प्रोस्टेट का बढ़ना (BPH)
प्रोस्टेट का बढ़ना बड़ी उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि की बिना कैंसर वाली बढ़त है। यह पेशाब की नली को दबाती है, इसलिए पेशाब कमज़ोर धार में, रुक-रुककर और बार-बार आता है — ख़ासकर रात में।

- यह कैंसर नहीं है, और माना जाता है कि इससे प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा नहीं बढ़ता
- 50 से ज़्यादा उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट की सबसे आम तकलीफ़ — 40 से पहले इसके लक्षण कम ही होते हैं
- 40 से 64 साल के हर 100 में से लगभग 5–6 पुरुषों को, और 65 या उससे ज़्यादा उम्र के हर 100 में से लगभग 29–33 पुरुषों को यह होता है (अमेरिका के आँकड़े)
स्रोत: US National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK); MedlinePlus; Mayo Clinic
प्रोस्टेट का बढ़ना क्या है?
प्रोस्टेट मूत्राशय के ठीक नीचे की एक छोटी ग्रंथि है, जो वीर्य बनाने में मदद करती है। मूत्राशय से पेशाब बाहर ले जाने वाली नली, यूरेथ्रा, ठीक इसके बीच से गुज़रती है। उम्र के साथ प्रोस्टेट अक्सर बढ़ जाता है — इसे बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेसिया, या BPH, कहते हैं। बिनाइन का मतलब है — कैंसर नहीं।
ग्रंथि बढ़ती है, तो यूरेथ्रा पर दबाव डालती है। मूत्राशय को ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है, धार कमज़ोर हो जाती है, और कुछ पेशाब अंदर रह जाता है। अंदर रुका पेशाब इन्फ़ेक्शन और मूत्राशय की पथरी की वजह बन सकता है, और समय के साथ यह दबाव गुर्दों को नुक़सान पहुँचा सकता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- बार-बार, या अचानक ज़ोर से पेशाब लगना
- रात में कई बार पेशाब के लिए उठना
- पेशाब शुरू करने में दिक़्क़त, और कमज़ोर धार जो रुक-रुककर आए
- आख़िर में बूँद-बूँद टपकना
- लगना कि मूत्राशय पूरा ख़ाली नहीं हुआ
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
उम्र और हार्मोन
- उम्र के साथ हार्मोन में बदलाव — 40 के बाद हर साल ख़तरा बढ़ता है
- पिता या भाई को प्रोस्टेट की तकलीफ़ होना
दूसरी बीमारियाँ
रहन-सहन
- बहुत कम चलना-फिरना — कसरत ख़तरा घटाने में मदद करती है
इसका पता कैसे चलता है?
डॉक्टर प्रोस्टेट की जाँच करते हैं और दूसरे कारणों को अलग करते हैं — ख़ासकर इन्फ़ेक्शन या कैंसर, जिनमें भी पेशाब की ऐसी ही तकलीफ़ हो सकती है।
मलद्वार से जाँच (DRE)
डॉक्टर दस्ताने वाली उँगली से हल्के से प्रोस्टेट का आकार और सतह महसूस करते हैं।
PSA ख़ून की जाँच
प्रोस्टेट से बनने वाला एक प्रोटीन। यह BPH, इन्फ़ेक्शन या कैंसर — किसी से भी बढ़ सकता है, इसलिए डॉक्टर इसे बाक़ी जाँचों के साथ पढ़ते हैं।
पेशाब की जाँच और अल्ट्रासाउंड
पेशाब की जाँच इन्फ़ेक्शन या ख़ून देखती है। अल्ट्रासाउंड प्रोस्टेट का आकार और पेशाब के बाद मूत्राशय में बचा पेशाब दिखाता है।
धार की जाँच और सिस्टोस्कोपी
धार की ताक़त और मूत्राशय के काम को मापते हैं, या ज़रूरत हो तो पतली दूरबीन से अंदर देखते हैं।
न्यूरोथेरेपिस्ट डॉक्टर की PSA और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट माँगता है, और हमेशा डायबिटीज़, दिल की बीमारी और किडनी की बीमारी के बारे में पूछता है — क्योंकि इन्हीं से तय होता है कि कौन-से पॉइंट दिए जा सकते हैं। नाभि के नीचे WD पर, और कमर के निचले हिस्से में सैक्रम के ठीक ऊपर दर्द हो, तो उसे दर्ज किया जाता है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से प्रोस्टेट का बढ़ना
साठ साल तक कई बीमारियों का ट्रीटमेंट करते हुए LMNT पद्धति में देखा गया कि जननांगों की लगभग हर गड़बड़ी नाभि के नीचे के हिस्से में दर्द के रूप में दिखती है। वहाँ का WD पॉइंट महिलाओं में गर्भाशय और पुरुषों में प्रोस्टेट के लिए है, और प्रोस्टेट में ख़ून का बहाव बढ़ाने के लिए WD दिया जाता है। इसलिए New Genes फ़ॉर्मूला — जिसे Pan–WD फ़ॉर्मूला भी कहते हैं — प्रोस्टेट की सब तकलीफ़ों में दिया जाता है।
बढ़े हुए प्रोस्टेट के लिए Thymus + Chest का भी नाम है — LMNT पद्धति इसे शरीर का फ़ालतू पानी सुखाने के लिए देती है — और यह हमेशा Armpits के साथ दिया जाता है। जहाँ नाभि के नीचे दर्द तेज़ हो और डायबिटीज़ या ऑटोइम्यून बीमारी न हो, वहाँ फ़ॉर्मूले का आख़िरी हिस्सा Thymus + Chest में बदल सकता है। जहाँ पेशाब रुक-रुककर या बूँद-बूँद आता हो, वहाँ (6) Left Swt शायद मदद करे — गुरुजी ने यह बात अपने ही सवालिया निशान के साथ लिखी, और इसका किसी से वादा नहीं किया जाता।
