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अनिद्रा (नींद न आना)

अनिद्रा का मतलब है नींद आने में दिक़्क़त, बीच में बार-बार जागना, या बहुत जल्दी आँख खुल जाना — और अगले दिन थकान। कुछ रातें ख़राब होना आम है; जब यह महीनों चले, तो ध्यान देना ज़रूरी है।

A side view of the human head showing the brainstem, with a soft glow along its middle line where the serotonin-making cells lie
नींद और ब्रेनस्टेम। ब्रेनस्टेम के बीच की चमकती रेखा (रैफ़े न्यूक्लियाई) में वे कोशिकाएँ हैं जो सेरोटोनिन बनाती हैं — दिमाग़ का वह रसायन जो शांति और नींद लाता है। घेरे में नस-कोशिकाओं के बीच सेरोटोनिन दिखाया गया है।
मुख्य बातें
  • दुनिया भर में लगभग हर 3 में से 1 बड़े व्यक्ति में अनिद्रा के लक्षण होते हैं
  • लगभग हर 10 में से 1 बड़े व्यक्ति को लंबी (क्रोनिक) अनिद्रा होती है
  • महिलाओं को अनिद्रा पुरुषों से ज़्यादा होती है

स्रोत: Cleveland Clinic; MedlinePlus

अनिद्रा क्या है?

कम समय की अनिद्रा अक्सर तनाव के बाद आती है — काम की परेशानी, परिवार की चिंता, किसी का बिछड़ना — और कुछ दिन या हफ़्ते चलती है। जब यह हफ़्ते में कम से कम तीन रात, तीन महीने या उससे ज़्यादा समय तक हो, तो इसे क्रोनिक अनिद्रा कहते हैं।

ज़्यादातर लंबी अनिद्रा के पीछे कुछ होता है: चिंता या उदासी, दर्द, नींद की कोई दूसरी तकलीफ़, दिन में देर से चाय-कॉफ़ी, या कोई दवा। फिर कम नींद मूड, याददाश्त, काम और सड़क पर सुरक्षा तक पर असर डालती है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • सोने से पहले देर तक जागते हुए लेटे रहना
  • रात में जाग जाना और फिर नींद न आना
  • सुबह बहुत जल्दी आँख खुल जाना
  • दिन में थकान, जैसे नींद पूरी ही न हुई हो
  • चिड़चिड़ापन, ध्यान न लगना और भूलना

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

मन और तनाव

  • काम, सेहत, पैसे या परिवार का तनाव
  • किसी का बिछड़ना या ज़िंदगी की कोई बड़ी घटना
  • चिंता और उदासी

आदतें

  • हर रात अलग समय पर सोना, और दिन में लंबी झपकी
  • बिस्तर में फ़ोन या टीवी
  • चाय, कॉफ़ी, तंबाकू या शराब, ख़ास तौर पर दिन में देर से
  • रात को देर से भारी खाना

समय-सारणी

  • रात की शिफ़्ट
  • अलग-अलग टाइम ज़ोन में सफ़र

शरीर और दवाएँ

  • लंबे समय से चलता दर्द
  • नींद की दूसरी तकलीफ़ें, जैसे स्लीप एपनिया या बेचैन टाँगें
  • कुछ दवाएँ
  • बढ़ती उम्र

इसका पता कैसे चलता है?

अनिद्रा की पहचान ज़्यादातर आपकी नींद की कहानी से होती है। डॉक्टर पूछते हैं कि आप कब सोने जाते हैं, नींद आने में कितनी देर लगती है, कितनी बार जागते हैं, और दिन में कैसा लगता है।

नींद की जानकारी और नींद की डायरी

दो हफ़्ते तक सोने-जागने का समय, झपकी, चाय और कॉफ़ी लिखना अक्सर पैटर्न दिखा देता है।

शारीरिक जाँच और दवाओं की समीक्षा

दर्द, दूसरी बीमारियाँ या ऐसी दवाएँ खोजने के लिए, जो आपको जगाए रख सकती हैं।

कभी-कभी स्लीप स्टडी

तब की जाती है, जब नींद की किसी दूसरी तकलीफ़, जैसे स्लीप एपनिया, का शक हो।

न्यूरोथेरेपिस्ट नींद, दिनचर्या, चाय और गोलियों के बारे में पूछता है — और ब्लड प्रेशर नापता है, क्योंकि BP ज़्यादा होने पर नींद वाला ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से अनिद्रा

न्यूरोथेरेपी नींद को सेरोटोनिन के ज़रिए देखती है — शरीर का वह रसायन, जो नींद लाने के लिए ज़रूरी है। जब (8) Medulla दिया जाता है, तो व्यक्ति अक्सर थोड़ी ही देर में गहरी नींद में जाने लगता है। इसी अवलोकन से माना जाता है कि यह ट्रीटमेंट सेरोटोनिन को सक्रिय करता है।

LMNT पद्धति चार चीज़ें बताती है, जो तय करती हैं कि कितना सेरोटोनिन निकलेगा: तनाव, सही समय पर न सोना, ख़ून में शुगर का स्तर, और व्यायाम। इनमें से एक में भी गड़बड़ी हो, तो सेरोटोनिन ठीक मात्रा में नहीं निकलता। इसलिए गर्दन पर दिया गया ट्रीटमेंट, व्यक्ति की पूरी दिनचर्या के साथ चलता है।

