गला ख़राब और गला बैठना
गला ख़राब होने में गले में दर्द, खराश या जलन होती है, जो अक्सर निगलने पर बढ़ जाती है। गला बैठने में आवाज़ कमज़ोर, खुरदरी या भारी हो जाती है। ज़्यादातर यह ज़ुकाम या किसी वायरस के साथ आता है और लगभग एक हफ़्ते में ठीक हो जाता है।

- ज़्यादातर गले की ख़राबी एक हफ़्ते में अपने-आप ठीक हो जाती है
- गला ख़राब वाले लगभग 10 में से 3 बच्चों और 10 में से 1 बड़े को स्ट्रेप थ्रोट होता है — बैक्टीरिया का संक्रमण
- बड़ों में 2 से 3 हफ़्ते से ज़्यादा गला बैठा रहे, तो डॉक्टर से जाँच करानी चाहिए
स्रोत: NHS; CDC; MedlinePlus
गला ख़राब और गला बैठना क्या है?
गला (फ़ैरिंक्स) मुँह और नाक के पीछे की वह नली है, जो खाने को खाने की नली तक और हवा को साँस की नली तक पहुँचाती है। इसके दोनों तरफ़ टॉन्सिल होते हैं, जो हवा और खाने के साथ आने वाले कीटाणुओं को पकड़ते हैं। जब कोई वायरस या बैक्टीरिया हमला करता है, तो गला और टॉन्सिल लाल, सूजे और दुखने वाले हो जाते हैं।
आवाज़ स्वर-यंत्र (लैरिंक्स) में बनती है, जहाँ हवा गुज़रने पर दो वोकल कॉर्ड काँपते हैं। अगर वे सूज जाएँ — ज़ुकाम, चिल्लाने, धुएँ या पेट के एसिड से — तो वे ठीक से नहीं काँप पाते, और आवाज़ खुरदरी, कमज़ोर या भारी हो जाती है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- गले में दर्द या खराश, निगलने पर ज़्यादा
- लाल, सूजे टॉन्सिल, कभी-कभी सफ़ेद धब्बों के साथ
- गर्दन के आगे सूजी हुई, दुखने वाली गाँठें
- बैठी हुई, कमज़ोर या चली गई आवाज़
- ज़ुकाम के साथ बुख़ार, खाँसी या नाक बहना
- गला सूखना और निगलने में तकलीफ़
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
वायरस
- ज़ुकाम और फ़्लू — सबसे आम वजह
- ग्लैंडुलर फ़ीवर (मोनोन्यूक्लिओसिस)
बैक्टीरिया
- स्ट्रेप थ्रोट — 5 से 15 साल के बच्चों में सबसे आम
- टॉन्सिलाइटिस
ज़ोर और जलन
- आवाज़ पर ज़्यादा ज़ोर — चिल्लाना, गाना, घंटों बोलना
- धूम्रपान और शराब
- लंबी चलने वाली खाँसी
दूसरी वजहें
- पेट से एसिड का ऊपर आना (रिफ़्लक्स)
- एलर्जी
- बहुत कम, स्वर-यंत्र में कोई गाँठ — इसीलिए लंबे समय तक बैठी आवाज़ की जाँच होती है
इसका पता कैसे चलता है?
डॉक्टर गला, टॉन्सिल और गर्दन की गाँठें देखता है। जब स्ट्रेप होने की संभावना हो, या आवाज़ हफ़्तों तक बैठी रहे, तब टेस्ट किए जाते हैं।
रैपिड स्ट्रेप टेस्ट
गले के पीछे से रुई के फाहे से नमूना लेकर स्ट्रेप बैक्टीरिया की जाँच।
थ्रोट स्वैब कल्चर
फाहे के नमूने को लैब में उगाकर देखा जाता है कि कौन-सा कीटाणु है।
लैरिंगोस्कोपी
जो आवाज़ ठीक न हो रही हो: एक छोटे शीशे या कैमरे से वोकल कॉर्ड देखे जाते हैं।
ख़ून की जाँच
ग्लैंडुलर फ़ीवर या कोई दूसरा संक्रमण होने का शक हो, तो ब्लड काउंट मदद करता है।
न्यूरोथेरेपिस्ट डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या किसी ऑटो-इम्यून बीमारी, गर्भावस्था, ब्लड प्रेशर और कम इम्यूनिटी के बारे में पूछता है — इनमें से हर एक गले के किसी पॉइंट को रोकता है। निगलने की तकलीफ़ के लिए गुरुजी की शिक्षा में चार सेकंड का एक सवाल है: स्वाद कैसा है, और आवाज़ कैसी है?
