गिलियन-बारे सिंड्रोम (GBS)
गिलियन-बारे सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें शरीर का रक्षा तंत्र हाथ-पैरों तक जाने वाली नसों पर हमला कर देता है। कमज़ोरी और झनझनाहट आम तौर पर पैरों से शुरू होकर कुछ दिनों में ऊपर चढ़ती है। यह आपात स्थिति है — ज़्यादातर लोग ठीक होने लगते हैं, पर बहुतों को पहले अस्पताल की देखभाल चाहिए।

- दुनिया भर में हर साल लगभग 1,00,000 लोगों को GBS होता है
- लगभग हर 3 में से 2 लोगों को कुछ हफ़्ते पहले दस्त या छाती/गले का संक्रमण हुआ था
- तीसरे हफ़्ते तक लगभग 90% लोग अपनी सबसे ज़्यादा कमज़ोरी पर होते हैं
- 30% तक लोगों में कमज़ोरी साँस की मांसपेशियों तक पहुँच जाती है
स्रोत: Cleveland Clinic; MedlinePlus
गिलियन-बारे सिंड्रोम क्या है?
नसें दिमाग़ और रीढ़ की हड्डी से मांसपेशियों तक संदेश ले जाती हैं। इनमें से बहुत सी नसों पर माइलिन नाम की एक चिकनी परत होती है, जो संदेशों को तेज़ी से पहुँचाने में मदद करती है।
GBS में शरीर का रक्षा तंत्र — अक्सर किसी संक्रमण के बाद — इस परत को, या ख़ुद नस को, दुश्मन समझकर उस पर हमला कर देता है। संदेश धीमे हो जाते हैं या रुक जाते हैं, इसलिए मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती हैं। कमज़ोरी आम तौर पर कुछ हफ़्ते बढ़ती है, फिर फैलना रुक जाता है, और फिर धीरे-धीरे सुधार शुरू होता है। ठीक होने में कुछ हफ़्तों से लेकर कुछ सालों तक लग सकते हैं।
इसके लक्षण क्या हैं?
- कमज़ोरी या झनझनाहट जो पैरों से शुरू होकर ऊपर की ओर फैलती है
- कमर या पैरों की मांसपेशियों में गहरा दर्द
- चलने या सीढ़ी चढ़ने में दिक़्क़त; बाँहों या चेहरे में कमज़ोरी
- बोलने, निगलने या आँखें घुमाने में दिक़्क़त
- छाती की मांसपेशियाँ कमज़ोर होने पर साँस फूलना — आपात स्थिति
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
संक्रमण (सबसे आम कारण)
- दस्त वाला पेट का संक्रमण, अक्सर कैम्पिलोबैक्टर नाम के कीटाणु से
- फ़्लू, या छाती या गले का संक्रमण
- कुछ वायरस, जैसे साइटोमेगालोवायरस, एपस्टीन-बार वायरस और ज़ीका
दुर्लभ कारण
- ऑपरेशन
- बहुत कम, कोई टीका — फ़्लू के टीके से ज़्यादा ख़तरा ख़ुद फ़्लू से होता है
किसे होता है
- किसी को भी, किसी भी उम्र में — सबसे ज़्यादा 30 से 50 साल के बड़ों को
- बहुत से लोगों में कोई कारण कभी नहीं मिलता
इसका पता कैसे चलता है?
