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रोग · पाचन, पेट और आँत

अपच से छाती का दर्द

ख़राब पाचन — सीने में जलन, एसिड का ऊपर आना, पेट फूलना — छाती में जलन या दबाव वाला दर्द कर सकता है। पर छाती का दर्द हार्ट अटैक भी हो सकता है। अगर छाती के दर्द के साथ पसीना आए, साँस फूले, या दर्द बाँह, गर्दन या जबड़े तक फैले, तो तुरंत 108/112 पर फ़ोन करें।

मुख्य बातें
  • सीने की जलन और एसिड रिफ़्लक्स (GERD) छाती के दर्द का सबसे आम कारण हैं
  • पर हार्ट अटैक का दर्द भी जलन या अपच जैसा लग सकता है
  • जो अपच दो हफ़्ते से ज़्यादा चले, या तेज़ दर्द के साथ हो, उसे डॉक्टर से जँचवाना चाहिए

स्रोत: Cleveland Clinic (chest pain); NHS (chest pain); MedlinePlus (indigestion; chest pain)

अपच से छाती का दर्द क्या है?

खाने की नली (ईसोफ़ेगस) छाती के बीच से, दिल के ठीक पीछे से होकर आमाशय तक जाती है। जब आमाशय गड़बड़ होता है — ज़्यादा एसिड, ज़्यादा गैस, देर तक पड़ा खाना — तो एसिड खाने की नली में ऊपर चढ़ सकता है, या आमाशय ऊपर की ओर दबाव डाल सकता है। तब दर्द छाती में महसूस होता है, अक्सर छाती की हड्डी के पीछे जलन जैसा।

ऐसा दर्द अक्सर खाने के बाद शुरू होता है, और साथ में डकार, कड़वा या खट्टा स्वाद, पेट फूलना या भारीपन रहता है। पर सिर्फ़ महसूस करके कोई नहीं बता सकता कि छाती का दर्द पेट से है या दिल से — इसलिए पहले दिल के कारणों को जाँचकर हटाया जाता है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • छाती की हड्डी के पीछे जलन वाला दर्द, अक्सर खाने के बाद
  • मुँह में कड़वा या खट्टा स्वाद, या खाना और पानी ऊपर आना
  • डकार, पेट फूलना, या जल्दी पेट भर जाना
  • ऊपरी पेट में बेचैनी या जलन
  • जी मिचलाना

यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?

खाने की आदतें

  • बहुत ज़्यादा या बहुत जल्दी खाना, या खाने के तुरंत बाद लेट जाना
  • तला-भुना या तीखा खाना, शराब और ज़्यादा कैफ़ीन

रोज़ की दूसरी वजहें

  • तनाव और थकान, धूम्रपान, और कुछ दवाएँ

इसका पता कैसे चलता है?

डॉक्टर सबसे पहले यह पक्का करते हैं कि दर्द दिल से नहीं है — ख़ासकर अगर दर्द नया हो, तेज़ हो, या साँस फूलने या पसीने के साथ हो। उसके बाद ही पेट को देखा जाता है।

ECG और दिल की जाँच

ECG और कभी-कभी ख़ून की जाँच दिल पर दबाव या नुक़सान देखती है। यह सबसे पहले होता है।

सवाल और जाँच

दर्द कब आता है, कितनी देर रहता है, खाने से इसका क्या संबंध है, और डकार, खट्टा स्वाद या पेट फूलना तो नहीं।

अपर एंडोस्कोपी

जब तकलीफ़ लंबी चले या ख़तरे के संकेत हों, तो एक पतला कैमरा खाने की नली और आमाशय को देखता है।

एक्स-रे और लैब जाँच

लंबे चलने वाले अपच का कारण ढूँढने में मदद करते हैं।

कोई भी पॉइंट देने से पहले न्यूरोथेरेपिस्ट पूछता है कि आपको दिल की कोई बीमारी तो नहीं, और हर गोली और रिपोर्ट दिखाने को कहता है। यही एक जवाब तय करता है कि Loveleen दिया भी जा सकता है या नहीं।

न्यूरोथेरेपी की नज़र से अपच से छाती का दर्द

LMNT पद्धति में ख़राब पाचन से होने वाले छाती के दर्द का एक नामित इलाज है: Loveleen पॉइंट। गुरुजी की शिक्षा इसे इस दर्द के लिए बहुत बढ़िया बताती है। Loveleen पीठ के बल लेटाकर दिया जाता है, हर तरफ़ तीन चरणों में — छाती से, आख़िरी पसली से और कमर से — और हर चरण कोहनी पर जाकर ख़त्म होता है।

