जलने के निशान
जलने का निशान वह निशान है जो आग, गरम तरल, केमिकल या बिजली से ख़राब हुई त्वचा की मरम्मत के बाद रह जाता है। कुछ निशान सपाट और हल्के होते हैं; कुछ मोटे, उभरे हुए, खुजली वाले या खिंचे हुए रहते हैं।

- दुनिया भर में हर साल लगभग 1,80,000 लोगों की मौत जलने से होती है, ज़्यादातर कम और मध्यम आय वाले देशों में
- भारत में हर साल 10 लाख से ज़्यादा लोग मध्यम से गंभीर रूप से जलते हैं
- गंभीर रूप से जलने वाले 70% तक लोगों में मोटे, उभरे (हाइपरट्रॉफ़िक) निशान बन जाते हैं
- निशान 2 साल तक बदलता और हल्का होता रहता है
स्रोत: World Health Organization (burns fact sheet); MedlinePlus; NHS; Finnerty et al., Lancet 2016
जलने के निशान क्या है?
जलने से त्वचा की परतें ख़राब होती हैं। हल्की जलन सिर्फ़ ऊपरी परत को नुक़सान पहुँचाती है। गहरी जलन नीचे के ऊतक तक पहुँचती है, और सबसे गहरी जलन त्वचा की सारी परतें और उनके नीचे का हिस्सा भी नष्ट कर देती है। जलन जितनी गहरी, शरीर को उतना ज़्यादा फिर से बनाना पड़ता है।
इस ख़ाली जगह को भरने के लिए शरीर कोलेजन नाम का एक प्रोटीन बिछाता है। सामान्य त्वचा में यह सलीक़े से बुना होता है। निशान में यह जल्दी-जल्दी और मोटा, अक्सर उलझे गुच्छों में बिछता है। इसीलिए जलने का निशान उभरा, लाल, चमकदार, खुजली वाला या खिंचा हुआ हो सकता है — और जोड़ के ऊपर का निशान उसे हिलाना मुश्किल कर सकता है।
इसके लक्षण क्या हैं?
- गुलाबी, लाल, बैंगनी, सफ़ेद, भूरा या आसपास की त्वचा से गहरा निशान
- उभरा हुआ, सख़्त निशान जो पुरानी जलन की सीमा के अंदर रहता है
- सख़्त, चिकना निशान जो जलन से भी बड़ा फैल जाता है (केलॉइड)
- निशान में खुजली, दर्द या बेचैनी
- खिंची हुई त्वचा, जिससे जोड़ हिलाना मुश्किल या दर्दनाक हो (कॉन्ट्रैक्चर)
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
जलने का कारण
- गरम तरल और भाप (झुलसना)
- आग की लपटें, और गरम चीज़ों को छूना
- केमिकल, बिजली, धूप या रेडिएशन
मोटे निशान की संभावना किससे बढ़ती है
- गहरी जलन जिसने त्वचा की निचली परतें नष्ट कर दीं
- जलन जिसमें संक्रमण हो गया
- जोड़ के ऊपर की जलन, जहाँ त्वचा हमेशा खिंचती रहती है
जलना कहाँ होता है
- 80–90% जलने की घटनाएँ घर पर होती हैं — खाना पकाने की आग और असुरक्षित चूल्हे आम कारण हैं
- छोटे बच्चे ख़ास तौर पर ख़तरे में रहते हैं
इसका पता कैसे चलता है?
जलने का निशान देखकर और छूकर पहचाना जाता है। डॉक्टर उसका रंग, मोटाई और आकार देखते हैं, और यह जाँचते हैं कि पास के जोड़ कितने अच्छे से हिलते हैं।
निशान को देखना
क्या यह सपाट है या उभरा हुआ, नरम है या सख़्त, और क्या यह पुरानी जलन के अंदर है या उससे बाहर फैल रहा है?
हिलने-डुलने की जाँच
अगर निशान किसी जोड़ के ऊपर है, तो डॉक्टर देखते हैं कि खिंची त्वचा हिलने-डुलने को रोक तो नहीं रही।
परेशानी के संकेत देखना
जो निशान सूजा हुआ, गरम हो या जिससे मवाद निकल रहा हो, उसकी डॉक्टर से जल्दी जाँच ज़रूरी है।
न्यूरोथेरेपिस्ट पहले यह पक्का करता है कि जलन पूरी तरह भर चुकी है — त्वचा बंद हो, कोई कच्ची या रिसती जगह न हो। थेरेपिस्ट डायबिटीज़, दिल या किडनी की बीमारी, गर्भ और ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में भी पूछता है, क्योंकि इनसे तय होता है कि कौन-से पॉइंट दिए जा सकते हैं।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से जलने के निशान
LMNT पद्धति निशान पर सीधे काम नहीं करती। यह शरीर के ज़रिए काम करती है — लिवर पर और थाइमस-चेस्ट के पॉइंट्स पर — ताकि पुराने घाव के ऊतक को साफ़ करने और फिर से बनाने की शरीर की अपनी क्षमता को सहारा मिले। गुरुजी की शिक्षा आग, केमिकल या बिजली से जलने के पुराने निशानों को इन पॉइंट्स के उपयोगों में गिनाती है, और न्यूरोथेरेपिस्ट बताते हैं कि पुराने निशान नरम और हल्के हो सकते हैं।
LMNT पद्धति पुराने जलने के निशान को कैसे देखती है
- जलन पुरानी हैत्वचा बंद हो चुकी है — इसलिए Injury फ़ॉर्मूला बिना (4) Thrd के दिया जाता है, जो ताज़े घाव के लिए है
- लिवर(1) Liv – 3 points: LMNT पद्धति इसे जलने के निशान साफ़ करने में मदद के लिए देती है
- थाइमस + चेस्टऊतकों में खनिज भरने और ऊतकों के अंदर पुराने घावों व जलने के निशानों पर असर के लिए सिखाया गया
- निशान ख़ुदकभी दबाया नहीं जाता, न उस पर काम होता है — हाथ जलन से दूर रहते हैं
