Ear Points बैठकर दिया जाने वाला न्यूरोथेरेपी (LMNT) ट्रीटमेंट है, जो बाहरी कान के आसपास दिया जाता है — कान के पीछे, आगे, और कान के छेद के छोटे पल्ले तथा किनारे पर। ये कम सुनाई देने, बहरेपन और कान की दूसरी तकलीफ़ों में दिए जाते हैं, और कान की नली के अंदर कभी कुछ नहीं जाता।
परिचय
Ear Points क्या हैं?
Ear Points सिर और चेहरे के लिए बैठकर दिए जाने वाले ट्रीटमेंट के समूह का हिस्सा हैं। ये दोनों कानों पर, कान के बाहर की चार छोटी जगहों पर काम करते हैं। इनका लिखित चिह्न दो छोटे कान की आकृतियाँ हैं, जिनमें बिंदु और तीर बने हैं।
स्रोत इनका उद्देश्य सीधे बताता है: ये कम सुनाई देने, बहरेपन और कान की सभी तकलीफ़ों में दिए जाते हैं; ये कान के आसपास की नसों को जगाते हैं और सुनने की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
यहाँ की शरीर-रचना अनोखी है। बाहरी कान की त्वचा शरीर पर त्वचा का अकेला ऐसा हिस्सा है, जिसे वेगस नस की एक शाखा मिलती है — वह लंबी 'घूमने वाली' नस, जो शरीर के चुपचाप चलने वाले काम सँभालती है, जैसे दिल को धीमा करना और आँतों को चलाना।
🖼चित्र जल्द आएगाबाहरी कान, जिसके आसपास चार जगहें चिह्नित हैं, कान की नली, पर्दे और कॉक्लिया का कटा हुआ दृश्य, और कान की त्वचा तक पहुँचती वेगस नस की शाखा
Ear Points की चारों जगहें कान के बाहर हैं। कान की नली के अंदर कभी नहीं जाया जाता।
कहाँ दिया जाता है
Ear Points कहाँ दिए जाते हैं?
स्थितिबैठकर
शरीर का हिस्सादोनों तरफ़ बाहरी कान के आसपास — पीछे, आगे, पल्ला और कान के छेद का किनारा
आप मज़बूत कुर्सी पर पीछे टिककर बैठते हैं। थेरेपिस्ट आपके बग़ल में खड़ा होकर एक हाथ हल्के से आपके माथे पर रखता है, सिर्फ़ सिर को स्थिर रखने के लिए — वह कभी धकेलता या उचकाता नहीं। बहुत बीमार या बहुत कमज़ोर रोगी को लिटाकर भी यह दिया जा सकता है।
चारों जगहें कान के बाहर हैं: कान के पीछे की नरम त्वचा; कान के छेद के ठीक आगे गाल की त्वचा; छेद के आगे उपास्थि (कार्टिलेज) का छोटा लचीला पल्ला; और छेद का किनारा। दोनों कानों पर ट्रीटमेंट होता है।
🖼चित्र जल्द आएगाकुर्सी पर बैठा ग्रे पुतला, बग़ल से, जिसके बाहरी कान के आसपास का हिस्सा रोशन है
Ear Points बैठकर, दोनों कानों के बाहर के आसपास दिए जाते हैं।
कैसे दिया जाता है
Ear Points कैसे दिए जाते हैं?
काम एक खुले हाथ से, अँगूठे के नरम हिस्से और पहली उँगली से होता है। कान के पीछे और आगे त्वचा को ऊपर से नीचे हल्के से सहलाया जाता है। पल्ले और किनारे पर हल्का दबाकर छोड़ा जाता है। थेरेपिस्ट के नाख़ून कभी त्वचा को नहीं छूते।
पल्ला दबाने से पहले रोगी को बताया जाता है: दबे रहने तक सब कुछ दबा-दबा सुनाई देगा, और छोड़ने पर एक पल के लिए साफ़। इन जगहों का ठीक क्रम, कोण और गिनती कोर्स में किसी प्रशिक्षित शिक्षक के सामने हाथों-हाथ सिखाई जाती है।
किससे दिया जाता हैअँगूठे का नरम हिस्सा और पहली उँगली
कैसा महसूस होता हैनीचे की ओर हल्का सहलाना, फिर पल्ले पर हल्का दबाव
कभी नहींकान की नली के अंदर कुछ भी — न उँगली, न नाख़ून, न बड
रोगी की स्थितिबैठकर, माथे पर हल्के हाथ से सिर स्थिर
सही तकनीक न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोर्स में हाथों-हाथ सिखाई जाती है। कोर्स देखें →
यह क्या करता है
Ear Points क्या करते हैं?
