मस्से
मस्से त्वचा पर छोटे, खुरदुरे, हानिरहित उभार हैं, जो एक आम वायरस (HPV) से होते हैं। ये ज़्यादातर हाथों और पैरों पर होते हैं, छूने से फैलते हैं, और बहुत-से अपने आप चले जाते हैं — ख़ासकर बच्चों में।

- दुनिया भर में लगभग 10% लोगों को मस्से होते हैं
- स्कूल जाने वाले बच्चों में ये ज़्यादा आम हैं — उनमें 10% से 20% को
- लगभग 65% मस्से दो साल के अंदर अपने आप चले जाते हैं
- HPV के 100 से ज़्यादा प्रकार हैं; त्वचा के मस्से करने वाले प्रकार वे नहीं हैं जो कैंसर से जुड़े हैं
स्रोत: Cleveland Clinic (warts); MedlinePlus (warts); British Association of Dermatologists guideline 2014
मस्से क्या है?
मस्सा तब बनता है जब ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) त्वचा की ऊपरी परत में पहुँच जाता है — आम तौर पर किसी बहुत छोटे कट या खरोंच से। वायरस वहाँ की त्वचा की कोशिकाओं को बहुत तेज़ी से बढ़ाता है, और वे जमा होकर छोटा, सख़्त, खुरदुरा उभार बना देती हैं।
आम मस्से उँगलियों और हाथों पर होते हैं, प्लांटर मस्से पैरों के तलवों पर, और चपटे मस्से वहाँ जहाँ बार-बार शेव होती है। मस्से कैंसर नहीं हैं। बच्चों में ये अक्सर अपने आप चले जाते हैं; बड़ों में ज़्यादा समय तक रहते हैं।
इसके लक्षण क्या हैं?
- छोटा, मांसल, दानेदार उभार — ज़्यादातर उँगलियों या हाथों पर
- छूने पर खुरदुरा
- उस पर छोटे काले बिंदु — जमी हुई छोटी ख़ून की नलियाँ
- पैर के तलवे पर: सख़्त, चपटा हिस्सा, जो चलते समय दुख सकता है
- कई मस्से पास-पास, या पुराने मस्से के पास नए मस्से
यह क्यों होता है, और किसे होने की संभावना ज़्यादा है?
वायरस
- ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV), जो त्वचा की किसी टूटन — जैसे नाख़ून के पास की उखड़ी त्वचा या खरोंच — से अंदर जाता है
यह कैसे फैलता है
- किसी के मस्से को छूना, या तौलिया या रेज़र साझा करना
- नाख़ून चबाना या मस्से को नोचना, जिससे वह पास की त्वचा पर फैलता है
- साझा बाथरूम और स्विमिंग पूल के पास नंगे पैर चलना
किसे ज़्यादा ख़तरा है
- स्कूल जाने वाले बच्चे और युवा
- जिनकी रोग-प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर है
- जो काम के लिए कच्चा मांस सँभालते हैं
इसका पता कैसे चलता है?