जो दबाव यहाँ मदद करता है, वही इसकी एक रोक का कारण भी है: Loveleen में वज़न छाती पर पड़ता है, इसलिए दिल के रोगी को यह कभी नहीं दिया जाता।

गुरुजी कहते हैं
हमारे ट्रीटमेंट से मरीज़ को तुरंत फ़ायदा हो या न हो, पर हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इस पर ध्यान दें।
— डॉ. लाजपतराय मेहरा

अपच से छाती का दर्द का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम

  1. पहले दिल

    अगर दर्द नया हो, तेज़ हो, या पसीने, साँस फूलने या बाँह-जबड़े तक फैलने वाले दर्द के साथ हो, तो चटाई पर कोई इलाज नहीं — 108/112 पर फ़ोन करें। कुछ भी करने से पहले डॉक्टर दिल वाले कारण को जाँचकर हटाते हैं।

  2. जाँच, और दिल के बारे में सवाल

    थेरेपिस्ट हमेशा की तरह जाँच करता है, और दिल की किसी बीमारी, हर गोली और हर रिपोर्ट के बारे में पूछता है। दिल के रोगी के कार्ड पर निशान लगाया जाता है, ताकि Loveleen न दिया जाए।

  3. Loveleen पॉइंट

    जिसे दिल की बीमारी नहीं है, उसके ख़राब पाचन से होने वाले छाती के दर्द में Loveleen दिया जाता है — पीठ के बल, हर तरफ़ तीन चरण।

  4. पाचन का ध्यान

    दर्द के पीछे के पाचन को भी देखा जाता है — एसिडिटी और गैस के पेज बताते हैं कि LMNT पद्धति उनके साथ कैसे काम करती है।

इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले

Loveleen

ख़राब पाचन से छाती के दर्द के लिए LMNT पद्धति का बताया हुआ एक इलाज — पीठ के बल, हर तरफ़ तीन चरण, हर चरण कोहनी पर ख़त्म। दिल की बीमारी में कभी नहीं।

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यह कभी न करें

  • पहले इमरजेंसी: छाती का दर्द या दबाव जो ठीक न हो, बाँह, गर्दन, जबड़े, पेट या पीठ तक फैले, या पसीने, साँस फूलने, जी मिचलाने या चक्कर के साथ हो — तुरंत 108/112 पर फ़ोन करें। हार्ट अटैक का दर्द अपच जैसा लग सकता है। छाती के दर्द में LMNT कभी फ़र्स्ट-एड नहीं है। इन्फ़ार्क्ट
  • दिल के रोगी को Loveleen कभी नहीं दिया जाता — Loveleen में दबाव छाती पर पड़ता है। ऐसे रोगी के कार्ड पर इसे ‘नहीं देना’ के रूप में चिह्नित किया जाता है। Loveleen
  • अगर छाती का दर्द आता-जाता रहे, अपच दो हफ़्ते से ज़्यादा चले, या निगलने में दिक़्क़त, ख़ून की उल्टी, काला मल या वज़न घटना हो, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
  • डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।

ख़ुद को परखें

1. छाती के दर्द के साथ पसीना और साँस फूलना है। सबसे पहले क्या करेंगे?

2. ख़राब पाचन से छाती के दर्द के लिए LMNT पद्धति में कौन-सा पॉइंट बताया गया है?

3. दिल के रोगी को Loveleen कभी क्यों नहीं दिया जाता?

शोध क्या कहता है

  • मज़बूत प्रमाण

    दिल से आने वाले दर्द के संकेत और छाती के दूसरे हिस्सों के संकेत, रीढ़ की नस के ऊपरी हिस्से में एक ही तंत्रिका-कोशिकाओं पर मिलते हैं। इसी साझा तार-व्यवस्था की वजह से सिर्फ़ महसूस करके नहीं बताया जा सकता कि छाती का दर्द कहाँ से है — और इसीलिए पहले दिल जाँचा जाता है।

    Foreman RD, Qin C. Neuromodulation of cardiac pain and cerebral vasculature: neural mechanisms. Cleveland Clinic Journal of Medicine. 2009.

अपच से होने वाले छाती के दर्द में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।

आपके लिए

दिल के रोगी

किसी भी चीज़ से पहले थेरेपिस्ट को बताएँ, और अपनी गोलियाँ और रिपोर्ट साथ लाएँ। Loveleen आपके लिए नहीं है, और छाती का कोई भी नया दर्द पहले आपके दिल के डॉक्टर के पास जाए।

जिन्हें खाने के बाद जलन होती है

कम मात्रा में, धीरे-धीरे खाएँ, और खाने के तुरंत बाद न लेटें। अगर जलन बार-बार लौटे, तो डॉक्टर को दिखाएँ।

यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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