पुराना भारी रूप न्यूरोथेरेपी (LMNT) के एसिड ट्रीटमेंट फ़ॉर्मूले (ATF) की पहली पीढ़ी है, दोनों रूपों में। इसमें आज के हल्के रूप वाले ही पॉइंट उसी ढाँचे में हैं, लेकिन बीच के क़दम — जो सीधे एसिड पर निशाना साधते हैं — ज़्यादा ज़ोर से दिए जाते थे। बाद में गुरुजी ने इसे हल्का किया, और आज हल्का रूप ही दिया जाता है।
परिचय
ATF का पुराना भारी रूप क्या है?
ATF, यानी एसिड ट्रीटमेंट फ़ॉर्मूला, ज़्यादा एसिड वाले शरीर — एसिडोसिस — में मदद करता है, जिसे यह थेरेपी नाभि के पास बाईं किडनी के पॉइंट Mu° पर दर्द से पहचानती है। इस शिक्षा के लिखे जाने से लगभग दस साल पहले तक गुरुजी इसका भारी रूप देते थे, और उससे भी रोगियों को फ़ायदा होता था।
ढाँचा नहीं बदला; ख़ुराक बदली। शुरुआत का पैंक्रियास वाला क़दम और दोनों अंत वैसे ही रहे। कमी बीच के तीन क़दमों पर आई — Gal, Mu° और Acid पॉइंट — जो एसिड पर निशाना साधते हैं। एक और बदलाव ख़ुराक का नहीं था: छाती वाला क़दम, जो पहले सिर्फ़ 'छाती' लिखा जाता था, अब 'सिर्फ़ बाईं छाती' बन गया।
यह पेज भारी रूप को जानकारी और इतिहास के लिए दर्ज करता है। इसे वापस नहीं लिया गया है, लेकिन आजकल हल्का रूप ही दिया जाता है।
🖼चित्र जल्द आएगाएक जैसी छह अंग-टाइलों की दो पंक्तियाँ — पुरानी भारी पंक्ति में बीच की तीन टाइलें बड़ी, नई हल्की पंक्ति में छोटी, और छाती वाली टाइल बाईं छाती बनती हुई
पुराने और नए ATF का ढाँचा एक है। सिर्फ़ बीच के, एसिड पर निशाने वाले क़दम हल्के किए गए — और छाती वाले क़दम को एक तरफ़ मिली।
यह किसलिए है
यह किस काम आता था, और इसे हल्का क्यों किया गया?
आज के ATF वाली वही एसिड तस्वीर: रूखेपन की तकलीफ़ें, ढीली मांसपेशियाँ, धीमी ग्रंथियाँ, हड्डियों और जोड़ों का घिसना — हमेशा Mu° के दर्द के साथ।
इसे इसलिए हल्का किया गया क्योंकि, गुरुजी के शब्दों में, जो ग्रंथि पहले से बिगड़ी हो उसे पहले कम उकसाना चाहिए, ताकि वह धीरे-धीरे काम करने लगे। ज़रूरत हो तो कुछ दिन बाद ज़्यादा उत्तेजना दी जा सकती है।
यह विचार पल्स-पोलियो अभियान से आया: बहुत हल्की ख़ुराकें, दोहराई जाएँ, तो एक तेज़ ख़ुराक से ज़्यादा देर टिकती हैं। इसलिए एक भारी ट्रीटमेंट के बजाय दो-तीन हल्के ट्रीटमेंट बेहतर माने जाते हैं।
किन पॉइंट्स से काम करता है
यह किन पॉइंट्स के ज़रिए काम करता है?
दोनों रूपों में हल्के ATF वाले ही पॉइंट। यहाँ उन्हें एक समूह की तरह लिखा गया है। सही तरीक़ा न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोर्स में हाथों-हाथ सिखाया जाता है।
स्थिति:हल्के रूपों जैसा: पीठ के बल (सुपाइन), Acid पॉइंट के लिए करवट पर, और रूप (a) में एड्रिनल पॉइंट के लिए पेट के बल (प्रोन)।
सही तकनीक न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोर्स में हाथों-हाथ सिखाई जाती है। कोर्स देखें →
यह कैसे काम करता है
यह कैसे काम करता है, और क्या बदला?
यह आज के ATF की तरह ही काम करता है: पेट से निकलते एसिड को बेअसर करने के लिए पाचक रस, फिर बाईं किडनी का पॉइंट और Acid पॉइंट, फिर एक अंत — छाती और एड्रिनल पॉइंट, या थाइमस के साथ छाती।
जो बदला वह ख़ुराक का सबक़ है। गुरुजी ने अपने ही जमे हुए क़दमों को ठीक वहाँ घटाया जहाँ बोझ था — एसिड पर निशाने वाला बीच का हिस्सा — और ढाँचे को नहीं छुआ। अपनी ख़ुराक बढ़ाने से कहीं मुश्किल है उसे घटाना, और जो थेरेपिस्ट इसकी वजह समझता है, वह 'रोगी मज़बूत है तो थोड़ा और' जोड़ने में जल्दी नहीं करेगा।
हल्का रूप सभी रोगियों को दिया जा सकता है, और ख़ास तौर पर गंभीर या पुरानी बीमारी वालों को, जिनमें कई ग्रंथियाँ थकी होती हैं — शिक्षा कैंसर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और रुमेटॉइड आर्थराइटिस का नाम लेती है।
इसका परिवार
कौन-से फ़ॉर्मूले जुड़े हैं?
