शॉर्टहैंड: न्यूरोथेरेपी (LMNT) के इलाज कैसे लिखे और पढ़े जाते हैं
न्यूरोथेरेपी (LMNT) की अपनी एक छोटी लिखित भाषा है — कोड और चिह्न — ताकि एक थेरेपिस्ट जो कहे, दूसरा ठीक वही करे। यह गाइड बताती है कि पॉइंट, फ़ॉर्मूला और ट्रीटमेंट क्या हैं, पॉइंट कितनी तरह के होते हैं, लिखी हुई पंक्ति कैसे पढ़ी जाती है, और हर बदलाव के साथ उसका कारण क्यों लिखा जाता है।
परिचय
न्यूरोथेरेपी (LMNT) की अपनी एक छोटी लिखित भाषा है — कोड और चिह्न — ताकि एक थेरेपिस्ट जो कहे, दूसरा ठीक वही करे। यह गाइड बताती है कि पॉइंट, फ़ॉर्मूला और ट्रीटमेंट क्या हैं, पॉइंट कितनी तरह के होते हैं, लिखी हुई पंक्ति कैसे पढ़ी जाती है, और हर बदलाव के साथ उसका कारण क्यों लिखा जाता है।
वह कार्ड जो दूर तक गया, और वह एक पंक्ति जिसका अंदाज़ा लगाया गया
एक सिखाने वाला उदाहरण, जो हर सेंटर में होने वाली घटनाओं से बना है: एक युवती दूसरे राज्य में गई, और साथ में उस थेरेपिस्ट का कार्ड ले गई जिसने दो साल की थकान और झड़ते बालों में उसकी मदद की थी। नया थेरेपिस्ट एक को छोड़कर हर पंक्ति पढ़ पाया। उस पंक्ति में थायरॉइड का एक हल्का रूप लिखा था, सामान्य रूप की “जगह पर”। उसने वही सामान्य रूप दे दिया जो वह जानता था। कुछ हफ़्तों बाद सीढ़ियाँ चढ़ते समय उसका दिल तेज़ धड़कने लगा।
कार्ड के पीछे, बहुत छोटे अक्षरों में, कारण लिखा था: कई साल पहले मिली दिल के वाल्व की एक समस्या। पहले थेरेपिस्ट ने बदलाव भी लिखा था और कारण भी। चूक सिर्फ़ पढ़ने वाले से हुई। जो थेरेपिस्ट कार्ड का तीन-चौथाई पढ़ पाता है, वह तीन-चौथाई थेरेपिस्ट नहीं है; वह ऐसा थेरेपिस्ट है जो ग़लत इलाज देते हुए भी समझता है कि वह निर्देश मान रहा है।
एक थेरेपी को अपनी भाषा क्यों चाहिए
यह थेरेपी शायद ही कभी एक कमरे में एक व्यक्ति द्वारा एक रोगी को दी जाती है। यह कैंपों में दी जाती है जहाँ एक सुबह में सौ लोगों का इलाज होता है, रोगी की बेटी को सिखाई जाती है ताकि बिना सेंटर वाले गाँव तक पहुँचे, और ऐसे कार्डों पर लिखी जाती है जो दूर तक जाते हैं। इलाज तय करने वाले और इलाज देने वाले हाथों के बीच अक्सर दूरी होती है, और उस दूरी को कुछ ऐसा पार करना चाहिए जिसमें कुछ भी छूटे नहीं।
कोड इसलिए नहीं है कि काम विद्वानों जैसा दिखे। वह इसलिए है कि एक थेरेपिस्ट ने जो कहा, दूसरा ठीक वही करे। कुछ कोड दया से भी चुने गए हैं, ताकि अपना कार्ड पढ़ने वाली रोगी डरे नहीं: जैसे किडनी के दो पॉइंट “किडनी” नहीं, बल्कि Liv° और Mu° लिखे जाते हैं।
