दूसरे नाम: Facial Point, Facial point, चेहरे का पॉइंट, फ़ेशियल पॉइंट
Bell's Palsy पॉइंट, जिसे चेहरे का पॉइंट भी कहते हैं, बैठे हुए रोगी के चेहरे पर दिया जाने वाला एक हल्का खींचने वाला ट्रीटमेंट है, जब चेहरा एक तरफ़ से लटक गया हो। यह हमेशा उस तरफ़ से शुरू होता है जो अभी भी ठीक काम कर रही है, और यह दिशा कार्ड पर लिखी जाती है ताकि हर थेरेपिस्ट एक ही तरह से काम करे।
परिचय
Bell's Palsy पॉइंट क्या है?
बेल्स पाल्सी चेहरे के एक तरफ़ की अचानक कमज़ोरी है। यह तब होती है जब फ़ेशियल नर्व — वह नस जो चेहरे की मांसपेशियों को हिलने का संदेश देती है — सूज जाती है और ठीक से काम करना बंद कर देती है। व्यक्ति बराबर मुस्कुरा नहीं पाता, मुँह का कोना नीचे लटक जाता है, और अक्सर उस तरफ़ की आँख बंद नहीं होती।
न्यूरोथेरेपी (LMNT) में इस तकलीफ़ के नाम वाला ट्रीटमेंट Bell's Palsy पॉइंट है, जिसे सीधे चेहरे का पॉइंट भी कहते हैं। गुरुजी की शिक्षा कहती है कि यह उस व्यक्ति के लिए है जिसका मुँह एक तरफ़ टेढ़ा हो गया हो, जो ठीक से मुस्कुरा न पाए या आँख पूरी बंद न कर पाए, और ऐसे लोगों को इससे बहुत लाभ मिलता है।
यह एक फ़िज़िकल पॉइंट है: यह सीधे चेहरे के नरम ऊतक पर काम करता है। चेहरा शरीर की अकेली ऐसी जगह है जहाँ मांसपेशियाँ हड्डी पर नहीं, बल्कि त्वचा में जुड़ी होती हैं, इसलिए त्वचा पर धीमा, सावधान खिंचाव सच में नीचे की मांसपेशी को हिलाता है।
🖼चित्र जल्द आएगाकान के पास खोपड़ी से निकलती फ़ेशियल नर्व, जो माथे, आँख, गाल और मुँह की तरफ़ शाखाओं में फैल रही है
फ़ेशियल नर्व चेहरे के एक आधे हिस्से पर फैलती है। जब यह सूजती है, तो वह आधा चेहरा हिलना खो देता है।
कहाँ दिया जाता है
यह कहाँ और किस स्थिति में दिया जाता है?
स्थितिबैठकर
शरीर का हिस्सापूरा चेहरा, ठीक काम करने वाली तरफ़ से कमज़ोर तरफ़ तक, बालों की रेखा के पीछे ख़त्म
रोगी एक मज़बूत, सीधी पीठ वाली कुर्सी पर आराम से बैठता है, और चेहरे से बाल हटे होते हैं। अगर रोगी बहुत बीमार या बहुत कमज़ोर हो, तो चेहरे का पॉइंट लेटाकर भी दिया जा सकता है।
इलाक़ा पूरा चेहरा है — एक गाल से दूसरे गाल तक और बालों की रेखा के पीछे कनपटी तक। काम उस तरफ़ से शुरू होता है जो ठीक खुलती है — जहाँ आँख अब भी बंद होती है, भौं अब भी उठती है और मुँह अब भी खिंचता है — और कमज़ोर तरफ़ तक जाता है, आख़िर में बालों के पीछे सिर की बग़ल में ख़त्म होता है।
दिशा रोगी के कार्ड पर दो में से एक चिह्न के रूप में लिखी जाती है — तीर वाले आँख के निशान जो दाईं तरफ़ इशारा करें, या बाईं तरफ़ — ताकि अगला थेरेपिस्ट भी उसी तरह काम करे और कोई ग़लती न हो।
🖼चित्र जल्द आएगाकुर्सी पर बैठा धूसर पुतला, जिसका पूरा चेहरा हल्का चमक रहा है और एक तीर एक गाल से दूसरे गाल तक जा रहा है
बैठाकर; खिंचाव हमेशा ठीक काम करने वाली तरफ़ से शुरू होकर बालों के पीछे ख़त्म होता है।
कैसे दिया जाता है
यह कैसे दिया जाता है?
