लाइपोमा और सिस्ट (गाँठ)
लाइपोमा त्वचा के नीचे चर्बी की एक नरम, धीरे-धीरे बढ़ने वाली गाँठ है। सिस्ट तरल से भरी एक बंद थैली है — अंडाशय में, घुटने के पीछे या कहीं और। दोनों आम तौर पर नुक़सान नहीं करते, पर हर नई गाँठ पहले डॉक्टर को दिखानी चाहिए।

- लगभग हर 1,000 में से 1 व्यक्ति को लाइपोमा होता है
- ज़्यादातर लाइपोमा 40 से 60 साल की उम्र के बीच पहली बार दिखते हैं
- ज़्यादातर अंडाशय के सिस्ट कुछ महीनों में अपने-आप चले जाते हैं
स्रोत: Cleveland Clinic; NHS; MedlinePlus (NIH)
लाइपोमा और सिस्ट क्या है?
लाइपोमा साधारण चर्बी की कोशिकाओं की एक गाँठ है, जो अपनी ही एक पतली झिल्ली में लिपटी होती है। यह त्वचा के ठीक नीचे होती है — अक्सर पीठ, कंधों, बाँहों, गर्दन या जाँघों पर — नरम और रबड़ जैसी लगती है, दबाने पर थोड़ा खिसकती है, और बहुत धीरे बढ़ती है। यह कैंसर नहीं है।
सिस्ट तरल से भरी एक बंद थैली है। महिलाओं में सबसे आम सिस्ट अंडाशय पर, अंडा निकलने के आसपास बनता है। एक और तरह का, बेकर्स सिस्ट, गठिया वाले घुटने के पीछे जोड़ के तरल का उभार है। ज़्यादातर सिस्ट नुक़सान नहीं करते, पर बड़ा सिस्ट दबाव डाल सकता है, मुड़ सकता है या फट सकता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- त्वचा के नीचे नरम, रबड़ जैसी गाँठ, जो दबाने पर थोड़ा खिसकती है
- आम तौर पर दर्द नहीं, और महीनों-सालों में धीरे-धीरे बढ़ना
- अंडाशय का सिस्ट: पेट फूलना, दबाव या पेट के निचले हिस्से में एक तरफ़ हल्का दर्द
- माहवारी में बदलाव, या बार-बार पेशाब जाना
- अक्सर कोई लक्षण नहीं — बहुत-से सिस्ट किसी और वजह से हुए स्कैन में पकड़ में आते हैं
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
लाइपोमा
- ठीक कारण पता नहीं; लाइपोमा परिवारों में चलते हैं
- अधेड़ उम्र में ज़्यादा
- कुछ दुर्लभ ख़ानदानी बीमारियों में एक साथ कई लाइपोमा होते हैं
अंडाशय का सिस्ट
- हर महीने के सामान्य चक्र में, अंडाशय से अंडा निकलने के समय बनता है
- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) — हार्मोन की गड़बड़ी के साथ कई छोटे सिस्ट
इसका पता कैसे चलता है?
ज़्यादातर लाइपोमा डॉक्टर सिर्फ़ छूकर पहचान लेते हैं। जहाँ ज़रा भी शक हो, वहाँ, और शरीर के अंदर के सिस्ट के लिए, स्कैन किया जाता है।
जाँच
डॉक्टर गाँठ को छूकर देखते हैं — उसका आकार, नरमी और वह खिसकती है या नहीं — और पूछते हैं कि कब से है और बढ़ रही है या नहीं।
अल्ट्रासाउंड
दिखाता है कि गाँठ ठोस है या तरल से भरी। अंडाशय के सिस्ट के लिए अक्सर अंदरूनी स्कैन होता है, और कभी-कभी कुछ हफ़्ते बाद दोबारा, यह देखने के लिए कि वह छोटा हुआ या नहीं।
MRI या CT
जब तस्वीर साफ़ न हो, या किसी गंभीर बढ़त को अलग करना हो।
ख़ून की जाँच
अंडाशय के सिस्ट में कभी-कभी, ख़ास तौर पर मेनोपॉज़ के बाद, कैंसर के संकेत देखने के लिए।
गाँठ के लिए LMNT का पहला नियम: जिस गाँठ की अब तक किसी ने जाँच नहीं की, कुछ भी देने से पहले उसकी जाँच होगी। थेरेपिस्ट उसे पहले डॉक्टर के पास भेजता है, और सिस्ट हो तो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पढ़ता है — उसका आकार, और वह किस तरफ़ है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से लाइपोमा और सिस्ट
LMNT में ट्यूमर, फ़ाइब्रॉइड और सिस्ट अल्कलाइन तरफ़ की बीमारियाँ हैं — वे बीमारियाँ जिनमें बढ़ने की प्रवृत्ति होती है। गुरुजी की 1990 की डायरी भी कई जगह की गाँठों और लाइपोमा को उन बीमारियों में गिनती है जिनमें अनपचा भोजन मिलता है, और LMNT पद्धति लाइपोमा को उस चर्बी से जोड़ती है जिसे शरीर ठीक से सँभाल नहीं पा रहा।