पॉइंट, फ़ॉर्मूला, ट्रीटमेंट: एक शब्द, एक वाक्य, एक अनुच्छेद
तीन शब्द हर समय इस्तेमाल होते हैं, और विद्यार्थी महीनों तक इन्हें आपस में मिला देते हैं। ट्रीटमेंट पॉइंट किसी तकनीक का कोड-नाम है — Pan, Gal, L5-S1 घिसाई। यह बताता है कि क्या किया जाता है; यह दावा नहीं करता कि पैर उसी अंग पर रखा है। फ़ॉर्मूला कुछ ख़ास पॉइंट का समूह है, जो तय क्रम में दिया जाता है और मिलकर एक लक्षण पर काम करता है, जैसे एसिड ट्रीटमेंट फ़ॉर्मूला। ट्रीटमेंट एक व्यक्ति में एक बीमारी के लिए दिए जाने वाले फ़ॉर्मूलों का समूह है।
क्योंकि अलग-अलग लोगों में अलग-अलग अंग कम काम करते हैं, एक ही बीमारी के अलग-अलग ट्रीटमेंट हो सकते हैं। फ़ॉर्मूला खोजकर देखा जा सकता है; ट्रीटमेंट सामने बैठे व्यक्ति के लिए, उस सुबह हाथों ने जो पाया उसके आधार पर, बनाया जाता है।
- कुछ फ़ॉर्मूलों का नाम उस हालत पर है जिसे वे सुधारते हैं, जैसे एसिडोसिस के लिए एसिड ट्रीटमेंट फ़ॉर्मूला।
- कुछ का नाम उस अंग पर है जिस पर वे काम करते हैं, जैसे Medulla ट्रीटमेंट।
- कुछ का नाम किसी रसायन पर है, जिसके असर से वे मिलते-जुलते माने जाते हैं, जैसे Heparin, 1,25 DCC या B₁₂। इनमें कुछ भी दिया नहीं जाता — न दवा, न इंजेक्शन।
- कुछ उन लोगों के नाम पर हैं जिनके केस में वे खोजे गए, जैसे Raman या Maunish।
केमिकल पॉइंट और फ़िज़िकल पॉइंट
पॉइंट दो तरह के होते हैं, और दोनों के नियम अलग हैं। केमिकल पॉइंट ग्रंथियों के काम को जगाते हैं — Pan, Gal, Liv, Mu, Adr, Ku, Acid, B₁₂ और बाक़ी। लंबे अनुभव से गुरुजी ने पाया कि इनमें से कई, दिए गए रूप के हिसाब से अलग असर करते हैं, जिससे लगता है कि वे अलग-अलग रसायन बनवाते हैं। जैसे (2) Pan और (4) Pan अलग-अलग ट्रीटमेंट हैं, जिनका असर अलग है। इसलिए केमिकल पॉइंट ठीक वैसे ही दिया जाता है जैसा योजना बनाने वाले ने लिखा।
फ़िज़िकल पॉइंट मांसपेशियों, नसों (टेंडन) और लिगामेंट को ढीला करते हैं — Sulta Ulta, Stretch, BAFA, Necklace, Back of Knees। इनमें थेरेपिस्ट रोगी के आराम के लिए थोड़ा बदलाव कर सकता है। फ़िज़िकल पॉइंट जल्दी राहत देते हैं और शरीर को जल्दी सँभलने में मदद करते हैं, पर अकेले इनसे मिली राहत अक्सर टिकती नहीं, क्योंकि जड़ — कम काम कर रहे अंग — तक केमिकल काम से पहुँचा जाता है।
मास्टर सूची, रोगी की स्थिति के हिसाब से