यह अंगूठों के नरम हिस्से से दिया जाता है, नाख़ून से कभी नहीं, और त्वचा को खरोंचे बिना। थेरेपिस्ट ऊतक को हल्का-सा अंदर दबाकर साथ खींचता है, कोई जगह ख़ाली नहीं छोड़ता। यह चेहरे पर एक धीमे, सहलाते खिंचाव जैसा लगना चाहिए — कभी दर्द वाला नहीं।
क्योंकि चेहरे पर होने वाला काम रोगी देख रहा होता है, थेरेपिस्ट हर छुअन से पहले बताता है कि क्या होने वाला है; बिना बताए चेहरा अकड़ जाता है। इसकी कोई तय गिनती नहीं है — खिंचाव तब तक चलता है जब तक पूरा चेहरा ढक न जाए। इसे ठीक कैसे दिया जाता है, यह कोर्स में प्रशिक्षित शिक्षक के सामने हाथों-हाथ सिखाया जाता है।
किससे दिया जाता हैअंगूठों का नरम हिस्सा — नाख़ून नहीं
कैसा लगता हैचेहरे पर त्वचा का धीमा, हल्का खिंचाव
रोगी की स्थितिबैठे हुए; बहुत कमज़ोर हों तो लेटाकर
किस दिशा में?ठीक तरफ़ से कमज़ोर तरफ़, कार्ड पर चिह्न से लिखा हुआ
सही तकनीक न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोर्स में हाथों-हाथ सिखाई जाती है। कोर्स देखें →
यह क्या करता है
यह शरीर में क्या करता है?
चेहरे का पॉइंट सीधे भाव बनाने वाली मांसपेशियों पर काम करता है। ये पतली मांसपेशियाँ त्वचा में बुनी होती हैं, इसलिए त्वचा को खींचने से नीचे की मांसपेशियाँ भी हिलती हैं, और नस ठीक होने तक रुका हुआ आधा चेहरा लचीला बना रहता है।
चेहरे की कमज़ोर मांसपेशियों को लचीला और हिलता हुआ रखने में मदद करता है।
लटके हुए ऊतक को उसकी जगह की तरफ़ वापस खींचता है — मज़बूत तरफ़ से कमज़ोर तरफ़।
टेढ़े मुँह या बंद न होने वाली आँख वाले रोगियों ने डॉक्टर के इलाज के साथ लाभ बताया है।
Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला बेल्स पाल्सी के प्लान में लिखा है।
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
जो चेहरा अभी-अभी लटका हो, वह तब तक मेडिकल इमरजेंसी है जब तक डॉक्टर उसे न देख ले। चेहरे के एक तरफ़ की नई कमज़ोरी को कुछ भी देने से पहले उसी दिन डॉक्टर दिखाया जाता है। रोगी को डॉक्टर के पास जाने को कैसे कहें
तुरंत डॉक्टर के पास भेजें अगर चेहरे के साथ हाथ या पैर में कमज़ोरी, ज़बान लड़खड़ाना, अचानक उलझन या नज़र जाना हुआ हो; अगर कान में या उसके पीछे तेज़ दर्द हो, कान या तालू पर छाले हों, या बुख़ार हो। ये स्ट्रोक या किसी और गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं। लकवा और स्ट्रोक
जो आँख बंद नहीं होती वह सूख जाती है, और सूखी आँख की सतह पर घाव और निशान बन सकते हैं। डॉक्टर का दिया आँख का मरहम और रात का कवर लगाते रहें, और हर सेशन में पूछें कि आँख बंद होती है या नहीं। पलकों की समस्याएँ (लटकना या बंद न होना)
न्यूरोथेरेपी (LMNT) डॉक्टर के इलाज के साथ चलती है। जो गोलियाँ और ड्रॉप्स दिए गए हैं, उन्हें लेते रहें।
गुरुजी कहते हैं
“रोगी को देखकर, दोनों में से जो उचित हो वह चिह्न कार्ड पर लिखा जाना चाहिए, ताकि थेरेपिस्ट जाने कि किस तरफ़ से करना है और कोई ग़लती न हो।”
— डॉ. लाजपतराय मेहरा
सीखने के लिए एक केस
सीखने के लिए एक केस: वह तीर जो किसी ने नहीं बनाया
