दूसरे नाम: Thymus + Chest, Thymus Chest, Th+Ch, थाइमस चेस्ट
Th + Ch, यानी Thymus + Chest, न्यूरोथेरेपी (LMNT) का वह ट्रीटमेंट है जिसमें छाती की हड्डी, छाती और बग़ल — तीनों पर एक साथ काम होता है। यह सबसे ज़्यादा चोट या मोच के बाद दर्द मिटाने वाले ट्रीटमेंट के रूप में जाना जाता है, और इसके साथ उन लोगों की सबसे लंबी सूची जुड़ी है जिन्हें यह नहीं दिया जाता।
परिचय
Th + Ch क्या है?
न्यूरोथेरेपी (LMNT) के छाती वाले समूह में चार ट्रीटमेंट हैं, जो एक-दूसरे से बने हैं। Th. Only सिर्फ़ छाती की हड्डी पर काम करता है। Ch. Only सिर्फ़ छाती पर। Armpit बग़ल पर। और Th + Ch इन तीनों को एक साथ लेता है — छाती की हड्डी, छाती और बग़ल — इसके नाम का मतलब यही है।
Th का मतलब है थाइमस। थाइमस एक छोटी ग्रंथि है जो छाती की हड्डी के ऊपरी हिस्से के ठीक पीछे रहती है। यही वह पाठशाला है जहाँ T कोशिकाएँ — कीटाणुओं को पहचानने वाली सफ़ेद रक्त कोशिकाएँ — अपना काम सीखती हैं। Ch का मतलब छाती है, और बग़ल में लिम्फ़ नोड का एक बड़ा गुच्छा होता है — शरीर की रक्षा-व्यवस्था के छोटे-छोटे छलनी केंद्र।
गुरुजी ने Th + Ch को रामबाण कहा — चोट लगने या ठोकर खाने पर दर्द मिटाने वाला। क्योंकि यह शरीर की रक्षा-शक्ति को जगाता है, इसलिए यह उन सब रोगियों से रोका भी जाता है जिनकी रक्षा-शक्ति पहले से ही ग़लत दिशा में काम कर रही है।
🖼चित्र जल्द आएगाछाती की हड्डी के ऊपरी हिस्से के पीछे थाइमस, और छाती के दोनों तरफ़ बग़ल के लिम्फ़ नोड
Th + Ch एक साथ तीन जगह पहुँचता है: थाइमस के ऊपर छाती की हड्डी, छाती, और लिम्फ़ नोड वाली बग़ल।
कहाँ दिया जाता है
Th + Ch कहाँ दिया जाता है?
स्थितिपीठ के बल
शरीर का हिस्सादोनों तरफ़ छाती का अगला हिस्सा: छाती की हड्डी, छाती से कंधा, और बग़ल से बाँह का ऊपरी हिस्सा
आप पीठ के बल सीधे लेटते हैं, बिना किसी तकिए के — न सिर के नीचे, न जाँघों के नीचे। इस ट्रीटमेंट के लिए छाती और कंधे एक सीध में होने चाहिए।
काम एक तरफ़ की छाती के अगले हिस्से पर होता है — छाती की हड्डी से, छाती पर होते हुए कंधे तक, और बग़ल से होकर बाँह के ऊपरी हिस्से तक — फिर यही दूसरी तरफ़। हर तरफ़ से पहले आपसे कहा जाता है कि अपना चेहरा उस तरफ़ से दूसरी ओर घुमा लें।
🖼चित्र जल्द आएगाबिना तकिए के सीधा लेटा भूरा पुतला, छाती की हड्डी, छाती और बग़लें हल्के रंग से चिह्नित
बिना किसी तकिए के सीधे लेटकर: छाती की हड्डी, छाती और बग़ल — Th + Ch के तीन हिस्से।
कैसे दिया जाता है
Th + Ch कैसे दिया जाता है?