न्यूरोथेरेपी की नज़र से गला ख़राब और गला बैठना
LMNT पद्धति में गले तक उसकी ग्रंथियों और उसकी नसों के ज़रिए पहुँचा जाता है। गला ख़राब और टॉन्सिल के लिए: Ton 'T' — गाल पर, गाल के नीचे और गर्दन की बगल में तीन घिसाइयाँ — टॉन्सिल ग्रंथियों को सक्रिय करने के लिए, और उसके फ़ौरन बाद Sangam पॉइंट; (12) Armpits, जो बग़ल की लिम्फ़ नोड को सक्रिय करते हैं और टॉन्सिल, गला ख़राब और निगलने के दर्द में दिए जाते हैं; टॉन्सिल की वजह से गले के दर्द में (6) Adr; और टॉन्सिल की नसों के लिए (9) Medulla।
गले की चार नसें, Medulla की चार गिनतियाँ
- 5वीं नसनिगलते समय कौर को पीछे ले जाती है — (5) Medulla
- 9वीं नसगले की परत, टॉन्सिल और जीभ के पिछले हिस्से का स्वाद — (9) Medulla
- 10वीं नसस्वर-यंत्र की मांसपेशियाँ और परत — (10) Medulla
- 12वीं नसजीभ की मांसपेशियाँ; चली गई आवाज़ — (12) Medulla
गला बैठने में LMNT पद्धति Vocal Point देती है — दोनों हथेलियाँ कटोरी की तरह गले के दोनों तरफ़, बीच से बाहर और पीछे की ओर हल्के से सहलाना, कम से कम दो बार, एडम्स ऐपल पर कभी नहीं — साथ में बैठी आवाज़ के लिए (10) Medulla, और चली गई या भारी आवाज़ के लिए (12) Medulla। इस थेरेपी के अपने रिकॉर्ड में एक अवलोकन: चेन्नई के एक मरीज़ को (5) Medulla + (9) Medulla × 3 treatments + Katka दिया गया, और उसने गले की जलन और दर्द में, और निगलने की तकलीफ़ और मुँह सूखने में बहुत आराम बताया।
मरीज़ को हमारे इलाज से तुरंत फ़ायदा मिले या न मिले, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखें।
गला ख़राब और गला बैठना का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है और डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या ऑटो-इम्यून बीमारी, गर्भावस्था, ब्लड प्रेशर और इम्यूनिटी के बारे में पूछता है — और निगलने में तकलीफ़ हो, तो स्वाद और आवाज़ के बारे में।
टॉन्सिल
Ton 'T': गाल पर 6 बार, गाल के नीचे 12 बार, गर्दन की बगल में 3 बार — पहले बाईं तरफ़ — और उसके फ़ौरन बाद Sangam पॉइंट।
ग्रंथियाँ और सूजन
गला ख़राब और निगलने के दर्द में (12) Armpits लिम्फ़ नोड को सक्रिय करते हैं; टॉन्सिल की वजह से गले के दर्द में (6) Adr दिया जाता है।
गले की नसें
टॉन्सिल की नसों के लिए (9) Medulla। निगलने में तकलीफ़ के साथ स्वाद चला गया हो, तो (9) Medulla; आवाज़ भारी हो, तो (10) Medulla।
आवाज़
गला बैठने में: Vocal Point, आम तौर पर लिटाकर — बैठाकर सिर्फ़ तब, जब सिर के पीछे दीवार हो — साथ में (10) Medulla, या चली गई आवाज़ के लिए (12) Medulla।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Ton 'T'
टॉन्सिल ग्रंथियों को सक्रिय करता है — चेहरे और गर्दन की तीन घिसाइयाँ, हमेशा Sangam पॉइंट के साथ।
