बचपन का निमोनिया (पुराना इतिहास)
LMNT पद्धति में, जिस व्यक्ति को बचपन में निमोनिया हुआ था — वह अब किसी भी तकलीफ़ के लिए आए — उसे ADK नाम का तीन हिस्सों वाला क्रम दिया जा सकता है। गुरुजी की शिक्षा मानती है कि निमोनिया फेफड़ों के साथ-साथ किडनी पर भी असर छोड़ता है, इसलिए थेरेपिस्ट इसके बारे में हमेशा पूछता है।
- 2019 में निमोनिया से 5 साल से कम उम्र के 740,180 बच्चों की मौत हुई — उस उम्र की सभी मौतों का 14%
- दुनिया भर में बच्चों की मौत का यह सबसे बड़ा संक्रामक कारण है
- Hib, न्यूमोकोकस, खसरा और काली खाँसी के टीके इससे बचाव का सबसे असरदार तरीक़ा हैं
स्रोत: World Health Organization (Pneumonia fact sheet); MedlinePlus (Pneumonia)
बचपन का निमोनिया क्या है?
निमोनिया एक या दोनों फेफड़ों का संक्रमण है। हवा की छोटी-छोटी थैलियाँ द्रव या मवाद से भर जाती हैं, इसलिए साँस लेना मुश्किल हो जाता है। यह आम तौर पर बैक्टीरिया या वायरस से होता है, और 2 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 से ऊपर के बड़ों को इसका सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है।
निमोनिया सिर्फ़ फेफड़ों की बीमारी नहीं है। डॉक्टर इसकी गंभीर जटिलताओं में किडनी फ़ेल्योर को भी गिनते हैं, और अस्पताल में भर्ती निमोनिया रोगियों पर हुए अध्ययन दिखाते हैं कि किडनी पर अक्सर बोझ पड़ता है। LMNT पद्धति एक ऐसा सवाल पूछती है जो ज़्यादातर इलाज नहीं पूछते: क्या इस व्यक्ति को बहुत पहले निमोनिया हुआ था — बचपन में, या जन्म से पहले, माँ के ज़रिए?
इसके लक्षण क्या हैं?
- बचपन में हुआ निमोनिया — व्यक्ति को याद हो या परिवार बताए
- माँ को गर्भावस्था के दौरान या उससे कुछ दिन पहले निमोनिया हुआ हो
- धीमे विकास वाला बच्चा, जिसे कभी निमोनिया हुआ था
- आज: बलगम वाली खाँसी, बुख़ार और कँपकँपी, तेज़ या मुश्किल साँस, या साँस लेते समय सीने में दर्द — इसका मतलब अभी निमोनिया है, और पहले डॉक्टर
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
निमोनिया किससे होता है
- बैक्टीरिया — ज़्यादातर स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए, और छोटे बच्चों में Hib
- वायरस — जैसे RSV, बच्चों में सबसे आम वायरल कारण
- खाना या पानी फेफड़ों में चला जाना
किसे ज़्यादा ख़तरा है
- 2 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 से ऊपर के बड़े
- जिन बच्चों को टीके न लगे हों, माँ का दूध न मिला हो, पोषण कम हो, या जो घर के धुएँ में रहते हों
- कमज़ोर इम्यूनिटी, फेफड़े, दिल, लिवर या किडनी की बीमारी, या डायबिटीज़ वाले लोग
LMNT का नज़रिया — किडनी क्यों
- गुरुजी की शिक्षा: निमोनिया के कारण किडनी पर भी असर पड़ता है
- गुरुजी की शिक्षा कहती है: गर्भावस्था में माँ में जो कमी थी, वही बच्चे में भी होगी
इसका पता कैसे चलता है?