लगभग एक सौ छब्बीस नाम वाली तकनीकें सूची में हैं — अंग या बीमारी के हिसाब से नहीं, बल्कि उस स्थिति के हिसाब से जिसमें रोगी को रखा जाता है: पीठ के बल लेटे, कुर्सी पर बैठे, करवट लेटे, और पेट के बल लेटे। तीन और समूहों में कमर दर्द, घुटने के दर्द और बाक़ी सब के फ़िज़िकल पॉइंट हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि रोगी को पलटने में समय और आराम दोनों जाते हैं, और कमज़ोर रोगी में ज़्यादा। इसलिए फ़ॉर्मूला एक रास्ते की तरह दिया जाता है — एक स्थिति का सारा काम पूरा करके ही रोगी को पलटा जाता है।
नाम शरीर-रचना से आते हैं (पैंक्रियास के लिए Pan), रसायन से (Heparin), काम से (कब्ज़ के लिए Const), पीठ पर बनाई जाने वाली आकृति से (Round Arrow), या उन रोगियों से जिनके केस में वे खोजे गए। कोड हमेशा अपने समूह में ही पढ़ा जाता है: जाँघों पर Gas, पिंडलियों पर Gas ‘I’ और घुटने वाले समूह का Big Toe Gas — ये तीन अलग चीज़ें हैं।
लिखी हुई पंक्ति कैसे पढ़ें
फ़ॉर्मूला एक पंक्ति में लिखा जाता है और बाएँ से दाएँ, उसी क्रम में पढ़ा जाता है जिसमें वह दिया जाता है। क्रम पसंद की बात नहीं: गुरुजी ने लिखा कि अंगों को अलग क्रम में जगाने से कभी-कभी उल्टा नतीजा आ सकता है — कमज़ोर नहीं, उल्टा। Normal फ़ॉर्मूला Pan, Gal, Spl, Liv और Mu से होकर काम करता है। इसके जोड़ों को उलट दें तो यह Ulta Normal बन जाता है, जो पतले दस्त को बाँधने के लिए जानबूझकर दिया जाता है। ग़लती से ऐसे व्यक्ति को दे दिया जाए जिसे दस्त नहीं, तो तेज़ कब्ज़ हो सकती है।
पंक्ति में छोटे-छोटे निशान भी होते हैं, और हर निशान निर्देश का हिस्सा है। हर निशान का सही मतलब और हर पॉइंट का तरीक़ा कोर्स में हाथ से सिखाया जाता है।
- पॉइंट के नाम से पहले कोष्ठक में लिखा अंक उसके नाम का हिस्सा है: (2) Pan और (4) Pan अलग-अलग ट्रीटमेंट हैं।
- छोटा गोला अलग पॉइंट बना देता है: Liv लिवर का पॉइंट है, Liv° दाईं किडनी का। गोला कभी न छोड़ें।
- पंक्ति के अंदर नाम की जगह कोई बना हुआ चिह्न भी हो सकता है, जैसे पीठ पर Round Arrow का चिह्न।
- रेखांकन (अंडरलाइन) का मतलब है कि सामान्य क्रम जानबूझकर, थोड़े समय के लिए उलटा गया है, और यह थेरेपिस्ट को याद दिलाता है कि रोज़ रोगी से पेट साफ़ होने के बारे में पूछे।
- बदलाव (सब्स्टिट्यूशन) को अदला-बदली और उसके कारण के साथ लिखा जाता है; जानबूझकर छोड़ा गया पॉइंट भी अपने-आप में एक निर्देश है।
ऐसा कार्ड लिखना जिसे कोई अनजान भी मान सके
थेरेपिस्ट को ऐसे पाठक के लिए भी लिखना होता है जिससे वह कभी नहीं मिलेगा। कार्ड की परख सीधी है: क्या कोई दूसरा थेरेपिस्ट, या घर का सिखाया हुआ कोई सदस्य, साल भर बाद किसी दूसरे शहर में उसे उठाकर ठीक वही दे सकेगा जो कहा गया था?