GBS की पहचान अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट करते हैं — कमज़ोरी के ढंग और कुछ जाँचों से।
नर्व कंडक्शन टेस्ट और EMG
नापते हैं कि संदेश नसों से होकर मांसपेशियों तक कितनी तेज़ी और कितनी अच्छी तरह पहुँचते हैं।
कमर से पानी की जाँच (लम्बर पंक्चर)
कमर के निचले हिस्से से थोड़ा-सा पानी लिया जाता है। GBS में अक्सर इसमें प्रोटीन ज़्यादा होता है, जबकि सफ़ेद कोशिकाएँ सामान्य रहती हैं।
साँस की जाँच और MRI
अस्पताल में साँस की ताक़त बार-बार जाँची जाती है। दूसरे कारणों को हटाने के लिए रीढ़ का MRI किया जा सकता है।
न्यूरोथेरेपिस्ट GBS की पहचान नहीं करता। घंटों या दिनों में फैलती कमज़ोरी पहले अस्पताल जाती है। LMNT ट्रीटमेंट डॉक्टर के इलाज और रिहैबिलिटेशन के साथ सहारे के रूप में दिया जाता है, न्यूरोलॉजिस्ट की रिपोर्ट सामने रखकर।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से गिलियन-बारे सिंड्रोम
LMNT पद्धति में गिलियन-बारे सिंड्रोम का नाम सबसे पहले और सबसे आम पाचन फ़ॉर्मूले — Normal — और उसके साथी Fast और Ajay Normal फ़ॉर्मूलों के कार्ड पर आता है। गुरुजी की शिक्षा इसका मतलब साफ़ रखती है: ये फ़ॉर्मूले पाचन और अवशोषण पर काम करते हैं, ताकि ठीक होते समय शरीर को पोषण मिलता रहे। ये ख़ुद नसों की चोट पर निशाना नहीं साधते।
GBS मांसपेशियों को कैसे कमज़ोर करता है
- एक संक्रमणपेट या छाती का संक्रमण आकर चला जाता है, अक्सर कुछ हफ़्ते पहले।
- ग़लत हमलाकीटाणु से लड़ने के लिए तैयार रक्षा तंत्र नसों पर भी हमला कर देता है।
- नस की परतमाइलिन की परत, या ख़ुद नस, को नुक़सान पहुँचता है।
- धीमे संदेशरीढ़ की हड्डी से संदेश मांसपेशियों तक कमज़ोर पहुँचते हैं या पहुँचते ही नहीं।
- कमज़ोर मांसपेशियाँपहले पैर कमज़ोर होते हैं; कुछ लोगों में कमज़ोरी बाँहों, चेहरे और साँस तक पहुँचती है।
पाचन फ़ॉर्मूलों के साथ LMNT पद्धति छह ट्रीटमेंट तक (15) Medulla देती है — वह पॉइंट जिसे एसिटिलकोलीन बनाने या बढ़ाने वाला माना जाता है, जो अपनी मर्ज़ी से चलने वाली मांसपेशियों का संदेशवाहक है। वह (30) Medulla, यानी प्रोस्टाग्लैंडिन वाले पॉइंट, का नाम भी लेती है, पर ईमानदार "शायद" के साथ: शायद इसी वजह से रोगियों को आराम मिलता है। ठीक होने के दौरान न्यूरोथेरेपी आराम, ताक़त और रोज़ के काम-काज को सहारा दे सकती है — अस्पताल के इलाज की जगह कभी नहीं।
रोगी को हमारे ट्रीटमेंट से तुरंत फ़ायदा मिले या न मिले, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इसका ध्यान रखिए।
गिलियन-बारे सिंड्रोम का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले अस्पताल, फिर जाँच
फैलती कमज़ोरी, या साँस लेने या निगलने में कोई भी दिक़्क़त — अस्पताल, मैट नहीं। जब डॉक्टर इलाज कर रहे हों, तब थेरेपिस्ट जाँच वाले पॉइंट Liv° और Mu° देखता है, न्यूरोलॉजिस्ट की रिपोर्ट पढ़ता है, और भूख व मल के बारे में पूछता है।
पाचन वाले फ़ॉर्मूले
LMNT पद्धति GBS के लिए तीन बताती है: Normal, Fast (वही जगहें, पर 18–20 पास-पास की जगहों पर सिर्फ़ 1–2 सेकंड) और Ajay Normal (Normal, जिसमें Spl छोड़ा गया है)। थेरेपिस्ट जाँच के आधार पर इनमें से चुनता है।
(15) Medulla × 6 ट्रीटमेंट
बैठाकर, कानों के नीचे गर्दन के दोनों तरफ़ दिया जाता है — अपनी मर्ज़ी से चलने वाली मांसपेशियों के लिए।
(30) Medulla — सिर्फ़ जब अनुमति हो
दिल के रोगी को कभी नहीं, जब तक संक्रमण चल रहा हो तब कभी नहीं, और कैंसर में कभी नहीं।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Normal Treatment Formula
LMNT का पहला और सबसे आम फ़ॉर्मूला — बड़ी आँत के क्रम में पाचन ग्रंथियों को सहारा देता है; इसके कार्ड पर GBS का नाम है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →Ajay Normal
