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न्यूरोथेरेपी (LMNT) विषय

बीमारी के रोज़मर्रा के कारण, और आसन क्यों मायने रखता है

न्यूरोथेरेपी (LMNT) सात साधारण कारण बताती है जो शरीर के अंगों और ग्रंथियों को सुस्त करते हैं — खाने-पीने की ग़लत आदतों से लेकर तनाव, डर और ग़ुस्से तक। रोज़ की छोटी आदतें और ज़िंदगी भर एक तरफ़ झुके रहना बरसों तक अंगों से चुपचाप ख़ून छीन सकते हैं।

परिचय

कामकाजी ज़िंदगी के रोज़ के झुके आसन। दिन भर दबा रहने वाला हिस्सा थोड़ा कम ख़ून पा सकता है।

शरीर अपनी ज़रूरत का हर रसायन बना सकता है। पर सात साधारण कारण इसके अंगों और ग्रंथियों का काम धीमा या ख़राब कर देते हैं: आहार-विहार पर नियंत्रण न होना, यानी क्या खाते हैं और दिन कैसे बिताते हैं; ग़लत ढंग से बैठना-उठना; प्रदूषित माहौल; मानसिक तनाव; शरीर या मन से क्षमता से ज़्यादा काम; पोषण की कमी; और डर व ग़ुस्सा।

तब ग्रंथियाँ कम रसायन और हॉर्मोन बनाती हैं, शरीर का एसिड–अल्कली संतुलन बिगड़ता है, और बीमारी आती है। ध्यान दीजिए, इस सूची में न कोई कीटाणु है, न शाप, न बदक़िस्मती — और दो कारण मन की हालत हैं।

रोज़ की छोटी आदतें इसलिए मायने रखती हैं क्योंकि वे दोहराई जाती हैं। हर आदत पाचन के अंगों से थोड़ा ख़ून छीनती है; बीस साल तक ऐसा हो, तो समझ आता है कि पचास साल का पेट बीस साल के पेट जैसा काम क्यों नहीं करता।

आसन भी मायने रखता है। ज़्यादातर लोग बैठते, खड़े होते या चलते समय एक तरफ़ झुकते हैं। उस तरफ़ के अंग दिन के बड़े हिस्से में दबे रहते हैं और कम ख़ून पा सकते हैं — इसीलिए अक्सर दोनों नहीं, एक ही किडनी सुस्त मिलती है। कसे हुए अंग पर दबाव उसे योगासन जैसा खिंचाव देता है, जिससे उन लोगों को मदद मिलती है जो ख़ुद योग नहीं कर सकते।

मुख्य बातें

  • सात साधारण कारण अंगों और ग्रंथियों को सुस्त करते हैं।
  • सात में से दो मन की हालत हैं: तनाव, और डर व ग़ुस्सा।
  • छोटी आदतें इसलिए मायने रखती हैं क्योंकि वे बरसों दोहराई जाती हैं।
  • एक तरफ़ झुकने से उस तरफ़ के अंगों को ख़ून कम मिल सकता है।
  • जोड़ी वाले अंग अलग-अलग काम करते हैं, इसलिए बताया गया हिस्सा मायने रखता है।

और गहराई से जानिए

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पूरी गाइड पढ़िए

यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: शरीर का अपना दवाख़ाना: शरीर अपने रसायन कैसे बनाता और संतुलित करता है

सावधानी: कब नहीं दिया जाता

  • जहाँ ट्रीटमेंट में कोई हिस्सा (दायाँ या बायाँ) बताया गया हो, वह हिस्सा इलाज का भाग है। जोड़ी के दोनों अंग — जैसे दोनों किडनी या दोनों ओवरी — अलग-अलग काम करते हैं, और ग़लत हिस्सा उसी लक्षण को बढ़ा सकता है जिसका इलाज हो रहा है। किडनी (गुर्दे)

यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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