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मल्टिपल स्क्लेरोसिस (MS)

मल्टिपल स्क्लेरोसिस (MS) एक उम्र भर चलने वाली बीमारी है, जिसमें शरीर का अपना रक्षा-तंत्र दिमाग़ और रीढ़ की हड्डी की नसों के ऊपर की परत को नुक़सान पहुँचाता है, जिससे दिमाग़ और शरीर के बीच के संदेश धीमे हो जाते हैं या रुक जाते हैं।

The brain and spinal cord from the side, with small scarred patches marked in the brain and cord; magnified circles compare a healthy nerve fibre with an intact coating and an MS nerve fibre whose coating is patchy and damaged
बगल से दिमाग़ और रीढ़ की हड्डी, जिनमें कई जगह छोटे-छोटे दाग़ (प्लाक) हैं — इसी से "मल्टिपल स्क्लेरोसिस" (कई जगह सख़्त दाग़) नाम पड़ा। बायाँ घेरा: स्वस्थ नस, उसकी परत (माइलिन) पूरी — जैसे तार पर इंसुलेशन। दायाँ घेरा: MS में परत जगह-जगह से ख़राब, इसलिए संदेश धीमा हो जाता है या रुक जाता है।
मुख्य बातें
  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं में दो से तीन गुना ज़्यादा
  • आम तौर पर 20 से 40 साल की उम्र के बीच शुरू होती है
  • लगभग 85% लोगों में पहली बार रिलैप्सिंग-रेमिटिंग प्रकार पकड़ में आता है — लक्षणों का उभरना, फिर शांत दौर

स्रोत: MedlinePlus (NIH); Cleveland Clinic

मल्टिपल स्क्लेरोसिस क्या है?

दिमाग़ और रीढ़ की हड्डी की हर नस एक चिकनी परत में लिपटी होती है, जिसे माइलिन कहते हैं। यह बिजली के तार पर प्लास्टिक की परत जैसा काम करती है, ताकि संदेश तेज़ी से और साफ़-साफ़ पहुँचें।

MS में इम्यून सिस्टम — शरीर की रक्षा करने वाली सेना — ग़लती से इसी परत पर हमला कर देता है। कई जगह छोटे-छोटे दाग़ बन जाते हैं। जहाँ परत ख़राब होती है, वहाँ संदेश धीमे पड़ते हैं या रुक जाते हैं, और शरीर का वह हिस्सा ठीक से काम नहीं करता। इसका ठीक-ठीक कारण अभी तक पता नहीं है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • धुंधला दिखना, आँख में दर्द या नज़र की दूसरी तकलीफ़
  • शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सुन्नपन या झनझनाहट
  • कमज़ोर या अकड़ी हुई मांसपेशियाँ
  • संतुलन बनाने और तालमेल में दिक़्क़त
  • बहुत ज़्यादा थकान
  • पेशाब पर क़ाबू, याददाश्त या सोचने में दिक़्क़त

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

इम्यून सिस्टम

किसे ख़तरा ज़्यादा

  • 20 से 40 साल की उम्र
  • महिला होना
  • परिवार में MS होना

माहौल और आदतें

  • धूम्रपान
  • कम धूप और विटामिन D की कमी
  • पहले कभी हुआ Epstein-Barr वायरस का इन्फ़ेक्शन (ग्लैंडुलर फ़ीवर वाला वायरस)
  • मोटापा

इसका पता कैसे चलता है?

कोई एक जाँच MS साबित नहीं करती। न्यूरोलॉजिस्ट (नसों के विशेषज्ञ) कई जाँचों को मिलाकर तस्वीर बनाते हैं, और मिलती-जुलती दूसरी बीमारियों को अलग करते हैं।

नसों की जाँच

डॉक्टर ताक़त, महसूस करने की क्षमता, रिफ़्लेक्स, संतुलन और आँखों की हरकत देखते हैं, और अब तक के हर दौर के बारे में पूछते हैं।

दिमाग़ और रीढ़ की हड्डी का MRI

एक स्कैन, जिसमें दाग़ वाले हिस्से दिखते हैं — कहाँ हैं, और कोई नया तो नहीं बना।

लम्बर पंक्चर (रीढ़ के पानी की जाँच)

रीढ़ की हड्डी के आसपास के पानी का थोड़ा-सा नमूना लेकर उसमें इम्यून गतिविधि के संकेत देखे जाते हैं।

ख़ून की जाँच

मुख्य रूप से उन दूसरी बीमारियों को अलग करने के लिए, जो MS जैसी दिख सकती हैं।

न्यूरोथेरेपिस्ट पहले सेशन से पहले न्यूरोलॉजिस्ट का पत्र और MRI रिपोर्ट माँगता है, और दो सवाल पूछता है जिनसे योजना बदल जाती है: क्या दिल की कोई बीमारी है, और क्या अभी कोई इन्फ़ेक्शन है?