यह काम धीमा है, ख़ुद निशान की तरह। तरक़्क़ी इससे आँकी जाती है कि व्यक्ति ख़ुद क्या महसूस करता है — कम खुजली, नरम त्वचा, आसान हिलना-डुलना — इस वादे से नहीं कि निशान ग़ायब हो जाएगा।
हमारे इलाज से मरीज़ को तुरंत फ़ायदा हो या न हो, हमारी लापरवाही से उसे कोई नुक़सान न पहुँचे — इस पर ध्यान दीजिए।
जलने के निशान का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
थेरेपिस्ट जाँच वाले पॉइंट Liv° और Mu° देखता है, पक्का करता है कि जलन पूरी तरह भर चुकी है, और डायबिटीज़, दिल व किडनी की बीमारी, गर्भ और ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में पूछता है।
Injury फ़ॉर्मूला, बिना (4) Thrd के
क्योंकि घाव पुराना है, (4) Thrd छोड़ दिया जाता है। फ़ॉर्मूला पैर की उँगलियों और शरीर पर दिया जाता है — निशान पर कभी नहीं।
Th + Ch (थाइमस + चेस्ट)
Thymus + Chest, Armpits के साथ — जहाँ इसकी कोई रोक लागू न हो।
(1) Liv – 3 points (लिवर पॉइंट)
लिवर का वह पॉइंट जो LMNT पद्धति आग या केमिकल से जलने के निशानों के लिए देती है।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
Injury ट्रीटमेंट फ़ॉर्मूला
LMNT में चोट के लिए दिया जाता है — और बिना (4) Thrd के, पुराने जलने के निशानों के लिए; पुराने घाव के ऊतक को साफ़ करने में शरीर को सहारा देता है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- जली हुई जगह पर या उसके आसपास कभी काम नहीं। हाथ निशान से दूर रहते हैं। त्वचा (चमड़ी)
- ताज़ी जलन न्यूरोथेरेपी के लिए नहीं है। बड़ी, गहरी या फफोले वाली जलन, चेहरे, हाथों या गुप्त अंगों की जलन, और केमिकल या बिजली से कोई भी जलन हो, तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल जाएँ।
- अगर निशान सूज जाए, गरम हो जाए या उससे मवाद निकले, या खिंचा हुआ निशान किसी जोड़ को हिलने न दे, तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
- Thymus + Chest गर्भ, सूजन वाली बीमारी, पोलियो, दिल की बीमारी, डायबिटीज़, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या दूसरी ऑटोइम्यून बीमारी, या किडनी की बीमारी में नहीं दिया जाता — और जब दिया जाता है, तो Armpits हमेशा साथ जाते हैं। Th + Ch
- लिवर में कैंसर हो, तो (1) Liv – 3 points नहीं दिया जाता। Liv – 3 points
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और डॉक्टर ने निशान की जो देखभाल बताई है, वह भी जारी रखें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
Injury फ़ॉर्मूले का पूरा हिंदी प्रदर्शन: बाएँ पैर की तीसरी और चौथी उँगली पर 60 Toe-Finger घुमाव, तीन बार; फिर Gal, Liv और Chest Only; फिर Armpits के साथ Gal, Liv, Thymus और Chest — चार पर और आठ पर — हर हिस्से के बीच एक मिनट का अंतर, और उतना ही वज़न जितना मरीज़ सह सके।
उसी Injury फ़ॉर्मूले का छोटा हिंदी प्रदर्शन: बाएँ पैर की उँगलियों का काम तीन बार, फिर Gal, Liv और Chest Only, फिर Gal, Liv के साथ Thymus और Chest — चार पर और आठ पर — हर हिस्से के बीच एक मिनट आराम।
LMNT पद्धति में Thymus + Chest के साथ Armpits हमेशा दिए जाते हैं; इस वीडियो में वे नहीं दिखाए गए। डायबिटीज़, दिल की बीमारी, गर्भ या ऑटोइम्यून बीमारी में Thymus + Chest नहीं दिया जाता।
Injury फ़ॉर्मूले के दो क़दम-दर-क़दम प्रदर्शन, हिंदी में। पुराने जलने के निशान में (4) Thrd छोड़ दिया जाता है और निशान पर ख़ुद कुछ नहीं किया जाता।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
यह विशेषज्ञ समीक्षा बताती है कि गंभीर जलन से बचने वाले लगभग 70% लोगों में मोटे, उभरे निशान बनते हैं, जिनसे खुजली, दर्द और जकड़े जोड़ होते हैं — और यह भी कि निशान के इलाज का सबसे अच्छा समय और मेल अभी तय नहीं है।
जलने के निशानों में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
माता-पिता
ज़्यादातर जलना घर पर होता है। बच्चों को चूल्हे, गरम तरल और खुली आग से दूर रखें। बच्चे की जलन पहले डॉक्टर को दिखाएँ; बाद में बच्चे को न्यूरोथेरेपी दी जाए, तो बड़ों की आधी खुराक और सिर्फ़ हल्का ट्रीटमेंट।
डायबिटीज़ वाले लोग
डायबिटीज़ में Thymus + Chest नहीं दिया जाता। अपने थेरेपिस्ट को बताएँ, वह योजना बदलेगा।
जोड़ के ऊपर निशान वाले
डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार जोड़ को हिलाते रहें, ताकि निशान उसे जकड़ न दे।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।