Th + Ch न्यूरोथेरेपी (LMNT) के घिसाई वाले परिवार का ट्रीटमेंट है। इसमें थेरेपिस्ट का पैर दबाकर रुकता नहीं; वह एक तय दिशा में शरीर पर सरकता है — इतना हल्के से, मानो गीली मिट्टी पर फिसल रहा हो। लौटते समय कोई घिसाई नहीं होती।
एक तरफ़ पूरी करके ही दूसरी तरफ़ की जाती है, और बग़ल हमेशा इसका हिस्सा होती है — जो ट्रीटमेंट छाती की हड्डी और छाती पर रुक जाए, वह Th + Ch नहीं है। दोनों तरफ़ों को संतुलन में रखा जाता है, क्योंकि एक तरफ़ को दूसरी से बहुत ज़्यादा उकसाने से कुछ लोगों को जी मिचलाने लगता है। ठीक-ठीक घिसाई कैसे हो और लिखी हुई संख्या कैसे बाँटी जाए, यह कोर्स में प्रशिक्षित शिक्षक के सामने हाथों-हाथ सिखाया जाता है।
किससे दिया जाता हैथेरेपिस्ट का पैर, हल्की सरकन के रूप में
कैसा महसूस होता हैछाती और बग़ल पर एक चिकनी, हल्की सरकन — कोई गड़ाव नहीं
तकियाबिल्कुल नहीं
कभी छूटता नहींबग़ल — यह Th + Ch का हिस्सा है
सही तकनीक न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोर्स में हाथों-हाथ सिखाई जाती है। कोर्स देखें →
यह क्या करता है
Th + Ch क्या करता है?
मूल शिक्षा में Th + Ch के ये असर बताए गए हैं:
चोट लगने या मोच आने के बाद यह दर्द मिटाने का काम करता है।
यह हड्डियों और ऊतकों में खनिज भरने में मदद करता है, ताकि घाव जल्दी भरें, और पुराने घावों और जलने के निशानों को धुंधला करता है।
यह शरीर में कहीं भी जमा फ़ालतू पानी सुखाने में मदद करता है — जैसे कान या आँख से लगातार आता पानी या मवाद।
यह बढ़े हुए प्रोस्टेट में, गर्भाशय की फ़ाइब्रॉइड या सिस्ट में, और दिमाग़ के अंदर ख़ून बहने या जमे ख़ून को सुखाने में इस्तेमाल होता है।
यह कानों में बिना कारण घंटी जैसी आवाज़ में, और मेनियर रोग में दिया जाता है, जिसमें बिस्तर पर करवट लेने पर भी चक्कर आता है।
यह किन अंगों तक पहुँचता है
थाइमस ग्रंथि — छाती की हड्डी के पीछे की ग्रंथि, जहाँ T कोशिकाएँ प्रशिक्षित होती हैं
छाती के दूसरे पॉइंट्स में Only शब्द इसलिए जोड़ा गया ताकि साफ़ रहे कि कौन-सा हिस्सा दिया जा रहा है। यह ज़रूरी है, क्योंकि थाइमस पर लगी रोक Ch. Only पर लागू नहीं होती।
Th. Only — सिर्फ़ छाती की हड्डी — बिना छाती और बग़ल के थाइमस
Ch. Only — थाइमस के बिना छाती; जहाँ थाइमस रोका गया हो, वहाँ इसकी जगह
नाभि के नीचे दर्द के लिए New Genes का रूप — बिना डायबिटीज़ या ऑटोइम्यून रोग के
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
गर्भावस्था में नहीं: Th + Ch के बाद बच्चा ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगता है, जिससे लगता है कि उसे तकलीफ़ है, इसलिए गर्भवती स्त्री को यह कभी नहीं दिया जाता। गर्भावस्था में देखभाल
रूमेटॉइड आर्थराइटिस या किसी भी ऑटोइम्यून रोग में नहीं — जहाँ रक्षा-व्यवस्था पहले से ग़लत काम कर रही है, वहाँ उसे उकसाया नहीं जाता। ऑटो-इम्यून बीमारियाँ
बच्चों को हल्का ट्रीटमेंट मिलता है। अपनी दवाइयाँ लेते रहें; न्यूरोथेरेपी (LMNT) इलाज के साथ-साथ काम करती है, और साँस फूलने वाली या पसली टूटने के शक वाली छाती की चोट में पहले डॉक्टर ज़रूरी है। बच्चों, बुज़ुर्गों और कमज़ोर लोगों के लिए हल्के फ़ॉर्मूले
सीखने के लिए एक केस
सीखने वाला केस: दुखती छाती
एक अधेड़ ड्राइवर गिरने के तीन हफ़्ते बाद आया — छाती की एक तरफ़ दर्द, और कंधा ठीक से नहीं हिल रहा था; एक्स-रे में हड्डी टूटी नहीं थी। Th + Ch चुना गया, क्योंकि यह चोट के बाद के दर्द के लिए ही है, और हर तरफ़ बग़ल भी शामिल की गई। बाद में एक दूसरे थेरेपिस्ट ने एक तरफ़ को दूसरी से बहुत ज़्यादा उकसा दिया, तो उसका जी मिचलाने लगा; सीधा लिटाकर देखरेख करने से यह ठीक हो गया। फिर से बराबर दिया गया तो कोई परेशानी नहीं हुई, और कुछ ही महीनों में वह बिना दर्द काम पर लौट आया।
तर्क सिखाने के लिए जोड़कर लिखा गया केस — किसी एक रोगी की फ़ाइल नहीं।
आम सवाल
बग़ल हमेशा क्यों शामिल होती है?
