मोच और चोट
मरोड़, गिरने या चोट लगने से लिगामेंट खिंच या फट सकता है (मोच), मांस में गुमचोट आ सकती है, या त्वचा के नीचे ख़ून की थैली बन सकती है। ज़्यादातर चोटें हफ़्तों में भर जाती हैं — पर टूटी हड्डी या सिर की चोट को पहले डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।

- सबसे ज़्यादा मोच टखने और कलाई में आती है
- ज़्यादातर मोच और खिंचाव 2 हफ़्ते में बेहतर लगने लगते हैं
- दौड़ने जैसी भारी कसरत से 8 हफ़्ते तक बचना बेहतर है, क्योंकि जोड़ फिर से चोटिल हो सकता है
स्रोत: MedlinePlus (sprains and strains); NHS (sprains and strains); Cleveland Clinic (sprains)
मोच और चोट क्या है?
लिगामेंट मज़बूत पट्टियाँ हैं, जो जोड़ पर हड्डी को हड्डी से बाँधे रखती हैं। मोच का मतलब है लिगामेंट का खिंच जाना या फट जाना — आम तौर पर मरोड़ या गिरने से। खिंचाव (स्ट्रेन) वैसी ही चोट है, पर मांसपेशी या टेंडन में।
चोट से छोटी रक्त-नलियाँ भी फट सकती हैं। अगर त्वचा न फटे, तो ख़ून नीचे ही जमा होकर नील बनाता है, या एक सख़्त गाँठ, जिसे हीमैटोमा कहते हैं। ख़ून जम जाता है, और उससे एक हल्का, पानी जैसा द्रव — सीरम — अलग हो जाता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- जोड़ के आस-पास दर्द और छूने पर दुखना
- सूजन और नील
- चोट लगते समय “पट” की आवाज़ या कुछ फटने का एहसास
- जोड़ हिलाने या उस पर वज़न डालने में दिक़्क़त
- नील के नीचे सख़्त, पिलपिली गाँठ, जो कम न हो
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
रोज़ के हादसे
- ऊबड़-खाबड़ ज़मीन या सीढ़ियों पर टखना मुड़ जाना
- फैले हाथ के बल गिरना
- गिरने, भारी चीज़ या वाहन से लगी चोट
खेल और काम
- अचानक मुड़ना, कूदना और नीचे आना
- भारी बोझ उठाना और खींचना
जोखिम बढ़ाने वाली बातें
- पहले मोच खा चुका जोड़, जो पूरा नहीं भरा
- थकी या कमज़ोर मांसपेशियाँ
- पतली, कमज़ोर हड्डियाँ, जो गिरने पर आसानी से टूटती हैं
इसका पता कैसे चलता है?
चोट के बाद मुख्य सवाल यही है: हड्डी तो नहीं टूटी? डॉक्टर जोड़ की जाँच करते हैं और ज़रूरत हो तो सबसे पहले एक्स-रे करवाते हैं।
जाँच
डॉक्टर दुखना, सूजन, हिलना-डुलना और वज़न डाल पाना देखते हैं। 4–5 दिन बाद जोड़ को दोबारा जाँचने से लिगामेंट का हाल ज़्यादा साफ़ पता चलता है।
एक्स-रे
टूटी हड्डी दिखाता है, या बताता है कि हड्डी नहीं टूटी।
अल्ट्रासाउंड या MRI
गंभीर या धीरे भरती चोट में फटे लिगामेंट, टेंडन और जमा ख़ून दिखाते हैं।
मोच कितनी गंभीर है? (ग्रेड)
स्रोत: Cleveland Clinic — Sprains
न्यूरोथेरेपिस्ट चोट के पास इलाज करने से पहले एक्स-रे की रिपोर्ट माँगता है — सामान्य एक्स-रे से ही काम की इजाज़त मिलती है। आपसे पूछा जाएगा कि चोट कब लगी, कोई घाव अभी खुला है या नहीं, और डायबिटीज़, दिल की बीमारी, गठिया, गर्भ और हर गोली के बारे में — क्योंकि इनसे फ़ॉर्मूला बदल जाता है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से मोच और चोट