डॉक्टर आम तौर पर सिर्फ़ देखकर मस्से को पहचान लेते हैं। जाँच तभी ज़रूरी होती है जब साफ़ न हो कि यह उभार क्या है।
ध्यान से देखना
डॉक्टर उसका आकार, सतह और छोटे काले बिंदु देखते हैं, और उन्हें साफ़ देखने के लिए ऊपरी परत को हल्के से छील भी सकते हैं।
त्वचा की बायोप्सी
कभी-कभार एक छोटा टुकड़ा निकालकर माइक्रोस्कोप से जाँचा जाता है — जैसे जब कोई उभार ख़ून छोड़े, बदले या अलग दिखे।
न्यूरोथेरेपिस्ट मस्से का सीधे इलाज नहीं करता। बाईं ओर कमर पर Mu° और दाईं ओर Liv° दबाकर तुलना की जाती है, दोनों अनामिका (रिंग फ़िंगर) की तुलना होती है, और आपसे मल और पानी पीने के बारे में पूछा जाता है — क्योंकि LMNT पद्धति में मस्सा अंदर चल रही बात का संकेत है।
न्यूरोथेरेपी की नज़र से मस्से
LMNT पद्धति मस्सों को पानी के रास्ते पढ़ती है। गुरुजी की शिक्षा इन्हें एसिड वाली तरफ़ रखती है, उस शरीर के संकेतों में जिसमें पानी की कमी है — ऐसे संकेत जो आँत, नाक, बाल, त्वचा और गंदगी बाहर निकालने वाले दूसरे अंगों पर दिखते हैं: सख़्त क़ब्ज़, बवासीर, बंद नाक, रूसी, जल्दी सफ़ेद होते बाल, सूखी त्वचा, मस्से या तिल, एलर्जी और सोरायसिस।
मस्से के पीछे, LMNT की नज़र से
- पानी की कमीएसिड वाली तरफ़ का एक मुख्य संकेत शरीर में पानी की कमी है
- सख़्त क़ब्ज़सूखापन सबसे पहले आँत में दिखता है
- सूखी त्वचागंदगी बाहर निकालने वाले दूसरे अंगों की तरह त्वचा भी सूख जाती है
- मस्से या तिलसूखी त्वचा, एलर्जी और सोरायसिस वाली उसी सूची में आते हैं
- Mu° पर दर्दउस दिन की जाँच, जो तय करती है कि एसिड फ़ॉर्मूला दिया जा सकता है या नहीं
इसलिए LMNT पद्धति कहती है: जब मरीज़ इस परिवार का कोई एक सदस्य दिखाए, तो उस सदस्य का इलाज मत कीजिए। उसके पीछे खड़ी क़ब्ज़ को देखिए, और उसके पीछे खड़े पानी के घड़े को। एसिड वाली तरफ़ का मुख्य इलाज Acid Treatment Formula (ATF) है — पर सिर्फ़ तब, जब उस दिन की जाँच इसकी इजाज़त दे।
पानी की जगह कोई दूसरा पेय नहीं ले सकता।
मस्से का न्यूरोथेरेपी इलाज, क़दम-दर-क़दम
पहले जाँच
थेरेपिस्ट Mu° और Liv° दबाता है, दोनों अनामिका की तुलना करता है, Acid पॉइंट टटोलता है, और मल, पानी और आपकी हर गोली के बारे में पूछता है।
दरवाज़ा: Mu° पर दर्द नहीं, तो ATF नहीं
ATF सिर्फ़ तब दिया जाता है जब Mu° पर साफ़ दर्द हो और Liv° पर दर्द न हो, या बहुत कम हो। दाईं से ज़्यादा बाईं अनामिका में दर्द, और शरीर की बाईं ओर दर्द, इसकी पुष्टि करते हैं — पर फ़ैसला Mu° करता है।
मस्से के पीछे देखिए
सख़्त क़ब्ज़ और पानी की कमी को देखा और सँभाला जाता है, क्योंकि LMNT पद्धति में यही उस सूखी-त्वचा वाले परिवार के पीछे खड़े हैं जिसमें मस्से आते हैं।
हर बार दोबारा जाँच
Mu° की जाँच उसी दिन, हाथ से, ट्रीटमेंट से कुछ मिनट पहले होती है। अगर Mu° पर अब दर्द नहीं है, तो उस दिन ATF नहीं दिया जाता।
इस्तेमाल होने वाले पॉइंट और फ़ॉर्मूले
ATF, रूप (a)
Acid Treatment Formula — शरीर के एसिड वाले झुकाव को कम करने में मदद करता है; सिर्फ़ तब, जब Mu° पर तेज़ दर्द हो।
इन पॉइंट्स से काम करता है
खोलें →यह कभी न करें
- Mu° पर साफ़ दर्द के बिना ATF कभी नहीं दिया जाता। अगर उस दिन Mu° पर दर्द नहीं है, तो ATF नहीं दिया जाता — शिकायत चाहे जो हो। ATF, रूप (a)