जहाँ भी सवालिया निशान है, वह इस बात का संकेत है कि यह मेरी अपनी सोच है, जिस पर अब दूसरे लोग रिसर्च कर सकते हैं।
प्रोस्टेट का बढ़ना का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले डॉक्टर की जाँच
PSA जाँच, मलद्वार से जाँच और अल्ट्रासाउंड से BPH को इन्फ़ेक्शन या कैंसर से अलग पहचाना जाता है। थेरेपिस्ट Liv° और Mu° और नाभि के नीचे का दर्द भी जाँचता है।
रोक वाली बातें जाँचना
डायबिटीज़, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी और ऑटोइम्यून बीमारी — हर एक में कुछ पॉइंट नहीं दिए जाते। कोई भी ट्रीटमेंट शुरू होने से पहले ये कार्ड पर लिख दिए जाते हैं।
New Genes फ़ॉर्मूला
(8) Pan, (6) WD, (8) Ch. Only और Round Arrow। आख़िरी दो एसिड–एल्कली का संतुलन बनाए रखते हैं; WD प्रोस्टेट तक पहुँचता है।
Thymus + Chest, जहाँ इसकी इजाज़त हो
बढ़े हुए प्रोस्टेट में सिर्फ़ तब दिया जाता है जब इसकी कोई रोक लागू न हो — और हमेशा Armpits के साथ।
रुक-रुककर पेशाब
जहाँ पेशाब रुक-रुककर या बूँद-बूँद आता हो, वहाँ (6) Left Swt आज़माया जा सकता है — LMNT के अपने सवालिया निशान के साथ, कभी वादे के तौर पर नहीं, और डायबिटीज़ में कभी नहीं।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
New Genes फ़ॉर्मूला
Pan–WD फ़ॉर्मूला, जिसे LMNT पद्धति प्रोस्टेट ग्रंथि और गर्भाशय की सब तकलीफ़ों में देती है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →Th + Ch
LMNT पद्धति में बढ़े प्रोस्टेट के लिए बताया गया; हमेशा Armpits के साथ, और कई बीमारियों में मना।
खोलें →(6) Left Swt
सिकुड़े रास्ते को खोलता है; बूँद-बूँद आते पेशाब में शायद मदद करे — सवालिया निशान के साथ, डायबिटीज़ वालों के लिए नहीं।
खोलें →यह कभी न करें
- डायबिटीज़, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या दूसरी ऑटोइम्यून बीमारी, पोलियो या सूजन वाली बीमारी में Thymus + Chest नहीं दिया जाता। जब दिया जाता है, तो Armpits भी हमेशा साथ दिए जाते हैं — और लिम्फ़ नोड के कैंसर, पोलियो, डायबिटीज़ या ऑटोइम्यून बीमारी में Armpits नहीं दिए जाते। Th + Ch
- डायबिटीज़ वालों को (6) Left Swt नहीं दिया जाता, और दिल की बीमारी या हाई BP में Swt नहीं दिया जाता। रुक-रुककर आते पेशाब में इसके उपयोग पर LMNT पद्धति का अपना सवालिया निशान है — इसका कभी वादा नहीं किया जाता। (6) Left Swt
- बढ़े प्रोस्टेट और प्रोस्टेट कैंसर का फ़र्क़ सिर्फ़ डॉक्टर की जाँच से पता चलता है। कैंसर में WD नहीं दिया जाता, इसलिए पहले सेशन से पहले PSA और डॉक्टर की राय ज़रूरी है। WD
- अगर पेशाब बिल्कुल न आए, पेशाब में ख़ून आए, पेशाब में जलन के साथ बुख़ार या कँपकँपी हो, या पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द हो — तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। मूत्र रुकना
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
New Genes फ़ॉर्मूले का हिंदी में क़दम-दर-क़दम प्रदर्शन: जाँघ और कूल्हे के मोड़ पर (8) Pan, दोनों बाँहों पर (6) WD, (8) Ch. Only और Round Arrow — मरीज़ की स्थिति और हर गिनती कैसे रखी जाती है।
New Genes फ़ॉर्मूले का क़दम-दर-क़दम प्रशिक्षण प्रदर्शन, हिंदी में।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
BPH कितना आम है, इस पर एक समीक्षा: यह बढ़ती उम्र के पुरुषों की सबसे आम बीमारियों में है, 40 के बाद तेज़ी से बढ़ती है, और डायबिटीज़ और मोटापे जैसी मेटाबॉलिक तकलीफ़ों से जुड़ी है — इसीलिए कसरत और खान-पान मायने रखते हैं।
Lim KB. Epidemiology of clinical benign prostatic hyperplasia. Asian J Urol. 2017.
बढ़े हुए प्रोस्टेट में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
50 से ऊपर के पुरुष
रात में उठना, कमज़ोर धार या बूँद-बूँद टपकना — ये डॉक्टर को बताने लायक़ हैं; ये आम हैं, और जाँच आसान है।
डायबिटीज़ वाले पुरुष
डायबिटीज़ से BPH का ख़तरा बढ़ सकता है। LMNT पद्धति में आपको Thymus + Chest और (6) Left Swt नहीं दिए जाते, इसलिए योजना New Genes फ़ॉर्मूले और WD के आसपास बनती है।
जिनका PSA बढ़ा हुआ है
डॉक्टर जो भी दोबारा जाँच कहें, करवाते रहें। PSA बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, और उन्हें सिर्फ़ डॉक्टर ही अलग कर सकते हैं।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।