Subclavian ट्रीटमेंट और उसे दिशा देने वाली अनामिका की जाँच
Subclavian ट्रीटमेंट गर्दन के निचले हिस्से की बड़ी नसों के ज़रिए लिम्फ़ तंत्र को जगाता है। दोनों अनामिकाओं की जाँच तय करती है कि इसे देना है या नहीं, और छोटे से ट्रायल का नतीजा बताता है कि समस्या लिम्फ़ की है या पेरिटोनियम की।
परिचय
Subclavian ट्रीटमेंट रोगी को बिठाकर, दोनों तरफ़ हँसली और गर्दन के निचले हिस्से के साथ-साथ दिया जाता है, ताकि सबक्लेवियन नसों के ज़रिए लिम्फ़ तंत्र जागे। कुछ भी देने से पहले दोनों हाथों की अनामिका जाँची जाती है। अगर दोनों में दर्द हो, तो यह ट्रीटमेंट दिया जा सकता है।
छोटे से ट्रायल के बाद उँगलियों का दर्द चला जाना चाहिए, और उसके साथ फ़ॉलिक एसिड, विटामिन B12, Liv° और Mu° पॉइंट का दर्द भी। अगर ऐसा न हो, तो समस्या पेरिटोनियम की है — पेट के अंगों को ढकने वाली पतली झिल्ली की — और Raman ट्रीटमेंट दिया जाता है। उससे घुटने का दर्द, स्लिप डिस्क का दर्द और कमर दर्द भी कम हुए हैं। यह इलाज से पहचान है: तय ट्रायल, साफ़ नतीजा और साफ़ अगला क़दम।
लिम्फ़ ग्रंथियों में ताक़तवर रक्षक होते हैं: हेल्पर T कोशिकाएँ, नैचुरल किलर कोशिकाएँ और एंटीबॉडी। पेरिटोनियम पेट के ज़्यादातर अंगों को ढकता है और संक्रमित चीज़ को लिम्फ़ में भेजता है, ताकि एक अंग का संक्रमण दूसरे तक न फैले। सही तरीक़ा न्यूरोथेरेपी (LMNT) कोर्स में हाथों-हाथ सिखाया जाता है।
मुख्य बातें
- पहले दोनों अनामिकाएँ जाँचें; दोनों में दर्द हो तो रास्ता खुलता है।
- अगर उँगलियाँ ठीक हो जाएँ, तो समस्या लिम्फ़ की थी।
- अगर न हों, तो अगला क़दम पेरिटोनियम के लिए Raman ट्रीटमेंट है।
- छोटा, तय ट्रायल सवाल का जवाब जल्दी देता है।
और गहराई से जानिए
Subclavian
Subclavian पॉइंट
Subclavian ट्रीटमेंट
Subclavian ट्रीटमेंट पूरा
Raman
Raman, पेरिटोनियम का ट्रीटमेंट
Folic
फ़ॉलिक एसिड पॉइंट
B₁₂
विटामिन B12 पॉइंट
लिम्फ़ ग्रंथियाँ (गिल्टियाँ)
लिम्फ़ ग्रंथियाँ और उनके रक्षक
लिम्फ़ और रोग-प्रतिरोधक शक्ति
लिम्फ़ और रोग-प्रतिरोधक शक्ति
Complement System
Complement System फ़ॉर्मूला, जिसमें यह शामिल है
पूरी गाइड पढ़िए
यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: क्रेनियल नसें और दिमाग़ के फ़ॉर्मूले
सावधानी: कब नहीं दिया जाता
- काम हँसली और गर्दन के किनारे पर ही रहता है। गर्दन का अगला हिस्सा, जहाँ दिमाग़ तक जाने वाली बड़ी धमनी चलती है, उस पर कभी काम नहीं किया जाता। गर्दन
- न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके मेडिकल इलाज के साथ-साथ काम करती है। कोई भी दवा अपने आप बंद या कम न करें; यह उस डॉक्टर से पूछें जिसने दवा लिखी है।
गुरुजी कहते हैं
“किसी के प्रति भी दुश्मनी का भाव न रखो! तब तुम में ऐसा हुनर आएगा कि तुम्हारा हाथ लगते ही रोगी ठीक होने लगेगा।”
यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।