- कार्ड की शुरुआत व्यक्ति से करें, बीमारी से नहीं: नाम, उम्र, शहर, तारीख़, और रोगी के अपने शब्दों में तकलीफ़।
- वे जाँच-नतीजे लिखें जिनसे योजना बनी; माइनस का मतलब है जाँचा गया और नहीं दुखा, ख़ाली खाने का मतलब है जाँचा ही नहीं गया।
- कोई भी इलाज लिखने से पहले रोके गए पॉइंट चिह्नित करें।
- हर फ़ॉर्मूला अलग पंक्ति में, दिए जाने वाले क्रम में, स्थिति के हिसाब से समूह बनाकर लिखें, और हर बदलाव उसके कारण के साथ उसी पंक्ति पर।
- हर बदलाव पर तारीख़ और दस्तख़त करें, अपने निजी निशान इलाज की पंक्तियों से बाहर रखें, और रोगी के जाने से पहले पूरा कार्ड ज़ोर से पढ़ें।
मुख्य बातें
- न्यूरोथेरेपी (LMNT) अपने इलाज एक साझा शॉर्टहैंड में लिखती है, ताकि एक थेरेपिस्ट जो कहे, दूसरा ठीक वही करे।
- पॉइंट एक शब्द है, फ़ॉर्मूला एक वाक्य, और ट्रीटमेंट एक व्यक्ति के लिए बना अनुच्छेद।
- केमिकल पॉइंट ग्रंथियों को जगाते हैं और ठीक लिखे अनुसार दिए जाते हैं; फ़िज़िकल पॉइंट मांसपेशियों को ढीला करते हैं और आराम के लिए थोड़ा बदलाव सह लेते हैं।
- पॉइंट रोगी की स्थिति के हिसाब से सूचीबद्ध हैं, इसलिए फ़ॉर्मूला स्थितियों से होकर गुज़रने वाले रास्ते की तरह दिया जाता है।
- फ़ॉर्मूला बाएँ से दाएँ पढ़ा जाता है और उसी क्रम में दिया जाता है; क्रम बदला तो ट्रीटमेंट बदल गया।
- हर बदलाव के साथ उसका कारण लिखा होता है, और जो पंक्ति आप समझा न सकें, उसे बदलें नहीं — लिखने वाले थेरेपिस्ट से पूछें।
इस गाइड के विषय
और गहराई से जानिए
नपा-तुला दबाव: समय, कोण और क्रम तय क्यों हैं
हर दबाव में समय, कोण और क्रम तय क्यों है
फ़ॉर्मूला कैसे बनता है: पॉइंट, क्रम और विराम
फ़ॉर्मूला कैसे बनाया जाता है
रोगी को सही स्थिति में रखना: न्यूरोथेरेपी (LMNT) की चार स्थितियाँ
वे चार स्थितियाँ जिनके हिसाब से पॉइंट बँटे हैं
जाँच से योजना तक: न्यूरोथेरेपी (LMNT) में निदान कैसे बनता है
जाँच के नतीजे कार्ड पर लिखी योजना कैसे बनते हैं
सच दिखाने वाला रिकॉर्ड: न्यूरोथेरेपी (LMNT) में रोगी का कार्ड
ऐसा रिकॉर्ड रखना जो सच दिखाए
Normal Treatment Formula
सबसे पहला बना फ़ॉर्मूला
Ulta Normal
Normal फ़ॉर्मूला, जिसका क्रम उलटा गया है
हर Medulla नंबर अलग ट्रीटमेंट क्यों है
कोष्ठक का अंक अलग ट्रीटमेंट का नाम क्यों है
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
- फ़ॉर्मूले का क्रम इलाज का हिस्सा है। अंगों को अलग क्रम में जगाने से कभी-कभी उल्टा नतीजा आ सकता है। न्यूरोथेरेपी (LMNT) का फ़ॉर्मूला कैसे लिखा और पढ़ा जाता है
- किसी दूसरे का कार्ड कभी चुपचाप न सुधारें। अगर कोई पंक्ति ग़लत लगे, तो लिखने वाले थेरेपिस्ट से पूछें, या वह पंक्ति छोड़ दें और कारण लिख दें।