LMNT पद्धति देखती है कि चोट अपने पीछे क्या छोड़ती है। ख़ून का थक्का शरीर की अपनी मरम्मत है। उससे अलग होने वाला पानी जैसा सीरम साफ़ करना होता है — इसलिए इलाज तब तक चलता है, जब तक सीरम सूख न जाए।
चोट के बाद — त्वचा के नीचे क्या होता है
- चोटत्वचा के नीचे की छोटी रक्त-नलियाँ तोड़ देती है
- हीमैटोमाख़ून बाहर नहीं निकल पाता, इसलिए एक थैली में जमा हो जाता है
- थक्काबनता है — वह ढाँचा, जिस पर भरना शुरू होता है
- सीरमबचा हुआ हल्का, पानी जैसा द्रव — इसी को साफ़ करना है
- Injury फ़ॉर्मूला10–15 दिन, या जब तक सीरम सूख न जाए
Injury फ़ॉर्मूले के हर हिस्से की शुरुआत Gal और Liv से होती है, क्योंकि LMNT पद्धति में पित्त — जो लिवर बनाता है और पित्ताशय जमा रखता है — शरीर का अपना एंटीसेप्टिक है।
हमारे इलाज से मरीज़ को तुरंत फ़ायदा मिले या न मिले, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखें।
मोच और चोट का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले टूटी हड्डी की जाँच
चोट के पास किसी भी इलाज से पहले एक्स-रे, और नीचे दिए ख़तरे के संकेत देखे जाते हैं। थेरेपिस्ट डायबिटीज़, दिल की बीमारी, गठिया और गर्भ के बारे में भी पूछता है, जिनसे फ़ॉर्मूला बदल जाता है।
ताज़ा घाव: पहले (4) Thrd
ताज़े घाव में सबसे पहले (4) Thrd दिया जाता है — दिल के मरीज़ में (2) Thrd। बहुत पुराने घाव में फ़ॉर्मूले से पहले कुछ नहीं जोड़ा जाता।
Injury फ़ॉर्मूला
चार हिस्से, हर हिस्से के बीच एक मिनट का अंतर: Gal और Liv पर Toe-Finger का काम, तीन बार; फिर Gal और Liv के साथ Ch. Only; फिर Gal और Liv के साथ Th + Ch, पहले चार पर और फिर आठ पर। 10–15 दिन, या जब तक सीरम सूख न जाए।
घाव सूखने के बाद: Heparin फ़ॉर्मूले
आम चोट में T. Heparin। गहरी या पुरानी चोट में, या जमे ख़ून की गाँठ में, TT. Heparin — 10–15 दिन पर, जब सीरम सूख चुका हो।
मोच और दर्द के लिए
मोच में BOF, चारों तरफ़; चोट के बाद दर्द घटाने के लिए Th + Ch। कंधे, गर्दन या बाँह पर चोट के बाद बाँह न उठे, तो Rocket point — पर सिर्फ़ तब, जब डॉक्टर हड्डी टूटने या खिसकने की बात अलग कर दें।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Injury ट्रीटमेंट फ़ॉर्मूला
चोट, गुमचोट, जमे ख़ून की गाँठ, मोच या फटे लिगामेंट के लिए — चोट के बाद बचे सीरम को साफ़ करने में शरीर की मदद करता है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →T. Heparin (थाइमस)
