सूजन-जलन (इन्फ़्लेमेशन)
सूजन-जलन (इन्फ़्लेमेशन) शरीर की रक्षा वाली प्रतिक्रिया है — लाली, गरमी, सूजन और दर्द। यह घाव भरने में मदद करती है, पर जब हद से आगे बढ़ जाए या बहुत लंबी चले, तो शरीर को ही नुक़सान पहुँचाने लगती है।

- अचानक वाली सूजन-जलन कुछ घंटों से कुछ दिनों तक रहती है; पुरानी सूजन-जलन महीनों या सालों तक चल सकती है
- दुनिया भर में आधी से ज़्यादा मौतों के पीछे सूजन-जलन वाली बीमारियाँ हैं
- ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों में CRP (सूजन का ख़ून वाला संकेतक) 0.3 mg/dL से कम होता है
स्रोत: Cleveland Clinic; MedlinePlus
सूजन-जलन क्या है?
जब शरीर को चोट लगे या कोई बाहरी चीज़ अंदर आ जाए — कीटाणु, काँटा, कोई ज़हरीला रसायन — तो शरीर उस जगह ज़्यादा ख़ून और सफ़ेद रक्त कोशिकाएँ भेजता है। वह जगह लाल, गरम, सूजी हुई और दर्द वाली हो जाती है। यही सूजन-जलन है, और थोड़े समय के लिए यह शरीर का ख़ुद को ठीक करने का तरीक़ा है।
मुसीबत तब शुरू होती है जब यह प्रतिक्रिया बंद नहीं होती। पुरानी सूजन-जलन ख़तरा ख़त्म होने के बाद भी चलती रहती है, और चुपचाप जोड़ों, आँतों, ख़ून की नलियों और दूसरे अंगों को नुक़सान पहुँचा सकती है। गठिया से लेकर दिल की बीमारी तक, कई लंबी बीमारियों के पीछे यही होती है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- उस जगह त्वचा का लाल होना
- गरमी — वह जगह गरम लगना
- सूजन
- दर्द या छूने पर दुखना
- जकड़न, या उस हिस्से का ठीक से न हिलना
- पुरानी सूजन-जलन में: थकान, जोड़ों का दर्द, पेट की तकलीफ़, मुँह के छाले या बार-बार इन्फ़ेक्शन
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
अचानक होने वाले कारण
- चोट — लगना, मोच, कटना
- इन्फ़ेक्शन — कीटाणुओं का अंदर आना
- कोई बाहरी चीज़, जैसे ज़हरीला रसायन या कीड़े का काटना
आदतें जो इसे चलाए रखती हैं
- बहुत कम शारीरिक गतिविधि
- लंबा तनाव और ख़राब नींद
- मोटापा
- धूम्रपान या तंबाकू, और ज़्यादा शराब
इसका पता कैसे चलता है?
डॉक्टर सूजन-जलन का पता प्रभावित हिस्से के संकेतों से, और ख़ून की उन जाँचों से लगाते हैं जो बताती हैं कि शरीर में कहीं सूजन है। आगे की जाँचें इस पर निर्भर करती हैं कि सूजन कहाँ है।
शारीरिक जाँच
लाली, गरमी, सूजन, दुखन और जकड़न देखना, और पूछना कि यह कितने समय से है।
CRP ख़ून की जाँच
C-रिएक्टिव प्रोटीन लिवर बनाता है, और सूजन होने पर यह बढ़ता है। ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों में यह 0.3 mg/dL से कम होता है; 10 mg/dL से ऊपर बड़ी बढ़त है। यह बताता है कि सूजन है, पर कहाँ है — यह नहीं।
कारण की जाँच
जगह के हिसाब से — जोड़, आँत, पेशाब, छाती — डॉक्टर दूसरी ख़ून की जाँचें, स्कैन या कल्चर करवा सकते हैं।
न्यूरोथेरेपिस्ट सबसे पहले तय करता है कि यह इन्फ़ेक्शन है, सूजन-जलन है या चोट, क्योंकि LMNT पद्धति इनका इलाज अलग-अलग, बल्कि उल्टे तरीक़ों से करती है। Mu पॉइंट पर दर्द को पाचन-नली में सूजन माना जाता है। थेरेपिस्ट बुख़ार, कम इम्यूनिटी, दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ के बारे में भी पूछता है, क्योंकि इनमें से हर एक से बदलता है कि क्या दिया जा सकता है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से सूजन-जलन