इसलिए काम पाचन और अल्कली की तरफ़ से शुरू होता है। फिर (2) Pan, ठीक छह सेकंड: LMNT पद्धति में यह सोमैटोस्टैटिन के ज़रिए काम करता है — शरीर का अपना 'रुको' संकेत, उस चीज़ के लिए जो ज़्यादा सक्रिय है या ग़लत जगह बढ़ रही है। सिस्ट के लिए Anti F. Heparin, और सिस्ट की जगह के हिसाब से Thymus + Chest या उस तरफ़ का ओवरी पॉइंट।
हमारे ट्रीटमेंट से मरीज़ को तुरंत फ़ायदा हो या न हो, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखो।
लाइपोमा और सिस्ट का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले गाँठ की जाँच
जिस गाँठ को किसी डॉक्टर ने नहीं देखा, उसके लिए कोई ट्रीटमेंट नहीं दिया जाता। जाँच हो जाने के बाद थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है, मल के बारे में पूछता है, और स्कैन की रिपोर्ट पढ़ता है।
अल्कली की तरफ़ — ALTF
सिस्ट के लिए ALTF दिया जाता है — पर तभी, जब अनपचे भोजन वाला सवाल हल हो चुका हो। अगर मल में खाना वैसा ही निकलता है जैसा खाया था, तो पहले उसका इलाज होता है।
(2) Pan — ठीक छह सेकंड
LMNT में लाइपोमा, सिस्ट और दूसरी बिन-ज़रूरत बढ़त के लिए लिखा गया है। यह उस बच्चे को कभी नहीं दिया जाता जिसका क़द कम है या जिसका क़द बढ़ाने का ट्रीटमेंट चल रहा है — ऐसे बच्चे को (4) Pan या (10) Pan दिया जा सकता है।
सिस्ट के लिए: Anti F. Heparin
जब फ़ाइब्रॉइड, सिस्ट या किडनी की पथरी हो, तो Heparin फ़ॉर्मूलों में LMNT यही चुनती है। हर Heparin फ़ॉर्मूले की तरह, घाव खुला हो या माहवारी ज़्यादा हो, तो यह रुकता है।
सिस्ट की जगह के हिसाब से
बच्चेदानी में सिस्ट: Thymus + Chest, हमेशा armpits के साथ। अंडाशय में सिस्ट: बाईं तरफ़ के लिए Lt. Ov., दाईं तरफ़ के लिए Rt. Ov., ताकि वहाँ ख़ून की सप्लाई बढ़े।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
(2) Pan
ठीक छह सेकंड का Pan — LMNT पद्धति में यह ज़्यादा सक्रिय चीज़ को शांत करता है और बिन-ज़रूरत बढ़त को रोकता है; कम क़द वाले या क़द का ट्रीटमेंट ले रहे बच्चों को नहीं।
खोलें →ALTF (मुख्य रूप)
Alkali Treatment Formula — अल्कलाइन तरफ़ के लिए; तभी दिया जाता है, जब अनपचे भोजन वाला सवाल निपट चुका हो।
खोलें →Anti F. Heparin (Anti fibrin)
Pan घटाकर 2 वाला Heparin फ़ॉर्मूला — बिन-ज़रूरत बढ़त, जैसे सिस्ट, से बनी रुकावट के लिए।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- हर नई गाँठ ट्रीटमेंट से पहले डॉक्टर को दिखाई जाती है। गाँठ सख़्त हो, दबाने पर न खिसके, हफ़्तों में बढ़े, या उसमें दर्द, लाली या गर्मी आए, तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
- इमरजेंसी: पेट के निचले हिस्से में एक तरफ़ अचानक तेज़ दर्द — ख़ास तौर पर बेहोशी, उल्टी या बुख़ार के साथ — का मतलब हो सकता है कि सिस्ट फट गया या मुड़ गया। तुरंत अस्पताल जाएँ। मेनोपॉज़ के बाद ख़ून आए, तो भी अगले सेशन से पहले डॉक्टर।
- (2) Pan ठीक छह सेकंड दिया जाता है, और उन बच्चों को कभी नहीं जिनका क़द कम है या क़द बढ़ाने का ट्रीटमेंट चल रहा है — उन्हें (4) या (10) Pan। Pan स्किज़ोफ़्रेनिया वालों को नहीं दिया जाता, और दौरे (fits) में सिर्फ़ Heparin फ़ॉर्मूले के अंदर। (2) Pan
- ओवरी पॉइंट (Lt. Ov., Rt. Ov.) कैंसर में और किशोर उम्र में नहीं दिए जाते। Thymus + Chest गर्भावस्था, सूजन-जलन, पोलियो, दिल की बीमारी, डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या दूसरी ऑटो-इम्यून बीमारी, या किडनी की बीमारी में नहीं दिया जाता — और जब दिया जाए, तो armpits भी ज़रूरी हैं। Th + Ch
- घाव खुला हो या माहवारी ज़्यादा हो, तो Anti F. Heparin (या कोई भी Heparin फ़ॉर्मूला) नहीं। पेडू में पता चले सिस्ट के ऊपर पेट के निचले हिस्से पर गहरा या देर तक दबाव नहीं। Anti F. Heparin (Anti fibrin)
