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आँखों की समस्याएँ

आँखों की समस्याएँ कई तरह की होती हैं — धुँधला लेंस और आँख की नस का नुक़सान से लेकर लाल, सूखी या पानी भरी आँखें तक। कई समस्याएँ धीरे-धीरे और बिना दर्द के नज़र छीनती हैं, इसलिए नियमित आँखों की जाँच ज़रूरी है।

A side cut-away of the human eye showing cornea, lens, retina and optic nerve, with the tear gland and tear duct; small insets show a cloudy lens (cataract) and a cupped, damaged optic nerve (glaucoma)
आँख बगल से। रोशनी साफ़ कॉर्निया और लेंस से होकर रेटिना पर पड़ती है; ऑप्टिक नस तस्वीर को दिमाग़ तक ले जाती है। आँसू ग्रंथि से आँसू आते हैं और भीतरी कोने से बह जाते हैं। बायाँ घेरा: मोतियाबिंद — लेंस धुँधला हो जाता है। दायाँ घेरा: ग्लूकोमा — ऑप्टिक नस क्षतिग्रस्त हो जाती है।
मुख्य बातें
  • दुनिया भर में कम से कम 2.2 अरब लोगों को पास या दूर देखने में कमी है
  • इनमें से लगभग 1 अरब लोगों में इसे रोका जा सकता था, या अभी तक इसका इलाज नहीं हुआ है
  • दूर की कमज़ोर नज़र के सबसे बड़े कारण मोतियाबिंद (9.4 करोड़) और बिना ठीक किया चश्मे का नंबर (8.84 करोड़) हैं

स्रोत: World Health Organization; National Eye Institute (NIH); MedlinePlus

आँखों की समस्याएँ क्या है?

आँख कैमरे की तरह काम करती है। रोशनी सामने की साफ़ खिड़की (कॉर्निया) और लेंस से होकर गुज़रती है, जो उसे पीछे रेटिना पर केंद्रित करते हैं। ऑप्टिक नस तस्वीर को दिमाग़ तक ले जाती है। आँसू आँख के सामने के हिस्से को गीला और साफ़ रखते हैं।

समस्या किसी भी हिस्से में शुरू हो सकती है। लेंस धुँधला हो सकता है (मोतियाबिंद)। ऑप्टिक नस धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो सकती है (ग्लूकोमा), अक्सर बिना किसी चेतावनी के। उम्र, डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर से रेटिना को नुक़सान हो सकता है। सतह लाल, सूखी या पानी भरी हो सकती है। ग्लूकोमा से गई नज़र वापस नहीं आती, इसीलिए समय पर जाँच ज़रूरी है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • धुँधला, मंद या धुँधला-सा दिखना
  • नज़र में अचानक बदलाव, या रोशनी की चमक दिखना
  • आँख में दर्द या बेचैनी
  • लालिमा, सूजन या कीचड़ आना
  • लगातार पानी आना, या सूखी, किरकिरी वाली आँखें
  • दो-दो दिखना

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

इसका पता कैसे चलता है?

आँखों की ज़्यादातर बीमारियाँ आँखों की पूरी जाँच में पकड़ी जाती हैं — अक्सर आपको ख़ुद कुछ महसूस होने से पहले।

नज़र की जाँच

चार्ट पर अक्षर पढ़ने से पता चलता है कि हर आँख पास और दूर कितना साफ़ देखती है।

पुतली फैलाकर आँखों की जाँच

ड्रॉप्स से पुतलियाँ फैलाई जाती हैं ताकि डॉक्टर लेंस, रेटिना और ऑप्टिक नस देख सकें।

आँख का दबाव और किनारे की नज़र की जाँच

ग्लूकोमा पकड़ने के लिए — जिसमें शुरू में आम तौर पर कोई लक्षण नहीं होता।

पहले सेशन से पहले न्यूरोथेरेपिस्ट पूछता है कि आपकी हर आँख की ड्रॉप किस लिए है, और क्या आपको दौरे, दिल की बीमारी या कैंसर है। लाल, दर्द वाली आँख या नज़र में कोई भी अचानक बदलाव हो, तो पहले आँखों के डॉक्टर के पास भेजा जाता है।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से आँखों की समस्याएँ

आँखों की बीमारियों के लिए LMNT पद्धति आँख के भीतरी कोने पर Lacrimal point देती है — आँखों में फुंसी, कचरा, बिना वजह पानी आने में, और ग्लूकोमा के इलाज के साथ। इसके साथ M. Heparin, H Arrow, (4) Thrd और (10) व (18) Pan। कमज़ोर नज़र में पहले (2) Medulla, फिर सिर के पीछे Brodmann's areas 17 और 18 की घिसाई। दावा छोटा है: थके हुए अंग की देखभाल, आँखों के डॉक्टर की जगह कभी नहीं।