न्यूरोथेरेपी की नज़र से मल्टिपल स्क्लेरोसिस

LMNT में MS उन पुरानी, लंबी बीमारियों में से है जिनमें अक्सर अनपचा भोजन मिलता है। गुरुजी का तर्क: नसों को अपने रासायनिक संदेशवाहक बनाने के लिए कच्चा माल चाहिए, जो पचे हुए भोजन से ख़ून के ज़रिए आता है। जब पाचन कमज़ोर हो, तो यह कच्चा माल कम पड़ता है — और नसों में इसका असर दिखता है।

थाली से नस तक — LMNT की कड़ी

  1. पाचनभोजन को काम के कच्चे माल में तोड़ता है
  2. ख़ूनयह कच्चा माल शरीर के हर हिस्से तक पहुँचाता है
  3. नस की कोशिकाएँउनसे अपने रासायनिक संदेशवाहक बनाती हैं
  4. शरीरसंदेश पहुँचें, तो चलता, महसूस करता और संतुलन बनाता है

LMNT यह दावा नहीं करती कि MS पलट जाएगी। इसका मक़सद आराम, ताक़त और रोज़ के कामकाज को सहारा देना है — पहले पाचन, फिर वे ट्रीटमेंट जो LMNT पद्धति प्रोस्टाग्लैंडिन और पीनियल ग्रंथि के लिए देती है। प्रगति इससे आँकी जाती है कि व्यक्ति अब क्या कर पाता है: खाना, बैठना, चलना, सोना, अपना काम ख़ुद करना।

गुरुजी कहते हैं
मैं अभी तक मानव शरीर को समझ नहीं पाया हूँ। मेरा ज्ञान मुश्किल से हिमखंड की नोक भर है। न्यूरोथेरेपी अभी अपने बचपन में है। अभी लंबा रास्ता तय करना है।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

मल्टिपल स्क्लेरोसिस का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच

    थेरेपिस्ट जाँच वाले पॉइंट Liv° और Mu° देखता है, न्यूरोलॉजिस्ट की रिपोर्ट पढ़ता है, मल के बारे में पूछता है, और दिल की बीमारी व किसी मौजूदा इन्फ़ेक्शन के बारे में पूछता है — दोनों से तय होता है कि कौन-से ट्रीटमेंट दिए जा सकते हैं।

  2. पहले पाचन

    अगर मल में अनपचा भोजन मिलता है, तो पहले उसे ठीक किया जाता है। LMNT में नसों का कच्चा माल पाचन से ही आता है।

  3. (30) Medulla और G. Heparin

    (30) Medulla LMNT का प्रोस्टाग्लैंडिन ट्रीटमेंट है, जो सूजन-जलन और MS जैसी ऑटो-इम्यून बीमारियों के लिए लिखा गया है। G. Heparin में (30) Medulla, Heparin फ़ॉर्मूले के सिरे पर आता है। दिल की बीमारी हो, तो इनमें से कोई नहीं दिया जाता।

  4. (½) Ku – 40 secs और (15) Medulla

    (½) Ku – 40 secs रीढ़ के आख़िरी सिरे पर एक दबाव है, जो चालीस सेकंड तक रखा जाता है। LMNT पद्धति इसे पीनियल ग्रंथि के लिए, और MS जैसी दिमाग़, बोली या रीढ़ के पानी की गड़बड़ियों के लिए देती है। (15) Medulla भी MS में दिए जाने वाले ट्रीटमेंट में है।

  5. व्यक्ति क्या कर पाता है, वह देखिए

    प्रगति सीधे शब्दों में लिखी जाती है — खाना, बैठना, चलना, सोना, चीज़ें पकड़ना — प्रतिशत में नहीं, और वादे के रूप में कभी नहीं। फ़िज़ियोथेरेपी और न्यूरोलॉजिस्ट का इलाज साथ-साथ चलता रहता है।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

