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रोग · साँस, छाती और एलर्जी

एलर्जी

एलर्जी में आपका इम्यून सिस्टम किसी बेनुक़सान चीज़ — जैसे पराग, धूल, कोई खाना या पालतू जानवर — पर ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया करता है, और छींक, खुजली, चकत्ते या बंद-बहती नाक हो जाती है।

Side cut-away of the nose showing a calm healthy lining on the left and a swollen, red allergic lining on the right, with a magnified inset of a mast cell releasing histamine when pollen grains lock onto antibodies on its surface
एलर्जी कैसे शुरू होती है। बाईं ओर: नाक की स्वस्थ परत, शांत और खुली। दाईं ओर: एलर्जी में वही परत — सूजी हुई, लाल और पानी जैसे बलगम से भरी। घेरा: पराग के कण मास्ट सेल पर बैठी एंटीबॉडी (IgE) से चिपकते हैं, और सेल फटकर हिस्टामिन छोड़ती है — यही रसायन छींक, खुजली और बहती नाक का कारण है।
मुख्य बातें
  • अमेरिका के एक बड़े सर्वे में लगभग हर 3 में से 1 वयस्क (31.8%) को मौसमी एलर्जी, एक्ज़िमा या खाने की एलर्जी थी
  • सिर्फ़ मौसमी एलर्जी लगभग हर 4 में से 1 वयस्क (25.7%) को थी
  • एक गंभीर प्रतिक्रिया, जिसे एनाफ़ाइलैक्सिस कहते हैं, जान के लिए ख़तरा बन सकती है

स्रोत: US CDC, NCHS Data Brief 460 (2021 survey); MedlinePlus

एलर्जी क्या है?

आपका इम्यून सिस्टम आपको कीटाणुओं से बचाता है। एलर्जी में यह ग़लती कर बैठता है: किसी बेनुक़सान चीज़ — पराग, धूल के कीड़े, फफूँद, पालतू जानवर के बाल-रूसी, कोई खाना, कीड़े का डंक या कोई दवा — को दुश्मन मान लेता है।

यह उस चीज़ के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी बना लेता है। अगली बार जब आप उसके संपर्क में आते हैं, तो एंटीबॉडी कुछ ख़ास कोशिकाओं से हिस्टामिन जैसे रसायन छुड़वाती हैं। यही रसायन छींक, खुजली, चकत्ते, सूजन और बहती नाक पैदा करते हैं।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • छींकें, साथ में बहती या बंद नाक
  • खुजलाती, लाल, पानी भरी आँखें
  • खुजली, पित्ती या त्वचा पर चकत्ते
  • खाँसी, सीटी जैसी साँस या छाती में जकड़न
  • होंठ, आँखों या चेहरे पर सूजन
  • किसी खाने के बाद: पेट में मरोड़, उल्टी या पतले दस्त

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

हवा में मौजूद चीज़ें

  • पेड़ों और घास के पराग
  • घर की धूल के कीड़े और फफूँद
  • बिल्ली, कुत्ते और दूसरे जानवरों के बाल और रूसी

खाना, डंक और दवाएँ

  • मूँगफली, दूध और अंडे जैसे खाने
  • मधुमक्खी और ततैया के डंक
  • कुछ दवाएँ

किसे ज़्यादा होती है

इसका पता कैसे चलता है?

एलर्जी का पता आम तौर पर आपकी बात से चलता है — आप किस चीज़ के पास थे और क्या हुआ — फिर आसान जाँचों से इसकी पुष्टि होती है।

स्किन प्रिक टेस्ट

संभावित एलर्जी वाली चीज़ की छोटी-सी बूँद त्वचा पर रखकर हल्की-सी चुभन की जाती है। छोटा, खुजलाता उभार प्रतिक्रिया दिखाता है।

ख़ून की जाँच

यह नापती है कि आपके शरीर ने किन चीज़ों के ख़िलाफ़ एलर्जी वाली एंटीबॉडी (IgE) बनाई है।

पैच टेस्ट

त्वचा की एलर्जी के लिए: छोटे पैच कुछ दिन त्वचा पर लगे रहते हैं, ताकि पता चले कि किस चीज़ से चकत्ते होते हैं।

खाने की डायरी या एक-एक चीज़ हटाकर देखना

शक वाले खाने को कुछ समय बंद करके फिर डॉक्टर की देखरेख में वापस शुरू किया जाता है, यह देखने के लिए कि लक्षण उसके साथ आते हैं या नहीं।