LMNT अपनी ग्लूकोमा वाली बात ख़ुद साफ़ सुधारती है: ग्लूकोमा आँख के भीतर ठीक से न बहने वाले द्रव से आँख की नस का नुक़सान है — आँसू की नली की समस्या नहीं। इसलिए Lacrimal point आँखों के डॉक्टर और ड्रॉप्स के साथ दिया जाता है, उनकी जगह कभी नहीं। LMNT में एक महिला का प्रसंग भी दर्ज है जिसकी आँखों से एक इंजेक्शन के बाद महीनों पानी आता रहा; गुरुजी ने इसे दवा का दुष्प्रभाव माना और एक बार (6) Adr × 3 दिया।

गुरुजी कहते हैं
इस थेरेपी में हम बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि शरीर को सुधारते हैं।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

आँखों की समस्याएँ का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच

    थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है, आँखों के डॉक्टर की रिपोर्टें पढ़ता है, और पूछता है कि हर आँख की ड्रॉप किस लिए है। लाल, दर्द वाली आँख या नज़र में अचानक बदलाव हो, तो पहले आँखों के डॉक्टर के पास।

  2. (30) Lacrimal point (आँसू का पॉइंट)

    नाक के बग़ल में भीतरी कोने पर तीस बार हल्का दबाना, आँखें बंद, उँगलियाँ नरम रूमाल में लिपटी हुई — आँख के गोले पर कभी नहीं।

  3. M. Heparin (एम. हेपरिन)

    Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला, जिसे LMNT आँखों की बीमारी में देती है।

  4. H Arrow, (4) Thrd, (10) और (18) Pan

    जाँच के आधार पर थेरेपिस्ट इन्हें चुनता है — हर एक सिर्फ़ तब, जब उसकी अपनी रोक लागू न हो।

  5. कमज़ोर नज़र में: (2) Medulla, फिर Brodmann's 17 और 18

    पहले (2) Medulla, फिर सिर के पीछे घिसाई — यह क्रम ही इलाज का हिस्सा है।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

Lacrimal Point

आँख के भीतरी कोने पर — सूखापन, लगातार पानी आने और कचरे के लिए; ग्लूकोमा के इलाज के साथ, उसकी जगह कभी नहीं।

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M. Heparin (Medulla)

Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला — LMNT इसे आँखों की बीमारी, सिरदर्द और दिमाग़ के रक्त-संचार में देती है।

इन पॉइंट्स से काम करता है

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H Arrow

गर्दन के निचले सिरे पर कंधों के बीच — आँखों की बीमारी के लिए LMNT के पॉइंट्स में से एक।

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(4) Thrd

मेटाबॉलिज़्म के लिए थायरॉइड का पॉइंट। दिल के रोगियों में LMNT इसकी जगह (2) Thrd देती है।

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(10) Pan

इंसुलिन का पॉइंट — LMNT इसे मोतियाबिंद और आँखों की बीमारी में देती है।

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(18) Pan

Pan की वह गिनती जो LMNT मोतियाबिंद और आँखों की बीमारी में देती है।

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(2) Medulla

दूसरी क्रेनियल नस, यानी देखने की नस, पर काम करता है; इसके बाद Brodmann's 17 और 18 की घिसाई।

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यह कभी न करें

  • ग्लूकोमा: अपनी आँखों की ड्रॉप्स और आँखों के डॉक्टर के अपॉइंटमेंट जारी रखें। Lacrimal point साथ में दिया जाता है, उनकी जगह कभी नहीं — ग्लूकोमा से गई नज़र वापस नहीं आती। Lacrimal Point
  • आँख के गोले पर कभी दबाव नहीं। लाल दर्द वाली आँख, अचानक नज़र जाने, आँख की चोट या हाल की आँख की सर्जरी के बाद, या भीतरी कोने पर गर्म, लाल, दर्द वाली सूजन हो, तो आँख का कोई पॉइंट नहीं।
  • दौरे, ऐंठन या झटकों में Pan नहीं दिया जाता (Heparin फ़ॉर्मूले के भीतर को छोड़कर), और स्किज़ोफ़्रीनिया में भी नहीं। Pan
  • आँख में अचानक तेज़ दर्द के साथ धुँधला दिखना, रोशनी के चारों ओर घेरे दिखना, लाल आँख और उल्टी हो, या नज़र में कोई भी अचानक बदलाव या नज़र चली जाए, तो उसी दिन आँखों के अस्पताल जाएँ।
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ और आँखों की ड्रॉप्स लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

