ख़ून, नसें और ग्रंथियाँ एक ही तंत्र की तरह कैसे काम करती हैं
न्यूरोथेरेपी (LMNT) में ख़ून की आपूर्ति, नसों के संकेत और ग्रंथियों को एक जुड़ी हुई कड़ी माना जाता है। जब किसी अंग को ख़ून या नस की आपूर्ति कम मिलती है, तो शरीर के तरल बदलते हैं, ग्रंथियों के आसपास की मांसपेशियाँ कस जाती हैं, और ग्रंथियों का स्राव गड़बड़ाता है — जिससे बीमारी की नींव पड़ सकती है।
परिचय
विज्ञान की पढ़ाई में ख़ून, नसों और ग्रंथियों को आमतौर पर अलग-अलग बताया जाता है। न्यूरोथेरेपी (LMNT) इन्हें एक तंत्र मानती है और बीमारी को छह क़दमों की कड़ी से समझाती है। पहला, किसी अंग को ख़ून या नस की आपूर्ति कम मिलती है। दूसरा, शरीर के तरलों की रासायनिक बनावट बदल जाती है। तीसरा, ग्रंथियों और अंगों के आसपास की मांसपेशियाँ बहुत कस जाती हैं या बहुत ढीली पड़ जाती हैं।
चौथा, ग्रंथियाँ अपना स्राव ज़रूरत से ज़्यादा या कम बनाने लगती हैं। पाँचवाँ, चूँकि ग्रंथियाँ शरीर के हर काम को चलाती हैं, शरीर ग़लत ढंग से काम करने लगता है। छठा, इसी से बीमारी की नींव पड़ती है।
तीसरा क़दम वही है जिसे ज़्यादातर लोग छोड़ देते हैं। ग्रंथि मांसपेशी के बिस्तर में बैठी होती है। स्पंज को मुट्ठी में भींचकर उस पर पानी डालिए: पानी चारों ओर बह जाता है, अंदर नहीं जाता। हाथ खोलिए, तो स्पंज पानी पी लेता है। आसन, तनाव या दर्द से बरसों कसी रही मांसपेशी वही बंद मुट्ठी है।
यह कड़ी एक चक्र भी बन जाती है: ग़लत तरल मांसपेशी को कसता है, कसी मांसपेशी आपूर्ति घटाती है, और कम आपूर्ति तरल को और बिगाड़ती है। इलाज का लक्ष्य बाहर से इस चक्र को तोड़ना है — ख़ून, लिम्फ़ और नसों के संकेतों का बहाव लौटाकर, ताकि ग्रंथियाँ और अंग फिर सामान्य ढंग से काम कर सकें।
मुख्य बातें
- ख़ून, नसें और ग्रंथियाँ तीन नहीं, एक जुड़ा हुआ तंत्र हैं।
- कम आपूर्ति शरीर के तरल बदलती है, जिससे मांसपेशियों का कसाव बदलता है।
- ग्रंथि के आसपास कसी मांसपेशी बंद मुट्ठी में स्पंज जैसी है।
- यह कड़ी एक चक्र बन सकती है जो अपने-आप बिगड़ता जाता है।
- इलाज का लक्ष्य ख़ून, लिम्फ़ और नसों के संकेतों का बहाव लौटाना है।
और गहराई से जानिए
शरीर का अपना दवाख़ाना: शरीर अपने रसायन कैसे बनाता और संतुलित करता है
ग्रंथियों की शरीर की अपनी दवा-दुकान
ग्रंथियाँ और हॉर्मोन (एंडोक्राइन तंत्र)
ग्रंथियाँ और हॉर्मोन
हृदय, ख़ून और रक्त-संचार
ख़ून का बहते रहना क्यों ज़रूरी है
लिम्फ़ और रोग-प्रतिरोधक शक्ति
लिम्फ़, ऊतकों से रिसने वाला तरल
नर्वस सिस्टम और दिमाग़
नसें और उनके संदेश
नपा-तुला दबाव: समय, कोण और क्रम तय क्यों हैं
दबाव जगह, समय और कोण में कैसे तय होता है
पहले नाभि बोलती है: दर्द-पॉइंट का नक्शा
वे दर्द-पॉइंट्स जहाँ कमी दिखती है
पूरी गाइड पढ़िए
यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: शरीर का अपना दवाख़ाना: शरीर अपने रसायन कैसे बनाता और संतुलित करता है
वीडियो
LMNT के जाँच वाले दर्द-पॉइंट का परिचय — नाभि के आसपास की वे जगहें, जिन्हें थेरेपिस्ट इलाज चुनने से पहले शरीर को पढ़ने के लिए दबाता है।
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।