न्यूरोथेरेपिस्ट किडनी के दो पॉइंट, Liv° और Mu°, दबाकर देखता है कि किस तरफ़ दर्द है। वह यह भी पूछता है कि मल कैसा आता है (सख़्त, सामान्य या पतला), मासिक धर्म कितने दिन चलता है, और ब्लड प्रेशर जाँचता है — यही बातें इलाज तय करती हैं।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से एलर्जी

LMNT में एलर्जी को शरीर के एसिड–अल्कली संतुलन और दोनों किडनी के ज़रिए पढ़ा जाता है। गुरुजी की शिक्षा में किडनी के दोनों पॉइंट, Liv° (दाईं किडनी) और Mu° (बाईं किडनी), खुजली, एलर्जी और त्वचा रोगों के लिए दिए जाते हैं — पर ये शरीर के रसायन को उलटी दिशाओं में खींचते हैं, इसलिए तरफ़ मायने रखती है।

दो तरह की एलर्जी, दो दिशाएँ

  1. सूखी क़िस्मखुजली, रूखी त्वचा, सख़्त मल — LMNT की एसिड वाली तस्वीर का हिस्सा, जो पानी की कमी के साथ आती है।
  2. Mu° में दर्दबाईं किडनी के पॉइंट Mu° में ज़्यादा दर्द, और Liv° में कम या बिल्कुल नहीं।
  3. गीली क़िस्महर सुबह बहती नाक, साथ में थोड़ा नरम मल — LMNT की अल्कली वाली तस्वीर का हिस्सा।
  4. Liv° में दर्ददाईं किडनी के पॉइंट Liv° में दर्द, और Mu° में नहीं।

LMNT पद्धति एक सीधा उदाहरण देती है: जिस व्यक्ति की नाक हर सुबह बहती है, और जिसे Liv° में दर्द है पर Mu° में नहीं, उसका इलाज Liv° के ज़रिए होता है — और बताया गया है कि नाक बहना रुक जाता है। उलटी तरफ़ इलाज करने से हालत बिगड़ने की उम्मीद रहती है। इसीलिए हर बार इलाज से पहले जाँच होती है।

गुरुजी कहते हैं
अगर Mu° में दर्द नहीं है तो Acid treatment नहीं देना है !
— डॉ. लाजपतराय मेहरा, चंडीगढ़ कैंप, 2001

एलर्जी का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच

    थेरेपिस्ट Liv° और Mu° दबाकर दर्द वाली तरफ़ ढूँढता है, और मल, मासिक धर्म और ब्लड प्रेशर के बारे में पूछता है। इससे पहले कोई इलाज नहीं चुना जाता।

  2. Mu° में तेज़ दर्द: ATF, रूप (b)

    Acid Treatment Formula का वह रूप जो Thymus + Chest पर ख़त्म होता है: (8) Pan, (1) Gal, (3) Mu°, (1) Acid, फिर (4) Thymus + Chest। LMNT पद्धति कहती है कि यह अंत शरीर के दर्द को और संक्रमण से आई एलर्जी को कम करता है।

  3. Liv° में दर्द: दाईं किडनी वाली तरफ़

    जहाँ दर्द Liv° में हो और Mu° में नहीं — अक्सर बहती नाक वाली क़िस्म — वहाँ Liv° का इस्तेमाल होता है, और Acid treatment नहीं दिया जाता।

  4. सूखी क़िस्म: Kidney Clear

    सूखी क़िस्म की एलर्जी में Kidney Clear दिया जाता है — पर तभी, जब साथ में एक और बात भी मिले: सख़्त या सामान्य मल, Mu° में Liv° से ज़्यादा (या बराबर) दर्द, चार या ज़्यादा दिन का मासिक धर्म, बाईं अनामिका उँगली में दर्द, या ब्लड प्रेशर सामान्य से कम। इसे उस स्तर से शुरू किया जाता है जितना शरीर सह सके; कमज़ोर या बुज़ुर्ग व्यक्ति को Mild Kidney Clear दिया जाता है।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

ATF, रूप (b)

Thymus + Chest पर ख़त्म होने वाला Acid Treatment Formula — Mu° में तेज़ दर्द के साथ एलर्जी के लिए।

