पीछे का चार्ट: किडनी के पॉइंट Mu° और Liv°, और अंदर से आने वाला पीठ दर्द
Mu° और Liv° बाईं और दाईं किडनी के न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोड नाम हैं, जिन्हें आख़िरी पसली और कूल्हे की हड्डी के बीच के नरम गड्ढे में जाँचा जाता है। पीछे का चार्ट यह भी दिखाता है कि अंदर के किसी अंग की गड़बड़ी कहाँ पीठ दर्द बनकर महसूस हो सकती है।
परिचय
पीठ के दोनों तरफ़, सबसे निचली पसली और कूल्हे की हड्डी के किनारे के बीच एक जगह है जहाँ दीवार आसपास से ज़्यादा नरम लगती है। यह पेट के पिछले हिस्से की इकलौती खिड़की है जिस पर कोई हड्डी नहीं, और इसके पीछे चर्बी में लिपटी किडनी रहती हैं। बाईं को Mu° (‘म्यू ज़ीरो’) और दाईं को Liv° (‘लिव ज़ीरो’) कहते हैं। न्यूरोथेरेपी (LMNT) की जाँच में सबसे पहले इन्हीं दोनों को देखा जाता है, और इन्हें हमेशा एक-दूसरे से मिलाकर पढ़ा जाता है, अकेले कभी नहीं।
कोड नाम क्यों? पहली वजह दया है। ‘किडनी’ शब्द से कई रोगी डर जाते हैं, और घबराए हुए व्यक्ति का ब्लड प्रेशर तक बढ़ सकता है। दूसरी वजह याद रखना है। आगे का Liv पॉइंट नाभि के दाईं ओर है, और उसके पीछे दाईं किडनी है, इसलिए दाईं किडनी Liv° बनी। Mu पॉइंट नाभि के बाईं ओर है, इसलिए बाईं किडनी Mu° बनी। छोटा गोला थेरेपिस्ट को यह भी याद दिलाता है कि ये पॉइंट Liv और Mu से थोड़ा अलग तरह से दिए जाते हैं — यह बारीकी कोर्स में हाथों-हाथ सिखाई जाती है।
पीछे का चार्ट वह भी दिखाता है जो शरीर हर समय करता है: अंदर के किसी अंग की परेशानी को वह पीठ के दर्द के रूप में बताता है। बीमार पैंक्रियाज़ का दर्द बीच की पीठ तक बेध सकता है, किडनी का दर्द कमर के बगल में महसूस होता है, और गर्भाशय या प्रोस्टेट का नीचे कमर की तिकोनी हड्डी पर। पर ज़्यादातर पीठ दर्द मांसपेशी और बैठने-उठने के ढंग से होता है। चार्ट यह पूछने का इशारा है कि ‘कहीं यह आगे से तो नहीं आ रहा?’ — यह निदान नहीं है।
मुख्य बातें
- Mu° बाईं किडनी है और Liv° दाईं; दोनों को आख़िरी पसली और कूल्हे की हड्डी के बीच के नरम गड्ढे में जाँचा जाता है।
- दोनों तरफ़ हमेशा एक-दूसरे से मिलाकर देखी जाती हैं — अकेली एक बगल का मतलब बहुत कम है।
- कोड नाम रोगियों को डर से बचाते हैं और पॉइंट याद रखना आसान बनाते हैं।
- कोड कोई शब्द छिपा सकता है, कोई नतीजा कभी नहीं: चिंता वाली बात हमेशा साफ़ कही जाती है।
और गहराई से जानिए
Mu°
Mu° — बाईं किडनी का पॉइंट
Liv°
Liv° — दाईं किडनी का पॉइंट
किडनी (गुर्दे)
किडनी (गुर्दे)
Mu° पर दर्द (जाँच का संकेत)
Mu° पर दर्द का क्या मतलब हो सकता है
Liv° पर दर्द (जाँच का संकेत)
Liv° पर दर्द का क्या मतलब हो सकता है
पहले नाभि बोलती है: दर्द-पॉइंट का नक्शा
गाइड: नाभि सबसे पहले बोलती है
पूरी गाइड पढ़िए
यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: पहले नाभि बोलती है: दर्द-पॉइंट का नक्शा
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
- जो बगल पहले से दुख रही हो और साथ में बुख़ार, कँपकँपी, पेशाब में जलन या उल्टी हो, उसे न दबाएँ — इसके लिए उसी दिन डॉक्टर चाहिए। किडनी की बीमारी (गुर्दे का रोग)
- किडनी में पहले से पता सूजन, हाल की बायोप्सी, या लगी हुई नली या स्टेंट हो तो इस जगह से दूर रहें। ट्रांसप्लांट की गई किडनी पेडू में नीचे रखी जाती है, जहाँ निचले पेट पर रखा हाथ उस तक पहुँच सकता है।
- ख़ून पतला करने की दवा या ख़ून बहने की बीमारी: सिर्फ़ सबसे हल्का दबाव। पतली हड्डियों वाले या कमज़ोर बुज़ुर्ग में आख़िरी पसली पर कभी न दबाएँ — यह तैरती पसली है और आसानी से टूट जाती है। कमज़ोर और बुज़ुर्ग रोगी (हल्की देखभाल)
- पीठ दर्द में सेशन रोककर बाहर भेजना ज़रूरी है जब: जाँघों के बीच की जगह सुन्न हो, पेशाब या मल रोकने में नई दिक़्क़त हो, या दोनों पैरों में कमज़ोरी हो (उसी घंटे अस्पताल); कमर के बगल में दर्द के साथ बुख़ार, या पेशाब में ख़ून (आज ही डॉक्टर); या कंधों के बीच दर्द के साथ पसीना, साँस फूलना, या जबड़े या बाँह में दर्द जाना (इमरजेंसी, 108/112 पर फ़ोन करें)। रोगी को डॉक्टर के पास जाने को कैसे कहें
वीडियो
डॉ. दिवाकर शुक्ला विद्यार्थियों को दिखाते हैं कि Mu° पॉइंट कहाँ होता है और उसे कैसे दबाया जाता है — जाँच के लिए भी और इलाज के हिस्से के रूप में भी।
डॉ. दिवाकर शुक्ला Liv° पॉइंट समझाते और दिखाते हैं — यह दाईं तरफ़ कहाँ होता है और शरीर की जाँच के लिए इसे कैसे दबाया जाता है।
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।