भारी रूप आज के दोनों ATF रूपों का पुरखा है, और पाचन वाले सिलसिले में इसका एक भारी साथी है।
ATF, रूप (a) — बाईं छाती और Adr वाला आज का हल्का रूप।
ATF, रूप (b) — थाइमस और छाती वाला आज का हल्का रूप।
आज हल्का रूप दिया जाता है। 'रोगी मज़बूत है' सोचकर भारी ख़ुराक की ओर न जाएँ — यह इस रूप के सिखाए सबक़ का उल्टा है।
Mu° पर दर्द नहीं, तो ATF नहीं। अल्कलोसिस में ATF कभी न दें। Mu°
Adr रोग-प्रतिरोधक क्षमता घटाता और अल्कली बढ़ाता है: सेप्टीसीमिया, HIV/AIDS, कैंसर या हाई ब्लड प्रेशर में नहीं। डायबिटीज़ में Thymus Chest नहीं (बताए गए अपवाद के साथ), और कैंसर में Thymus कभी नहीं। ADR
दिल के रोगियों में Adr देने से पहले किसी वरिष्ठ शिक्षक से पूछा जाता है — शिक्षा में दूसरी जगह माना गया है कि Adr दिल के रोगियों को नुक़सान पहुँचा सकता है। हृदय (दिल)
कैंसर, सिरोसिस, रुमेटॉइड आर्थराइटिस और हेपेटाइटिस में हल्का ट्रीटमेंट सही है, पर काफ़ी नहीं: कमज़ोर हड्डी, आसानी से ख़ून बहना, अस्थिर गर्दन और संक्रमण की सावधानियाँ — सब लागू होती हैं। कैंसर देखभाल: न्यूरोथेरेपी (LMNT) का सहारा
डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह कभी नहीं।
आम सवाल
क्या भारी रूप ग़लत है?
नहीं। उससे भी रोगियों को फ़ायदा हुआ। लेकिन गुरुजी ने पाया कि थकी ग्रंथियाँ पहले हल्की उत्तेजना पर बेहतर जवाब देती हैं, और सालों से वे सिर्फ़ हल्का रूप देते हैं।
असल में क्या बदला?
पॉइंट और उनका ढाँचा वही रहा। एसिड पर निशाने वाले बीच के क़दम बहुत हल्के कर दिए गए, और छाती वाला क़दम सिर्फ़ बाईं छाती तक सीमित किया गया।
बाईं छाती क्यों मायने रखती है?
इस थेरेपी में माना जाता है कि बाईं छाती Mu° का दर्द (एसिड वाली तरफ़) और दाईं छाती Liv° का दर्द (अल्कली वाली तरफ़) कम करती है। एसिड फ़ॉर्मूले के लिए बाईं तरफ़ ही सही चुनाव है।
हैरान करने वाली बातें
1बार-बार की छोटी ख़ुराक एक बड़ी से ज़्यादा टिक सकती है
पोलियो की ख़ुराक कई छोटी बूँदों में दी जाती है, क्योंकि हर दौर पिछले पर बनता है; दोहराई गई ख़ुराकों के बाद की सुरक्षा एक बार से कहीं ज़्यादा मज़बूत होती है।
स्रोत: World Health Organization, Poliomyelitis vaccines: WHO position paper, 2016
2ग्रंथियाँ 'थक' सकती हैं
लंबी बीमारी में हार्मोन बनाने वाली ग्रंथियाँ अपने संकेतों पर कम जवाब दे सकती हैं — यही एक वजह है कि डॉक्टर कुछ इलाज धीरे-धीरे, क़दम-दर-क़दम बढ़ाते हैं।
स्रोत: Guyton and Hall Textbook of Medical Physiology, 14th ed., endocrine feedback
3किडनी पूरे दिन एसिड को बारीकी से सँभालती है
हर दिन किडनी भोजन से बना एसिड बाहर निकालती है और छना हुआ लगभग सारा बाइकार्बोनेट वापस लेती है, जिससे ख़ून का pH स्थिर रहता है।
स्रोत: Guyton and Hall Textbook of Medical Physiology, 14th ed., renal acid–base control
वीडियो
शरीर में Acid बढ़ जाए तो क्या करें? | Blood pH Balance Treatment | LMNT Acid Treatment Formula
इसमें Acid Treatment फ़ॉर्मूला क्रम से दिखाया गया है — (8) Pan, (3) Gal, (5) Mu°, दाईं जाँघ के किनारे पर 3 Acid, (4) Chest Only, और पीठ के ऊपरी हिस्से पर (6) Adr, बिना रुके। एसिड बढ़ा हो तो यह शरीर के एसिड–अल्कली संतुलन को सहारा देने के लिए दिया जाता है।
ध्यान दें: Acid Treatment फ़ॉर्मूला तभी दिया जाता है जब Mu° पॉइंट दुखता हो, और हाई BP, डायबिटीज़, कैंसर या HIV में (6) Adr नहीं दिया जाता — थेरेपिस्ट पहले जाँच करता है।
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।
Ready to begin?
Send COURSE for course details, or your name, age and health issue for a consultation.