों या किडनी की बीमारी में नहीं दिया जाता। Th + Ch
- Pan पॉइंट से ख़ुद कुछ मरीज़ों को घंटियाँ सुनाई देने लगी हैं। अगर इलाज के दौरान घंटी शुरू हो या तेज़ हो, तो थेरेपिस्ट को बताएँ, ताकि योजना बदली जा सके। Pan
- जिस कान से पानी या मवाद आ रहा हो, चोट लगी हो, या पर्दे में छेद का शक हो, उसमें कभी कुछ नहीं डाला जाता।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
113 अध्ययनों को मिलाकर इस समीक्षा ने पाया कि लगभग 14% वयस्कों को टिनिटस है, जो 65 साल से ऊपर के लोगों में लगभग 24% तक पहुँच जाता है; लगभग 2% में यह गंभीर होता है।
टिनिटस में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
बुज़ुर्ग
टिनिटस अक्सर उम्र के साथ होने वाली सुनने की कमी के साथ आता है। सुनने की जाँच करवाना ठीक है — हियरिंग एड से घंटी कम महसूस हो सकती है।
शोर वाले काम करने वाले
फ़ैक्टरी, DJ, जनरेटर और तेज़ हेडफ़ोन — सब कान को घिसते हैं। कान की सुरक्षा पहनें और कानों को शांति के छोटे-छोटे ब्रेक दें।
कई दवाएँ लेने वाले
अगर कोई नई दवा शुरू करने के बाद घंटी शुरू हुई, तो अपने डॉक्टर को बताएँ। कोई भी दवा ख़ुद से बंद न करें।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।