आज का निमोनिया डॉक्टर पकड़ते हैं। बहुत पहले हुए निमोनिया की कोई जाँच-रिपोर्ट नहीं होती — वह पूछकर पता चलता है।
छाती का एक्स-रे
दिखाता है कि अभी निमोनिया है या नहीं, और फेफड़े का कितना हिस्सा घेरे हुए है।
पल्स ऑक्सीमीटर
उँगली पर लगी क्लिप ख़ून में ऑक्सीजन नापती है।
किडनी की जाँच
ख़ून में क्रिएटिनिन और यूरिया बताते हैं कि किडनी कचरा कितनी अच्छी तरह साफ़ कर रही है।
तकलीफ़ कोई भी हो, न्यूरोथेरेपिस्ट पूछता है: क्या आपको बचपन में निमोनिया हुआ था — या आपकी माँ को गर्भावस्था में, या उससे ठीक पहले? फिर Liv° और Mu°, ब्लड प्रेशर और किडनी की रिपोर्ट देखी जाती है, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या किडनी फ़ेल्योर में ADK के कुछ हिस्से मना हैं।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से बचपन का निमोनिया
जिन्हें बचपन में निमोनिया हुआ था और जो बरसों बाद आते हैं, उनके लिए LMNT पद्धति तीन ट्रीटमेंट देती है, हमेशा इसी क्रम में — ADK। A है Angiotensin #2 फ़ॉर्मूला, (7) Liv (7) Mu° (6) Lu + Sh, पीठ के बल लिटाकर; गुरुजी की शिक्षा कहती है कि यह किडनी के अंदर ख़ून का बहाव भी बढ़ाता है। D है डोपामिन के लिए (20) Medulla: कानों के नीचे गर्दन के दोनों ओर बीस बार, रोगी को बिठाकर। K है Kidney Clear ट्रीटमेंट, उस दर्जे पर जो उस दिन शरीर ले सके — क्योंकि निमोनिया किडनी पर भी असर डालता है।
LMNT पद्धति इसी क्रम को और भी जगह देती है। धीमे विकास वाले कुछ बच्चों में पता चलता है कि उन्हें निमोनिया हुआ था; उनके बाक़ी ट्रीटमेंट के साथ यह देने पर माता-पिता काफ़ी फ़र्क बताते हैं। और जिस बच्चे की माँ को गर्भावस्था में या उससे ठीक पहले निमोनिया हुआ था, उसे भी ADK दिया जाता है, बच्चा चाहे किसी भी तकलीफ़ के लिए आया हो — क्योंकि गुरुजी की शिक्षा कहती है कि गर्भावस्था में माँ में जो कमी थी, वही बच्चे में भी होती है। क्या ये ट्रीटमेंट किडनी के काम को भी सहारा दे सकते हैं — यह सवाल LMNT पद्धति ख़ुद अभी जाँच के लिए खुला रखती है।
जहाँ भी सवाल का निशान है, वह इस बात का संकेत है कि यह मेरी अपनी सोच है, जिस पर अब दूसरे लोग रिसर्च कर सकते हैं।
बचपन का निमोनिया का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
अभी निमोनिया हो, तो पहले डॉक्टर
ADK बहुत पहले हुए निमोनिया के लिए है। जिसे अभी निमोनिया है, उसका इलाज पहले डॉक्टर करते हैं।
पूछिए, और जाँचिए
बचपन के निमोनिया — या माँ के — का सवाल, फिर Liv°, Mu°, ब्लड प्रेशर और किडनी की रिपोर्ट।
देखिए क्या नहीं दिया जा सकता
हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी में Lu + Sh या (20) Medulla नहीं; किडनी फ़ेल्योर या किडनी के कैंसर में Mu° नहीं; फेफड़ों के कैंसर में Ch. Only नहीं।
पहले A, फिर D
पीठ के बल लिटाकर Angiotensin #2 फ़ॉर्मूला, फिर रोगी को बिठाकर (20) Medulla।
फिर K — Kidney Clear
उस दर्जे पर जो उस दिन शरीर ले सके — कमज़ोर या लंबे समय से बीमार शरीर में हल्के दर्जे से शुरुआत।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
ADK
तय क्रम में तीन हिस्से — Angiotensin #2, (20) Medulla, Kidney Clear — उस व्यक्ति के लिए जिसे बचपन में निमोनिया हुआ था, या जिसकी माँ को गर्भावस्था में हुआ था।
खोलें →Angiotensin No. 2
हिस्सा A: बारी-बारी से लिवर, बाईं किडनी के पॉइंट और फेफड़ों पर काम करता है; गुरुजी की शिक्षा के अनुसार यह किडनी के अंदर ख़ून का बहाव भी बढ़ाता है।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →(20) Medulla
हिस्सा D: गर्दन के दोनों ओर बीस बार, रोगी को बिठाकर — LMNT में डोपामिन के लिए दिया जाता है।