LMNT पद्धति तीन शब्दों को अलग रखती है। इन्फ़ेक्शन यानी बाहर से कीटाणुओं का आना। शरीर की रक्षा-सेना का उनसे लड़ने जाना — यह स्वस्थ प्रतिक्रिया है। सूजन-जलन यानी वही रक्षा हद से आगे बढ़ जाना: मरी हुई कोशिकाएँ जमा होती जाती हैं और युद्ध का मैदान साफ़ ही नहीं होता। इन्फ़ेक्शन में रक्षा को मज़बूत करते हैं; सूजन-जलन में उसे रुकने में मदद करते हैं।
रक्षा कैसे सूजन-जलन बन जाती है — और कैसे बंद होती है
- कीटाणु या चोटबाहर से कुछ अंदर आता है, या ऊतक को चोट लगती है
- सफ़ेद रक्त कोशिकाएँरक्षा-सेना उस जगह पहुँचकर लड़ती है
- सूजन-जलनप्रतिक्रिया हद से आगे बढ़ती है — मरी कोशिकाएँ जमा होती हैं: लाली, गरमी, सूजन, दर्द
- एड्रिनल कॉर्टेक्सकॉर्टिसोल बनाता है, वह हार्मोन जो सूजन-जलन रोकने का ज़िम्मेदार है
- (6) Adr पॉइंटपीठ पर T6 के पास LMNT का ट्रीटमेंट, जो उसी बंद करने वाले स्विच को निशाना बनाता है
क्योंकि दोनों एक-दूसरे के उल्टे हैं, LMNT पद्धति इन्फ़ेक्शन और सूजन-जलन का इलाज उल्टे तरीक़ों से करती है। Thymus इम्यूनिटी बढ़ाता है और इन्फ़ेक्शन में मदद करता है; Adr सूजन-जलन को शांत करता है। एक की हालत में दूसरे वाला दे दें, तो तकलीफ़ बढ़ सकती है। LMNT पद्धति यह भी कहती है कि लंबी कब्ज़ से आँतों में इन्फ़ेक्शन पनपता है, और पुराना इन्फ़ेक्शन सूजन-जलन में बदल जाता है — इसलिए आँतों को भी ठीक किया जाता है।
न्यूरोथेरेपी शरीर की हालत के अनुसार इलाज करती है।
सूजन-जलन का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
इन्फ़ेक्शन, सूजन-जलन या चोट? थेरेपिस्ट दर्द वाले पॉइंट देखता है — आँतों के लिए Mu, शरीर के संतुलन के लिए Liv° और Mu° — और बुख़ार, इम्यूनिटी, दिल, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ के बारे में पूछता है।
(6) Adr — तीन बार
सूजन-जलन के लिए LMNT का सबसे अहम ट्रीटमेंट: पीठ के बीच के पास घिसाई, तीन अलग-अलग बार। अचानक उठे तेज़ दौर में 20 मिनट बाद फिर दिया जा सकता है। दिल के मरीज़ों को यह बैठाकर दिया जाता है।
(30) Medulla — तुरंत वाला उपाय
सूजन-जलन के लिए LMNT का बताया तुरंत वाला उपाय — इसके बाद Mu पॉइंट का दर्द कम होने की उम्मीद रहती है। दिल के मरीज़ों को नहीं दिया जाता।
आँतों को ठीक करना
जब सूजन-जलन पाचन-नली में हो, तो इन्फ़ेक्शन या सूजन-जलन वाला UDF फ़ॉर्मूला दिया जाता है, जिसमें (½) Ku – 20 secs छह सिटिंग तक। दस्त के साथ पेट दर्द में सुधरा हुआ APR, Gal और Spl के बिना दिया जाता है।
कारण हटाना
लंबी कब्ज़ आँतों की सूजन-जलन को बढ़ाती रहती है। LMNT पद्धति सूजन-जलन के साथ-साथ आँतों को भी ठीक करती है, वरना राहत टिकती नहीं।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
(6) Adr × 3 treatments
एड्रिनल कॉर्टेक्स को निशाना बनाता है, जो कॉर्टिसोल बनाता है — सूजन-जलन रोकने वाला शरीर का अपना हार्मोन।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →(30) Medulla
सूजन-जलन के लिए LMNT का तुरंत वाला उपाय, प्रोस्टाग्लैंडिन के नाम से जुड़ा; दिल के मरीज़ों के लिए नहीं।
खोलें →इन्फ़ेक्शन या सूजन-जलन वाला UDF फ़ॉर्मूला
इन्फ़ेक्शन या सूजन-जलन वाला UDF फ़ॉर्मूला — इसका मुख्य हिस्सा (½) Ku – 20 secs की छह सिटिंग है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
यह कभी न करें
