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न्यूरोथेरेपी (LMNT) विषय

मरीज़ के ट्रीटमेंट कार्ड पर क्या लिखा जाता है

न्यूरोथेरेपी (LMNT) के ट्रीटमेंट कार्ड की हर पंक्ति चार में से एक तरह की होती है: जाँच का नतीजा, दिया गया इलाज, कोई बदलाव, या स्थायी चेतावनी। इन्हें साफ़-साफ़ अलग रखने से कोई भी थेरेपिस्ट कोर्स को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ा सकता है।

परिचय

कार्ड पर चार तरह की पंक्तियाँ होती हैं। पाँचवीं, यानी तथ्य जैसी दिखती राय, उससे बाहर रहती है।

हर रोगी का एक कार्ड होता है, और उस पर लिखी हर बात चार में से एक तरह की पंक्ति होती है। जाँच का नतीजा वह है जो थेरेपिस्ट के हाथ ने किसी पॉइंट पर पाया। इलाज वह है जो दिया गया। बदलाव आगे क्या करना है, इसका फ़ैसला है। स्थायी चेतावनी बताती है कि इस रोगी को क्या नहीं दिया जाना है।

पाँचवीं तरह की पंक्ति से बचना चाहिए: तथ्य की तरह लिखी गई राय, जैसे ‘घबराया हुआ लगता है’ या ‘शायद थायरॉइड’। अगर लिखना ज़रूरी हो, तो रोगी के अपने शब्दों में लिखें या साफ़ तौर पर सवाल के रूप में।

जाँच के नतीजे लिखने के सीधे नियम हैं। जाँचा गया हर पॉइंट लिखा जाता है, शांत पॉइंट भी, ताकि ‘जाँचा और शांत मिला’ कभी ‘जाँचा ही नहीं’ से न मिल जाए। इलाज के बाद का ग्रेड पहले वाले ग्रेड के नीचे लिखा जाता है, और पहला ग्रेड कभी बदला नहीं जाता। ग्रेड वहीं चटाई पर तुरंत लिखे जाते हैं, क्योंकि याद जल्दी धुँधली हो जाती है।

इलाज थेरेपी की अपनी लिखावट में लिखा जाता है, शॉर्टहैंड निशान और उसका पूरा कोड दोनों के साथ, ताकि सालों बाद भी कोई साथी ठीक-ठीक पढ़ सके कि क्या दिया गया था। जो लिखावट सिर्फ़ लिखने वाला पढ़ सके, वह रिकॉर्ड नहीं है।

हर बदलाव के चार हिस्से होते हैं: तारीख़, क्या तय हुआ, कुछ शब्दों में कारण, और फ़ैसला करने वाले के आद्याक्षर। पुरानी पंक्ति कभी मिटाई नहीं जाती; नई पंक्ति उसके नीचे लिखी जाती है। रोके गए (ब्लॉक) पॉइंट को दोनों तरफ़ पूर्ण विराम लगाकर लिखा जाता है, जैसे . Loveleen ., ताकि थकी आँख भी उसे अनदेखा न कर सके।

मुख्य बातें

  • हर पंक्ति या तो जाँच का नतीजा है, या इलाज, या बदलाव, या स्थायी चेतावनी।
  • राय को तथ्य की तरह नहीं लिखा जाता।
  • जाँचा गया हर पॉइंट लिखा जाता है, और पहले वाला ग्रेड कभी छुआ नहीं जाता।
  • इलाज के साथ निशान और पूरा कोड, दोनों लिखे जाते हैं।
  • बदलाव तारीख़ और आद्याक्षर के साथ लिखे जाते हैं, और पुरानी पंक्ति बनी रहती है।

और गहराई से जानिए

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पूरी गाइड पढ़िए

यह विषय इस गाइड का हिस्सा है: सच दिखाने वाला रिकॉर्ड: न्यूरोथेरेपी (LMNT) में रोगी का कार्ड

सावधानी: कब नहीं दिया जाता

  • रोके गए पॉइंट कार्ड के सामने वाले हिस्से पर अपने अलग घेरे में लिखे जाते हैं, ताकि वे हर दिन दिखें। उदाहरण के लिए, Loveleen किडनी या दिल के रोगियों को नहीं दिया जाता। Loveleen
  • अगर किसी पॉइंट या फ़ॉर्मूले के बाद तकलीफ़ बढ़े, तो उसी दिन मुख्य थेरेपिस्ट की राय ली जाती है, और स्थायी चेतावनी लिखी जाती है ताकि उनके फ़ैसले के बिना वह दोबारा न दिया जाए।
  • कुछ दिनों के अंतराल के बाद पिछला इलाज कभी याद के भरोसे दोहराया नहीं जाता। पहले पेन पॉइंट दोबारा जाँचे जाते हैं, क्योंकि ग़लत इलाज से तकलीफ़ बढ़ सकती है।

यह पेज बताता है कि न्यूरोथेरेपी (LMNT) का यह ट्रीटमेंट किसलिए है; यह ख़ुद इलाज करने की गाइड नहीं है और जाँच नहीं करता। न्यूरोथेरेपी (LMNT) आपके डॉक्टरी इलाज के साथ काम करती है — डॉक्टर की दी हुई दवाएँ लेते रहें।

Neurotherapy.Life टीम द्वारा, डॉ. लाजपतराय मेहरा की शिक्षाओं पर आधारित

समीक्षा: डॉ. दिवाकर शुक्ला, वरिष्ठ न्यूरोथेरेपिस्ट

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