Neurotherapy.Life
रोग · पाचन, पेट और आँत

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS)

IBS आँत के काम करने के ढंग की एक लंबी चलने वाली परेशानी है। इसमें पेट दर्द, पेट फूलना, और कभी पतला तो कभी सख़्त मल होता है — फिर भी यह आँतों को नुक़सान नहीं पहुँचाती।

The large intestine inside the belly with three magnified sections: a normal bowel, a bowel squeezing too fast with loose watery stool, and a bowel squeezing too slowly with hard lumps
बड़ी आँत। तीन घेरे एक ही आँत को अलग-अलग दिनों में दिखाते हैं। बायाँ: सामान्य लहरें, नरम बँधा हुआ मल। बीच वाला: बहुत तेज़ और ज़ोरदार लहरें — ऐंठन और पतला, पानी जैसा मल। दायाँ: बहुत धीमी लहरें — सख़्त, सूखी गाँठें। आँत की दीवार में पतली नस-रेखाएँ आँत का अपना तंत्रिका तंत्र दिखाती हैं, जो IBS में ज़्यादा संवेदनशील होता है।
मुख्य बातें
  • दुनिया में लगभग हर 10 में से 1 व्यक्ति को IBS है
  • महिलाओं में इसकी पहचान पुरुषों से लगभग दोगुनी होती है
  • यह ज़्यादातर 45 की उम्र से पहले शुरू होती है — और आँतों को नुक़सान नहीं पहुँचाती

स्रोत: StatPearls (NCBI Bookshelf); MedlinePlus; Cleveland Clinic

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम क्या है?

आपकी आँत का अपना नसों का जाल होता है। यह अंदर की चीज़ों को महसूस करता है और दबाने वाली लहरों से उन्हें आगे बढ़ाता है। IBS में आँत और दिमाग़ के बीच के संदेश ठीक से नहीं चलते: लहरें बहुत तेज़ या बहुत धीमी हो जाती हैं, और आँत की नसें ज़्यादा संवेदनशील हो जाती हैं, इसलिए आम गैस और खिंचाव भी दर्द जैसा लगता है।

किसी को ज़्यादातर पतला मल होता है (IBS-D), किसी को ज़्यादातर सख़्त (IBS-C), और बहुतों में दोनों बारी-बारी से (IBS-M)। IBS की पहचान तभी होती है जब दूसरी बीमारियाँ अलग कर दी जाएँ — इसीलिए ख़तरे के संकेत मायने रखते हैं।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • पेट दर्द या ऐंठन, जो शौच से जुड़ी हो
  • पेट फूलना और बहुत गैस
  • पतले मोशन, सख़्त मल, या दोनों बारी-बारी से
  • ऐसा लगना कि पेट पूरा साफ़ नहीं हुआ
  • मल में चिकना पदार्थ (म्यूकस)

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

आँत और दिमाग़ का तालमेल बिगड़ना

  • आँत की लहरें बहुत तेज़ या बहुत कमज़ोर
  • आँत की ज़्यादा संवेदनशील नसें

संक्रमण के बाद

  • पेट के किसी तेज़ संक्रमण (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) के बाद IBS शुरू हो सकती है
  • आँत के बैक्टीरिया में बदलाव

बढ़ाने वाली चीज़ें

  • कुछ खाने — गेहूँ, दूध, दालें-राजमा, पत्ता गोभी, सोडा वाले पेय
  • तनाव
  • मासिक चक्र

किसे ज़्यादा ख़तरा

इसका पता कैसे चलता है?

IBS की कोई एक जाँच नहीं होती। डॉक्टर देखते हैं कि तीन महीने से हफ़्ते में कम से कम एक दिन पेट दर्द हो रहा है या नहीं, जो मल में बदलाव से जुड़ा हो — और जाँचों से यह जाँचते हैं कि कोई दूसरी बीमारी तो नहीं।

खून की जाँच

ख़ून की कमी (एनीमिया), सूजन या दूसरी बीमारियाँ देखने के लिए।

मल की जाँच

संक्रमण, छिपा हुआ ख़ून या आँत में सूजन के संकेत देखने के लिए।

कोलोनोस्कोपी

एक पतला कैमरा आँत के अंदर देखता है — जब ख़तरे के संकेत हों, या लक्षण 50 की उम्र के बाद शुरू हुए हों।

न्यूरोथेरेपिस्ट वह सवाल पूछता है जो ज़्यादातर लोगों से कभी नहीं पूछा जाता: मल दिखता कैसा है? खाने के टुकड़े साबुत निकलना — पत्ते, छिलके, बीज — का मतलब है अनपचा भोजन (UDF)। थेरेपिस्ट Gas, B₁₂ और Folic भी दबाकर देखता है, और लिखता है कि वज़न नहीं घटा, ख़ून नहीं आया, रात में तकलीफ़ नहीं, बुख़ार नहीं और ख़ून की कमी नहीं — क्योंकि इन्हीं के न होने से यह थेरेपिस्ट का केस बनता है, डॉक्टर का नहीं।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से इरिटेबल बाउल सिंड्रोम