- इनमें किसी भी सिटिंग से पहले उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ: बुख़ार के साथ गरम, सूजा, बहुत दर्द वाला जोड़; फैलती लाली या हाथ-पैर में ऊपर चढ़ती लाल लकीर; ठंड-कँपकँपी, उलझन या साँस फूलने के साथ बुख़ार; या उल्टी के साथ सख़्त, बहुत दुखता पेट (तुरंत अस्पताल)। गरम, संक्रमित या घाव वाले हिस्से पर कभी दबाव न दें।
- सूजन-जलन में कभी नहीं: Th, Th + Ch, Lymph, Armpits, Ton 'P', Ton 'T' और (8) Medulla — सूजन में सेरोटोनिन हिस्टामिन की तरह काम करके उसे बढ़ाता है। (8) Medulla
- (6) Adr इम्यूनिटी घटाता है: जब इम्यूनिटी पहले से कम हो — सेप्टीसीमिया, कैंसर, AIDS या HIV — तब कभी नहीं। हाई ब्लड प्रेशर में नहीं दिया जाता। कुछ डायबिटीज़ के मरीज़ों को इसके बाद ठीक नहीं लगता — तो दोबारा नहीं दिया जाता। दिल की बीमारी में: (30) Medulla नहीं, और (6) Adr सिर्फ़ बैठाकर। (6) Adr
- जहाँ सूजन-जलन पेट में हो, वहाँ Folded Legs नहीं दिया जाता। Folded Legs
- UDF फ़ॉर्मूले की अपनी मनाहियाँ हैं: माहवारी के दौरान या लो ब्लड प्रेशर में Ku नहीं दिया जाता; डायबिटीज़ या कैंसर में (10) Medulla नहीं, और दिल के मरीज़ों को सिर्फ़ (10) Left Medulla। (½) Ku – 20 secs
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
हिंदी में प्रदर्शन — जब पेशाब का इन्फ़ेक्शन लंबा चलकर सूजन में बदल जाए, तब दिया जाने वाला ट्रीटमेंट: Liv° और Mu°, Chest Only, रीढ़ पर 20 Round Arrow, फिर पीठ पर (6) Adr।
पेशाब का इन्फ़ेक्शन — ख़ासकर बुख़ार, कमर के दर्द या पेशाब में ख़ून के साथ — पहले डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है। हाई BP या पहले से कमज़ोर इम्यूनिटी में (6) Adr नहीं दिया जाता; वीडियो में यह नहीं बताया गया।
यहाँ पेशाब के ऐसे इन्फ़ेक्शन के लिए दिखाया गया है जो लंबा चलकर सूजन-जलन में बदल गया हो: Thymus छोड़ दिया जाता है, और आख़िर में (6) Adr दिया जाता है।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
सूजन-जलन इन्फ़ेक्शन और ऊतक की चोट पर शरीर की प्रतिक्रिया है, जो सफ़ेद कोशिकाओं और प्लाज़्मा प्रोटीन को उस जगह लाती है। इसका हल्का, लंबा चलने वाला रूप आज की कई पुरानी बीमारियों के पीछे माना जाता है।
Medzhitov R. Origin and physiological roles of inflammation. Nature. 2008.
- मज़बूत प्रमाण
कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन (ग्लूकोकॉर्टिकॉइड) रक्षा-तंत्र के जीन और कोशिकाओं पर असर डालकर सूजन-जलन को बंद करते हैं — यही वह बंद करने वाला स्विच है जिसे LMNT का (6) Adr ट्रीटमेंट एड्रिनल कॉर्टेक्स के ज़रिए निशाना बनाता है।
सूजन-जलन में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
ऑटो-इम्यून बीमारी वाले
आपका रक्षा-तंत्र पहले से ज़्यादा सक्रिय है, इसलिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पॉइंट (Thymus, Lymph, Armpits) आपके लिए नहीं हैं। अपने विशेषज्ञ का इलाज जारी रखें।
दिल के मरीज़
(30) Medulla नहीं, और (6) Adr बैठाकर दिया जाता है। दिल की हर गोली के बारे में थेरेपिस्ट को बताएँ।
डायबिटीज़ वाले
(6) Adr के बाद पूरे दिन आपको कैसा लगा, यह थेरेपिस्ट को बताएँ — अगर यह आपको सूट नहीं किया, तो दोबारा नहीं दिया जाता।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।