गुरुजी कहते हैं
मरीज़ को स्वयं आज़माकर देखना है। हर चीज़ का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

अनिद्रा का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच

    थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है, और सोने का समय, झपकी, चाय-कॉफ़ी, चिंताएँ, दर्द और आपकी हर गोली के बारे में पूछता है।

  2. सुरक्षित है या नहीं, यह देखना

    ब्लड प्रेशर नापा जाता है। हाई BP, सूजन-जलन (inflammation) या कैंसर में (8) Medulla नहीं दिया जाता।

  3. (8) Medulla — सेरोटोनिन ट्रीटमेंट

    बैठी हालत में। गर्दन के दोनों तरफ़, कानों के ठीक नीचे, आठ बार। अक्सर थोड़ी देर बाद व्यक्ति को नींद-सी आने लगती है।

  4. सेरोटोनिन की ज़रूरतों का ध्यान

    कम तनाव, हर रात एक ही सही समय पर सोना, समय पर खाना ताकि ख़ून की शुगर स्थिर रहे, और रोज़ व्यायाम — ये वही चार चीज़ें हैं, जिन्हें LMNT पद्धति सेरोटोनिन को नियंत्रित करने वाली बताती है।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

(8) Medulla

सेरोटोनिन ट्रीटमेंट — गहरी, स्वाभाविक नींद में मदद के लिए दिया जाता है।

खोलें →

यह कभी न करें

  • (8) Medulla सूजन-जलन (inflammation), कैंसर या हाई ब्लड प्रेशर में नहीं दिया जाता। (8) Medulla
  • रात में ज़ोर के ख़र्राटे के साथ साँस रुकना या हाँफना, या गाड़ी चलाते या काम करते हुए नींद आ जाना: जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ — ये स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं। बहुत नींद आ रही हो, तो गाड़ी न चलाएँ।
  • अगर नींद न आने के साथ गहरी उदासी हो या ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के ख़याल आएँ, तो आज ही मदद लें — डॉक्टर से या हेल्पलाइन से (भारत: Tele-MANAS 14416)। डिप्रेशन, बहुत गहरी उदासी
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

वीडियो देखें

रात को नींद न आए तो 5 मिनट करें ये काम | Insomnia Self Treatment | भयंकर अनिद्रा का पक्का समाधान

सोने से पहले पाँच मिनट का खुद करने वाला क्रम — कानों के नीचे तीन बार (8) Medulla, वज्रासन में बैठकर दबाव, घुटनों के ठीक नीचे और सिर के पीछे मसाज, साथ में स्क्रीन और धीमी रोशनी की सलाह। इसे बेहतर नींद में सहारे के लिए बताया गया है।

बिना दवा गहरी नींद कैसे पाएं? | LMNT Serotonin Treatment for Sleep Disorders | Insomnia Root Cause

इसमें नींद के लिए Serotonin ट्रीटमेंट दिखाया गया है — कानों के नीचे (8) Medulla, पिंडली पर छह पॉइंट 1 Gas 'I', पीठ के ऊपरी हिस्से पर (6) Adr, और घुटनों के पीछे तथा सिर के पीछे हल्की मसाज। यह गहरी, स्वाभाविक नींद को सहारा देने के लिए है।

ध्यान दें: हाई BP, सूजन या कैंसर में (8) Medulla नहीं; हाई BP, डायबिटीज़, कैंसर या HIV में (6) Adr नहीं।

आयुर्वेद और रसोई से

ख़ुद को परखें

1. अनिद्रा को क्रोनिक कब कहते हैं?

2. (8) Medulla किस रसायन को सक्रिय करने के लिए दिया जाता है?

3. किस हालत में (8) Medulla नहीं दिया जाता?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    सेरोटोनिन ब्रेनस्टेम के रैफ़े न्यूक्लियाई में और आँतों की अंदरूनी परत की कोशिकाओं में बनता है — लगभग 90% आँतों में बनता है। यह ट्रिप्टोफ़ैन से बनता है, जो भोजन से मिलने वाला एक अमीनो एसिड है, और यह मेलाटोनिन का कच्चा माल है — नींद का एक मुख्य हार्मोन।

    Bamalan OA, Moore MJ, Al Khalili Y. Physiology, Serotonin. StatPearls. 2023.

अनिद्रा में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

बुज़ुर्ग

उम्र के साथ नींद हल्की हो जाती है, और जल्दी जागना आम है। दिन में चलना-फिरना, सुबह की रोशनी और कम लंबी झपकियाँ मदद करती हैं। अपनी हर दवा के बारे में डॉक्टर को बताएँ।

शिफ़्ट में काम करने वाले और सफ़र करने वाले

जितने दिन हो सके, एक ही समय पर सोएँ, और दिन में सोना हो तो कमरा अँधेरा और शांत रखें।

नींद की गोलियाँ लेने वाले

इन्हें अचानक, अपने-आप बंद न करें। अगर नींद सुधरे, तो डॉक्टर से पूछें कि इन्हें कब और कैसे बदलना है।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

अपडेट:

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