खोलें →Sangam Points
Ton 'T' के फ़ौरन बाद: कोहनी के नीचे, अंगूठे और उँगली के बीच, और एड़ी की हड्डी के नीचे।
खोलें →Armpit
बग़ल की लिम्फ़ नोड की छोटी रुकावटें खोलता है — टॉन्सिल, गला ख़राब और निगलने के दर्द में।
खोलें →Vocal Point
Vocal घिसाई — गले के दोनों तरफ़ कटोरी जैसी हथेलियों से हल्का सहलाना, ख़राब गले और बैठी आवाज़ के लिए।
खोलें →यह कभी न करें
- Ton 'T' डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, ऑटो-इम्यून बीमारी या सूजन-जलन में नहीं दिया जाता, गर्भावस्था में नहीं, और बच्चे पैदा करने की उम्र तक के नौजवानों को नहीं — ख़ास तौर पर महिलाओं को। इसके फ़ौरन बाद हमेशा Sangam पॉइंट दिए जाते हैं। Ton 'T'
- (12) Armpits लिम्फ़ नोड के कैंसर, पोलियो, डायबिटीज़ या किसी भी ऑटो-इम्यून बीमारी में नहीं दिए जाते। जहाँ इम्यूनिटी कम हो, या हाई ब्लड प्रेशर में, (6) Adr नहीं दिया जाता। (6) Adr
- गर्दन के आगे वाले हिस्से पर कभी दबाव नहीं। Vocal Point में एडम्स ऐपल को कभी नहीं छुआ जाता; Ton 'T' की घिसाइयाँ गर्दन की बगल और पीछे रहती हैं। गर्दन में सख़्त, जमी हुई, बिना दर्द की गाँठ की जाँच होती है, उसे घिसा नहीं जाता। गर्दन
- इमरजेंसी — 108/112 पर फ़ोन करें: साँस लेने में तकलीफ़, अपना थूक तक न निगल पाना, मुँह से लार टपकना, या साँस लेते समय तीखी सीटी जैसी आवाज़। बहुत सूजे गले के साथ तेज़ बुख़ार, दबी हुई आवाज़ या मुँह खोलने में तकलीफ़ हो, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। 3 हफ़्ते से ज़्यादा गला बैठा रहे, तो स्वर-यंत्र की जाँच के लिए डॉक्टर ज़रूरी है।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
टॉन्सिल वहाँ होते हैं जहाँ साँस और खाने का रास्ता मिलता है, और साँस या खाने के साथ आए कीटाणुओं के ख़िलाफ़ शरीर की रक्षा वही शुरू करते हैं — इसीलिए LMNT गला ख़राब होने में टॉन्सिल ग्रंथियों और लिम्फ़ नोड पर काम करती है।
गला ख़राब या गला बैठने में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
बच्चे
स्ट्रेप थ्रोट 5 से 15 साल की उम्र में सबसे आम है। 5 साल से छोटा बच्चा जिसका गला ख़राब हो, या कोई भी बच्चा जिसकी लार टपके या साँस लेने में मुश्किल हो, उसे डॉक्टर को दिखाएँ।
शिक्षक, गायक और आवाज़ से काम करने वाले
गला बैठा हो, तो आवाज़ को आराम दें और चिल्लाने से बचें। 3 हफ़्ते से ज़्यादा गला बैठा रहे, तो डॉक्टर से जाँच कराएँ।
युवा महिलाएँ, गर्भवती महिलाएँ और डायबिटीज़ वाले
थेरेपिस्ट को ज़रूर बताएँ — आपको Ton 'T' नहीं दिया जाता, और डायबिटीज़ में (12) Armpits नहीं दिए जाते। उनकी जगह दूसरे पॉइंट चुने जाते हैं।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।