स्रोत कहता है कि ये कान के आसपास की नसों को जगाते हैं और सुनने की क्षमता बढ़ाते हैं। यह उस एक असर के बारे में भी ईमानदार है जो रोगी तुरंत महसूस करता है — और इसके बारे में भी कि उसका मतलब क्या नहीं है।
कान के आसपास की त्वचा की नसों को जगाते हैं, जिनमें बाहरी कान तक पहुँचने वाली वेगस नस की शाखा भी है।
कम सुनाई देने, बहरेपन और कान की दूसरी तकलीफ़ों में दिए जाते हैं।
पल्ला दबाने से कुछ पलों के लिए साफ़ सुनाई देता है। वजह सीधी है: दबा रहने तक पल्ला नली बंद करता है और छोड़ने पर खोल देता है। यह सुनने के अंग में बदलाव नहीं है, और इससे कोई स्थायी वादा नहीं किया जाना चाहिए।
कान का दर्दसिर्फ़ तब, जब वजह पता हो — दर्द या बहाव वाले कान पर ये पॉइंट नहीं दिए जाते।
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
कान की नली के अंदर कुछ नहीं जाता — न उँगली, न नाख़ून, न रुई का बड, न कोई औज़ार।
जिन कानों पर ट्रीटमेंट नहीं होता: बहाव वाला कान; दर्द वाला कान; हाल में ऑपरेशन हुआ कान; पर्दे में छेद वाला कान। ग्रोमेट या हियरिंग एड पहले हटाए या ध्यान में रखे जाते हैं। कान का दर्द
एक कान में अचानक सुनना चला जाए, तो यह कान के विशेषज्ञ के पास तुरंत भेजने की बात है — कुर्सी पर इलाज की नहीं। कम सुनाई देना (बहरापन)
ट्रीटमेंट के तुरंत बाद मुझे बेहतर सुनाई दिया। क्या मेरा बहरापन ठीक हो गया?
आपने जो महसूस किया वह सच था, पर थोड़ी देर का: पल्ला दबाने से नली बंद होती है और छोड़ने पर खुलती है, इसलिए फ़र्क़ की वजह से कुछ पलों तक आवाज़ ज़्यादा साफ़ लगती है। अगर आपका सुनना सच में कम है, तो उसकी जाँच ज़रूरी है।
क्या मेरे कान में कुछ डाला जाएगा?
नहीं। चारों जगहें कान के बाहर हैं। नली के अंदर कुछ नहीं जाता।
कान साफ़ करते समय मुझे खाँसी क्यों आती है?
वेगस नस की एक छोटी शाखा कान की नली तक पहुँचती है। कुछ लोगों में यह खाँसी की प्रतिक्रिया से बहुत पास जुड़ी होती है, इसलिए नली छूने पर दिमाग़ को लगता है जैसे गले में कुछ है। यह नुक़सानदेह नहीं है।
क्या हियरिंग एड पहनने वाले को यह दिया जा सकता है?
हाँ, हियरिंग एड निकालने के बाद। आपका हियरिंग एड और डॉक्टर की देखभाल पहले की तरह चलते रहते हैं।
हैरान करने वाली बातें
1कान में छिपी खाँसी
वेगस नस की कान वाली शाखा (आर्नल्ड की नस) कान की नली छूने पर खाँसी शुरू करा सकती है — इसे 'कान-खाँसी प्रतिक्रिया' कहते हैं, जो कुछ लोगों में पाई जाती है।
स्रोत: Tekdemir I et al., A clinico-anatomic study of the auricular branch of the vagus nerve and Arnold's ear-cough reflex, Surg Radiol Anat 1998;20:253–257.
2कम सुनाई देना बहुत आम है
दुनिया भर में 1.5 अरब से ज़्यादा लोग किसी न किसी हद तक कम सुनने की तकलीफ़ के साथ जीते हैं, और उनमें से बहुतों की कभी सुनने की जाँच नहीं हुई।
स्रोत: World Health Organization, World Report on Hearing, 2021.
3शरीर की सबसे छोटी हड्डी
कान के पर्दे के पीछे स्टेपीज़, यानी रकाब जैसी हड्डी होती है — लगभग 3 मिलीमीटर लंबी, इंसानी शरीर की सबसे छोटी हड्डी।
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।
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