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Kidney Clear

किडनी और एसिड–अल्कली संतुलन को सहारा देता है — सूखी क़िस्म की एलर्जी के लिए, I से IV स्तर तक।

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Mild Kidney Clear

Kidney Clear का हल्का रूप — कमज़ोर, बुज़ुर्ग या लंबे समय से बीमार व्यक्ति के लिए।

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यह कभी न करें

  • किसी खाने, डंक या दवा के बाद होंठ, जीभ या गले में सूजन, साँस लेने में दिक़्क़त, नीले होंठ, उलझन या बेहोशी — यह एनाफ़ाइलैक्सिस है। तुरंत एम्बुलेंस (108/112) बुलाएँ। यह इमरजेंसी है, ट्रीटमेंट का समय नहीं।
  • एलर्जी में Spl कभी नहीं — LMNT पद्धति कहती है कि ज़ुकाम, एलर्जी और अस्थमा में यह नुक़सान करता है। Spl
  • Mu° में तेज़ दर्द नहीं, तो ATF नहीं। और जिसका दर्द सिर्फ़ Liv° में हो, उसे Mu° नहीं दिया जाता — ग़लत तरफ़ का इलाज एलर्जी बढ़ा सकता है। Mu°
  • किडनी फ़ेल होने या किडनी के कैंसर में Liv° और Mu° को उत्तेजित नहीं किया जाता। पतले दस्त हों तो Acid पॉइंट नहीं दिया जाता। किडनी फ़ेलियर
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और अगर आपको इमरजेंसी की कोई दवा दी गई है तो उसे हमेशा साथ रखें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

वीडियो देखें

शरीर में Acid बढ़ जाए तो क्या करें? | Blood pH Balance Treatment | LMNT Acid Treatment Formula

इसमें Acid Treatment फ़ॉर्मूला क्रम से दिखाया गया है — (8) Pan, (3) Gal, (5) Mu°, दाईं जाँघ के किनारे पर 3 Acid, (4) Chest Only, और पीठ के ऊपरी हिस्से पर (6) Adr, बिना रुके। एसिड बढ़ा हो तो यह शरीर के एसिड–अल्कली संतुलन को सहारा देने के लिए दिया जाता है।

ध्यान दें: Acid Treatment फ़ॉर्मूला तभी दिया जाता है जब Mu° पॉइंट दुखता हो, और हाई BP, डायबिटीज़, कैंसर या HIV में (6) Adr नहीं दिया जाता — थेरेपिस्ट पहले जाँच करता है।

Acid Treatment Formula, क़दम-दर-क़दम। वीडियो में वह रूप है जो (6) Adr पर ख़त्म होता है; एलर्जी में LMNT पद्धति इसे Thymus + Chest पर ख़त्म करती है — रूप (b)।

आयुर्वेद और रसोई से

ख़ुद को परखें

1. एलर्जी में क्या होता है?

2. किसी खाने या डंक के बाद होंठ सूजना और साँस लेने में दिक़्क़त — क्या करें?

3. LMNT में एलर्जी में कौन-सा पॉइंट कभी नहीं दिया जाता?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    यह समीक्षा एलर्जी का मूल तरीक़ा समझाती है: IgE एंटीबॉडी मास्ट कोशिकाओं पर बैठी रहती हैं, और जब एलर्जी वाली चीज़ उन्हें जोड़ती है, तो कोशिकाएँ हिस्टामिन और दूसरे रसायन छोड़ती हैं। बार-बार संपर्क से यह नाक, फेफड़ों या त्वचा की लंबी सूजन बन सकती है।

    Galli SJ, Tsai M, Piliponsky AM. The development of allergic inflammation. Nature. 2008;454:445–454.

एलर्जी में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

एलर्जी वाले सभी लोग

अपने ट्रिगर पहचानें और जहाँ हो सके उनसे दूर रहें — धूल, पराग का मौसम, कोई खाना। हर बार एलर्जी से पहले आपने क्या खाया या छुआ, लिख लें।

गंभीर एलर्जी वाले लोग

अगर कभी आपके गले में सूजन या साँस में दिक़्क़त हुई है, तो डॉक्टर से इमरजेंसी प्लान लें और उसे साथ रखें।

अस्थमा वाले लोग

एलर्जी और अस्थमा अक्सर साथ चलते हैं। डॉक्टर के बताए अनुसार इनहेलर रखें, और थेरेपिस्ट को दोनों के बारे में बताएँ।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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