Normal फ़ॉर्मूला, जिसमें Spl जान-बूझकर छोड़ा गया है और छोटी आँत के अवशोषण के लिए Gas 'I' जोड़ा गया है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →(15) Medulla
(15) Medulla — माना जाता है कि यह अपनी मर्ज़ी से चलने वाली मांसपेशियों के लिए एसिटिलकोलीन बनाता या बढ़ाता है; GBS में छह ट्रीटमेंट तक दिया जाता है।
खोलें →(30) Medulla
(30) Medulla — प्रोस्टाग्लैंडिन वाला पॉइंट; LMNT पद्धति कहती है कि "शायद" इसी से GBS के रोगी आराम बताते हैं। दिल के रोगियों को या संक्रमण के दौरान नहीं।
खोलें →यह कभी न करें
- आपात स्थिति: घंटों या दिनों में फैलती कमज़ोरी, साँस लेने में दिक़्क़त, दम घुटना या निगलने में दिक़्क़त, कमज़ोर आवाज़, या तेज़ या अनियमित धड़कन — तुरंत अस्पताल जाएँ।
- (30) Medulla दिल के रोगियों को कभी नहीं दिया जाता, और संक्रमण वाली बीमारियों में भी नहीं — यानी जब तक शुरू करने वाला संक्रमण चल रहा हो, तब नहीं। (30) Medulla
- जब तक मांसपेशियाँ कमज़ोर हैं, दबाव हल्का रहता है, कभी ज़ोर वाला नहीं; व्यक्ति को मैट पर चढ़ाने-उतारने में मदद की जाती है और वहाँ अकेला नहीं छोड़ा जाता।
- फ़िज़ियोथेरेपी और सारा रिहैबिलिटेशन चलता रहे। न्यूरोथेरेपी उनके साथ आराम, ताक़त और रोज़ के काम-काज को सहारा दे सकती है, उनकी जगह कभी नहीं।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
Ajay Normal फ़ॉर्मूले का प्रदर्शन: (8) Pan, (3) Gal, (7) Liv और तीन-पॉइंट वाला (6) Gas 'I' — Normal फ़ॉर्मूला, जिसमें Spl छोड़ा गया है।
उल्टी, सफ़र की उल्टी समेत, के लिए ख़ुद करने का छोटा प्रदर्शन: एक उँगली कान के ठीक बगल और नीचे Medulla की लकीर पर सीधी नीचे की ओर घिसाई करती है, बाईं ओर 30 बार और दाईं ओर 30 बार — (15) Medulla — बीच में एक मिनट का अंतर, दो-तीन बार दोहराकर। त्वचा न छिले, इसलिए टैल्कम पाउडर या थोड़ा तेल लगाया जाता है।
LMNT पद्धति चक्कर के साथ जी मिचलाने और उल्टी के लिए (15) नहीं, (8) Medulla बताती है, और जी मिचलाने व उल्टी के लिए उसका पहला पॉइंट Gas Only है। ख़ून वाली उल्टी, पेट में तेज़ दर्द, गर्दन में अकड़न या शरीर में पानी की कमी के संकेत हों, तो पहले डॉक्टर।
@neurotherapylife के दो प्रदर्शन: Ajay Normal फ़ॉर्मूला, जो LMNT में GBS के लिए बताए गए तीन पाचन फ़ॉर्मूलों में से एक है; और कानों के बगल और नीचे (15) Medulla कहाँ दिया जाता है। दूसरा वीडियो उल्टी के बारे में है — यहाँ सिर्फ़ तरीक़ा दिखाने के लिए है। GBS में दोनों को, अस्पताल वाले दौर के बाद, प्रशिक्षित थेरेपिस्ट देता है।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
GBS के लगभग 70% मामले किसी संक्रमण के बाद आते हैं। कीटाणु के ख़िलाफ़ बनी रक्षा-प्रतिक्रिया नसों की परत पर भी वार करती है, जिससे माइलिन और कभी-कभी ख़ुद नस के रेशे को नुक़सान होता है। साँस की मांसपेशियों की कमज़ोरी इसकी सबसे गंभीर परेशानियों में से है।
गिलियन-बारे सिंड्रोम में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
दोनों पैरों में झनझनाहट या कमज़ोरी जो ऊपर चढ़ रही हो
ख़ासकर हाल में पेट ख़राब होने या ज़ुकाम के बाद, उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। अपने-आप ठीक होने का इंतज़ार न करें।
GBS से ठीक हो रहे लोग
ठीक होना धीमा होता है और महीनों लग सकते हैं। फ़िज़ियोथेरेपी जारी रखें, अच्छा खाएँ, और हर थेरेपिस्ट को बताएँ कि आपको GBS हुआ था।
परिवार और देखभाल करने वाले
ख़तरे के संकेत जानें: साँस फूलना, दम घुटना, कमज़ोर आवाज़ या तेज़ी से फैलती कमज़ोरी। तुरंत अस्पताल जाएँ।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।