खोलें →Kidney Clear
हिस्सा K: किडनी को सहारा देता है, उस दर्जे पर जो उस दिन शरीर की हालत देखकर चुना जाए।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- अभी का निमोनिया पहले डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है। तेज़ या मुश्किल साँस, बच्चे में हर साँस पर सीना अंदर धँसना, नीले होंठ, उलझन या बहुत नींद, दौरा, या शिशु का दूध-पानी न ले पाना — तो तुरंत अस्पताल जाएँ। न्यूरोथेरेपी डॉक्टरी इलाज के साथ सहारा है, उसकी जगह कभी नहीं। निमोनिया
- हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी में Lu + Sh नहीं दिया जाता, और दिल की बीमारियों व हाई ब्लड प्रेशर में (20) Medulla मना है। Lu + Sh
- किडनी फ़ेल्योर या किडनी के कैंसर में Mu° को सक्रिय नहीं किया जाता, और फेफड़ों के कैंसर में Ch. Only नहीं दिया जाता। Mu°
- बच्चों को बड़ों की आधी खुराक और सिर्फ़ हल्का ट्रीटमेंट दिया जाता है, वह भी प्रशिक्षित थेरेपिस्ट के हाथों।
- धीमे विकास वाले बच्चे का डॉक्टरी इलाज और सारी थेरेपी जारी रहती हैं; ADK उनके साथ दिया जाता है, उनकी जगह कभी नहीं। मानसिक मंदता
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
Angiotensin No. 2 फ़ॉर्मूले का प्रदर्शन — (7) Liv, (7) Mu° और (6) Lu + Sh — माहवारी में बहुत ज़्यादा ख़ून जाने के बाद अचानक गिरे BP के लिए।
वीडियो बेहोशी के समय ही यह फ़ॉर्मूला देने की बात करता है। LMNT पद्धति में जिसका ख़ून अब भी बह रहा हो, जो ठंडा, पीला हो या बेहोश हो रहा हो, उसे पहले अस्पताल ले जाया जाता है; यह फ़ॉर्मूला ख़ून बहना रुकने के बाद के लिए है। कैंसर में Lu + Sh नहीं दिया जाता।
Angiotensin No. 2 फ़ॉर्मूला — ADK का हिस्सा A। वीडियो में इसे बहुत ख़ून जाने के बाद गिरे BP के लिए दिखाया गया है; पुराने निमोनिया में LMNT पद्धति इसके बाद (20) Medulla और Kidney Clear देती है।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- उभरता प्रमाण
निमोनिया से अस्पताल में भर्ती 1,836 लोगों में से 631 की किडनी को अचानक चोट पहुँची — इनमें कई ऐसे थे जिनका निमोनिया गंभीर नहीं था — और उनमें मौत का ख़तरा ज़्यादा था। निमोनिया सिर्फ़ फेफड़ों पर नहीं, किडनी पर भी बोझ डाल सकता है।
- मज़बूत प्रमाण
एंजियोटेंसिन II एक कड़ी में बनता है: लिवर उसका कच्चा माल छोड़ता है, किडनी रेनिन छोड़कर बदलाव शुरू करती है, और ज़्यादातर फेफड़ों की ख़ून की नलियों में मिलने वाला एक एंज़ाइम उसे पूरा करता है। फिर एंजियोटेंसिन II ख़ून की नलियों को कसता है और शरीर को नमक-पानी रोकने में मदद करता है — यही फेफड़े–लिवर–किडनी की कड़ी है जिस पर ADK क्रम बना है।
बचपन के निमोनिया के बाद के असर में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट और माता-पिता जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
माता-पिता
बच्चों को टीकों का पूरा कोर्स, पहले छह महीने माँ का दूध, अच्छा भोजन और धुएँ से मुक्त घर दीजिए। अगर आपके बच्चे को — या आपको गर्भावस्था में — कभी निमोनिया हुआ हो, तो थेरेपिस्ट को बताइए। बच्चों का ट्रीटमेंट आधी खुराक वाला और हल्का होता है।
जिन बड़ों को बचपन में निमोनिया हुआ था
आप किसी भी तकलीफ़ के लिए आए हों, यह ज़रूर बताइए। LMNT में इससे दिया जाने वाला ट्रीटमेंट बदल सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी वाले लोग
ADK के दो हिस्से — Lu + Sh और (20) Medulla — आपके लिए मना हैं, इसलिए थेरेपिस्ट योजना बदलता है। हमेशा बताइए।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।