- ATF के आख़िर में आने वाला (6) Adr इम्यूनिटी घटाता है और अल्कली बढ़ाता है: यह हाई BP, सेप्टिसीमिया, AIDS/HIV या कैंसर में नहीं दिया जाता। डायबिटीज़ वाले कुछ लोगों को इसके बाद ठीक नहीं लगता — थेरेपिस्ट को बताएँ कि आपको कैसा लगा। (6) Adr
- मस्से को घर पर न काटें, न जलाएँ, न नोचें — इससे ख़ून निकल सकता है, संक्रमण हो सकता है या वह फैल सकता है।
- डॉक्टर को दिखाएँ अगर कोई उभार ख़ून छोड़े, दुखे, जले या खुजलाए, उसका आकार या रंग बदले, तेज़ी से बढ़े या फैले, बार-बार लौटे, या चेहरे या गुप्तांगों पर हो — और हमेशा, अगर आपको डायबिटीज़ है (ख़ासकर पैर पर मस्सा) या आपकी रोग-प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर है।
- कैंसर: अगर व्यक्ति को कैंसर है, तो (10) Pan, Thymus, Pit, Lu + Sh, Rt. Ov / Lt. Ov और (30) Medulla कभी नहीं दिए जाते — थेरेपिस्ट योजना बदल देता है।
- डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें। न्यूरोथेरेपी आपके इलाज के साथ काम करती है, उसकी जगह नहीं।
वीडियो देखें
इसमें Acid Treatment फ़ॉर्मूला क्रम से दिखाया गया है — (8) Pan, (3) Gal, (5) Mu°, दाईं जाँघ के किनारे पर 3 Acid, (4) Chest Only, और पीठ के ऊपरी हिस्से पर (6) Adr, बिना रुके। एसिड बढ़ा हो तो यह शरीर के एसिड–अल्कली संतुलन को सहारा देने के लिए दिया जाता है।
ध्यान दें: Acid Treatment फ़ॉर्मूला तभी दिया जाता है जब Mu° पॉइंट दुखता हो, और हाई BP, डायबिटीज़, कैंसर या HIV में (6) Adr नहीं दिया जाता — थेरेपिस्ट पहले जाँच करता है।
Acid Treatment फ़ॉर्मूला, क़दम-दर-क़दम दिखाया गया — मस्सों में यह सिर्फ़ तब दिया जाता है जब Mu° पर तेज़ दर्द हो।
आयुर्वेद और रसोई से
ख़ुद को परखें
शोध क्या कहता है
- मज़बूत प्रमाण
मस्से तब होते हैं जब HPV त्वचा की ऊपरी परत की कोशिकाओं को संक्रमित करता है। बच्चों में लगभग आधे मस्से एक साल में और लगभग दो-तिहाई दो साल में चले जाते हैं; बड़ों में ये कहीं ज़्यादा समय तक रह सकते हैं। जिनकी रोग-प्रतिरोधक शक्ति ठीक है, उनके लिए सिर्फ़ इंतज़ार करना भी पूरी तरह सही विकल्प है।
मस्सों में न्यूरोथेरेपी का कोई क्लिनिकल ट्रायल अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। न्यूरोथेरेपिस्ट जो सुधार बताते हैं, वे क्लिनिकल अवलोकन हैं।
आपके लिए
माता-पिता
स्कूल के बच्चों में मस्से आम हैं और अक्सर अपने आप चले जाते हैं। बच्चे को सिखाएँ कि नाख़ून न चबाए, मस्से को न नोचे, और अपना तौलिया अलग रखे।
डायबिटीज़ या कमज़ोर इम्यूनिटी वाले
पैर पर मस्सा हो तो डॉक्टर को दिखाएँ, घर पर इलाज न करें। अपनी डायबिटीज़ या इम्यूनिटी की किसी बीमारी के बारे में थेरेपिस्ट को बताएँ — ATF में आने वाला (6) Adr शायद आपके लिए ठीक न हो।
सूखी त्वचा या सख़्त क़ब्ज़ वाले
त्वचा को नम रखें, और दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ। LMNT पद्धति में ये उसी तस्वीर का हिस्सा हैं जिसका मस्सा है।
यह पेज समझाता है, जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें, और कोई नया या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएँ।