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न्यूरोथेरेपी (LMNT) विषय

ज़्यादा माहवारी में दूध और छुहारा: घर पर आसान सहारा

जब माहवारी में रक्तस्राव ज़्यादा हो, तो महिला को भरपूर गुनगुना दूध पीने की सलाह दी जाती है, ताकि शरीर में कैल्शियम की कमी न हो, और हर सुबह दूध में उबला एक छुहारा लेने की।

परिचय

रात को छुहारा दूध में भिगोएँ, सुबह दोनों को उबालें, छुहारा खाएँ और दूध पिएँ। दिन का बाक़ी दूध गुनगुना ही रहे।

यह ज़्यादा रक्तस्राव वाली सलाह का घरेलू हिस्सा है, और महिला इसे उसी शाम से शुरू कर सकती है। अगर माहवारी में रक्तस्राव ज़्यादा हो, तो उसे दिन में कम से कम पौन लीटर गुनगुना दूध पीना चाहिए, ताकि शरीर में कैल्शियम की कमी न हो। यह लगभग तीन सामान्य गिलास है, इसलिए घर में इसकी तैयारी करनी होती है।

तापमान ज़रूरी है। दूध गुनगुना हो, गरम नहीं, क्योंकि ज़्यादा गरम दूध से रक्तस्राव और बढ़ सकता है। इतना गरम कि आराम से पी सकें, इतना नहीं कि फूँक मारनी पड़े।

दूसरा हिस्सा है सूखा खजूर, जिसे खारक, खारिक या छुहारा कहते हैं। रात को एक छुहारा एक कप दूध में डालकर फ़्रिज में रख दें। सुबह उस दूध को छुहारे के साथ उबालें। छुहारा खाएँ और दूध भी पिएँ। सुबह का यह कप दिन भर के दूध में ही गिना जाता है।

घर की सलाह और इलाज एक ही दिशा में चलते हैं। इलाज में ज़्यादा रक्तस्राव को (4) Para और 1,25 DCC फ़ॉर्मूले के कैल्शियम वाले काम से सहारा दिया जाता है। घर पर दूध कैल्शियम देता है।

मुख्य बातें

  • रक्तस्राव ज़्यादा हो तो दिन में कम से कम पौन लीटर दूध।
  • गुनगुना, कभी गरम नहीं: गरम दूध रक्तस्राव बढ़ा सकता है।
  • रात भर भिगोया छुहारा, सुबह उबालकर, दूध के साथ खाएँ।
  • मक़सद है कि शरीर में कैल्शियम की कमी न हो।

और गहराई से जानिए

माहवारी की तकलीफ़ें (अनियमित, ज़्यादा या दर्द वाली)

माहवारी की तकलीफ़ें, और ज़्यादा रक्तस्राव का इलाज

(4) Para

(4) Para, ज़्यादा रक्तस्राव में उपयोग होने वाला कैल्शियम पॉइंट

1,25 DCC (आम रूप)

1,25 DCC फ़ॉर्मूला, इलाज में कैल्शियम का काम

एनीमिया (ख़ून की कमी)

ख़ून की कमी, जो ज़्यादा माहवारी से अक्सर होती है

फ़ाइब्रॉइड (बच्चेदानी की गाँठ)

फ़ाइब्रॉइड, ज़्यादा रक्तस्राव का एक कारण जिसे डॉक्टर ढूँढ सकते हैं

भोजन ही दवा: खाने-पीने के नियम

भोजन ही दवा, और रसोई के बाक़ी नियम

महिलाओं का इलाज: माहवारी, गर्भावस्था और देखभाल

महिलाओं का इलाज: माहवारी, गर्भावस्था और उसके बाद

पूरी गाइड पढ़िए

यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: महिलाओं का इलाज: माहवारी, गर्भावस्था और देखभाल

सावधानी: कब नहीं दिया जाता

  • ज़्यादा रक्तस्राव से आयरन की भी कमी हो सकती है। हीमोग्लोबिन की आसान जाँच बताती है कि ख़ून कम तो नहीं हो रहा। एनीमिया (ख़ून की कमी)
  • रजोनिवृत्ति के बाद कोई भी रक्तस्राव, गर्भावस्था में रक्तस्राव, एक घंटे में पैड भीग जाना, बहुत बड़े थक्के, या कमज़ोरी, साँस फूलने या तेज़ धड़कन के साथ रक्तस्राव हो, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। माहवारी की तकलीफ़ें (अनियमित, ज़्यादा या दर्द वाली)
  • दो माहवारी के बीच या संबंध के बाद रक्तस्राव, या ऐसा चक्र जो बदलकर बदला ही रहे, उसकी भी डॉक्टर से जाँच ज़रूरी है। इलाज साथ-साथ चल सकता है।

यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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