LMNT में IBS उन पुरानी तकलीफ़ों में गिनी जाती है जिनमें मल के साथ अक्सर अनपचा भोजन (UDF) आता है। इसलिए जवाब है UDF ट्रीटमेंट — और UDF परिवार का कौन-सा फ़ॉर्मूला दिया जाए, यह मरीज़ की तस्वीर देखकर चुना जाता है। आम UDF फ़ॉर्मूला, जो सबको फ़ायदा देने के लिए बना है, एक तय ढाँचा रखता है; सिर्फ़ उसका आख़िरी क़दम आँत की हालत के साथ बदलता है।

एक आख़िरी क़दम, तीन जमावटें — आँत के हिसाब से

  1. आम दिन(4) Gas 'I' – 3 points: पिंडलियों पर तीन जगह, चार-चार बार दबाव
  2. कब्ज़ वाले दिन(6) Gas 'I' – 3 points: कम जगहों पर ज़्यादा बार दबाव — दबाव एक जगह केंद्रित
  3. फिर भी आराम नहींइसके साथ (2) S4–S5 जोड़ा जाता है — सिर्फ़ तभी
  4. पतले मोशन वाले दिन(1) Gas 'I' – 6 points: छह जगह एक-एक बार — पूरी पिंडली हल्के से

यह IBS के लिए ठीक बैठता है, क्योंकि एक ही व्यक्ति एक हफ़्ते में पतले से सख़्त मल पर आ सकता है। ट्रीटमेंट का ढाँचा वही रहता है; आख़िरी क़दम आँत के पीछे चलता है, और हर सेशन में दोबारा जाँचा जाता है।

गुरुजी कहते हैं
UDF का आना ही बड़ी बीमारियों के आने का मुख्य कारण है।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले जाँच

    थेरेपिस्ट Liv° और Mu° देखता है, Gas, B₁₂ और Folic दबाकर देखता है, पूछता है कि मल कैसा दिखता है और कितनी बार होता है, और ख़तरे के संकेत देखता है। हर महिला से, हर सेशन में, पूछा जाता है कि कहीं उसका मासिक तो नहीं चल रहा।

  2. आम UDF फ़ॉर्मूला

    (15) Medulla, फिर कूल्हे, फिर त्रिकास्थि (सैक्रम) पर पकड़, फिर Gas Only के साथ (10) Medulla, फिर पेट के अंग अपने सामान्य क्रम में, और आख़िर में Ajay Normal। क्रम भी फ़ॉर्मूले का हिस्सा है।

  3. आख़िरी क़दम आँत के हिसाब से

    आम हालत: (4) Gas 'I' – 3 points। कब्ज़: (6) Gas 'I' – 3 points, और उससे आराम न मिले तभी (2) S4–S5। नरम मोशन: (1) Gas 'I' – 6 points।

  4. आँत बदले, तो एक क़दम बदलें

    अगर कोर्स के दौरान पतले मोशन कब्ज़ में बदल जाएँ, तो फ़ॉर्मूला नहीं छोड़ा जाता — सिर्फ़ आख़िरी Gas 'I' वाला क़दम बदलकर हालत से मिलाया जाता है।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

आम UDF फ़ॉर्मूला

UDF परिवार का वह फ़ॉर्मूला जो सबको फ़ायदा देने के लिए बना है — ब्रेनस्टेम से आँत तक पाचन को सहारा देता है, और आख़िरी Gas 'I' क़दम आँत की हालत के हिसाब से ढलता है।

इन पॉइंट्स से काम करता है

खोलें →

यह कभी न करें

  • डायबिटीज़ और कैंसर में (10) Medulla नहीं दिया जाता — वहाँ Gas Only अकेला दिया जाता है। दिल के मरीज़ों को सिर्फ़ (10) Left Medulla दिया जाता है। (10) Medulla
  • त्रिकास्थि वाली पकड़ (½) Ku मासिक के दिनों में या लो BP में नहीं दी जाती। हर महिला से हर सेशन से पहले पूछा जाता है — कोर्स की शुरुआत में एक बार पूछना काफ़ी नहीं। (½) Ku – 20 secs
  • (6) Gas 'I' – 3 points और (1) Gas 'I' – 6 points देखने में एक जैसे हैं पर उलटे हैं — एक कब्ज़ के लिए, एक पतले मोशन के लिए। थेरेपिस्ट देने से पहले ज़ोर से बोलता है कि कौन-सी जमावट है और क्यों। Gas 'I'
  • मल में ख़ून, बिना कोशिश के वज़न घटना, रात में नींद से जगाने वाली तकलीफ़, बुख़ार, ख़ून की कमी, या 50 की उम्र के बाद पेट की नई तकलीफ़ शुरू होना — इनमें पहले डॉक्टर को दिखाएँ।
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