क्योंकि Th + Ch का मतलब तीनों हिस्से हैं। अगर सिर्फ़ छाती की हड्डी और छाती दी जाए, तो रोगी को कुछ और मिला — एक अलग ट्रीटमेंट, अलग असर के साथ।
क्या इसमें दर्द होता है?
नहीं। यह हल्की सरकन है, दबाव नहीं। पूरे समय यह चिकना और आरामदायक लगना चाहिए।
मुझे डायबिटीज़ है और कलाई में मोच है। क्या मुझे Th + Ch मिल सकता है?
नहीं। डायबिटीज़ इसकी रोक वाली सूची में है। ऐसे रोगी की चोट में थेरेपिस्ट छाती का काम Ch. Only और Round Arrow के रूप में रखता है और थाइमस को छोड़ देता है।
मुझे चेहरा दूसरी तरफ़ क्यों घुमाना होता है?
इससे गर्दन और चेहरा उस हिस्से से दूर रहते हैं जिस पर काम हो रहा है, और यह ट्रीटमेंट देने के तरीक़े का हिस्सा है।
हैरान करने वाली बातें
1तय समय पर सिकुड़ने वाली ग्रंथि
थाइमस जीवन की शुरुआत में ही सिकुड़ने लगता है और अधेड़ उम्र तक हर साल अपने काम करने वाले ऊतक का लगभग 3% खोता है, उसके बाद लगभग 1%। बुढ़ापे तक इसका ज़्यादातर हिस्सा चर्बी बन जाता है।
स्रोत: Palmer DB. The effect of age on thymic function. Front Immunol 2013;4:316.
2T कोशिका का T
T कोशिकाओं का नाम थाइमस पर रखा गया है, क्योंकि वहीं वे परिपक्व होती हैं और शरीर की अपनी कोशिकाओं को घुसपैठियों से अलग पहचानना सीखती हैं।
हर बग़ल में लिम्फ़ नोड का एक बड़ा गुच्छा होता है — आम तौर पर बीस से चालीस के आसपास — जो बाँह और छाती की दीवार के बड़े हिस्से से आने वाले लिम्फ़ को छानते हैं।
स्रोत: Standring S (ed). Gray's Anatomy, 41st ed. Elsevier, 2016.
वीडियो
INJURY TREATMENT
उसी Injury फ़ॉर्मूले का छोटा हिंदी प्रदर्शन: बाएँ पैर की उँगलियों का काम तीन बार, फिर Gal, Liv और Chest Only, फिर Gal, Liv के साथ Thymus और Chest — चार पर और आठ पर — हर हिस्से के बीच एक मिनट आराम।
LMNT पद्धति में Thymus + Chest के साथ Armpits हमेशा दिए जाते हैं; इस वीडियो में वे नहीं दिखाए गए। डायबिटीज़, दिल की बीमारी, गर्भ या ऑटोइम्यून बीमारी में Thymus + Chest नहीं दिया जाता।
TREATMENT FOR PAIN DUE TO LFT OV - LMNT Neurotherapy
बाईं तरफ़ महसूस होने वाले माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: गर्दन के पीछे (30) Medulla, फिर कलाई-कोहनी के बीच (6) Lt. Ov., और Thymus + Chest।
(30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं दिया जाता। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
TREATMENT FOR PAIN DUE TO RT. OV. - LMNT Neurotherapy
दाईं तरफ़ महसूस होने वाले माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: (30) Medulla, फिर कलाई-कोहनी के बीच (6) Rt. Ov., और Thymus + Chest।
(30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं दिया जाता। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
Treatment for Pain Due to Fibroid in Uterus | LMNT Neurotherapy
जहाँ फ़ाइब्रॉइड हो, वहाँ माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: (30) Medulla, फिर दोनों बाँहों पर (3) WD, और Thymus + Chest।
फ़ाइब्रॉइड पर डॉक्टर की नज़र ज़रूरी है। (30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं; Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं; WD कैंसर में नहीं।
ख़ुद को परखें
शोध
मज़बूत प्रमाण
उम्र के साथ थाइमस कैसे बदलता है, इस पर एक समीक्षा: यह जीवन की शुरुआत में ही सिकुड़ने लगता है, अधेड़ उम्र तक हर साल लगभग 3% और उसके बाद लगभग 1% ऊतक खोता है, इसलिए नई T कोशिकाओं का बनना लगातार घटता है।
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।
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