- बदलाव कभी पसंद की बात नहीं: दिल के रोगी में (4) Thrd की जगह (2) Thrd दिया जाता है, क्योंकि (4) Thrd दिल पर बोझ डालता है; डायबिटीज़ में (4) Pan ख़ून की शुगर बढ़ाता है। (2) Thrd
- केमिकल पॉइंट का समय उसकी ख़ुराक का हिस्सा है: ज़रूरत से ज़्यादा देर दबाने पर हल्का रूप भारी रूप जैसा असर कर सकता है। जगह, समय, कोण और क्रम: हर इलाज में तय चार बातें
- कैंसर में (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते। कैंसर देखभाल: न्यूरोथेरेपी (LMNT) का सहारा
- दिल की बीमारियों में (10) Medulla कभी दोनों तरफ़ नहीं दिया जाता; सिर्फ़ (10) Left Medulla दिया जाता है। (10) Medulla
- किसी रसायन के नाम वाला फ़ॉर्मूला कुछ भी नहीं देता: न दवा, न इंजेक्शन। कभी न लिखें कि रोगी को “हेपरिन दिया गया”।
गुरुजी कहते हैं
“हर बढ़ते हुए विज्ञान की अपनी शब्दावली होनी चाहिए, जिससे उसके जानकार आपस में बात कर सकें।”
आम सवाल
मेरे कार्ड पर यह सब क्या लिखा है? यह तो कोड जैसा लगता है।
हाँ, यह कोड है, और आपके थेरेपिस्ट ख़ुशी से इसे पढ़कर सुनाएँगे। हर छोटा नाम एक जगह है जहाँ दबाव दिया जाता है। इसे इस तरह इसलिए लिखा जाता है कि अगर आप किसी दूसरे शहर के सेंटर में जाएँ, तो वहाँ का थेरेपिस्ट ठीक वही करे।
मेरे कार्ड पर B₁₂ लिखा है। क्या मुझे विटामिन का इंजेक्शन दिया जा रहा है?
नहीं। आपको कुछ भी दिया नहीं जाता — न दवा, न इंजेक्शन, न कोई यंत्र। B₁₂ दबावों के एक समूह का नाम है, जो उस असर के नाम पर रखा गया है जिसे आपका शरीर ख़ुद पैदा करे, इसमें यह मदद करता है।
मेरे कार्ड की एक पंक्ति रेखांकित क्यों है?
क्योंकि कुछ दिनों के लिए इलाज का एक हिस्सा जानबूझकर उल्टे क्रम में दिया जा रहा है। रेखांकन थेरेपिस्ट को आदत से सामान्य क्रम देने से रोकता है, और याद दिलाता है कि रोज़ आपसे पेट साफ़ होने के बारे में पूछे। जब मल ठीक बनने लगे, तो इसे वापस बदल दिया जाता है।
क्या इसे लिखकर दिया जा सकता है ताकि मेरी बेटी घर पर दे सके?
हाँ — यह थेरेपी इसी के लिए बनी है। थेरेपिस्ट इसे पूरा लिखते हैं और हाथ से सिखाते हैं, फिर जाने से पहले आपकी बेटी से पूरा कार्ड ज़ोर से पढ़वाते हैं। अगर वह इसे सही बोल सकती है, तो सही कर पाने की संभावना बहुत ज़्यादा है।
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इसमें जाँघों के ऊपर मोड़ (ग्रोइन) पर Pan (पैंक्रियास) पॉइंट खुद को देना सिखाया गया है — 8 Pan, 2 Pan, और एक-एक मिनट के गैप से 2 Pan × 6 — गिनती के साथ ताकि हर दबाव छह सेकंड का रहे।
डॉ. दिवाकर शुक्ला का प्रैक्टिकल डेमो — कमज़ोर पैंक्रियास को सहारा देने के लिए 1, 2 और 8 Pan पॉइंट देने का सही तरीका।
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यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।