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न्यूरोथेरेपी (LMNT) विषय

Ear Points: बाहरी कान के आसपास बैठाकर दिया जाने वाला ट्रीटमेंट

Ear Points बैठाकर दिया जाने वाला न्यूरोथेरेपी (LMNT) ट्रीटमेंट है, जो हर कान के बाहर चार जगहों पर दिया जाता है, पहले बायाँ कान। कान की नली के अंदर कभी कुछ नहीं जाता, और कुछ कानों पर यह बिल्कुल नहीं दिया जाता।

परिचय

चार जगहें, सब कान के बाहर। नली के अंदर कभी नहीं जाया जाता।

Ear Points रोगी को बैठाकर दिए जाते हैं। थेरेपिस्ट रोगी के बाएँ कान के पास खड़ा होता है और एक हाथ हल्के से माथे पर रखता है, सिर्फ़ सिर को स्थिर रखने के लिए। दूसरा हाथ चार जगहों पर बारी-बारी से काम करता है: कान के पीछे की नरम त्वचा, कान के छेद के ठीक सामने गाल, छेद के सामने का छोटा कार्टिलेज वाला पल्ला, और छेद का किनारा। फिर यही पूरा क्रम दाएँ कान पर दिया जाता है।

जब कान के सामने वाले छोटे पल्ले को दबाकर छोड़ा जाता है, तो कई लोगों को कुछ पलों के लिए उस कान से ज़्यादा साफ़ सुनाई देता है। वजह सीधी है: लचीला पल्ला दबाने पर नली को बंद करता है और छोड़ने पर फिर खोल देता है। यह सुनने वाले अंग में बदलाव नहीं है, और इससे किसी स्थायी नतीजे का वादा नहीं करना चाहिए।

बाहरी कान अनोखा है। यह शरीर की इकलौती त्वचा है जिसे वेगस नस की एक शाखा संवेदना देती है — वही लंबी नस जो चुपचाप दिल, आँतों और गले का काम चलाती है। इसीलिए कुछ लोगों को कान की नली छूने पर खाँसी आ जाती है। पल्ला दबाने से पहले रोगी को बताया जाता है कि क्या होगा। सही तरीका कोर्स में हाथों-हाथ सिखाया जाता है।

मुख्य बातें

  • कान के बाहर चार जगहें, पहले बायाँ कान, फिर दायाँ।
  • माथे पर रखा हाथ सिर्फ़ सिर को स्थिर रखता है।
  • पल्ला दबाने के बाद कुछ पल साफ़ सुनाई देना एक यांत्रिक असर है, इलाज नहीं।
  • कान की नली के अंदर कभी कुछ नहीं जाता।

और गहराई से जानिए

Ear Points

Ear Points का पूरा पेज

कान

कान की बनावट

कान में घंटी बजना (टिनिटस)

कान में घंटी बजना

चक्कर आना (वर्टिगो)

चक्कर आना, और कब यह इमरजेंसी है

वेगस नस

वेगस नस, जो बाहरी कान तक भी पहुँचती है

बैठाकर दिए जाने वाले ट्रीटमेंट II: चेहरा, जबड़ा, कान और साइनस

बैठाकर दिए जाने वाले सिर और चेहरे के ट्रीटमेंट की पूरी गाइड

पूरी गाइड पढ़िए

यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: बैठाकर दिए जाने वाले ट्रीटमेंट II: चेहरा, जबड़ा, कान और साइनस

सावधानी: कब नहीं दिया जाता

  • कान की नली के अंदर कुछ नहीं जाता: न उँगली, न नाख़ून, न कॉटन बड, न कोई औज़ार। कान
  • जिन कानों पर यह नहीं दिया जाता: बहता हुआ कान, दुखता हुआ कान, हाल में ऑपरेशन हुआ कान, जिस कान के पर्दे में छेद पता हो, और जिस कान में ग्रोमेट लगे हों। हियरिंग एड पहले निकाल दिया जाता है। कान का दर्द
  • एक कान से अचानक सुनाई देना बंद हो जाए तो तुरंत कान के डॉक्टर को दिखाएँ। लड़खड़ाहट, दोहरा दिखना, लड़खड़ाती ज़ुबान या कमज़ोरी के साथ चक्कर कान की समस्या नहीं है; यह इमरजेंसी है। कम सुनाई देना (बहरापन)
  • सही तरीका कोर्स में, प्रशिक्षित थेरेपिस्ट की देखरेख में, हाथों-हाथ सिखाया जाता है। कृपया इस पेज को पढ़कर इसे अपने ऊपर या किसी और पर न आज़माएँ।

यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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