आम चोट के लिए, और किसी हादसे या ऑपरेशन के बाद — सिर्फ़ घाव सूखने के बाद।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- घाव खुला हो, तो कोई Heparin फ़ॉर्मूला नहीं — थक्का ही वह ढाँचा है, जिस पर घाव भरता है। घाव बंद होने पर यह रोक हट जाती है। खुले घाव, ऑपरेशन के ताज़ा चीरे, ग्राफ़्ट या जले हुए हिस्से पर या उसके ठीक आस-पास कोई काम नहीं। घाव, खुला हुआ
- Thymus + Chest (जो Injury फ़ॉर्मूले और T. व TT. Heparin के अंदर है) गर्भ, सूजन वाली बीमारी, पोलियो, दिल की बीमारी, डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या दूसरी ऑटोइम्यून बीमारी, या किडनी की बीमारी में नहीं दिया जाता — और जब दिया जाता है, तो Armpits हमेशा साथ जाते हैं। डायबिटीज़, गठिया या ऑटोइम्यून बीमारी में Injury फ़ॉर्मूला सिर्फ़ अपने लिखे हुए बदले रूप में दिया जाता है; T., TT. और PT. Heparin का कोई बदला रूप नहीं है, और अपनी तरफ़ से कोई बनाया नहीं जा सकता। Th + Ch
- एक बार में एक तरफ़ Thymus के बारह से ज़्यादा घिसाव नहीं — ज़्यादा से उल्टी हो सकती है। बड़ी गिनती बाँटी जाती है — बारह और बारह, फिर बाक़ी, बिना रुके। Th. Only
- पीरियड में ज़्यादा ख़ून आ रहा हो, तो कोई Heparin फ़ॉर्मूला नहीं, क्योंकि यह ख़ून को जमने नहीं देता।
- पहले डॉक्टर या अस्पताल जाएँ, अगर: चोट के समय “कड़क” की आवाज़ आई; हिस्सा बेढब दिखे या अजीब कोण पर मुड़ा हो; उसे हिला न सकें या उस पर वज़न न डाल सकें; सुन्नपन या झनझनाहट हो, या त्वचा ठंडी, पीली, नीली या धूसर हो; सिर पर चोट लगी हो; बहुत ख़ून बह रहा हो; नील बहुत बड़ा, तना हुआ और दर्दनाक हो; या घाव लाल, सूजा या मवाद वाला हो और बुख़ार हो। चोट के बाद न उठने वाली बाँह को कभी खींचें नहीं।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
Injury फ़ॉर्मूले का पूरा हिंदी प्रदर्शन: बाएँ पैर की तीसरी और चौथी उँगली पर 60 Toe-Finger घुमाव, तीन बार; फिर Gal, Liv और Chest Only; फिर Armpits के साथ Gal, Liv, Thymus और Chest — चार पर और आठ पर — हर हिस्से के बीच एक मिनट का अंतर, और उतना ही वज़न जितना मरीज़ सह सके।
उसी Injury फ़ॉर्मूले का छोटा हिंदी प्रदर्शन: बाएँ पैर की उँगलियों का काम तीन बार, फिर Gal, Liv और Chest Only, फिर Gal, Liv के साथ Thymus और Chest — चार पर और आठ पर — हर हिस्से के बीच एक मिनट आराम।
LMNT पद्धति में Thymus + Chest के साथ Armpits हमेशा दिए जाते हैं; इस वीडियो में वे नहीं दिखाए गए। डायबिटीज़, दिल की बीमारी, गर्भ या ऑटोइम्यून बीमारी में Thymus + Chest नहीं दिया जाता।
Injury फ़ॉर्मूले के दो क़दम-दर-क़दम प्रदर्शन, हिंदी में।
अभ्यास से
लॉरी क्लीनर, जिसने अपनी शुगर का ज़िक्र नहीं किया
सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं
38 साल · लॉरी क्लीनर · भारी क्रेट गिरने के दस दिन बाद जाँघ में सख़्त गाँठ
- क्या मिला