वीडियो देखें

M HAPARIN FORMULA

M. Heparin फ़ॉर्मूले का डेमो — Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला ((6) Medulla, (8) Pan, (7) Liv, (8) Chest Only) — जो गर्दन-कंधे के दर्द और बार-बार होने वाले सिरदर्द में दिया जाता है।

M. Heparin कैसे दिया जाता है। वीडियो में इसे गर्दन के दर्द और सिरदर्द के लिए दिखाया गया है; LMNT यही फ़ॉर्मूला आँखों की बीमारी में भी देती है।

अभ्यास से

रिटायर्ड मास्टरजी जिन्होंने अपनी ड्रॉप्स बंद कर दी थीं

सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं

66 साल · रिटायर्ड मास्टरजी · लगभग एक साल से रोज़ माथे पर और दोनों आँखों के पीछे सिरदर्द

क्या मिला
माथा कसा हुआ और कनपटियाँ दर्द वाली — आम तनाव वाला सिरदर्द। पर वे तीन साल से अस्पताल की आँखों की ड्रॉप्स डाल रहे थे, और पिछले महीने बंद कर दी थीं क्योंकि सिरदर्द नहीं गया। दो साल में उनका पढ़ने का चश्मा दो बार बदला था। उन्हें पता ही नहीं था कि ड्रॉप्स किस लिए हैं।
क्या किया गया
पहले दिन सिर्फ़ समझाया गया, कोई पॉइंट नहीं दिया गया: ये ड्रॉप्स आँख के उस चुपचाप दबाव के लिए हैं जो धीरे-धीरे नज़र छीनता है और लौटाता नहीं। उन्होंने ड्रॉप्स फिर शुरू कीं और आँखों के विभाग में गए; जाँच में बढ़ा हुआ दबाव और किनारे की नज़र में ऐसे बदलाव दिखे जो उन्होंने महसूस ही नहीं किए थे। उसके बाद ही सिरदर्द का काम शुरू हुआ।
इससे सीख
हर दवा के बारे में पूछें कि वह किस लिए है। जो ड्रॉप सिरदर्द में 'काम नहीं आई', वह नज़र बचा रही हो सकती है — थेरेपी की वजह से कोई मरीज़ उसे बंद न करे।

आयुर्वेद और रसोई से

त्राटक और हथेलियों से आँखें ढकना

योग ग्रंथ आँखों के दो अभ्यास बताते हैं: छोटी लौ को तब तक एकटक देखना जब तक आँखों में पानी न आ जाए (त्राटक), और उसका उलटा — हथेलियाँ रगड़कर गर्म करना और बिना छुए बंद आँखों पर कटोरी की तरह रखना, जब तक पूरा अँधेरा न हो जाए। Lacrimal point की तरह, दोनों में से कोई भी आँख की बीमारी के इलाज का दावा नहीं करता; दोनों थके हुए अंग की देखभाल हैं।

ख़ुद को परखें

1. ग्लूकोमा के लिए नियमित आँखों की जाँच क्यों ज़रूरी है?

2. Lacrimal point कहाँ दिया जाता है?

3. कमज़ोर नज़र में (2) Medulla के बाद क्या दिया जाता है?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    आँख के भीतर का दबाव उस जगह पर ज़ोर डालता है जहाँ से ऑप्टिक नस आँख से निकलती है, और उसके नस-तंतु धीरे-धीरे नष्ट होते हैं। ग्लूकोमा ऐसी नज़र जाने का बड़ा कारण है जो वापस नहीं आती; इलाज इसे धीमा करता है।

    Weinreb RN, Aung T, Medeiros FA. The pathophysiology and treatment of glaucoma: a review. JAMA. 2014;311(18):1901-1911.

आँखों की समस्याओं में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

60 से ऊपर के लोग, या जिनके परिवार में ग्लूकोमा है

नियमित रूप से पुतली फैलाकर आँखों की जाँच करवाएँ — ग्लूकोमा बिना दर्द या चेतावनी के नज़र छीनता है।

डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर वाले

दोनों रेटिना को नुक़सान पहुँचा सकते हैं। हर साल आँखों की जाँच ज़रूर करवाएँ।

जो भी आँखों की ड्रॉप्स डालते हैं

जानें कि हर ड्रॉप किस लिए है, और आँखों के डॉक्टर से पूछे बिना कोई ड्रॉप बंद न करें।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

अपडेट:

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