सीखने के लिए एक केस, कई कैंपों से मिलाकर बनाया गया: एक अध्यापिका का चेहरा लटक गया था, उसी दिन डॉक्टर ने देखा और वह दवाओं के साथ न्यूरोथेरेपी (LMNT) के लिए आई। पहले हफ़्ते उसे सिखाए अनुसार ठीक तरफ़ से ट्रीटमेंट मिला। जब दूसरे थेरेपिस्ट ने कमज़ोर तरफ़ से खींचा, तो उसे लगा कि चेहरा और नीचे धकेला जा रहा है और उसने आना बंद कर दिया। जब उसके कार्ड पर दिशा चिह्न से बनाई गई, तब से हर बार हाथ एक ही दिशा में चले।
तर्क सिखाने के लिए जोड़कर लिखा गया केस — किसी एक रोगी की फ़ाइल नहीं।
आम सवाल
क्या मुझे पहले डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
हाँ, हमेशा, और उसी दिन। चेहरे का नया लटकना स्ट्रोक हो सकता है, जिसे तुरंत इलाज चाहिए। न्यूरोथेरेपी (LMNT) डॉक्टर के इलाज के साथ आती है, उसकी जगह कभी नहीं।
थेरेपिस्ट मेरी ठीक तरफ़ से क्यों शुरू करता है?
क्योंकि खिंचाव ऊतक को ठीक काम करने वाली तरफ़ से लटकी हुई तरफ़ तक ले जाता है। कमज़ोर तरफ़ से शुरू करने पर लटकी तरफ़ और नीचे धकेली जाएगी।
क्या इसमें दर्द होता है?
नहीं होना चाहिए। यह अंगूठों के नरम हिस्से से धीमा, हल्का खिंचाव है — न नाख़ून, न खरोंच। कुछ भी असहज लगे तो तुरंत थेरेपिस्ट को बताएँ।
मेरी आँख बंद नहीं होती। मैं क्या करूँ?
डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसे बचाएँ — दिन में आई ड्रॉप या मरहम, रात को कवर। खुली छूटी आँख सूखकर ख़राब हो सकती है। थेरेपिस्ट हर सेशन में इसके बारे में पूछेगा।
हैरान करने वाली बातें
1त्वचा से बँधी मांसपेशियाँ
ज़्यादातर मांसपेशियाँ हड्डी को खींचती हैं। चेहरे के भाव बनाने वाली मांसपेशियाँ अलग हैं: इनमें से कई सीधे त्वचा में जुड़ती हैं, इसी से ये भौं सिकोड़ पाती हैं या होंठ उठा पाती हैं।
स्रोत: Standard anatomy: Gray's Anatomy (41st ed.), muscles of facial expression.
2संकरी सुरंग में एक नस
चेहरे तक पहुँचने के रास्ते में फ़ेशियल नर्व खोपड़ी के अंदर एक लंबी, संकरी हड्डी की नली से गुज़रती है। जब नस सूजती है, तो वहाँ जगह बहुत कम होती है — यह एक वजह है कि यह इतनी अचानक काम करना बंद कर देती है।
स्रोत: Standard anatomy of the facial canal in the temporal bone (Gray's Anatomy); StatPearls, Bell Palsy.
3माथे का सुराग
जब ख़ुद फ़ेशियल नर्व में पाल्सी होती है, तो उस तरफ़ का माथा भी आम तौर पर हिलना बंद कर देता है। स्ट्रोक में माथा अक्सर बच जाता है, क्योंकि ऊपरी चेहरे को दिमाग़ के दोनों हिस्सों से संदेश मिलते हैं। यह जल्दी डॉक्टर के पास भेजने का एक उपयोगी सुराग है — स्ट्रोक को नकारने का तरीक़ा कभी नहीं।
स्रोत: Standard clinical neurology (upper vs lower motor neuron facial weakness); StatPearls, Bell Palsy.
4ज़्यादातर चेहरे लौट आते हैं
सही मेडिकल इलाज के साथ, बेल्स पाल्सी वाले ज़्यादातर लोगों के चेहरे की हरकत हफ़्तों से महीनों में काफ़ी या पूरी लौट आती है।
स्रोत: NHS / NINDS patient information on Bell's palsy.
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।
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