- त्वचा फटी नहीं थी और नील किनारों पर हरा-पीला हो चुका था; उसके नीचे जमे ख़ून की सख़्त, पिलपिली गाँठ थी। अस्पताल के एक्स-रे में हड्डी नहीं टूटी थी — इसी से जाँघ पर काम की इजाज़त मिली। Gal और Liv दुखते थे।
- क्या किया गया
- Injury फ़ॉर्मूला, 10–15 दिन या सीरम सूखने तक। चौथे दिन तक गाँठ का किनारा नरम हुआ और घुटना ज़्यादा मुड़ने लगा; सातवें तक गाँठ की शक्ल बिगड़ गई। नौवें दिन वह काँपता और पसीने में आया — और सिर्फ़ यह पूछने पर कि वह सुबह-शाम क्या निगलता है, उसने बताया कि चार साल से शुगर की गोली ले रहा है। योजना डायबिटीज़ के हिसाब से फिर से लिखी गई।
- इससे सीख
- “कोई बीमारी है?” ग़लत सवाल है। पूछिए कि मरीज़ हर सुबह और हर रात क्या निगलता है — “कंट्रोल में” शुगर भी डायबिटीज़ ही है, और इससे फ़ॉर्मूला बदल जाता है।
आयुर्वेद और रसोई से
शोथ — सूजन का पुराना नाम
पुरानी भारतीय चिकित्सा सूजन को उसके कारण से बाँटती थी — चोट, ज़हर, या दोषों की गड़बड़ी — और फिर तय करती थी कि क्या करना है। गर्म, लाल, ग़ुस्सैल सूजन में ठंडक और आराम; पुरानी, ठंडी, पिलपिली सूजन में गर्माहट और हिलना-डुलना।
मर्म — जहाँ चोट ज़्यादा नुक़सान करती है
पुराने शल्य-ग्रंथों ने 107 मर्म बताए — वे जगहें जहाँ मांस, नस, स्नायु, हड्डी और जोड़ मिलते हैं, और जहाँ चोट अपने आकार से ज़्यादा नुक़सान करती है। घुटना भी उनमें से एक है। ऐसी जगह नियम ज़्यादा दबाने का नहीं, ज़्यादा सटीक होने का था।
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
टखने की मोच पर एक गाइडलाइन: चोट के 4–5 दिन बाद टखने की दोबारा जाँच सबसे सही होती है; आसान नियमों से पता चलता है कि किसे एक्स-रे चाहिए; 4–6 हफ़्ते ब्रेस या सहारा प्लास्टर से बेहतर है; और जोड़ को फिर से ठीक चलाने के लिए बाद में कसरत ज़रूरी है।
- मज़बूत प्रमाण
घाव भरना चार तय चरणों में चलता है — पहले ख़ून जमना, फिर सूजन, फिर नया ऊतक बनना, फिर उसका पक्का होना। डायबिटीज़, ख़ून और ऑक्सीजन की कम पहुँच, इन्फ़ेक्शन और कुछ दवाएँ इसे धीमा कर देती हैं।
Guo S, DiPietro LA. Factors affecting wound healing. J Dent Res. 2010.
मोच या चोट में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अनुभव हैं।
आपके लिए
पहले दो-तीन दिन
जोड़ को बचाइए और आराम दीजिए, कपड़े में लपेटे बर्फ़ के पैक से हर 2–3 घंटे पर 20 मिनट तक ठंडक दीजिए, पट्टी से सहारा दीजिए, और तकिये पर ऊँचा रखिए।
डायबिटीज़ वाले
घाव धीरे भरते हैं, और चोट के कई पॉइंट आपके लिए मना हैं। थेरेपिस्ट को हमेशा बताइए — और पैर का कोई घाव न भरे, तो डॉक्टर को दिखाइए।
बुज़ुर्ग
कमज़ोर हड्डी गिरने पर टूट सकती है, भले ही दर्द कम लगे। गिरने के बाद एक्स-रे करवाइए, और हल्के, सिर्फ़ हाथ से होने वाले इलाज के लिए कहिए।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।