वीडियो देखें

UDF (Anpacha Khaana) ka Neurotherapy Ilaaj | 40+ Bimariyon ki Jad | LMNT

इस वीडियो में UDF (अनपचा खाना) ट्रीटमेंट पूरे क्रम से दिखाया गया है — 15 Medulla, दोनों कूल्हों पर Parkhoo, Half Kundli, 10 Medulla के साथ 1 Gas Only और 1 Gas 'I', फिर जाँघ और बाँह पर Gal, Spleen, Liver, Mucus के पॉइंट और Ajay Normal। जब खाना ठीक से नहीं पचता, तब पाचन को सहारा देने के लिए यह दिया जाता है।

अनपचे भोजन के लिए UDF ट्रीटमेंट, क़दम-दर-क़दम।

अभ्यास से

नौ साल का 'IBS' — और मल में करी पत्ते

सिखाने के लिए केस — अभ्यास से जोड़ा गया, किसी एक मरीज़ की फ़ाइल नहीं

38 साल · गृहिणी · 'नौ साल से IBS': किसी हफ़्ते दिन में चार बार, किसी हफ़्ते तीन दिन तक बिल्कुल नहीं; बहुत थकान

क्या मिला
आमाशय के गड्ढे और नाभि के बीच, Gas पर और B₁₂ पर दर्द। वज़न नहीं घटा, ख़ून नहीं, रात में नींद नहीं टूटती, बुख़ार नहीं, ख़ून की कमी नहीं — सब लिखा गया। मल के बारे में पूछने पर उसने बताया कि करी पत्ते और टमाटर के छिलके साबुत निकलते हैं; उसे लगता था सबके साथ ऐसा होता है।
क्या किया गया
आम UDF फ़ॉर्मूला दिया गया, आख़िरी क़दम पतले मोशन वाली जमावट पर, क्योंकि वह पतले मोशन वाले हफ़्ते में आई थी। पाँचवें दिन तक मल बँधने लगा और पत्ते आने बंद हो गए। सातवें दिन उसे कब्ज़ हो गई, इसलिए सिर्फ़ आख़िरी क़दम बदला गया — कब्ज़ वाली जमावट पर, और जब सिर्फ़ उससे आराम नहीं मिला तो (2) S4–S5 जोड़ा गया। इसके बाद वह नियमित हो गई।
इससे सीख
फ़ॉर्मूला अपने आख़िरी क़दम पर आँत के हिसाब से ढलता है, और आँत बदले तो दोबारा ढलता है। और ग्यारहवें दिन उसने बताया कि नौवें दिन से उसका मासिक चल रहा था — उन दिनों कोई Ku पकड़ नहीं दी गई थी, पर यह क़िस्मत थी, तरीक़ा नहीं। तब से हर महिला से हर सेशन से पहले पूछा जाता है।

आयुर्वेद और रसोई से

ख़ुद को परखें

1. इनमें से कौन-सा ख़तरे का संकेत है, जिसमें सिर्फ़ IBS की देखभाल नहीं, डॉक्टर ज़रूरी है?

2. आम UDF फ़ॉर्मूले में आँत बदलने पर क्या बदलता है?

3. (½) Ku कब नहीं दिया जाता?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    IBS दुनिया के लगभग 11% लोगों को है। यह आँत और दिमाग़ के बीच गड़बड़ संदेशों, आँत की ज़्यादा संवेदनशील नसों, बहुत तेज़ या बहुत धीमी आँत, और कभी-कभी पहले हुए संक्रमण के मेल से होती है। 50 के बाद नए लक्षण, ख़ून, रात के दस्त और वज़न घटना ख़तरे के संकेत हैं, जिनमें और जाँच ज़रूरी है।

    Nathani RR, Sodhani S, Goosenberg E. Irritable Bowel Syndrome. StatPearls. 2025.

  • मज़बूत प्रमाण

    आँत का अपना तंत्रिका तंत्र होता है। छोटी और बड़ी आँत में इसके पूरे रिफ़्लेक्स सर्किट होते हैं, जो आँत की लहरों, उसके ख़ून के बहाव और तरल की आवाजाही को चलाते हैं — कई रासायनिक संदेशवाहकों के ज़रिए। LMNT का Gas 'I' वाला क़दम इसी तंत्र को ध्यान में रखता है।

    Furness JB. The enteric nervous system and neurogastroenterology. Nature Reviews Gastroenterology & Hepatology. 2012.

IBS में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

महिलाएँ

लक्षण अक्सर मासिक चक्र के साथ बदलते हैं। हर सेशन में थेरेपिस्ट को बताएँ कि मासिक चल रहा है या नहीं — उन दिनों कुछ पकड़ नहीं दी जातीं।

50 से ज़्यादा उम्र वाले

50 के बाद पेट की नई तकलीफ़ को IBS मान नहीं लिया जाता। पहले डॉक्टर को दिखाएँ — कोलोनोस्कोपी की ज़रूरत पड़ सकती है।

IBS वाले हर व्यक्ति के लिए

अपना मल देखें और जो दिखे वह थेरेपिस्ट को बताएँ, साबुत खाने के टुकड़े भी। कौन-से खाने और कौन-सा तनाव इसे बढ़ाते हैं, इसकी एक आसान डायरी रखें।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

अपडेट:

Ready to begin?

Send COURSE for course details, or your name, age and health issue for a consultation.

Share