(30) Medulla

प्रोस्टाग्लैंडिन ट्रीटमेंट — LMNT पद्धति में यह सूजन-जलन शांत करता है और MS जैसी ऑटो-इम्यून बीमारियों के लिए लिखा गया है। दिल की बीमारी या इन्फ़ेक्शन में नहीं।

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G. Heparin ('glandins)

(30) Medulla से शुरू होने वाला Heparin फ़ॉर्मूला — LMNT में MS जैसी ऑटो-इम्यून हालत में दिया जाता है; दिल की बीमारी में कभी नहीं।

इन पॉइंट्स से काम करता है

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(½) Ku – 40 secs

रीढ़ के आख़िरी सिरे पर चालीस सेकंड का एक दबाव, पीनियल ग्रंथि के लिए — LMNT में MS जैसी दिमाग़, बोली और रीढ़ के पानी की गड़बड़ियों में दिया जाता है।

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(15) Medulla

Medulla की एक गिनती, जो MS के LMNT ट्रीटमेंट में शामिल है।

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यह कभी न करें

  • MS एक ऑटो-इम्यून बीमारी है, इसलिए ऑटो-इम्यून वाली पूरी रोक लागू होती है: Th, Th + Ch, Lymph, Armpits, Ton 'P', Ton 'T' और Spl कभी नहीं दिए जाते — जहाँ इम्यून सिस्टम पहले से उलटा चल रहा हो, उसे उत्तेजित नहीं किया जाता। ऑटो-इम्यून बीमारियाँ
  • दिल की बीमारी में G. Heparin कभी नहीं। (30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं, और इन्फ़ेक्शन वाली बीमारियों में भी नहीं। घाव खुला हो, तो कोई Heparin फ़ॉर्मूला नहीं। (30) Medulla
  • कमज़ोर व्यक्ति और लंबे समय से चल-फिर न पाने वालों के लिए: कोई ज़ोर का काम नहीं, कोई खींच-तान नहीं, छोटे दबाव। जहाँ व्यक्ति को दबाव महसूस न होता हो, वहाँ थेरेपिस्ट हर सेशन के बाद त्वचा जाँचता है।
  • कोई भी नया या बढ़ता लक्षण हो तो जल्दी न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाएँ — नज़र जाना या आँख में दर्द, नई कमज़ोरी या सुन्नपन, पेशाब पर क़ाबू न रहना। अचानक एक तरफ़ की कमज़ोरी, बोली लड़खड़ाना या साँस में दिक़्क़त इमरजेंसी है: 108 / 112 पर फ़ोन करें।
  • MS उम्र भर की बीमारी है। न्यूरोलॉजिस्ट का इलाज, फ़िज़ियोथेरेपी और कोई भी स्पीच या ऑक्यूपेशनल थेरेपी जारी रखें — न्यूरोथेरेपी आराम और रोज़ के कामकाज को सहारा दे सकती है, उनकी जगह कभी नहीं।
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

आयुर्वेद और रसोई से

ख़ुद को परखें

1. MS किसे नुक़सान पहुँचाती है?

2. MS के दाग़ किस स्कैन में दिखते हैं?

3. LMNT में MS में कौन-से पॉइंट कभी नहीं दिए जाते?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    एक बड़ी समीक्षा: MS का ख़तरा जीन के साथ-साथ बाहरी कारणों से बनता है, जैसे विटामिन D की कमी, धूम्रपान और मोटापा। MRI और रीढ़ के पानी की जाँच से जल्दी पहचान ज़रूरी है, और रिलैप्सिंग प्रकार के लिए अब कई मेडिकल इलाज मौजूद हैं।

    Thompson AJ, Baranzini SE, Geurts J, Hemmer B, Ciccarelli O. Multiple sclerosis. Lancet. 2018.

मल्टिपल स्क्लेरोसिस में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

युवा महिलाएँ

MS ज़्यादातर 20 से 40 की उम्र में, और महिलाओं में ज़्यादा शुरू होती है। आता-जाता धुंधलापन या सुन्नपन डॉक्टर को दिखाने लायक़ है।

धूम्रपान करने वाले

धूम्रपान से MS का ख़तरा बढ़ता है। इसे छोड़ना उन गिने-चुने कारणों में से है जो पूरी तरह आपके हाथ में हैं।

परिवार और देखभाल करने वाले

उम्र भर की बीमारी का इलाज घर पर भी चलता है। थेरेपिस्ट से पूछिए कि घर पर सुरक्षित रूप से क्या किया जा सकता है, और फ़िज़ियोथेरेपी की कसरत रोज़ जारी रखिए।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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