- बच्चों को बड़ों की आधी डोज़ और सिर्फ़ हल्का ट्रीटमेंट दिया जाता है, वह भी प्रशिक्षित थेरेपिस्ट द्वारा।
- हर स्कैन और स्त्री-रोग विशेषज्ञ या सर्जन की हर मुलाक़ात निभाएँ — यह ट्रीटमेंट कभी उसे छोड़ने की वजह नहीं है। बदलाव परखने का ईमानदार तरीक़ा है: "अगले स्कैन के बाद फिर आइए।"
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
डॉ. दिवाकर शुक्ला का प्रैक्टिकल डेमो — कमज़ोर पैंक्रियास को सहारा देने के लिए 1, 2 और 8 Pan पॉइंट देने का सही तरीका।
इसमें जाँघों के ऊपर मोड़ (ग्रोइन) पर Pan (पैंक्रियास) पॉइंट खुद को देना सिखाया गया है — 8 Pan, 2 Pan, और एक-एक मिनट के गैप से 2 Pan × 6 — गिनती के साथ ताकि हर दबाव छह सेकंड का रहे।
बाईं तरफ़ महसूस होने वाले माहवारी के दर्द के लिए हिंदी प्रदर्शन: गर्दन के पीछे (30) Medulla, फिर कलाई-कोहनी के बीच (6) Lt. Ov., और Thymus + Chest।
(30) Medulla दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Thymus + Chest गर्भावस्था, डायबिटीज़, दिल, किडनी या ऑटोइम्यून बीमारी में नहीं दिया जाता। अंडाशय के पॉइंट किशोरियों को और कैंसर में नहीं दिए जाते।
Pan पॉइंट कैसे दिया जाता है — (2) Pan समेत, हर दबाव छह सेकंड — और बाएँ अंडाशय में स्कैन से सिस्ट मिलने पर माहवारी के दर्द का प्रदर्शन। आख़िरी वीडियो में (30) Medulla भी है, जो इस पेज के LMNT सिस्ट ट्रीटमेंट में नहीं है — उसके नीचे का नोट पढ़ें।
अभ्यास से
क़द के लिए आया लड़का — और उसकी जाँघ की गाँठ
सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं
12 साल · उम्र के हिसाब से क़द कम, और बाईं जाँघ के पीछे एक साल से नरम, बिना दर्द की गाँठ
- क्या मिला
- गाँठ नरम थी, आसानी से खिसकती थी और दुखती नहीं थी — पर किसी ने कभी उसकी जाँच नहीं की थी। कुछ भी देने से पहले उसे डॉक्टर के पास भेजा गया, और वह एक पर्ची लेकर लौटा, जिसमें इसे लाइपोमा बताया गया था।
- क्या किया गया
- उसके पिता ने (2) Pan माँगा — "यह चर्बी की गाँठों के लिए लिखा है"। लिखा है, फिर भी मना किया गया: (2) Pan ग्रोथ हार्मोन को रोकता है, इसलिए क़द का ट्रीटमेंट ले रहे बच्चे को कभी नहीं दिया जाता। उसे भूख और क़द के लिए (4) Pan, (4) Pit और (4) Thrd 'P' दिए गए, और गाँठ को छोड़ दिया गया। छह हफ़्ते में वह अच्छे से खाने लगा।
- इससे सीख
- जो किसी बीमारी के लिए लिखा है, वह हर मरीज़ के लिए नहीं लिखा। पहला सवाल हमेशा यह है कि इस व्यक्ति को क्या नुक़सान पहुँचा सकता है — यहाँ वही पॉइंट, जो गाँठ के लिए लिखा था।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
लाइपोमा त्वचा के नीचे परिपक्व चर्बी की कोशिकाओं की हानिरहित बढ़त हैं। ये आम तौर पर 40 से 60 की उम्र में पहली बार दिखते हैं, नरम और गुँधे आटे जैसे लगते हैं, त्वचा के नीचे खिसकते हैं, और ज़्यादातर सिर्फ़ जाँच से पहचाने जाते हैं।
लाइपोमा या सिस्ट में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
अंडाशय के सिस्ट वाली महिलाएँ
ज़्यादातर सिस्ट अपने-आप छोटे हो जाते हैं। डॉक्टर जो दोबारा स्कैन कहें, वह ज़रूर कराएँ, और इमरजेंसी का संकेत जानें: पेट में एक तरफ़ अचानक तेज़ दर्द।
माता-पिता
बच्चे की गाँठ पहले डॉक्टर को दिखाएँ। अगर बच्चे का क़द कम है या क़द का ट्रीटमेंट चल रहा है, तो थेरेपिस्ट को बताएँ — गाँठ वाला आम पॉइंट नहीं दिया जाता।
नई गाँठ वाले 40 से ऊपर के लोग
ज़्यादातर लाइपोमा होते हैं, पर फ़ैसला डॉक्टर को करने दें। जल्दी बढ़े, सख़्त हो या दुखने लगे, तो फिर से दिखाएँ।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।